ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत और श्रीलंका के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिता हेराथके साथ क्षेत्र में हाल ही में हुए घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच संबंधों पर चर्चा की। बातचीत के दौरान ईरान के विदेश मंत्री ने हाल के दिनों में अमेरिका और इस्राइल की कार्रवाइयों को ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों को अमेरिका के इन घटनाओं की कड़ी निंदा करनी चाहिए।
कतर ने कहा है कि बहरीन में उन इमारतों पर ईरान ने हमला किया, जहां कतर अमीरी नौसेना बलों के कर्मचारी मौजूद थे। कतर के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी एक बयान में बताया कि बहरीन में जिन इमारतों को निशाना बनाया गया, वे गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) की संयुक्त सैन्य कमान के तहत आती हैं।
दोहा ने इस घटना को खुला आक्रामक हमला बताया और कहा कि यह बहरीन की संप्रभुता का उल्लंघन है। क़तर के अनुसार इस तरह की कार्रवाई क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि हमले के समय इमारतों में मौजूद क़तरी सैन्य कर्मी सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन खाड़ी देशों के सहयोगियों की बढ़ती नाराजगी का सामना कर रहा है। उन्होंने शिकायत की है कि अमेरिका और इस्राइल के हमलों के जवाब में उन्हें अपने देशों पर हुए ईरानी ड्रोन और मिसाइलों हमलों के लिए तैयारी के लिए पूरा वक्त नहीं दिया गया।
दो खाड़ी देशों के अधिकारियों ने कहा कि उनके देशों को हमलों का जवाब देने के लिए वक्त नहीं मिला, क्योंकि ट्रंप ने उन्हें संयुक्त अमेरिका-इस्राइली ऑपरेशन की पहले से सूचना नहीं दी। खाड़ी देशों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान पर हमला पूरे क्षेत्र के लिए गंभीर नतीजे ला सकता है, लेकिन उनकी चेतावनियों को नजरअंदाज किया गया। एक अधिकारी ने कहा कि क्षेत्र में यह धारणा बन रही है कि अमेरिकी सेना ने मुख्य रूप से इस्राइल और अपने सैनिकों की रक्षा पर ध्यान दिया, जबकि खाड़ी देशों को खुद बचाव करना पड़ा। उनके मुताबिक, इंटरसेप्टर मिसाइलों का भंडार तेजी से कम हो रहा है। सीएनएन ने पूर्व सऊदी खुफिया प्रमुख प्रिंस तुर्की अल-फैसल के हवाले से कहा कि यह मूलतः बेंजामिन नेतन्याहू का युद्ध है, जिन्होंने ट्रंप को इसका समर्थन करने के लिए राजी किया। हालांकि, इस मसले पर सऊदी अरब, कुवैत और बहरीन की सरकारों ने बोलने इन्कार किया। वहीं व्हाइट हाउस प्रवक्ता एना केली ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के कारण ईरान के मिसाइल हमले 90 फीसदी तक कम हो गए हैं। वहीं, अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने भी माना कि ईरान के शाहेद ड्रोन की लहरों को रोकना मुश्किल हो रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने खाड़ी देशों पर लगभग 380 मिसाइलें और 1,480 ड्रोन दागे हैं, जिनसे कम से कम 13 लोगों की मौत हुई।
अमेरिका और इस्राइल के सैन्य हमलों में मारे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया और इस्राइल को चेतावनी दी है। पोस्ट में कहा गया, यहूदी वादी शासन (जायनिस्ट) ने बहुत बड़ी गलती की है और नतीजे इसे निराश कर देंगे। इंशाअल्लाह। खामेनेई की मौत के बाद उनके आधिकारिक सोशल मीडिया खाते पर यह पहली पोस्ट साझा की गई है।
ईरानी जहाज की मदद के लिए आगे आया भारत
श्रीलंका के दक्षिण में युद्धपोत आईआरआईएस देना पर हमले से एक दिन पहले ईरान ने आईआरआईएस लावन को ठहराने के लिए भारत से अनुरोध किया था। यह जहाज अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू के लिए इस क्षेत्र में मौजूद था और इसमें तकनीकी खराबी आ गई थी। सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी।
