अमेरिका ने ईरान से जुड़े लोगों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पूर्व उपाध्यक्ष मासूमेह एब्तेकार के रिश्तेदारों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह जानकारी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने बताया कि एब्तेकार से जुड़े कई लोगों की अमेरिका में स्थायी निवास की स्थिति भी खत्म कर दी गई है। रुबियो ने कहा कि मासूमेह एब्तेकार, जिन्हें स्क्रीमिंग मैरी के नाम से भी जाना जाता है, 1979 में तेहरान स्थित अमेरिकी दूतावास पर हमले के दौरान उग्रवादियों की प्रवक्ता थीं। उस घटना में 52 अमेरिकी नागरिकों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों के परिवार को अमेरिका में रहने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए थी। रिपोर्ट के अनुसार, एब्तेकार के बेटे सैयद ईसा हाशमी, उनकी पत्नी और बेटा इस समय अमेरिकी एजेंसी ICE की हिरासत में हैं और उनके निर्वासन की प्रक्रिया चल रही है। रुबियो ने साफ कहा कि मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका अब ऐसे मामलों में कोई नरमी नहीं दिखाएगा और देश की सुरक्षा सर्वोपरि है।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उनके नेतृत्व में इस्राइल ईरान और उसके समर्थित संगठनों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा। नेतन्याहू ने एर्दोगन पर आरोप लगाया कि वे आतंकवादी समूहों को समर्थन देते हैं और अपने ही कुर्द नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल अपने सुरक्षा हितों से पीछे नहीं हटेगा और ईरान के प्रभाव को रोकने के लिए हर कदम उठाएगा। बयान से दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन से फोन पर बातचीत कर इस्लामाबाद में चल रही वार्ता का फायदा उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह मौका क्षेत्र में स्थायी तनाव कम करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है। मैक्रों ने ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही की स्वतंत्रता और सुरक्षा जल्द बहाल करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान सहित सभी क्षेत्रों में युद्धविराम का पूरी तरह पालन जरूरी है और फ्रांस इसमें सहयोग के लिए तैयार है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के बीच बातचीत शुरू हो चुकी है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि यह कितनी सफल होगी। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ कहा कि उन्हें नहीं पता बातचीत कैसे जाएगी। ट्रंप ने कहा कि जल्द ही पता चल जाएगा कि ईरान ईमानदारी से बातचीत कर रहा है या नहीं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में बिछाई गई माइंस की जानकारी है और सेना उन्हें हटाने के लिए उपकरण ला रही है।
इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अब तकनीकी चरण में प्रवेश कर गई है। यह संकेत देता है कि शुरुआती स्तर पर कुछ मुद्दों पर सहमति बनी है और अब विशेषज्ञ स्तर पर विस्तार से चर्चा हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, जटिल मुद्दों पर चर्चा पूरी करने के लिए वार्ता को एक दिन और बढ़ाया जा सकता है। यह चरण तय करेगा कि समझौता अंतिम रूप ले पाएगा या नहीं।
व्हाइट हाउस ने पुष्टि की है कि उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और अन्य अमेरिकी अधिकारी इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से आमने-सामने मिले हैं। यह पहली बार है जब दोनों पक्ष सीधे बातचीत कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर भी आमने-सामने बातचीत में शामिल हुए हैं।
ईरान ने दावा किया है कि कोई भी अमेरिकी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से नहीं गुजरा है। ईरान के सरकारी प्रसारक ने एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के हवाले से यह बात कही है। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी मीडिया में रिपोर्ट आई थी कि कई अमेरिकी नौसैनिक जहाज इस रास्ते से गुजर चुके हैं। मामला तब और गरमाया जब मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका इस मार्ग को साफ करने पर काम कर रहा है। दोनों दावों के बीच विरोधाभास ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस्लामाबाद में ईरानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की, जिसका नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे थे। प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान में कहा गया कि शरीफ ने ईरान की भागीदारी की सराहना की और क्षेत्रीय व वैश्विक शांति के लिए मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई। शरीफ ने आज ईरान और अमेरिकी दोनों प्रतिनिधिमंडलों से अलग-अलग बैठक की। इस दौरान उप प्रधानमंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी मौजूद रहे।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान वार्ता में एक नया दावा सामने आया है। एक ईरानी सूत्र के मुताबिक, अमेरिका दबाव और बातचीत के बाद ईरान की जब्त संपत्तियां जारी करने पर सहमत हुआ है। हालांकि इस पर अब भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और दोनों पक्षों के बीच भरोसे की कमी बनी हुई है।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में जारी अमेरिका-ईरान वार्ता से पहले ईरान ने मध्यस्थों के सामने चार सख्त और गैर-परक्राम्य शर्तें रख दी हैं।
इस्राइल और लेबनान के बीच आने वाले दिनों में बातचीत पर सहमति बनी है। हालांकि इस्राइल ने हिजबुल्ला के साथ युद्धविराम वार्ता से इनकार कर दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव के बावजूद बातचीत की पहल को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अहम बातचीत कर रहे हैं। व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच इस्लामाबाद में बैठक चल रही है।
मामले के जानकार सूत्रों के अनुसार, ईरान ने कहा यदि इस्लामाबाद में अमेरिका के 'अमेरिका फर्स्ट' दृष्टिकोण वाले प्रतिनिधियों के साथ बातचीत होती है, तो दोनों पक्षों और वैश्विक हित में एक समझौता संभव हो सकता है।
