पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष दिन-प्रतिदिन और भयावह होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से दहक रहा ईरान भी जोरदार पलटवार कर रहा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब आठवें दिन में प्रवेश गया है। पूरा क्षेत्र तनाव की चपेट में है। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का युद्ध को लेकर सख्त रवैया और खाड़ी देशों में बढ़ता संघर्ष, वैश्विक राजनीति के लिया बड़ा संकट साबित होता दिख रहा है। भारत ने कहा है कि तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सरकार की पैनी नजर है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स..
हाल के कुछ दिनों की रिपोर्ट यहां पढ़ें:-
Israel-Iran War News LIVE: हालिया हमलों में सात ईरानी सैन्य कमांडरों की मौत; तेहरान के अस्पताल पर भीषण हमला
Israel-Iran War LIVE: ट्रंप की ईरान को चेतावनी, कहा- असली हमले अभी बाकी; ईरानी सुरक्षा प्रमुख बोले- हम तैयार
West Asia Crisis LIVE: ईरान में नई सरकार पर ट्रंप ने दिए बड़े संकेत; दुबई, दोहा और अबूधाबी में धमाकों से दहशत
दुबई प्रशासन ने पुष्टि की है कि दुबई मरीना इलाके में स्थित एक टावर को मलबे से नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के मुताबिक यह मलबा उस समय गिरा जब एयर डिफेंस सिस्टम ने आसमान से आए एक संभावित खतरे को बीच में ही रोक दिया। इंटरसेप्शन के बाद कुछ टुकड़े नीचे गिरे, जिससे टावर के एक हिस्से को हल्का नुकसान हुआ। प्रशासन ने बताया कि घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे इलाके को तुरंत घेर लिया और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। जांच एजेंसियां अब घटना के कारण और खतरे की प्रकृति की जांच कर रही हैं।
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने संघर्ष शुरू होने के बाद अपनी पहली सार्वजनिक टिप्पणी में कहा है कि देश युद्धकाल में है। उन्होंने अबू धाबी टीवी पर प्रसारित हमलों के पीड़ितों को संबोधित करते हुए कहा कि यूएई अपने देश, अपनी जनता और अपने निवासियों के प्रति अपने कर्तव्य का पालन करेगा। उन्होंने कहा कि यूएई मजबूत इरादों वाला देश है – हम आसानी से शिकार नहीं बनेंगे।
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल थानी ने मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी से फोन पर बात की। कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों ने क्षेत्र में बिगड़ती सैन्य स्थिति और "क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एवं स्थिरता पर इसके गंभीर प्रभावों" पर चर्चा की। शेख मोहम्मद ने कतर पर हुए हमलों की निंदा की और तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और बातचीत की मेज पर लौटने का आह्वान किया। अब्देलट्टी ने भी तनाव कम करने और आगे अराजकता से बचने के लिए बातचीत और राजनयिक माध्यमों का सहारा लेने का आह्वान किया।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने बहरीन के जुफैर में स्थित अमेरिकी अड्डे को ठोस और तरल ईंधन वाली मिसाइलों से निशाना बनाया है। आईआरजीसी ने बताया कि यह हमला क़ेशम में एक विलवणीकरण संयंत्र पर अमेरिकी हमले के जवाब में किया गया था। विदेश मंत्री अराघची ने इससे पहले कहा था कि अमेरिकी हमले के कारण 30 गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई है। बहरीन के गृह मंत्रालय ने एक्स पर बताया है कि हवाई हमले के सायरन बज रहे हैं और उसने निवासियों से शांत रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है।
ईरान पर हमले को जायज ठहराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर परमाणु राग अलापा है। शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि न चाहते हुए भी ईरान पर हमला करना पड़ा। उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु बनाने के बहुत करीब था। अगर हमला नहीं किया गया तो वह परमाणु बम बना लेता। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पश्चिम एशिया पर कब्जा कर वहां शासन करने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अब ईरान पश्चिम एशिया का दादा नहीं रहा, वह एक हारा हुआ देश बन गया है। उन्होंने कहा कि ईरान कई दशकों तक ऐसा ही रहेगा जब तक वह आत्मसमर्पण नहीं कर देता या पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो जाता।
हिजबुल्ला ने आज सुबह इस्राइली सैन्य अड्डे पर रॉकेटों से हमला किया। एक बयान में, समूह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने उत्तरी इस्राइल में स्थित ऐन जैतिम अड्डे को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:15 बजे (11:15 जीएमटी) निशाना बनाया। हिजबुल्ला का कहना है कि ये हमले बेरूत के दक्षिणी उपनगरों सहित कई लेबनानी शहरों और कस्बों पर इस्राइली हमलों के जवाब में किए जा रहे हैं।
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी (एनएएनए) ने स्वास्थ्य मंत्रालय के आपातकालीन संचालन केंद्र के हवाले से बताया कि सोमवार, 2 मार्च से अब तक 1,023 लोग घायल हो चुके हैं। एनएएनए के अनुसार, इस्राइल लगातार हवाई हमले कर रहा है और हाल ही में स्थानीय समयानुसार दोपहर 4 बजे (2:00 जीएमटी) नबातीह क्षेत्र के जिबदिन कस्बे पर हमला किया गया।
