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West Asia LIVE: लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत, तीन घायल; मैक्रों ने हिजबुल्ला पर जताया संदेह

Sat, 18 Apr 2026 02:04 PM IST
Shubham Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

West Asia Crisis Live Updates: पश्चिम एशिया इस समय एक बेहद नाजुक मोड़ पर खड़ा है, जहां एक तरफ युद्धविराम की हल्की रोशनी दिखाई दे रही है, वहीं दूसरी तरफ अस्थिरता की आग अभी भी पूरी तरह बुझी नहीं है। अमेरिका-ईरान तनाव और कई दिनों की खींचतान के बाद अब बातचीत और शांतिवार्ता की कोशिशें तेज हुई हैं, जिससे क्षेत्र में राहत की उम्मीद जगी है। इसी बीच इस्राइल और लेबनान के बीच 10 दिन का युद्धविराम लागू होने से हालात में थोड़ी नरमी आई है और लेबनान में जश्न का माहौल भी देखा जा रहा है। लेकिन खतरा अभी टला नहीं है, क्योंकि हिजबुल्ला की धमकी ने स्थिति को फिर से सख्त बना दिया है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...

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पश्चिम एशिया संकट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/पीटीआई
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लाइव अपडेट

06:24 PM, 18-Apr-2026

लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत, तीन घायल; मैक्रों ने हिजबुल्ला पर जताया संदेह

लेबनान में तनाव लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस बीच खबर आई है कि संयुक्त राष्ट्र शांति सेना पर हुए हमले में एक फ्रांसीसी सैनिक स्टाफ सार्जेंट फ्लोरियन मोंटोरियो शहीद हो गए। वहीं तीन और सैनिक घायल हुए हैं। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने खुद इसकी पुष्टि की है। मोंटौबन स्थित '17वीं पैराशूट इंजीनियर रेजिमेंट' से ताल्लुक रखने वाले ये सैनिक इलाके में सुरक्षा अभियान चला रहे थे। राष्ट्रपति मैक्रों ने हिजबुल्ला पर संदेह जताया है और लेबनानी अधिकारियों से दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। 

05:39 PM, 18-Apr-2026

मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका को धमकाया, कहा-हार का स्वाद चखाने के लिए तैयार है ईरानी नौसेना

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी जुबानी जंग अब और अधिक आक्रामक हो गई है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिकी सेना को सीधी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। युद्ध की शुरुआत के बाद से पहली बार सार्वजनिक रूप से संदेश में खामेनेई ने कहा कि ईरान की बहादुर नौसेना दुश्मनों को हार का स्वाद चखाने के लिए पूरी तरह तैयार है।

05:17 PM, 18-Apr-2026

होर्मुज में बढ़ा तनाव,  ईरानी गनबोट्स ने तेल टैंकर पर की अंधाधुंध फायरिंग

सामरिक रूप से संवेदनशील होर्मुज के पास एक बार फिर समुद्री सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। खबर आई है कि इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़ी गनबोट्स ने एक तेल टैंकर पर अंधाधुंध फायरिंग की है। अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर हुई इस आक्रामक कार्रवाई ने वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।

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04:37 PM, 18-Apr-2026

ईरानी उप विदेश मंत्री खतीबजादे का बड़ा बयान, कहा- अमेरिका को नहीं सौंपेंगे संवर्धित यूरेनियम

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा गतिरोध एक बार फिर गहरा गया है। ईरानी उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने ईरान के संवर्धित यूरेनियम को अपने कब्जे में लेने की बात कही थी। खतीबजादे ने स्पष्ट किया कि ईरान वर्तमान परिस्थितियों में अमेरिका के साथ आमने-सामने की बातचीत के लिए बिल्कुल तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि भविष्य की किसी भी वार्ता की राह में सबसे बड़ी बाधा अमेरिका का अड़ियल रवैया है, जिसे उसने अभी तक नहीं त्यागा है।