यह अनुरोध 28 फरवरी 2026 को किया गया था, जिसमें जहाज को कोच्चि में तुरंत खड़ा करने की अनुमति मांगी गई थी। भारत ने एक मार्च को इसकी मंजूरी दे दी थी। इसके बाद यह जहाज चार मार्च को कोच्चि बंदरगाह पहुंच गया। सूत्रों के मुताबिक, जहाज के 183 सदस्यीय चालक दल को फिलहाल कोच्चि में नौसेना की सुविधाओं में ठहराया गया है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शुक्रवार को कहा कि कुछ देशों ने अमेरिका और इस्राइल के साथ चल रहे झगड़े में बीच-बचाव की कोशिश शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि हम भी शांति पसंद करते हैं, लेकिन अपनी इज्जत और स्वतंत्रता के साथ। हमने पिछले हफ्ते सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को खो दिया। शायद कुछ लोगों ने हमें कम आंक लिया है।
राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'कुछ देशों ने बीच-बचाव की कोशिशें शुरू कर दी हैं। साफ-साफ कह दूं कि हम इस इलाके में हमेशा शांति बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं, फिर भी हमें अपने देश की इज्जत और आजादी की रक्षा करने में कोई हिचकिचाहट नहीं है। बीच-बचाव उन लोगों पर होना चाहिए, जिन्होंने ईरानी लोगों को कम आंका और इस झगड़े को भड़काया।
ईरानी प्रेसिडेंट का यह बयान तब आया जब कई रिपोर्ट्स में बताया गया कि ईरान ने इजरायल पर हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है, जिसमें बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें उसकी लेटेस्ट सुपर-हैवी खोर्रमशहर-4 भी शामिल है। लेबनान की ऑफिशियल नेशनल न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर दक्षिणी लेबनान के शहर शिडोन में एक आवासीय इमारत पर इजरायली हवाई हमले को निशाना बनाया गया।
ईरान ने इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में कुर्द विरोधी समूहों पर मिसाइल हमले किए हैं। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी ने दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी बलों ने उन ठिकानों को निशाना बनाया, जिन्हें तेहरान ईरान-विरोधी अलगाववादी समूहों का अड्डा बताता है। ये समूह उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में सक्रिय बताए जाते हैं। ये हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब खबरें आ रही हैं कि अमेरिका इराक में मौजूद कुर्द विरोधी गुटों के साथ तालमेल कर रहा है। इन गुटों ने संकेत दिया है कि वे ईरान के खिलाफ जारी संघर्ष में शामिल हो सकते हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता तभी होगा, जब वह बिना शर्त आत्मसमर्पण करेगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद ईरान में एक 'बेहतरीन और स्वीकार्य नेतृत्व' चुना जाएगा। इसके बाद अमेरिका और उसके सहयोगी देश मिलकर ईरान को तबाही के कगार से वापस लाने के लिए काम करेंगे। ट्रंप ने दावा किया कि इस प्रक्रिया के बाद ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ज्यादा बड़ी, बेहतर और मजबूत बनेगी। उन्होंने अपने बयान के अंत में नारा दिया- 'मेक ईरान ग्रेट अगेन (एमआईजीए)'।
पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच दोहा में भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए वीजा, ट्रांजिट और और सऊदी अरब के बाहर यात्रा को लेकर जानकारी दी। दूतावास ने आज एक एडवाइजरी में बताया कि कतर में ट्रांजिट के दौरान फंसे भारतीय नागरिकों के लिए एक पंजीकरण लिंक खोला गया है। इस लिंक के जरिये उन्हें सऊदी अरब के लिए अस्थायी ट्रांजिट वीजा हासिल करने में मदद मिलेगी।