ईरान के एक सैन्य प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि खाड़ी में प्रवेश करने वाले किसी भी अमेरिकी जहाज का अंत समुद्र की गहराई में ही होगा। यह चेतावनी ट्रंप द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में दिए गए उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों को जितनी जल्दी हो सके सुरक्षा प्रदान करना शुरू कर देगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि ईरान के खिलाफ उनके देश के अभियान की अब तक की प्रगति को 0 से 10 के पैमाने पर 15 अंक दिए जा सकते हैं। ट्रंप ने कहा कि ईरान पर युद्ध 'एक ऐसी सेवा है जो हम मध्य पूर्व के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए कर रहे हैं।' उन्होंने अब तक हुए अमेरिकी-इस्राइली हमलों में मारे गए लोगों के बारे में कहा, 'ये बीमार लोग थे, बेहद बीमार लोग।' ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी-इस्राइली हमलों में अब तक 1,330 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने फ्लोरिडा से अपने भाषण की शुरुआत की है, जहां वे विदेशी नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका की कार्रवाई 'शानदार' रही है।
कुवैत की सरकारी तेल कंपनी ने कहा है कि खाड़ी देश पर जारी हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए ईरानी खतरों के मद्देनजर उसने कच्चे तेल के उत्पादन और शोधन में एहतियाती कटौती लागू की है। कुवैत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (केपीसी) ने कहा कि यह कदम उसकी जोखिम प्रबंधन और व्यापार निरंतरता रणनीति का हिस्सा है, और स्थिति के अनुसार इसकी समीक्षा की जाएगी।
लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इस्राइल के सैन्य विस्तार को रोकने के लिए जारी परामर्श के तहत फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर बातचीत की। लेबनान के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने लेबनान के कई क्षेत्रों में इस्राइली हमलों के जारी रहने के मद्देनजर नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की। यह मैक्रों द्वारा लेबनानी सशस्त्र बलों के साथ सहयोग मजबूत करने और उन्हें बख्तरबंद परिवहन वाहन उपलब्ध कराने के साथ-साथ दक्षिण से भाग रहे हजारों लेबनानी नागरिकों के लिए अतिरिक्त मानवीय सहायता प्रदान करने के पूर्व किए गए वादे के बाद हुआ है।
औन को लेबनानी सेना कमांडर जनरल रोडोल्फ हायकल ने सुरक्षा स्थिति के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें बेका घाटी के नबी चित शहर पर इस्राइली बमबारी भी शामिल है, जिसके कारण राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार हताहत हुए और व्यापक विनाश हुआ। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, अलग से, औन को स्पेन के राजा फेलिप VI का फोन आया, जिन्होंने लेबनानी लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त की।
इस्राइली सेना का कहना है कि उसने तेहरान पर हुए रातभर के हमलों के दौरान ईरान की सीमाओं से परे अभियान चलाने के लिए जिम्मेदार आईआरजीसी की कुद्स फोर्स के 16 विमानों को नष्ट कर दिया।
एक बयान में, इस्राइली सेना ने कहा कि उसकी वायुसेना ने ईरानी राजधानी में व्यापक हमले किए, जिनमें मेहराबाद हवाई अड्डे पर हमले भी शामिल हैं। सेना ने दावा किया कि कुद्स फोर्स इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल लेबनान के हिजबुल्ला सहित पश्चिम एशिया के सशस्त्र समूहों को हथियार और धन हस्तांतरित करने के केंद्र के रूप में करती थी। इन दावों की तत्काल स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी और ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई तत्काल टिप्पणी नहीं आई।
रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किये के रक्षा मंत्रालय के एक सूत्र ने बताया है कि तुर्किये साइप्रस में एफ-16 विमानों की तैनाती पर विचार कर रहा है। सूत्र ने समाचार एजेंसी को बताया कि यह कदम साइप्रस के उत्तरी भाग में स्थित तुर्की के अलग हुए राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रही चरणबद्ध योजना के तहत विचाराधीन कदमों में से एक है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने तेहरान स्थित आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की तस्वीरें ऑनलाइन साझा की हैं, जिनके बारे में उनका कहना है कि ईरान पर जारी हमलों में इसी परिसर को निशाना बनाया गया था। इस्माइल बगाई ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'यह तेहरान का आजादी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स है, एक फुटबॉल स्टेडियम, जिसे उसी संयुक्त राज्य अमेरिका ने निशाना बनाया है जिसके राष्ट्रपति को फीफा का 'शांति पुरस्कार' मिला है। 'क्या फीफा या आईओसी की ओर से कोई टिप्पणी है?!' दिसंबर में, नोबेल शांति पुरस्कार के लिए जोरदार अभियान चलाने वाले ट्रंप को फीफा के नवनिर्मित शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर से कहा कि ईरान पर बातचीत के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने के लिए और भी प्रयास किए जा सकते हैं। यह जानकारी तुर्किये के राष्ट्रपति कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई है। आज स्टार्मर से फोन पर बातचीत के दौरान एर्दोगन ने कहा कि तुर्किये के राजनयिक प्रयास जारी हैं। इस बयान में आगे कहा गया है कि उन्होंने यह भी कहा कि अंकारा ईरान पर हुए हमलों के बाद के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रख रहा है और चेतावनी दी कि लंबे समय तक हस्तक्षेप से क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