04:33 PM, 18-Apr-2026

पश्चिम एशिया संकट: श्रीलंका के पर्यटन में भारी गिरावट,‘संकटमोचक’ बनकर उभरा भारत

श्रीलंका पर्यटन विकास प्राधिकरण के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते मार्च महीने में श्रीलंका पहुंचने वाले पर्यटकों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी और फरवरी में औसतन 2.77 लाख पर्यटक आए थे, वहीं मार्च में यह आंकड़ा घटकर महज 1,83,979 रह गया है। खाड़ी देशों के प्रमुख ट्रांजिट हब प्रभावित होने के कारण यूरोप से आने वाले पर्यटकों ने हाथ खींच लिए हैं। लेकिन इस मंदी के दौर में भारत श्रीलंका के लिए सबसे बड़ा सहारा बनकर उभरा है। मार्च में सर्वाधिक 47,533 भारतीय पर्यटक श्रीलंका पहुंचे, जो कुल बाजार का 25.8 प्रतिशत है। प्राधिकरण का कहना है कि भारत के साथ सीधी हवाई कनेक्टिविटी होने और ट्रांजिट हब पर निर्भरता न होने के कारण भारतीय बाजार ने यूरोप से हुए नुकसान की काफी हद तक भरपाई की है।

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02:03 PM, 18-Apr-2026

होर्मुज पर ईरान की सख्ती फिर बढ़ी

ईरान ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं। इस कदम के साथ ही क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने उस समझौते का उल्लंघन किया है, जिसके तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को खोलने पर सहमति बनी थी। अमेरिकी एजेंसी AP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि अमेरिका की हालिया कार्रवाइयों और दबाव की नीति ने स्थिति को अस्थिर कर दिया है, जिसके चलते उसे यह निर्णय लेना पड़ा।

12:35 PM, 18-Apr-2026

सीजफायर के बाद भी ईरान में नहीं लौटी सामान्य जिंदगी

ईरान में हवाई हमलों के थमने और संघर्षविराम लागू होने के बावजूद आम लोगों की जिंदगी अब भी पटरी पर नहीं लौट पाई है। खासतौर पर बच्चों की पढ़ाई और कामकाजी अभिभावकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है, क्योंकि देशभर में स्कूल अब भी बंद हैं। दरअसल, 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध के बाद से ही ईरान में स्कूल बंद कर दिए गए थे। हालांकि संघर्षविराम के बाद हवाई हमलों का खतरा कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी तक स्कूलों के दोबारा खुलने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। इससे लाखों परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हुई है।

11:45 AM, 18-Apr-2026

होर्मुज खुलने से जिनपिंग काफी खुश- ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग काफी खुश हैं। ट्रंप के अनुसार, इस फैसले से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में स्थिरता आएगी, जिसका सीधा फायदा चीन जैसे बड़े तेल आयातक देशों को मिलेगा। यहां पढ़ें पूरी खबर...

10:41 AM, 18-Apr-2026

ईरानी दूतावास बोला- ट्रंप को थोड़ा शांत रहना चाहिए

ईरानी दूतावास ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा तंज कसा है। जिम्बाब्वे स्थित ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा कि ट्रंप को थोड़ा शांत रहना चाहिए, फोन बंद करके आराम करना चाहिए और कुछ दिनों तक इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत से भी दूरी बनानी चाहिए। दूतावास ने यह भी साफ कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े सभी फैसले ईरान स्वयं करेगा।
 
 

08:12 AM, 18-Apr-2026

ट्रंप के हालिया बयानों को पूरी तरह गलत- गालिबाफ

ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि क्षेत्रीय हालात को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों को पूरी तरह गलत बताया।

गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के दावों में कोई सच्चाई नहीं है और इस तरह की बयानबाजी से न तो युद्ध में कोई बढ़त मिली है और न ही बातचीत में कोई फायदा होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समुद्री नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज जलडमरूमध्य खुला रहना मुश्किल हो जाएगा।

07:41 AM, 18-Apr-2026

ईरान बोला- हमारी अनुमति और तय मार्ग से ही होगा जहाजों का संचालन

तेहरान से आई ताजा बयानबाजी ने एक बार फिर वैश्विक समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ईरान ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही अब पूरी तरह उसके नियंत्रण में होगी। बिना अनुमति और तय किए गए मार्ग के किसी भी जहाज को गुजरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

ईरान ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर कोई पारंपरिक शुल्क नहीं लगाएगा। हालांकि, देश अब एक नई व्यवस्था पर काम कर रहा है, जो सुरक्षा समन्वय से जुड़ी होगी। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहीम रेजाएई ने बताया कि तेहरान एक ऐसा विधेयक तैयार कर रहा है, जिसमें सामान्य ट्रांजिट शुल्क के बजाय जलमार्ग की सुरक्षा से जुड़े शुल्क शामिल किए जा सकते हैं।