दूतावास ने कहा कि यह सुविधा केवल उन भारतीय नागरिकों के लिए है, जो इस समय कतर में ट्रांजिट के दौरान फंसे हुए हैं और जिनके पास सऊदी अरब से आगे यात्रा के लिए कन्फर्म टिकट हैं। ऐसे लोग दिए गए लिंक पर पंजीकरण कर सकते हैं। दूतावास ने यह भी बताया कि कतर के गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि कतर में समाप्त हो चुके या समाप्त होने वाले सभी प्रवेश वीजा की अवधि एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। यह फैसला 28 फरवरी 2026 से लागू हुआ है और स्थिति के अनुसार इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। भारतीय नागरिकों को यह भी बताया गया है कि आपात स्थित में सलवा बॉर्डर क्रॉसिंग के रास्ते सड़क मार्ग से सऊदी अरब के लिए निकलने का विकल्प फिलहाल खुला है।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसके 50 लड़ाकू विमानों ने तेहरान में उस भूमिगत बंकर पर हमला किया है, जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के लिए बनाया गया था। इस्राइल ने एक बयान में दावा किया कि यह परिसर मध्य तेहरान की सड़कों के नीचे पूरी तरह फैला हुआ था और इसमें बैठक कक्ष भी शामिल थे। बयान में यह भी कहा गया कि खामेनेई की हत्या के बाद भी वरिष्ठ अधिकारी इस सुविधा का इस्तेमाल करते रहे।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान के स्कूल में हुए हमले की जल्द जांच कराने की अपील की। इस हमले में 175 लोगों की मौत हो गई थी। तुर्क ने जिनेवा में पत्रकारों से बातचीतमें कहा कि अमेरिका ने इस हमले की जांच की घोषणा की है। संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि यह जांच जल्द, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच तेजी से होनी चाहिए। इसके साथ ही हमले के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। पीड़ितों को न्याय और उचित मुआवजा भी मिलना चाहिए। इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका मिनाब में हुए इस हमले की जांच कर रहा है।
इस्राइल ने एकबार फिर दक्षिण लेबनान में हवाई हमले किए हैं। अल-जजीरा ने स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट्स के हवाले से बताया कि इस्राइली लड़ाकू विमानों ने दक्षण लेबनान के कई इलाकों को निशाना बनाया। ये हवाई हमले मरवानीह और याह्मार अल-शफीक कस्बों के पास हुए हैं। इलाके में कई धमाकों की आवाजें सुनी गई और हमलों के बाद स्थिति तनावपूर्ण है।
मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए भारत ने कतर में रहने वाले अपने सभी नागरिकों से कतर के अधिकारियों, विशेष रूप से गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया है। मंत्रालय ने कतर के सभी निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर रहने, अत्यंत आवश्यक परिस्थितियों को छोड़कर बाहर न निकलने और खिड़कियों और खुले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि कतर का हवाई क्षेत्र अभी भी बंद है और उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित हैं। कतर एयरवेज 7 मार्च, 2026 को सुबह 9 बजे (दोहा समय) अगली अपडेट जारी करेगी। सभी यात्रियों से अनुरोध है कि वे अपनी-अपनी एयरलाइन के संपर्क में रहें।
अमेरिकी हमले में बचाए गए ईरानी नाविकों को लेकर श्रीलंकाई नौसेना का जहाज गाले नौसैनिक अड्डे पर पहुंचा, घायल नाविकों को एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा है।
28 फरवरी से शुरू हुई जंग का आत सातवां दिन है। ऐसे में रोजाना मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। ईरानी रेड क्रिसेंट की रिपोर्ट के अनुसार अब तक अमेरिका और इस्राइल के हमलों में ईरान में कम से कम 1,332 लोग मारे गए हैं।
विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार इंडोनेशिया आज से ईरान से अपने नागरिकों को निकालना शुरू करेगा। अल जरीरा ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि निकासी प्रक्रिया आज धीरे-धीरे शुरू होगी, और यह पहला चरण अजरबैजान के माध्यम से चलाया जाएगा 32 इंडोनेशियाई लोगों का पहला समूह सोमवार या मंगलवार को जकार्ता पहुंचने वाला है।
बता दें कि ईरान में कुल 329 इंडोनेशियाई नागरिक हैं, जिनमें से अधिकांश कोम शहर में छात्र हैं। मंत्रालय के अनुसार, लगभग पांच लाख इंडोनेशियाई लोग मध्य पूर्व के पूर्व के देशों में रहते हैं, लेकिन इंडोनेशिया सरकार फिलहाल इस क्षेत्र के अन्य देशों से लोगों को निकालने पर विचार नहीं कर रही है।