हालांकि, बयान में यह भी कहा गया कि यदि बातचीत 'इस्राइल फर्स्ट' दृष्टिकोण वाले प्रतिनिधियों के साथ होती है, तो किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं होगा और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो सकती है।
ईरान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात के लिए इस्लामाबाद पहुंच रहा है। यह बैठक अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्षविराम वार्ता के अहम चरण का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली अहम शांति वार्ता से पहले कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तस्नीम मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार से पहले रात में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। ईरानी प्रतिनिधिमंडल की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ भी मुलाकात तय है। यह बैठक आज दोपहर करीब 1 बजे होने की संभावना है, जिसमें आगामी अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय शांति पर चर्चा की जाएगी।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, ईरान वार्ता से जुड़े एक अमेरिकी विमान के इस्लामाबाद में उतरने की भी जानकारी सामने आई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, पश्चिम एशिया मामलों के दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच गए हैं। एयरपोर्ट पर उप प्रधानमंत्री इशाक डार और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने नूर खान एयर बेस पर वेंस का स्वागत किया।
इस्राइली सेना ने बताया है कि लेबनान की ओर से एक ड्रोन घुसपैठ का पता चला है, जिसके बाद अरब अल-अरामशे और पश्चिमी गलील के कई शहरों में सायरन बजाए गए।पिछले कुछ दिनों से इस्राइल और लेबनान के बीच सीमा पर लगातार संघर्ष और जवाबी हमले हो रहे हैं, जबकि दोनों पक्षों से संघर्षविराम की अपीलें भी की जा रही हैं।
हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान में इस्राइली सैनिकों को निशाना बनाया। समूह के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 1:40 बजे (स्थानीय समय) उसने टायर क्षेत्र के शामा कस्बे में एक घर में मौजूद इस्राइली सैनिकों पर हमला किया। इसके अलावा, हिजबुल्ला ने यह भी कहा कि उसने मध्यरात्रि के तुरंत बाद इस्राइल के किर्यात शमोना, मेटुला और मिसगाव आम जैसे इलाकों पर रॉकेटों की बौछार की।
इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने इस पहल का स्वागत किया है। महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने दोनों पक्षों से अपील की है कि वे इस अवसर का उपयोग करते हुए स्थायी और शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ें। संयुक्त राष्ट्र ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान केवल कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत ही संभव है।
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में एक अहम पहल के तहत ईरानी प्रतिनिधिमंडल शनिवार तड़के इस्लामाबाद पहुंच गया। इस बहुप्रतीक्षित वार्ता को लेकर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इससे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को विराम मिलने की उम्मीद है।
ईरान का प्रतिनिधिमंडल संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ के नेतृत्व में पहुंचा, जिसमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी शामिल हैं। इस्लामाबाद पहुंचने पर पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार समेत कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।
इस बीच पाकिस्तान रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, हम वार्ता की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मुझे लगता है कि यह सकारात्मक होगी। यदि ईरानी सद्भावना से बातचीत करने को तैयार हैं, तो हम उनका हाथ थामने को तैयार हैं। लेकिन अगर वे हमें मूर्ख बनाने की कोशिश करेंगे, तो हमसे भी सहयोग की उम्मीद न रखें। उधर इस्राइल ने भी अपना रुख कुछ नरम करते हुए कहा कि वह लेबनान के साथ सीधी बातचीत करने के लिए तैयार है।
अमेरिका में महंगाई दर पिछले महीने बढ़कर क़रीब दो साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इसकी बड़ी वजह तेल की कीमतों में उछाल है, जो अमेरिका-इस्राइल और ईरान से जुड़े संघर्ष के असर से बढ़ी हैं। अमेरिकी श्रम विभाग के मुताबिक, मार्च तक के 12 महीनों में उपभोक्ता कीमतें 3.3% बढ़ीं। फरवरी में यह दर 2.4% थी। यह 2022 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी में से एक है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि ईरान युद्ध के दौरान यूक्रेनी सेना ने पश्चिम एशिया के कई देशों में ईरानी डिजाइन वाले शाहेद ड्रोनों को मार गिराया। उन्होंने कहा, ये अभियान एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत यूक्रेन अपने सहयोगी देशों को उन हथियारों से निपटने में मदद कर रहा है जिनका इस्तेमाल रूस उसके खिलाफ कर रहा है। राष्ट्रपति ने इन अभियानों की पहली बार सार्वजनिक रूप से पुष्टि की, जिसे शुक्रवार तक सार्वजनिक नहीं किया गया था। उन्होंने कहा, यूक्रेनी बलों ने देश में विकसित और युद्ध में परखे गए इंटरसेप्टर ड्रोन का उपयोग करते हुए विदेशों में सक्रिय अभियानों में भाग लिया। ये इंटरसेप्टर ड्रोन यूक्रेन में रूस द्वारा इस्तेमाल ईरान-निर्मित ड्रोन का मुकाबला करने में कारगर साबित हुए हैं।
ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खातिबजादेह का कहना है कि अमेरिकी जहाज भी होर्मुज से गुजर सकते हैं, बशर्ते अमेरिका शत्रुता छोड़ दे। खातिबजादेह ने ईरानी मीडिया को बताया कि होर्मुज खुला है, लेकिन तकनीकी कारणों से जहाजों के लिए ईरानी सेनाओं के साथ संपर्क बनाए रखना जरूरी है।
हम होर्मुज में अपने सुरक्षित मार्गों के माध्यम से उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करेंगे। इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की आलोचना करते हुए कहा था कि वह होर्मुज जलमार्ग से तेल परिवहन में बहुत खराब व्यवस्था कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह वह समझौता नहीं है जो हमारे बीच हुआ था।