लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच हालिया संघर्ष शुरू होने के बाद से इस्राइली हमलों में 100 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है। मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस संघर्ष में कुल 773 लोगों की जान जा चुकी है। मृतकों में 62 महिलाएं भी शामिल हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि संघर्ष के दौरान 1,900 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इस्राइल और हिजबुल्ला के बीच जारी हमलों के कारण लेबनान के कई इलाकों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। लगातार हो रहे हमलों का असर आम नागरिकों पर भी पड़ा है।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारिजानी ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बयान पर तंज कसा है। हेगसेथ ने कहा था कि ईरान के नेता चूहों की तरह छिप रहे हैं। इसके जवाब में लारिजानी ने कहा कि ईरान के नेता जनता के बीच मौजूद हैं और हाल ही में तेहरान की रैली में भी दिखे। उन्होंने अमेरिका पर व्यंग्य करते हुए कहा कि उनके नेता तो एपस्टीन के द्वीप पर रहते हैं।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया है कि उसने लेबनान के संगठन हिजबुल्ला के साथ मिलकर इस्राइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। IRGC के अनुसार इस ऑपरेशन में खैबर शिकन नाम की सटीक निशाना लगाने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। यह कार्रवाई अल-कुद्स डे के मौके पर की गई, जो फिलिस्तीनी मुद्दे के समर्थन में मनाया जाता है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इस्राइल इस युद्ध के जरिए ईरान को कमजोर करना और उसे तोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और जायोनी शासन की मंशा ईरान और बड़े इस्लामी देशों को अस्थिर करना है। उनका कहना है कि ईरान इन प्रयासों का सामना करेगा।
इस्राइल के तेल अवीव क्षेत्र में ईरानी मिसाइल हमले के बाद आग लगने की खबर है। स्थानीय मीडिया के अनुसार हमले के दौरान मिसाइल के टुकड़े कई जगह गिरे, जिसके बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल को सुरक्षित कर रही हैं। यह हमला ईरान-इस्राइल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच हुआ है।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन संभवतः ईरान की कुछ हद तक मदद कर रहे हैं। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि हो सकता है रूस थोड़ी सहायता कर रहा हो, क्योंकि रूस को लगता है कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर रहा है। हालांकि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने पहले कहा था कि रूस ने ईरान को कोई खुफिया जानकारी देने के आरोपों से इनकार किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी सेना ईरान के ठिकानों पर बड़े और कड़े हमले करेगी। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगले एक हफ्ते में ईरान पर बहुत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब तीसरे हफ्ते में पहुंच चुका है और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए KC-135 ईंधन भरने वाले विमान में सवार सभी छह क्रू मेंबर की मौत हो गई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि यह हादसा पश्चिमी इराक में हुआ और इसकी जांच जारी है। सेना के अनुसार विमान के गिरने की वजह न तो दुश्मन का हमला था और न ही किसी प्रकार की दोस्ताना फायरिंग। पहले चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी और दो लापता थे, जिनकी अब मौत की पुष्टि कर दी गई है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक और हमले की खबर सामने आई है। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक एक जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया, जिसके बाद जहाज में आग लग गई। पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में कई जहाजों पर हमले हो चुके हैं, क्योंकि ईरान इस रणनीतिक समुद्री रास्ते को बंद करने की कोशिश कर रहा है। इससे वैश्विक तेल कीमतों में तेज उछाल भी देखा जा रहा है। ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने कहा है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की रणनीति आगे भी जारी रखी जाएगी।
बहरीन हवाई क्षेत्र के बंद रहने के कारण गल्फ एयर की उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित रहेंगी। बीसीएए द्वारा सुरक्षित रूप से हवाई क्षेत्र खोलने की पुष्टि होने पर सेवाएं फिर से शुरू हो जाएंगी।
इस्राइली हवाई हमलों में दक्षिणी लेबनान के टायर के पास अब्बासिय्ये में एक घर नष्ट हो गया है। इस्राइली सेना द्वारा निवासियों को इलाका खाली करने की धमकी जारी करने के लगभग एक घंटे बाद हवाई हमले किए गए।
नाटो ने पुष्टि की है कि उसने ईरान से दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया जो तुर्किये की ओर जा रही थी। युद्ध शुरू होने के बाद यह तीसरी बार है जब ऐसी मिसाइल को रोका गया है। नाटो ने कहा कि वह अपने सभी सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है।
इस्राइली सेना ने कहा है कि ईरान ने एक बार फिर मिसाइलों की नई खेप इस्राइल की ओर दागी है। सेना के मुताबिक देश की रक्षा प्रणाली इन मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रही है और प्रभावित इलाकों में लोगों के मोबाइल पर अलर्ट भेजे जा रहे हैं। ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने भी मिसाइल हमले की पुष्टि की है।
श्रीलंका ने घोषणा की है कि वह अमेरिकी हमले में मारे गए 84 ईरानी नाविकों के शव वापस ईरान भेजेगा। ये नाविक उस समय मारे गए थे जब एक ईरानी युद्धपोत को अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से निशाना बनाया था। ईरान इन शवों को लेने के लिए चार्टर्ड विमान भेज रहा है और जल्द ही इन्हें स्वदेश पहुंचाया जाएगा।