तेहरान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने मध्य शहर इस्फहान के ऊपर उड़ रहे एक इस्राइल हेरॉन ड्रोन को मार गिराया है। हेरॉन ड्रोन इस्राइल का सबसे बड़ा मानवरहित हवाई वाहन (यूएवी) है और इसे 2007 में सेवा में लाया गया था।
कतर के हवाई क्षेत्र के बंद होने के कारण कतर एयरवेज की निर्धारित उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित हैं। कतर एयरवेज की उड़ानें नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से हवाई क्षेत्र को सुरक्षित रूप से फिर से खोलने की घोषणा के बाद ही पुनः शुरू होंगी। 7 मार्च को दोहा समयानुसार सुबह 9:00 बजे (06:00 UTC) तक इस संबंध में और जानकारी दी जाएगी।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उसने रियाद के उत्तर-पूर्व में एक और ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया है। यह घटना मंत्रालय द्वारा रियाद के पूर्व में तीन ड्रोन गिराए जाने की जानकारी देने के बाद हुई है।
ईरान के हमले में कुवैत के 67 जवान घायल हो गए हैं। वहीं सैकड़ों मिसाइलें और ड्रोन टारगेट पर पहुंचने से पहले ही नष्ट कर दिए हैं। कुवैत के सरकारी संचार केंद्र की एक ब्रीफिंग में शुक्रवार को रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी। रक्षा मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता सऊद अल-अतवान ने कहा कि घायल लोगों का अस्पताल में इलाज जारी है और उनकी हालत स्थिर है। उन्होंने आगे कहा कि दो लोगों को अभी भी मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
इस्राइल सेना का कहना है कि उसने दक्षिणी बेरूत के धाहियेह इलाके में 26 राउंड हमले किए हैं। दावा है कि उसने हिज्बुल्ला के इस्तेमाल किए जाने वाले अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया है, जिसमें समूह की कार्यकारी परिषद का मुख्यालय और ड्रोन वाला एक वेयरहाउस शामिल है। वहीं लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार सोमवार से बेरूत समेत लेबनान पर हुए हमलों में कुल 123 लोग मारे गए हैं और 683 घायल हुए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को एक शीर्ष अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा कि अमेरिका ने चल रहे युद्ध के दौरान 30 से अधिक ईरानी जहाजों को डुबो दिया है, जबकि तेहरान की सेनाओं द्वारा बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों में काफी कमी आई है।
रॉयटर्स ने एडमिरल ब्रैड कूपर के हवाले बताया कि 30 से अधिक जहाज डुबो दिए हैं, और पिछले कुछ घंटों में ही हमने एक ईरानी ड्रोन वाहक पोत को निशाना बनाया है, जिसका आकार लगभग द्वितीय विश्व युद्ध के विमानवाहक पोत के बराबर है। और इस समय उसमें आग लगी हुई है।
ईरान ने इस्राइल पर क्लस्टर बम गिराए हैं। जिसका वीडियो सामने आया है। गुरुवार रात कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इनमें क्लस्टर बम लगे थे।
सऊदी अरब ने रियाद के पूर्व में तीन ड्रोन नष्ट कर दिए हैं। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर एक प्रवक्ता के हवाले से पोस्ट किया, जिसमें कहा कि रियाद क्षेत्र के पूर्व में तीन ड्रोन को रोका गया और नष्ट कर दिया गया।
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार जॉर्डन के इरबिद शहर में हवाई रक्षा बलों ने कई ड्रोन मार गिराए हैं।
इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के एक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान लंबे युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है और ऐसे एडवांस्ड हथियार लाने वाला है जिनका अभी तक इस लड़ाई में इस्तेमाल नहीं हुआ है। एक बयान में ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने कहा कि ईरान के दुश्मनों को आने वाले हमलों की नई लहर में दर्दनाक वार की उम्मीद करनी चाहिए।उन्होंने कहा कि ईरान की नई कोशिशें और हथियार आने वाले हैं। इन टेक्नोलॉजी का अभी बड़े पैमाने पर इस्तेमाल नहीं किया गया है।
लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्लाह ने शुक्रवार की सुबह इस्रइली जमीनी बलों को निशाना बनाकर किए गए हमलों की जिम्मेदारी ली है, जिनमें वे बल भी शामिल हैं, जो हाल के दिनों में लेबनान की धरती में प्रवेश कर चुके हैं।
टेलीग्राम पर एक बयान में हिज्बुल्लाह ने कहा कि उसके लड़ाकों ने मारौन अल-रस और कफर किला सहित कई क्षेत्रों में इस्रइली सेना को निशाना बनाया है, जो पहले से ही लेबनानी क्षेत्र के भीतर हैं। बयान में कहा गया है कि हिज्बुल्लाह ने कब्जे वाले गोलान हाइट्स में इस्राइल के योआव सैन्य शिविर और हाइफा बंदरगाह में एक नौसेना अड्डे को भी निशाना बनाया। फिलहाल किसी के हताहत होने की तत्काल खबर नहीं मिली है। इससे पहले हिज्बुल्लाह ने लेबनान के साथ विवादित सीमा पर रहने वाली इस्राइली बस्तियों के निवासियों को खाली करने की चेतावनी जारी की थी।
ईरान की अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने बताया है कि बहरीन की राजधानी मनामा पर रात भर हुए हमलों में शहर के फाइनेंशियल हार्बर टावर्स वाणिज्यिक परिसर को निशाना बनाया गया। समाचार एजेंसी ने कहा कि परिसर पर हमला इसलिए किया गया क्योंकि शहर में इस्राइली दूतावास वहीं स्थित था। रॉयटर्स समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार परिसर के आसपास एक ईरानी ड्रोन को रोका गया और नष्ट कर दिया गया।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई और अबू धाबी सहित पश्चिम एशिया के सात प्रमुख हवाई अड्डों पर 19,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। फ्लाइटराडार24 के आंकड़ों के अनुसार 1, 2 और 3 मार्च को सबसे अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जिनकी संख्या प्रत्येक दिन 3,300 से अधिक रही।
इस डेटा में दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दुबई, कतर), हमाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दोहा, कतर), जायद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अबू धाबी, यूएई), शारजाह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (शारजाह, यूएई), कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (कुवैत सिटी, कुवैत), बहरीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (मनामा क्षेत्र, बहरीन) और अल मकतूम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (दुबई, यूएई) की उड़ानें रद्द होने की जानकारी शामिल है।
28 फरवरी से अब तक रद्द हुई उड़ानें
कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरों के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसने कुवैत में अपने दूतावास में कामकाज निलंबित कर दिया है। हालांकि अमेरिकी कर्मियों के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि वायु रक्षा बलों ने दोहा में अल उदैद हवाई अड्डे को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। इससे पहले अधिकारियों ने एक अलर्ट जारी कर चेतावनी दी थी कि सुरक्षा खतरे का स्तर बढ़ गया है, जिसके तहत लोगों को घर के अंदर रहने की जरूरत पर जोर दिया।
गुरुवार को इस्राइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हमला किया, इसके पहले वहां के सभी निवासियों को तुरंत अपने घर खाली करने का आदेश दिया। लेबनान की राजधानी में सड़कें जाम हो गईं क्योंकि लोग डर के मारे भागने की कोशिश कर रहे थे और सेना ने यह भी तय किया कि कौन से रास्ते सुरक्षित हैं। इस हमले के पीछे पिछले सप्ताह ईरान पर अमेरिका और इस्राइल के हमलों के बाद शुरू हुए संघर्ष का असर है।