लेबनानी समूह ने आज सुबह इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाकर दो हमले करने का दावा किया है। अलग-अलग बयानों में, हिजबुल्ला ने कहा कि उसने स्थानीय समयानुसार सुबह 9:45 बजे (07:45 जीएमटी) इस्राइली शहर एकर के पूर्व में मिसाइलों से हमला किया। हिजबुल्ला ने यह भी कहा कि उसके लड़ाकों ने स्थानीय समयानुसार दोपहर 12:30 बजे (10:30 जीएमटी) लेबनानी सीमावर्ती शहर कफर किला में फातिमा गेट क्रॉसिंग के पास वाहनों के जमावड़े पर रॉकेट दागे। समूह ने कहा कि ये हमले लेबनान भर में इस्राइली हमलों के जवाब में किए गए थे।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय द्वारा दक्षिण में 12 ईरानी ड्रोन और 14 मिसाइलों को मार गिराए जाने के एक दिन बाद, कुवैत के नेशनल गार्ड ने एक ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमलों से देश की सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और संचार बुनियादी ढांचे को भारी चोट पहुंची है। फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने हाल के दिनों में 42 ईरानी नौसैनिक पोतों को नष्ट कर दिया है और देश की अधिकांश वायु शक्ति और दूरसंचार प्रणालियों को निष्क्रिय कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल के अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया था। उन्होंने दावा किया कि हमलों से पहले तेहरान परमाणु हथियार हासिल करने के करीब था। ट्रंप ने इस अभियान को एक बड़ी सफलता बताया और कहा कि इन हमलों ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को निर्णायक झटका दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के बाद में डोवर वायु सेना अड्डे पर जाने की उम्मीद है, जहां संघर्ष में अब तक शहीद हुए छह अमेरिकी सैन्य कर्मियों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दी जाएगी।
मध्य लंदन के मिलबैंक में 100 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका और इस्राइल की तरफ से ईरान पर किए जा रहे हमलों को रोकने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने के लिए जमा हुए हैं। वेस्टमिंस्टर के पास विक्टोरिया टॉवर गार्डन के नजदीक सड़क पर कई चैरिटी और एक्शन समूहों द्वारा टेंट लगाए गए थे, जहां प्रदर्शनकारी बैनर, पर्चे और सामान बांट रहे थे। कैम्पेन फॉर न्यूक्लियर डिसआर्मामेंट (सीएनडी), स्टॉप द वॉर, पैलेस्टाइन सॉलिडेरिटी कैंपेन, मुस्लिम एसोसिएशन ऑफ ब्रिटेन, पैलेस्टाइन फोरम इन ब्रिटेन और फ्रेंड्स ऑफ अल-अक्सा सहित एक्शन समूह शनिवार दोपहर को अमेरिकी दूतावास तक मार्च निकालेंगे। मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के लिए निर्धारित मार्गों पर बने रहने और शाम पांच बजे तक अपनी रैलियां समाप्त करने की शर्तें लागू की हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और घाना ने शुक्रवार को दक्षिणी लेबनान में संयुक्त राष्ट्र के एक अड्डे पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है, जिसमें तीन घाना के शांति सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए। घाना ने कहा कि उसने संयुक्त राष्ट्र में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उसने मांग की है कि 'इस हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाए और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है, युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है और संयुक्त राष्ट्र के शांति सैनिकों को दी गई सुरक्षा का अपमान है।' लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इजरायल पर उन्हें निशाना बनाने का आरोप लगाया है, और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना ने कहा है कि वह मामले की जांच करेगी।
अमेरिका-इस्राइल के हमलों के बाद क्षेत्रीय युद्ध छिड़ने के बाद से पिछले सात दिनों में जॉर्डन ने ईरान पर अपने देश में स्थित ठिकानों को सीधे निशाना बनाने का आरोप लगाते हुए 119 मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। जॉर्डन के सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मुस्तफा हयारी ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इनमें से 108 मिसाइलों और ड्रोनों को रोक दिया गया है। उन्होंने कहा, 'ये मिसाइलें और ड्रोन जॉर्डन के अंदर स्थित महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को निशाना बना रहे थे और हमारे क्षेत्र से होकर नहीं गुजर रहे थे।'
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पूर्वी बेका घाटी में स्थित नबी चित कस्बे पर इस्राइली हवाई और जमीनी हमलों में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 41 हो गई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि घायलों की संख्या 40 तक पहुंच गई है।
तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, अयातुल्लाह हुसैन नूरी हमेदानी और अयातुल्लाह नासिर मकारम शिराजी ने कहा है कि दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के उत्तराधिकारी की घोषणा में तेजी लाई जानी चाहिए। नूरी हमेदानी ने कहा कि 'दुश्मन को निराश करना और राष्ट्र की एकता और एकजुटता को बनाए रखना, जो वर्तमान में बरकरार है, और आक्रमणकारियों के खिलाफ देश की रक्षा कर रहे हमारे शक्तिशाली सशस्त्र बलों का समर्थन करना' महत्वपूर्ण है। मकारम शिराजी ने कहा, 'इस महत्वपूर्ण मामले को समय रहते सुलझाने से... मामलों का और भी बेहतर संगठन संभव हो सकेगा।'
संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों के अनुसार, आज संयुक्त अरब अमीरात पर कम से कम 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 121 ड्रोन दागे गए। समुद्र में गिरी एक मिसाइल को छोड़कर बाकी सभी मिसाइलों को रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 119 ड्रोनों को रोका गया और दो ड्रोन संयुक्त अरब अमीरात की सीमा के भीतर दुर्घटनाग्रस्त हो गए।
ईरान युद्ध के कारण पश्चिम एशिया में फंसे सैकड़ों जर्मन क्रूज यात्री शनिवार को जर्मनी वापस लौट आए। ऑपरेटर टुई क्रूज के प्रवक्ता ने बताया कि क्रूज जहाज 'मीन शिफ 4' के कुल 640 यात्री फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर उतरे। कंपनी ने यात्रियों को ओमान की राजधानी मस्कट से लाने के लिए दो विमान किराए पर लिए थे।
प्रवक्ता ने कहा, 'मीन शिफ 4 के 2,000 से अधिक यात्री अब अपने घर लौट आए हैं।' उन्होंने बताया कि मूल रूप से जहाज पर लगभग 2,500 लोग सवार थे। पहले मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी के 5,000 से अधिक यात्रियों की क्षमता वाले जहाज 'मीन शिफ 4' और 'मीन शिफ 5' युद्ध के कारण इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि 'मीन शिफ 5' के यात्रियों के लिए भी वापसी उड़ानों की व्यवस्था की जा रही है, हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ये उड़ानें कब होंगी।
अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच तेजी से बढ़ते संघर्ष के बीच हिंद महासागर में एक अन्य ईरानी नौसैनिक पोत, आईरिस डेना, से जुड़ी घटना के बाद तकनीकी और रसद संबंधी व्यवस्था करने के लिए कोच्चि बंदरगाह पर खड़े अपने नौसैनिक पोत आईरिस लावन को सुरक्षित आश्रय प्रदान करने के लिए ईरान ने भारत का औपचारिक रूप से आभार व्यक्त किया है। एएनआई के साथ एक विशेष साक्षात्कार में, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान आईरिस डेना से जुड़ी दुखद घटना के बाद स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और परिस्थितियों का आकलन करने और चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास जारी रखे हुए है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक बयान जारी कर ईरान पर भीषण हमले की धमकी दी है। इसके साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने अपने मध्य पूर्वी पड़ोसियों से माफी मांग ली है और आत्मसमर्पण कर दिया है, साथ ही यह भी वादा किया है कि वह अब उन पर गोलीबारी नहीं करेगा। ट्रंप ने कहा कि यह वादा केवल अमेरिका और इस्राइल के लगातार हमलों के कारण किया गया है।
बता दें कि, पेजेश्कियन ने आज पहले जारी किए गए एक पूर्व-रिकॉर्डेड संदेश में कहा कि ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने की मंजूरी दे दी है- बशर्ते ईरान पर हमला वहीं से न हो। इसके बाद आईआरजीसी ने एक बयान जारी कर चेतावनी दी कि अगर ईरान पर हमले जारी रहे तो अमेरिका-इस्राइल के सभी सैन्य अड्डे और हित प्राथमिक लक्ष्य माने जाएंगे। वहीं अपने सोशल मीडिया संदेश में ट्रंप ने ईरान पर आज और हमले करने की भी धमकी दी है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने सैन्य और सैन्य सहायता केंद्रों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमलों की 25वीं लहर की घोषणा की है। ईरानी सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक संक्षिप्त बयान में, आईआरजीसी ने कहा कि इस अभियान में हाइपरसोनिक फतह मिसाइल और बैलिस्टिक इमाद मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस्राइली सेना द्वारा नए हमले की घोषणा के बाद तेहरान में कई धमाकों की खबर आई। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी राजधानी में कई धमाके हुए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित वीडियो में तेहरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित करचक काउंटी से धुएं के घने गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं। ऐसी अपुष्ट खबरें हैं कि हमला क्षेत्र में स्थित रिवोल्यूशनरी गार्ड के अड्डे को निशाना बनाकर किया गया था।
तसनीम समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) की नौसेना ने संयुक्त अरब अमीरात के अल-धाफरा हवाई अड्डे पर ड्रोन हमला किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि हमले में एक अमेरिकी उपग्रह संचार केंद्र, प्रारंभिक चेतावनी और फायर कंट्रोल रडार को निशाना बनाया गया। वहीं, संयुक्त अरब अमीरात ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
लेबनान के स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया है कि नाबी चित शहर में रात भर चले इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 26 लोग मारे गए और 35 घायल हुए। इधर, एयरलाइन अमीरात ने ईरान के हमले के बाद कहा है कि 'दुबई से आने-जाने वाली सभी उड़ानें अगली सूचना तक निलंबित कर दी गई हैं'।
इस्राइल की सेना ने कहा कि दक्षिणी लेबनान और बेका घाटी पर रात भर किए गए उसके हमलों में हिजबुल्ला सशस्त्र समूह से संबंधित रॉकेट लॉन्चर, हथियार भंडारण सुविधाएं और अन्य सैन्य स्थलों को निशाना बनाया गया है। टेलीग्राम पर जारी सैन्य बयान में यह भी कहा गया है कि एक दिन पहले, उसकी सेनाओं ने दक्षिणी लेबनान के मजदल सेलम क्षेत्र में हिजबुल्ला के रादवान फोर्स के अज्ञात कमांडरों और इस विशिष्ट इकाई के दो कमान केंद्रों पर हमला किया था।
