ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय घटनाक्रमों और क्षेत्रीय संकट को सुलझाने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
ईरान के 'प्रेस टीवी' की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक में अराघची ने सुल्तान को पश्चिम एशिया में हाल ही में हुए घटनाक्रम के बारे में ईरान का नजरिया बताया, खासकर इस्राइल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद की स्थिति पर। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बढ़ाने के लिए ओमान के संवाद और मध्यस्थता के प्रयासों की सराहना की।
सुल्तान हैथम ने कहा कि ओमान हमेशा कोशिश करता है कि बातचीत के जरिए लंबे समय तक टिकने वाले राजनीतिक समाधान निकाले जाएं और आम लोगों पर संकट का असर कम हो। उन्होंने जोर दिया कि समस्याओं का हल बातचीत और कूटनीति से ही होना चाहिए।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान की यात्रा के बाद फिर से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचे। यह जानकारी रॉयटर्स ने सरकारी मीडिया के हवाले से दी है।
अराघची इससे एक दिन पहले इस्लामाबाद से रवाना हुए थे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया था कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को युद्ध समाप्त करने के लिए एक व्यावहारिक ढांचे के बारे में ईरान का रुख बताया था। उनके जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। अराघची ने यह भी कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका वास्तव में कूटनीति को लेकर गंभीर है या नहीं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री परिवहन को फिर से शुरू करने की तत्काल जरूरत पर चर्चा की।
डाउनिंग स्ट्रीट के प्रवक्ता के अनुसार, दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू करना बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके रुकने से वैश्विक अर्थव्यवस्था और ब्रिटेन सहित दुनियाभर में जीवनयापन की लागत पर गंभीर असर पड़ रहा है। प्रवक्ता ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री स्टार्मर ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों में स्वतंत्र आवाजाही बहाल करने के लिए चल रही संयुक्त पहल की प्रगति की जानकारी ट्रंप को दी।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी से फोन पर बातचीत की है। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने युद्ध को खत्म करने और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
अराघची ने बताया कि उन्होंने कतर के प्रधानमंत्री को युद्धविराम से जुड़ी मौजूदा स्थिति और उसे मजबूत बनाने में आ रही चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान लगातार युद्ध समाप्त करने और तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास कर रहा है।
युद्धविराम वार्ता का भविष्य अभी स्पष्ट नहीं है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी थी, जो अराघची के शहर से रवाना होने के बाद तय हुई थी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने स्पष्ट किया है कि उनका देश दबाव, धमकियों और घेराबंदी के माहौल में किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उन्होंने यह बात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान कही। इस बातचीत में उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह बातचीत और युद्धविराम (सीजफायर) के दौरान लगातार समझौतों का उल्लंघन और दबाव की नीति अपना रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय समझौतों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयां और धमकी भरे बयान शांति प्रक्रिया पर भरोसे को कमजोर करते हैं। पेजेश्कियान ने यह भी कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अमेरिका या इस्राइल की किसी भी नई टकराव की स्थिति के गंभीर परिणाम हो सकते हैं, जो क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को प्रभावित करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध और आपसी सम्मान के आधार पर संबंध मजबूत करना चाहता है, खासकर फारस की खाड़ी के दक्षिणी देशों के साथ। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये देश भी बाहरी हस्तक्षेप से दूर रहकर क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को मजबूत करने में सहयोग करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है। ये दूत ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने अपने दूतों की पाकिस्तान यात्रा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए कहा, ईरान का प्रस्ताव उम्मीद के मुताबिक नहीं था।
क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मिस्र और तुर्किये के अपने समकक्षों से बीत की। आईआरएनए के अनुसार, अराघची और मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी ने युद्धविराम और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। वहीं, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ उनकी बातचीत मुख्य रूप से ईरान और अमेरिका के बीच चल रही वार्ता प्रक्रिया पर केंद्रित रही। इस सिलसिले में फिदान ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से भी फोन पर बात की।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर बात की। उन्होंने इस बातचीत को सकारात्मक बताया। इस दौरान पाकिस्तानी नेता ने मध्यस्थता प्रयासों में तेहरान की निरंतर भागीदारी की तारीफ की, जिसमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची की हाल ही में संपन्न हुई यात्रा भी शामिल है।
पाकिस्तानी पीएम शरीफ ने आगे ने लिखा, 'मैंने इस बात की पुष्टि की कि मित्रों और साझेदारों के समर्थन से, पाकिस्तान एक ईमानदार और निष्ठावान मध्यस्थ के रूप में प्रतिबद्ध है। क्षेत्र में स्थायी शांति और दीर्घकालिक स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है।'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्धविराम खत्म करने के सवाल पर कहा कि उन्होंने अभी इस बारे में सोचा भी नहीं है। ट्रंप ने बताया कि वह ईरान में सत्ता संभालने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ समझौता करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान के भीतर इस समय भारी कलह चल रही है। ट्रंप के अनुसार, वहां लोग नेतृत्व के लिए आपस में लड़ रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद वे नेता न बनने के लिए लड़ रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने उनके दो स्तर के नेताओं को खत्म कर दिया है।
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि जब भी ईरान चाहे, उन्हें फोन कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि सारे पत्ते अमेरिका के हाथ में हैं और उन्होंने सब कुछ जीत लिया है। ट्रंप ने एक प्रस्ताव का जिक्र करते हुए बताया कि ईरान ने पहले जो कागज दिया था, वह अच्छा नहीं था। लेकिन जैसे ही उन्होंने पाकिस्तान जाने वाले दूत का दौरा रद्द किया, 10 मिनट के भीतर ईरान ने एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेज दिया। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि ईरान ने बहुत कुछ देने की पेशकश की है, लेकिन वह अभी काफी नहीं है।