हिजबुल्ला ने सोमवार को एक साल बाद इस्राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया, जिस पर इस्राइल ने दक्षिणी लेबनान और बीरेूत के उपनगरों में जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष में अब तक 123 लोगों की जान जा चुकी है और 83,000 से ज्यादा लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। इस्राइल के कड़े रुख वाले वित्त मंत्री बेज़ेल स्मोट्रिच ने चेतावनी दी कि हेज़बोल्लाह के नियंत्रण वाले ये इलाके गाजा के खान यौनिस जैसी तबाही झेल सकते हैं।
पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष बृहस्पतिवार को और फैल गया। ईरान ने एक और पड़ोसी अजरबैजान पर ड्रोन हमला किया। इनमें से एक हमला नखचिवान अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल भवन पर हुआ, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। वहीं, ईरान ने इस्राइली और अमेरिकी ठिकानों पर नए हमले किए। ईरान युद्ध के छठे दिन पश्चिम एशिया और इससे इतर 14 देशों तक इस संघर्ष की आंच पहुंच गई है।
इस्राइल ने ईरान में राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर हमले किए। ईरान पर इस्राइल व अमेरिकी हमले के बाद से अब तक ईरान में 1,230 लोगों की मौत हो चुकी है। इस्राइल ने माना कि ईरान ने उस पर कई मिसाइलें दागी हैं। तेल अवीव व येरूशलम में लगातार हमले के कारण सायरन बजते सुनाई दिए।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अजरबैजान पर दो ड्रोन दागे। ईरान ने हालांकि अजरबैजान पर हमले की बात नहीं कबूली है। अजरबैजान पर हमले से पहले ईरान, इस्राइल, अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई, बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान, लेबनान, साइप्रस, इराक व तुर्किये जंग की तपिश झेल चुके हैं। वहीं, ईरान के हमले में कुवैत में अमेरिका के 6 सैन्यकर्मी मारे जा चुके हैं। ईरान की ओर से इस्राइल पर हमलों में अब तक 10 मौतों की खबर है।
ईरान का शासन वर्षों से चेतावनी देता रहा कि अगर उसकी सुरक्षा को खतरा महसूस हुआ तो वह मध्य पूर्व में मिसाइल और ड्रोन हमला करेगा। अमेरिका और इस्राइल के युद्ध छेड़ने के बाद ईरान ने सैंकड़ों मिसाइलें और ड्रोन इस्राइल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और खाड़ी के ऊर्जा स्थलों पर दागे। इसका उद्देश्य डर पैदा करना और अमेरिका व इस्राइल के सहयोगियों पर दबाव बनाना है। हालांकि, मिसाइल और ड्रोन की संख्या सीमित है, और विरोधी देशों के पास उन्हें मार गिराने वाली मिसाइलें भी सीमित हैं।
लेबनान में इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच संघर्ष में अब तक कम से कम 102 लोग मारे गए हैं और 638 घायल हुए हैं। यह झड़पें हिज़बुल्ला द्वारा रविवार को उत्तरी इस्राइल पर रॉकेट दागने के बाद शुरू हुई थीं। इसके जवाब में इस्राइल ने पूरे क्षेत्र में बड़े हमले किए हैं।
अमेरिका के रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध से पश्चिम एसिया में कोई अराजकता नहीं फैली है। उन्होंने उन आलोचनाओं को खारिज किया जिसमें कहा जा रहा था कि अमेरिका और इस्राइल ने क्षेत्र में अस्थिरता पैदा की है। हेगसेथ ने बताया कि यूएई, कतर और सऊदी अरब ने अमेरिका का समर्थन करते हुए कहा है कि हम आपके साथ लड़ेंगे, उड़ान भरेंगे और रक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष प्रतिरोध की एकता को मजबूत कर रहा है और युद्ध का असर क्षेत्र में फैलने की बजाय कई मामलों में सरलता ला रहा है।
गाजा युद्ध के दौरान बार-बार निकासी और हमलों के कारण उत्तरी इस्राइल में व्यवसाय और पर्यटन प्रभावित हैं। कई व्यापार और वाइनरी बंद हैं। लेबनान से लगी सीमा पर सैनिकों और टैंकों की हरकत से लोग चिंतित हैं।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि हमलों में 4 स्वास्थ्यकर्मी मारे गए और 11 अस्पताल प्रभावित हुए। आपातकालीन सेवाएं और एंबुलेंस भी प्रभावित हुईं।
