प्रधानमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस्राइल की सैन्य शक्ति से प्रभावित है। उन्होंने
इस्राइल के रक्षा मंत्री योआव गैलेंट ने कहा कि अगर ईरान ने इस्राइल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की तो उसकी हालत गाजा या बेरूत जैसी हो सकती है। अलजजीरा के मुताबिक गैलेंट ने एक बयान में कहा कि ईरानियों ने वायु सेना की क्षमताओं को प्रभावित नहीं किया। इस्राइल का कोई भी विमान क्षतिग्रस्त नहीं हुआ। जो कोई भी सोचता है कि हमें नुकसान पहुंचाने का मात्र प्रयास हमें कार्रवाई करने से रोक देगा, उसे गाजा और बेरूत पर एक नजर डालनी चाहिए। गैलेंट ने कहा कि हम रक्षा और आक्रमण दोनों में मजबूत हैं और हम इसे सफल बनाएंगे।
इस्राइली सेना को आशंका है कि 7 अक्तूबर को हमास के हमले की वर्षगांठ के मौके पर उस पर हमला हो सकता है। ऐसे में इस्राइली सेना ने संभावित हमले की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए हवाई सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है।
ईरान को अपने तेल ठिकानों पर इस्राइली हमले का डर है। यही वजह है कि ईरान के ऊर्जा मंत्री ने खर्ग द्वीप पर स्थित देश के सबसे बड़े तेल टर्मिनल का दौरा किया। इस तेल टर्मिनल की क्षमता 2.3 करोड़ बैरल कच्चा तेल है।
लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती ने इस्राइल पर दबाव बनाने और युद्धविराम की मांग की है। मिकाती ने कहा कि अमेरिका और फ्रांस की युद्धविराम की कोशिशों का वे भी समर्थन करेंगे।
मध्य गाजा में मस्जिद पर हुए हमले में मरने वाले लोगों का आंकड़ा बढ़कर 21 हो गया है और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। कई विस्थापित लोग इस जगह आश्रय लिए हुए थे। आरोप है कि इस्राइली लड़ाकू विमानों ने मस्जिद पर बम गिराए।
इस्राइली सेना को खुफिया जानकारी मिली है कि हमास के लड़ाके इकट्ठा होकर इस्राइल पर हमले की योजना बना रहे हैं। ऐसे में इस्राइली सेना ने गाजा के जाबालिया में जमीनी छापेमारी अभियान शुरू किया है। इस्राइली सेना ने जाबालिया में हमास के कई ठिकानों पर हमले किए हैं।
लेबनान की तरफ से रविवार को इस्राइल पर मिसाइल हमला किया गया, लेकिन इस्राइली सेना ने इस हमले को नाकाम कर दिया और मिसाइलों को हवा में ही तबाह कर दिया। हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अमेरिका में इस्राइल विरोधी प्रदर्शन के दौरान एक पत्रकार ने अपने हाथ में लगाई आग। पत्रकार की पहचान सैमुअल मेना के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया और पत्रकार को अस्पताल ले जाया गया।
ईरान की कुद्स फोर्स के प्रमुख के इस्राइली हमले में मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी को बीते हफ्ते बेरूत में देखा गया था, वह इस्राइली हमले में हिजबुल्ला की मदद के उद्देश्य से बेरूत गए थे, लेकिन अब उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ऐसी चर्चाएं हैं कि इस्राइली हमले में कुद्स फोर्स के प्रमुख की मौत हो गई है। ईरान की तरफ से भी इसे लेकर कोई बयान नहीं दिया गया है।
इस्राइल के उत्तरी इलाकों में ड्रोन्स और रॉकेट से हमला हुआ है, जिसके बाद इलाकों के सायरन बजने शुरू हो गए और लोग बंकरों में छिप गए।
इस्राइली सेना ने बीती रात बेरूत में हिजबुल्ला के हथियारों के जखीरे के निशाना बनाया। इस्राइली सेना का यह हमला हिजबुल्ला की ताकत को कम करने के उद्देश्य से किया गया। हमले से पहले लोगों को इलाका खाली करने की चेतावनी दे दी गई थी।