बहरीन रक्षा बल के जनरल कमांड ने कहा है कि देश के खिलाफ विश्वासघाती आक्रमण की शुरुआत के बाद से हवाई रक्षा प्रणालियों ने 86 मिसाइलों और 148 ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है।
लेबनानी स्वास्थ्य अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि इस्राइली हवाई हमलों में कम से कम 16 लोग मारे गए और 35 अन्य घायल हो गए। ये हमले रात भर पहाड़ी कस्बे नबी चित में इस्राइल की ओर से किए गए थे। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़ा उपलब्ध कराया।
ईरान समर्थित उग्रवादी समूह हिज्बुल्ला ने कहा कि उसके लड़ाकों की पूर्वी लेबनान के पहाड़ों में शुक्रवार देर रात उतरे इस्राइली बल के साथ झड़प हुई। फिलहाल इस्राइल ने अभी तक वहां हो रही लड़ाई पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
तेहरान में भयानक हमले के बाद धमाके का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो में रात भर हुए इस्राइली हमलों को दिखाया गया है। इस्राइली सेना ने ईरान भर में व्यापक हमला किए है। वीडियो तेहरान के नाजी आबाद नाम के एक इलाके का बताया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति का कहना है कि अब पड़ोसी देशों को टारगेट नहीं किया जाएगा, जब तक कि वहां से हमला न हो। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने का फैसला किया है और उसका उन पर आक्रमण करने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों से माफी मांगी और इस बात पर जोर दिया कि तेहरान दबाव में नहीं झुकेगा। पेजेशकियान ने कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों की संप्रभुता का सम्मान करता है और मौजूदा तनाव के बावजूद क्षेत्र में स्थिरता चाहता है।
अल जजीरा ने रिपोर्ट किया है कि ईरान की राजधानी तेहरान में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की खबरें मिल रही हैं। सरकारी टेलीविजन के हवाले से बताया गया है कि राजधानी के कई हिस्सों में विस्फोटों की आवाज सुनी गई। हालांकि किन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, इसकी फिलहाल जानकारी साझा नहीं की गई।
ईरान के मध्य प्रांत इस्फहान पर अमेरिकी-इस्राइली हमलों में कम से कम आठ लोगों के मारे जाने की खबर है। तसनीम समाचार एजेंसी ने एक प्रांतीय अधिकारी के हवासे से बताया कि इस्फहान पर अमेरिका-इस्राइली हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए। इस्फहान प्रांत में राज्यपाल कार्यालय के एक सुरक्षा अधिकारी अकबर सालेही ने कहा, 'इन हमलों में एक महिला सहित आठ नागरिक शहीद हो गए।'
सालेही ने कहा, 'अमेरिकी और इस्राइली शासन के लड़ाकू विमानों ने इस्फहान शहर और प्रांत के सात अन्य शहरों के इलाकों पर हमला किया।' उन्होंने आगे कहा कि शहर के साथ-साथ लेनजान और बोरखर इलाकों में 80 घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
अल जजीरा ने इस्राइली सेना के हवाले से बताया कि 80 लड़ाकू विमानों ने रात भर में ईरान पर 230 बम गिराए हैं। जिससे ईरान की राजधानी तेहरान सहित कई स्थानों पर भीषण विस्फोट हुए हैं।इजरायली सेना की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि रात भर चले हमलों की लहर में 80 से अधिक लड़ाकू विमान शामिल थे, जिन्होंने 'कई सैन्य स्थलों' पर 230 गोला-बारूद गिराए।
सेना के अनुसार इनमें आईआरजीसी का एक सैन्य विश्वविद्यालय, मिसाइल लॉन्चिंग ढांचा स्थल और बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण और निर्माण के लिए एक भूमिगत स्थल शामिल थे। हालांकि बयान में इनके स्थानों का जिक्र नहीं किया गया।
इस्राइली सेना ने बताया कि आधी रात के बाद से ईरान की तरफ से पांच बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई हैं। जिसका इस्राइल कड़ा जवाब दे रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली वर्तमान में ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन हमलों के खतरों का जवाब दे रही है। बताया गया है कि अमीरात के विभिन्न हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन को खत्म करने के लिए चलाया जा रहा ऑपरेशन है।
ईरान पर अमेरिकी-इस्राइली हमले जारी है। तेहरान सहित और देश के अन्य हिस्सों को निशाना बनाया जा रहा है। अल जजीरा से मिला ताजा अपेडट्स के मुताबिक ईरान की राजधानी के दो मुख्य हवाई अड्डों में से एक मेहराबाद को निशाना बनाया गया था। जहां आसपास का इलाका भी प्रभावित हुआ है।
पूरे शहर में रात भर बड़े-बड़े विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं, जिनकी झटकेदार लहरें राजधानी के विभिन्न इलाकों में आसानी से महसूस की जा सकती थीं। रिपोर्ट में बताया गया कि सिर्फ सैन्य क्षेत्र या राजनीतिक केंद्र ही नहीं आवासीय क्षेत्र, स्कूल और अस्पताल भी निशाने पर हैं।
दुबई मीडिया कार्यालय ने सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर किसी घटना की सूचना दी गई थी। हालांकि, कार्यालय ने स्पष्ट किया कि एक सफल इंटरसेप्शन ऑपरेशन के दौरान गिरे टुकड़े के कारण हुई मामूली घटना को सुलझा लिया गया।
अमेरिका ने इस्राइल को लगभग 151.8 मिलियन डॉलर के हथियारों और सैन्य सहायता की बिक्री को मंजूरी दे दी है। यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और इजराइल के बीच जंग का आठवां दिन है, और यह क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को दर्शाता है।
अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा दी गई इस मंजूरी को एक आपातकालीन बिक्री के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस तत्काल आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि मौजूदा आपातकालीन स्थिति को देखते हुए यह सैन्य सामान तुरंत बेचना आवश्यक हो गया था। यह कदम इस्राइल की सैन्य क्षमता को मजबूत करने और क्षेत्र में अपनी स्थिति बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन करने के लिए उठाया गया है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि आज रात ईरान के खिलाफ हमारा सबसे बड़ा बमबारी अभियान होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी हमले से ईरानी मिसाइल लॉन्चरों, मिसाइल बनाने वाले कारखानों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, और हम उन्हें काफी हद तक कमजोर कर रहे हैं। बेसेंट ने ईरान पर आर्थिक अराजकता पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया है, और इसके लिए उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर तेहरान के नियंत्रण का हवाला दिया है।
ईरान और इस्राइल-अमेरिका के बीच जंग का आठवां दिन है। इस बीच इस्राइल ने नए हमलों की लहर शुरू कर दी। इस बीच ईरान में भूंकप के तेज झटके महसूस किए गए हैं।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के और बढ़ने की आशंका है। इस्राइल ने तेहरान पर नए 'व्यापक' हमलों की घोषणा करते हुए ताबड़तोड़ हमले करना शुरू कर दिए हैं। एएफपी के अनुसार ईरान के सरकारी प्रसारक ने राजधानी के पश्चिमी हिस्से में कई विस्फोट की सूचना दी।
अरब न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया गया है कि सऊदी अरब की वायु रक्षा ने शनिवार तड़के रणनीतिक शैबा तेल क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों की एक नई लहर को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने कई अपडेट देते हुए पुष्टि की कि चार अलग-अलग चरणों में दागे गए 16 ड्रोन को खाली क्वार्टर के ऊपर रोककर नष्ट कर दिया गया। बताया जाता है कि ये मानवरहित विमान गिराए जाने से पहले महत्वपूर्ण ऊर्जा संयंत्र की ओर बढ़ रहे थे।
अतिरिक्त बयानों में अल-मलिकी ने अल-खारज स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस को निशाना बनाकर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक क्रूज मिसाइल को 'रोकने और नष्ट करने' की पुष्टि की। अरब न्यूज ने बताया कि रियाद के पूर्व में एक और ड्रोन को गिरा दिया गया, जो राजधानी से 80 किलोमीटर दूर स्थित एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र अल-खारज पर लगातार तीसरे दिन हुए हमलों का संकेत है।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया है कि तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भारी हवाई हमले हुए: रॉयटर्स
इस्राइली सेना के मुताबिक ईरान ने मिसाइलें हमलों की नई लहर शुरू कर दी है। इस्राइली रक्षा प्रणालियां इस खतरे को रोकने के लिए काम कर रही हैं। सेना के अनुसार संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को मोबाइल फोन पर अलर्ट प्राप्त हुआ है। सेना ने कहा कि रक्षा प्रणालियां काम कर रही हैं।
एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया, जहां अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। यह एयर बेस राजधानी रियाद के दक्षिण-पूर्व में स्थित है। सऊदी अरब ने कहा कि मिसाइल को नाकाम कर उसे नष्ट कर दिया गया है।
लेबनान के बेका क्षेत्र में इस्राइली हवाई हमले हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि नबी चित गांव पर हुए हमलों में तीन लोग मारे गए हैं और 16 लोग घायल हुए हैं।
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर दुबई से आने वाले एक यात्री ने कहा कि मिसाइलें रोक दी जा रही थीं और उन्हें आपातकालीन अलर्ट मिलते रहे। यात्री ने बताया कि उन्हें सुरक्षित रहने और घर के अंदर बने रहने की सलाह दी गई थी। इस दौरान यात्री और अन्य लोग काफी चिंतित रहे और सुरक्षा निर्देशों का पालन किया।
शनिवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कुवैत में ईरानी हमले में मारे गए छह अमेरिकी सैनिकों की शवावशेष की वापसी समारोह में भाग लेंगे। यह समारोह डोवर एयर फोर्स बेस, डेलावेयर में आयोजित होगा। सैनिकों की मौत रविवार को हुई थी, जब कुवैत के पोर्ट शुआइबा के अमेरिकी कमांड सेंटर पर ड्रोन हमला हुआ। यह हमला उस दिन के बाद हुआ जब अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर हमला किया था।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनके सुरक्षा बलों ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोककर नष्ट कर दिया। मंत्रालय ने इस घटना के बारे में और कोई विवरण साझा नहीं किया। सुरक्षा बलों की यह कार्रवाई मिसाइल हमले को विफल बनाने और आधार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
इस्राइली सेना ने घोषणा की है कि उसने ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े पैमाने पर लक्ष्यों पर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरान के राज्य प्रसारक ने तेहरान के पश्चिमी हिस्से में विस्फोट की खबर दी है। इससे पहले, इस्राइल की सेना ने कहा था कि ईरान की मिसाइलें इस्राइल की ओर रहीं। ईरानी मिसाइल हमलों के बाद तेल अवीव के वाणिज्यिक क्षेत्र में भी कई विस्फोट सुने गए।