अमीरात एयरलाइंस ने दुबई से सीमित उड़ानों की घोषणा की। इस्राइल के बेन-गुरियन एयरपोर्ट ने भी चरणबद्ध पुनःखोलने की प्रक्रिया शुरू की। El Al ने विदेश में फंसे यात्रियों को वापसी की उड़ानों में शामिल करना शुरू किया, लेकिन बाहर जाने वाली उड़ानें अभी बंद हैं।
इस्राइल के रक्षात्मक मंत्री बेजालेल स्मोट्रिच ने कहा कि लेबनान के दक्षिणी इलाके, जहां हिजबुल्ला है, खान यूनिस (गाजा) जैसा तबाह हो जाएगा। सेना ने वहां के निवासियों को तुरंत अपने घर छोड़ने की चेतावनी दी। स्मोट्रिच ने कहा कि आपने हमारे ऊपर नरक लाने की कोशिश की, हम आपके ऊपर नरक लाएंगे।
पश्चिमी तट में ईरानी युद्ध के बीच इस्राइली बस्तियों द्वारा फ़लस्तीनी समुदायों पर हमले बढ़ गए हैं। शनिवार से मंगलवार के बीच 37 फ़लस्तीनी इलाकों में 50 हिंसक घटनाएं हुईं, जिसमें गोलीबारी, हमले और संपत्ति को नुकसान शामिल है। संगठन का कहना है कि युद्ध का लाभ उठाकर फ़लस्तीनी को उनके जमीन से हटाया जा रहा है।
युद्ध के छठे दिन, तेहरान में पुलिस स्टेशन और जिम पर बमबारी हुई। लोग किराने, दवा और पेट्रोल खरीदने भाग रहे हैं। अधिकारियों ने जरूरी सामान को जमा करने से बचने की चेतावनी दी। कई मेट्रो स्टेशनों को बम शेल्टर में बदल दिया गया है। मृत सुरक्षा कर्मियों की देशभर में अंत्येष्टि हुई।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा कि अमेरिका हर घंटे ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमताओं को नष्ट कर रहा है। उन्होंने इस्राइल के शानदार सहयोगियों का धन्यवाद किया, जो उनके मुताबिक़ दुश्मन को पूरी तरह से खत्म कर रहे हैं। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की अब कोई एयर फोर्स या वायु रक्षा नहीं बची है और उनके सभी विमान नष्ट हो गए हैं, हालांकि उन्होंने इसके प्रमाण नहीं दिखाए। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राजनयिकों से दुनिया भर की अपनी राजदूतियों से बाहर निकलकर शरण लेने की अपील की है। साथ ही ट्रंप ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडरों से कहा कि वे पद छोड़ दें। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर वे ऐसा करेंगे तो उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी, लेकिन अगर वे न मानें तो उन्हें मौत का सामना करना पड़ेगा।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फंसे नागरिकों को वापस लाने के लिए भेजा गया एयर फ्रांस का विमान मिसाइल खतरे के चलते उड़ान पूरा नहीं कर सका और लौटना पड़ा। फ्रांस के परिवहन मंत्री फिलिप टबारो ने बताया कि विमान को सुरक्षा कारणों से यूएई तक पहुंचने से पहले ही वापस लौटना पड़ा। अधिकारियों ने कहा कि इस तरह के खतरे को देखते हुए यात्रियों और विमान की सुरक्षा सर्वोपरि है।
इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने पोस्ट कर बताया कि हिजबुल्ला के फायरपावर कमांडर जायद अली जुम्मा को बेरुत में निशाना बनाकर मार दिया गया। जुम्मा दक्षिण लेबनान में हिजबुल्ला की आर्टिलरी का प्रमुख था और वह लेबनान से इस्राइल की तरफ हजारों रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने के लिए जिम्मेदार था। आईडीएफ ने कहा कि जुम्मा ने 2015 में माउंट डोव पर एंटी-टैंक मिसाइल हमले का नेतृत्व भी किया था, जिसमें एक इस्राइली अधिकारी और एक सैनिक की मौत हुई थी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिजबुल्लाह से इस्राइल पर हमले बंद करने और इस्राइल से लेबनान में जमीनी अभियान न शुरू करने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका, इस्राइल और लेबनान के नेताओं से बात कर तनाव कम करने की कोशिश की है।