07:39 AM, 18-Apr-2026

ऑस्ट्रेलिया के पीएम अल्बनीज बोले - अब स्थिरता बनी रहनी चाहिए

ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने पर संतोष जताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है कि अगर क्षेत्र में तनाव लंबा खिंचता है, तो इसका गंभीर असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर पड़ सकता है।

उन्होंने बताया कि हाल ही में वे एक वर्चुअल लीडर्स समिट में शामिल हुए, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सह-मेजबानी की। इस बैठक में होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को स्थिर करने और समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई।

अल्बानीज ने दोहराया कि ऑस्ट्रेलिया लगातार इस संघर्ष को समाप्त करने की अपील करता रहा है। उनका कहना है कि जैसे-जैसे यह टकराव लंबा चलेगा, वैसे-वैसे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर और गहरा होगा, साथ ही मानवीय नुकसान भी बढ़ेगा।उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्रीय अस्थिरता का असर ऑस्ट्रेलिया के आम लोगों तक पहुंच चुका है। ईंधन की आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव से लोग प्रभावित हो रहे हैं और सरकार इस प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठा रही है।

04:25 AM, 18-Apr-2026

डोनाल्ड ट्रंप बोले- जब जरूरत थी, तब नाटो से नहीं मिली मदद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो को लेकर भी अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति लगभग खत्म हो रही है, तब उन्हें नाटो से मदद का प्रस्ताव मिला। लेकिन उन्होंने कहा कि जब जरूरत थी, तब मदद नहीं मिली, और अब उन्हें उनकी मदद की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी दावा किया कि नाटो को अमेरिका की ज्यादा जरूरत है, न कि अमेरिका को उनकी।

04:23 AM, 18-Apr-2026

लेबनान के दक्षिणी इलाके में धमाके, इस्राइल पर घरों को उड़ाने के आरोप

लेबनान के दक्षिणी हिस्से में कई तेज धमाकों की खबर सामने आई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, युद्धविराम के बावजूद इस्राइल की सेना उन सीमावर्ती इलाकों में घरों को विस्फोट कर उड़ा रही है, जिन पर उनका अभी भी नियंत्रण है। लेबनान की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इजराइल की सेना जानबूझकर सीमावर्ती कस्बों में घरों को तबाह कर रही है, ताकि वहां के लोग वापस न लौट सकें। इस्राइल के कुछ अधिकारियों के बयान के अनुसार, उनका मकसद इन इलाकों को पूरी तरह खाली और नष्ट करना है।

03:16 AM, 18-Apr-2026

लेबनान के साथ इस्राइल का युद्धविराम

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस्राइल को अमेरिका की तरफ से लेबनान पर और बमबारी करने से रोक दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब बहुत हो चुका है। हालांकि युद्धविराम के बावजूद लेबनान में एक ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए। यह हमला दक्षिण लेबनान के कुनिन इलाके में हुआ, जहां एक कार और मोटरसाइकिल को निशाना बनाया गया। 

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार मृतक के साथ एक सीरियाई नागरिक सहित तीन लोग घायल हुए हैं। यह घटना युद्धविराम लागू होने के कुछ घंटों बाद ही हुई। इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच 10 दिन का युद्धविराम शुरू हुआ था, लेकिन उसके बाद भी कुछ इलाकों में गोलीबारी और तोपखाने की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि युद्धविराम लागू किया गया है, लेकिन जमीनी हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। दोनों पक्षों के बीच टकराव पूरी तरह थमा नहीं है, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है।

03:14 AM, 18-Apr-2026

West Asia LIVE: लेबनान में एक फ्रांसीसी सैनिक की मौत, तीन घायल; मैक्रों ने हिजबुल्ला पर जताया संदेह

इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि लेबनान में अस्थायी युद्धविराम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर स्वीकार किया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि हिजबुल्ला के खिलाफ अभियान अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। नेतन्याहू ने दावा किया कि इस्राइल ने हिजबुल्ला के करीब 90% मिसाइल और रॉकेट भंडार को नष्ट कर दिया है, लेकिन संगठन को पूरी तरह खत्म करने का काम अभी बाकी है।

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