इस्राइल-हमास हिंसक संघर्ष के एक साल पूरे होने के मौके पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी संदेश जारी किया। उन्होंने एक्स पर जारी एक वीडियो में बंधक बनाए गए इस्राइली लोगों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की अपील की। उन्होंने कहा कि 7 अक्तूबर के हमले ने आत्माओं को झकझोर दिया है। इस दिन हम उन सभी लोगों को याद करते हैं, जिन्हें क्रूरतापूर्वक मार दिया गया और जिन्हें यौन हिंसा सहित अकल्पनीय हिंसा का सामना करना पड़ा। गुटेरेस ने संभी बंधकों की रिहाई के अलावा हमास से अपील की है कि रेड क्रॉस की अंतरराष्ट्रीय समिति को बंधकों से मिलने की अनुमति दें।
फलस्तीन के अधिकारों का समर्थन करने वाले एक शख्स ने अमेरिका के वॉशिंगटन में विरोध प्रदर्शन के दौरान आत्मदाह का प्रयास किया। वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक शख्स पेशे से पत्रकार है और खुद को पश्चिम एशिया से जुड़ी भ्रामक खबरें फैलाने का दोषी मानता है। 7 अक्तूबर, 2023 को हमास के हमले के एक साल पूरे होने और हिंसक संघर्ष में हजारों लोगों के मारे जाने के विरोध में फलस्तीनी लोगों के समर्थन में आयोजित इस रैली में करीब एक हजार लोग शामिल हुए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इस्राइली सेना ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरीय क्षेत्र में एक बार फिर हमला किया है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबित बेरूत में इस हमले के बाद तेज धमाके की आवाज सुनी गई। लेबनान की राजधानी में आग की लपटें और धुएं का गुबार देखा गया है। इसके अलावा इस्राइली सेना ने मध्य गाजा के एक मस्जिद को भी निशाना बनाया है। इस हमले में 18 फलस्तीनी मारे गए हैं, जबकि दर्जनों लोगों के हताहत होने की आशंका है।
हमास और इस्राइल के टकराव से पनपा तनाव पश्चिम एशिया को लंबे समय से अशांत बनाए हुए है। सात अक्तूबर, 2023 को हमास के हमले के बाद शुरू हुआ दोनों पक्षों का हिंसक संघर्ष आज एक साल पूरा होने के बाद भी जारी है। हमास के हमले में 1200 से अधिक इस्राइली मारे गए, जबकि इस्राइली डिफेंस फोर्स (IDF) की जवाबी कार्रवाई में अब तक 41 हजार से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। गाजा पट्टी खास तौर पर प्रभावित रहा, जहां अभूतपूर्व मानवीय संकट के कारण लाखों लोगों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा। हमास के साथ जारी लड़ाई के बाद इस्राइल को पश्चिम एशिया की दूसरी ताकतों से भी टकराना पड़ा।
एक साल के बाद भी हिंसक संघर्ष थमने के आसार नहीं
पश्चिम एशिया में ही इस्राइल को हूती विद्रोहियों के हमलों ने भी चौंकाया। इसके अलावा अब हमास बीते करीब एक हफ्ते से ईरान समर्थित हिजबुल्ला के लड़ाकों से जूझ रहा है। बीते एक हफ्ते के दौरान लेबनान में कई ठिकानों पर इस्राइली सेना ने ताबड़तोड़ हमले किए हैं। कई इस्राइली सैनिकों की मौत की खबर भी आई है। हिजबुल्ला कमांडर नसरल्ला और संगठन के कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने के बाद संघर्ष और विकराल रूप धारण कर चुका है। ईरान और इस्राइल दोनों एक दूसरे के खिलाफ संघर्ष जारी रखने की कसमें खा रहे हैं। ऐसे में एक साल पूरे होने के बावजूद पश्चिम एशिया में शांति बहाल होने के आसार नहीं दिख रहे।