अजरबैजान की राज्य सुरक्षा सेवा ने कहा है कि उसने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) द्वारा देश में तैयार किए गए आतंकवादी योजनाओं और खुफिया ऑपरेशनों को नाकाम कर दिया।अजरबैजानी समाचार एजेंसी के अनुसार, संदिग्ध योजना में तेल पाइपलाइन, इस्राइल का दूतावास, स्थानीय यहूदी समुदाय के नेता और अशकेनाजी सिनेगॉग को निशाना बनाने की तैयारी थी। सुरक्षा बलों ने तीन विस्फोटक उपकरणों को निष्क्रिय किया और संभावित लक्ष्यों और ईरानी खुफिया के सहयोगियों की पहचान के लिए व्यापक तलाशी अभियान चलाया।
इराक के दक्षिणी शहर बसरा में ड्रोन हमले के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर आग लगने की खबर है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले के बाद अमेरिकी कंपनियों हॉलिबर्टन और केबीआर के दफ्तरों और गोदामों में आग लग गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ड्रोन हमला उस परिसर को निशाना बनाकर किया गया जहां विदेशी तेल कंपनियों के कर्मचारी रहते और काम करते हैं। सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि हमले के बाद वहां मौजूद इमारतों में आग फैल गई, जिसके बाद स्थिति को काबू में करने की कोशिश की गई। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि इस हमले में कितने लोग घायल हुए हैं या कितना नुकसान हुआ है। ड्रोन हमले के बाद इलाके में सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप के अनुसार, ईरान की सेना और नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी संचार व्यवस्था भी नष्ट हो गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान के कई शीर्ष नेता मारे जा चुके हैं और अब वहां तीसरे स्तर का नेतृत्व बचा है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की वायुसेना पूरी तरह से खत्म हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ईरान के पास 32 युद्धपोत थे और अब सभी समुद्र में डूब चुके हैं। ट्रंप के इन बयानों के बाद पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और तेज हो गई है।
पश्चिम एशिया में तेजी से बढ़ते संघर्ष के बीच इस्राइल की सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान में नई लहर के वायु हमले (एयर स्ट्राइक) शुरू कर दिए हैं। इस्राइली बलों ने कहा है कि उनका लक्ष्य ईरानी शासन की महत्वपूर्ण इमारतों और सैन्य ढांचों को निशाना बनाना है। इस्राइल ने इन हमलों को अगली चरण की कार्रवाई बताया है, जिसमें वह ईरान के सरकारी और सुरक्षा ढांचे पर दबाव बढ़ा रहा है। ईरानी राज्य मीडिया ने भी तेहरान के कई इलाकों में धमाकों की खबर दी है। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और आतंकवाद व संघर्ष फैलने की चिंताएँ तेज हो गई हैं।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से क्षेत्र में बढ़ते संघर्ष को लेकर बातचीत की है। डाउनिंग स्ट्रीट के बयान के अनुसार, स्टार्मर ने बताया कि ब्रिटेन अतिरिक्त फाइटर जेट, हेलिकॉप्टर और एक विध्वंसक जहाज पश्चिम एशिया भेज रहा है और रियाद की रक्षा में सहायता के लिए पूरी तरह तैयार है।बयान में यह भी कहा गया कि दोनों नेताओं ने खुफिया जानकारी साझा करने और सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की।
अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड ने कहा है कि इस सप्ताह ईरान में जारी युद्ध में उसने 3,000 से अधिक सैन्य ठिकानों और लक्ष्यों पर हमला किया है। इन हमलों में प्रमुख सैन्य मुख्यालय, कमान‑नियंत्रण केंद्र, हवाई सुरक्षा प्रणाली, बैलिस्टिक मिसाइल साइटें और नौसैनिक जहाज शामिल हैं। कमान्ड के अनुसार इसी ऑपरेशन के दौरान अमेरिका ने ईरानी नौसेना के लगभग 43 युद्धपोतों को भी नष्ट कर दिया है, जिसमें कई जहाज समुद्र में डूब गए हैं। यह कार्रवाई संयुक्त रूप से ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के तहत की जा रही है, जिसका लक्ष्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया जा रहा है।
कतर एयरवेज ने 7 मार्च को विशेष रैपिट्रिएशन फ्लाइट्स चलाने की घोषणा की है। यह कदम कतर सिविल एविएशन अथॉरिटी से अस्थायी अनुमति मिलने के बाद लिया गया है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि उड़ान सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकती है।
इन उड़ानों का प्रस्थान दोहा के हामद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निम्नलिखित शहरों के लिए होगा:-
लंदन हीथ्रो (LHR)
पेरिस शार्ल दे गॉल (CDG)
मैड्रिड बराजास (MAD)
रोम फ्यूमिकिनो (FCO)
फ्रैंकफर्ट (FRA)
एयरलाइन के अनुसार, इन उड़ानों में प्राथमिकता उन यात्रियों को दी गई है जो अपने परिवार के पास फंसे हुए हैं, बुजुर्ग हैं, या जिनके पास आपातकालीन चिकित्सा और मानवीय कारण हैं। कतर एयरवेज ने स्पष्ट किया कि ये उड़ानें सामान्य वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की वापसी का संकेत नहीं हैं, बल्कि केवल फंसे हुए यात्रियों की सुरक्षा और घर वापसी के लिए हैं।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हाल ही में सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा और लेबनानी राष्ट्रपति जोसेफ आउन से फोन पर बातचीत की। यह कदम उस समय आया है जब अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद ईरान में शुरू हुए संघर्ष के पश्चिम एशिया के अन्य हिस्सों और उससे भी आगे फैलने का डर बढ़ गया है। मैक्रों ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि फ्रांस अपने साझेदारों के साथ मिलकर यह कोशिश कर रहा है कि यह संघर्ष क्षेत्र में और न फैले। सीरिया और लेबनान की संपूर्णता और स्वतंत्रता का सम्मान होना चाहिए और यही नियम क्षेत्र के हर देश के लिए लागू होना चाहिए। जो भी अस्थिरता फैलाने वाले काम हो रहे हैं, उन्हें आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं छोड़नी चाहिए। फ्रांस यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसा हो।