इस युद्ध का असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा है। पश्चिम एशिया के हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण अब तक करीब 25,000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं। इसके अलावा ओमान की खाड़ी और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के कारण तेल की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से गुजरता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार युद्ध के बाद से करीब 20,000 अमेरिकी नागरिक पश्चिम एशिया छोड़ चुके हैं। इनमें से ज्यादातर लोग अपने स्तर पर क्षेत्र से बाहर निकले हैं। सरकार ने भी कुछ चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था शुरू की है ताकि जो लोग अभी भी वहां फंसे हैं उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
दक्षिण काकेशस क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। अजरबैजान ने आरोप लगाया है कि ईरान के ड्रोन ने उसके नखचिवान क्षेत्र में हमला किया, जिससे एक एयरपोर्ट की इमारत को नुकसान हुआ और चार लोग घायल हो गए। अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने इसे आतंक और आक्रामकता बताया और कहा कि सेना को जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार रहने का आदेश दिया गया है। हालांकि ईरान ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि उसने अजरबैजान की ओर कोई ड्रोन नहीं भेजा।
इस्राइल और लेबनान के हिजबुल्ला के बीच भी लड़ाई तेजी से बढ़ रही है। इस्राइली सेना ने बेरूत के दक्षिणी इलाकों के लोगों को तुरंत अपने घर छोड़ने की चेतावनी दी है। संयुक्त राष्ट्र शांति सेना ने बताया कि दक्षिणी लेबनान में जमीनी लड़ाई और विस्फोट देखे और सुने गए हैं। इस्राइल ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में उसने लेबनान में हिजबुल्ला के करीब 80 ठिकानों को निशाना बनाया है, जिनमें कमांड सेंटर भी शामिल हैं।
ईरान के हमलों का असर पूरे खाड़ी क्षेत्र में दिखाई दे रहा है। संयुक्त अरब अमीरात में अबू धाबी के पास स्थित अल धफरा एयर बेस के पास एक ड्रोन को मार गिराया गया, जिससे गिरा मलबा जमीन पर गिरा और छह लोग घायल हो गए। बहरीन ने बताया कि उसने युद्ध शुरू होने के बाद से 75 बैलिस्टिक मिसाइल और 124 ड्रोन को इंटरसेप्ट किया है। हालांकि एक मिसाइल वहां की सरकारी तेल रिफाइनरी से टकरा गई, जिससे आग लग गई। बाद में आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। कतर ने भी एहतियात के तौर पर दोहा में अमेरिकी दूतावास के पास के इलाकों को खाली कराया।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच अमेरिका ने कुवैत में अपना दूतावास अस्थायी रूप से बंद करने का फैसला किया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने यह घोषणा ईरान के जवाबी हमलों के बाद की है। दरअसल युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान लगातार मिसाइल और ड्रोन से खाड़ी के कई देशों को निशाना बना रहा है, जिनमें कुवैत भी शामिल है। रविवार को कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हुए एक ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद सुरक्षा खतरे को देखते हुए दूतावास को बंद करने का निर्णय लिया गया। अमेरिका ने कहा है कि हालात सामान्य होने तक दूतावास की गतिविधियां रोक दी जाएंगी और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
पश्चिम एशिया में युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को ईरान ने इस्राइल, अमेरिकी सैन्य ठिकानों और क्षेत्र के कई देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर शुरू कर दी। इसके साथ ही अमेरिका और इस्राइल भी ईरान के अंदर लगातार हवाई हमले कर रहे हैं। इन हमलों में ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल लॉन्च साइटों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक ईरान में लगभग 1,230 लोगों की मौत, लेबनान में 100 से ज्यादा और इस्राइल में करीब एक दर्जन लोगों की जान जा चुकी है। ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि अमेरिकी नौसेना ने हिंद महासागर में उसकी युद्धपोत आईरिस डेना को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 87 नौसैनिक मारे गए।