कतर की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन ने कहा कि देश में आंशिक हवाई यातायात फिर से शुरू किया गया है। इस चरण में केवल यात्रियों की निकासी और कार्गो उड़ानें संचालित की जाएंगी। सिविल एविएशन ने यात्रियों से कहा है कि जिनके पास उड़ानों की पुष्टि है, वे अपनी उड़ानों की नवीनतम जानकारी जरूर देखें। दोहा की नियमित उड़ानें अभी शुरू नहीं हुई हैं, जो आधिकारिक घोषणा के बाद फिर से शुरू होंगी।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हाल ही में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत की। यह जानकारी ईरानी सरकारी समाचार सेवा ने दी है। संबंधित पक्षों से और अपडेट मिलते ही नई जानकारी दी जाएगी।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि शुक्रवार को देश की एयर डिफेंस प्रणाली ने ईरान से आने वाले ड्रोन हमलों का मुकाबला किया। सुबह से शाम तक जारी इस हमले में कुल 10 ड्रोन कतर की तरफ भेजे गए। इनमें से 9 ड्रोन इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिए गए, जबकि एक ड्रोन अनासीन इलाके में गिरा, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।
ईरान के केंद्रीय शहर नतांज के पास विस्फोटों की आवाजें सुनी गई हैं, ऐसा ईरानी सरकारी मीडिया ने बताया है। नतांज ईरान की सबसे बड़ी न्यूक्लियर समृद्धिकरण सुविधाओं में से एक का घर है। इस शहर पर पहले भी हमला हुआ है। 2025 में 12-दिन के युद्ध के दौरान और वर्तमान युद्ध में भी।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों पर बारीकी से नज़र रख रहा है, जो भारत और इस क्षेत्र के बीच हवाई यातायात को प्रभावित कर रही हैं। मंत्रालय ने बताया कि एयरलाइन्स आवश्यक संचालन संबंधी बदलाव कर रही हैं ताकि यात्रियों की सुरक्षा बनी रहे और उड़ानों का क्रम व्यवस्थित तरीके से चले।
मंत्रालय के अनुसार, 5 मार्च 2026 को पश्चिम एशिया से भारत आने वाली भारतीय एयरलाइन्स की कुल 40 उड़ानों ने 7,205 यात्रियों को लाया। इससे कुल आने वाले यात्रियों की संख्या 14,992 हो गई है। 6 मार्च 2026 को भारतीय एयरलाइन्स की 51 उड़ानें संचालित होने की योजना है, जो मौजूदा हालात और संचालन क्षमता के अनुसार तय होंगी।
ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा है कि तेहरान की हाल की कार्रवाइयां रक्षा के उद्देश्य से हैं। उनका कहना था कि यह युद्ध अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर थोप दिया। France 24 को दिए साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि हम अच्छे इरादों से बातचीत कर रहे थे, लेकिन अमेरिका ने अपनी रणनीति बदल दी। उन्होंने सीधे कहा कि हम अमेरिकियों पर भरोसा नहीं करते। उन्होंने न सिर्फ हमें धोखा दिया, बल्कि कूटनीति को भी ठेस पहुंचाई। ईरानी उप विदेश मंत्री का यह बयान अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते तनाव और हालिया संघर्ष के बीच आया है।
मिडिया रिपोर्टस के अनुसार बगदाद में बगदाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डाके पास स्थित एक सैन्य ठिकाने पर रॉकेट हमला किया गया। यह वही बेस है जहां अमेरिका का एक राजनयिक केंद्र भी मौजूद है। इराकी सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अज्ञात हमलावरों ने इस सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर रॉकेट दागे। फिलहाल हमले में हुए नुकसान या हताहतों को लेकर तुरंत कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और हमले की जांच शुरू कर दी गई है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कहा है कि वह आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान के हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण पाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि अमेरिका इस लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को उम्मीद है कि अमेरिका के जो सैन्य उद्देश्य तय किए गए हैं, उन्हें करीब चार से छह हफ्तों के भीतर पूरा किया जा सकता है। व्हाइट हाउस के मुताबिक, मौजूदा हालात में अमेरिका की रणनीति ईरान के हवाई क्षेत्र पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने और क्षेत्र में अपनी सैन्य बढ़त बनाए रखने की है।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी सूत्रों ने बताया कि ईरान के जहाज आईआरआईएस लवन के 183 क्रू मेंबरों को कोचि में नौसेना की सुविधाओं में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। बताया गया है कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और उन्हें भारतीय नौसेना के नौसैनिक परिसर में रहने, खाने और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं। यह व्यवस्था फिलहाल मानवीय आधार पर की गई है।