इराक के एरबिल क्षेत्र में हुए हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई। फ्रांसीसी सेना के अधिकारी ने बताया कि यह हमला ईरान के शाहेद ड्रोन से किया गया था। मारे गए सैनिक का नाम अरनॉ फ्रियोन था और उनकी उम्र 42 साल थी। मौजूदा संघर्ष में किसी फ्रांसीसी सैनिक की यह पहली मौत मानी जा रही है।
दक्षिणी लेबनान के कंतारा और कबरिखा कस्बों पर इस्राइल ने दो हवाई हमले किए। इस दौरान इस्राइली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्ला के एयर यूनिट के सदस्य मुरतजा सरूर को मार गिराया है। सेना के मुताबिक यह कार्रवाई लेबनानी यूनिवर्सिटी के पास की गई। क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को देश के हवाई क्षेत्र में घुसे 56 ड्रोन को मार गिराया गया। इनमें से एक ड्रोन राजधानी रियाद के अत्यधिक सुरक्षित राजनयिक क्षेत्र के पास पहुंचने की कोशिश कर रहा था। मंत्रालय के अनुसार गुरुवार शाम तक पिछले 24 घंटों में 53 ड्रोन और 5 बैलिस्टिक मिसाइलों को भी नष्ट किया गया था। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ये ड्रोन किसने भेजे थे।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार दक्षिणी शहर सिदोन में एक रिहायशी इमारत पर इस्राइल के हमले में कम से कम 8 लोगों की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए। यह हमला शहर के पूर्वी इलाके अल-फौअर में हुआ। हमले से पांच मंजिला इमारत को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के इलाके में भी तबाही मच गई।
जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साफ कहा है कि उनका देश ईरान से जुड़े युद्ध का हिस्सा नहीं बनना चाहता। उन्होंने कहा कि जर्मनी का इस संघर्ष से कोई लेना-देना नहीं है और वह इसमें शामिल होने का इरादा भी नहीं रखता। नॉर्वे दौरे के दौरान उन्होंने यह बयान तब दिया जब उनसे पूछा गया कि क्या जर्मनी हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा के लिए सैन्य मदद देगा। मर्ज ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं है कि जर्मनी इस युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाए।
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, 'ईरान ने जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। यह खुला है; हालांकि, मौजूदा परिस्थितियों के कारण जहाज होर्मुज से गुजरने में असमर्थ हैं। वैसे भी, ईरान कभी नहीं चाहता था कि जलडमरूमध्य बंद या अवरुद्ध हो। कुछ जहाज अभी भी गुजर रहे हैं।'
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिकी-इस्राइली हमलों में कम से कम 1,444 लोग मारे गए हैं और 18,551 लोग घायल हुए हैं।
भात सरकार ने शुक्रवार को पुष्टि की कि खाड़ी युद्ध के बीच एक भारतीय ध्वज वाला तेल टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर गया, जबकि 27 अन्य अभी भी संघर्षग्रस्त जलक्षेत्र में फंसे हुए हैं। सरकार ने बताया कि युद्ध जारी है और इस दौरान तीन भारतीय नाविक मारे गए हैं और एक अभी भी लापता है। सरकार ने यह भी बताया कि इन जहाजों पर 700 से अधिक नाविक सवार हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो फारस की खाड़ी को वैश्विक बाजारों से जोड़ता है, बढ़ते तनाव के कारण सरकारों और जहाजरानी कंपनियों के लिए चिंता का केंद्र बन गया है।
ईरान समेत आठ प्रमुख मुस्लिम विकासशील देशों का शिखर सम्मेलन, जो अगले महीने जकार्ता में होना था, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण स्थगित कर दिया गया है। डी-8 आर्थिक सहयोग संगठन, जिसमें बांग्लादेश, मिस्र, इंडोनेशिया, ईरान, मलेशिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान और तुर्किये शामिल हैं, की स्थापना 1997 में दक्षिण-पूर्व एशिया से लेकर अफ्रीका तक फैले देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए की गई थी। अजरबैजान 2025 में इस संगठन में शामिल हुआ। विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी त्रि थारयात ने बताया कि सम्मेलन की नई तारीख पर अभी चर्चा नहीं हुई है। यह सम्मेलन 13-15 अप्रैल को आयोजित होने वाला था।
चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह ईरान में चल रहे अमेरिका-इस्राइल के संयुक्त हमलों में मारे गए छात्रों को आपातकालीन मानवीय सहायता के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर प्रदान करेगा। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने यहां एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि चीन ईरान के प्राथमिक स्कूल पर हुए हालिया हमले में मारे गए छात्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है और उनके परिवारों के प्रति हार्दिक सहानुभूति व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सोसाइटी ऑफ चाइना ने ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी को आपातकालीन मानवीय सहायता के रूप में 200,000 अमेरिकी डॉलर प्रदान करने का निर्णय लिया है।
लद्दाख में 'यौम-ए-कुद्स' के अवसर पर लेह में हजारों लोग एकत्रित हुए और इस्राइल और अमेरिका के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के विरोध में एक विरोध मार्च निकाला।
ईरान में 'यौम-ए-कुद्स' के अवसर पर तेहरान में हजारों लोग जमा हुए और इस्राइल और अमेरिका के हमलों में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के विरोध में प्रदर्शन किया। ईरान की जनता इस्राइल-अमेरिका की तरफ से देश पर किए गए हमलों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है।
अमेरिकी केंद्रीय संचार बल (यूएस सेंटकॉम) का कहना है कि पश्चिमी इराक में दुर्घटनाग्रस्त हुए केसी-135 ईंधन भरने वाले विमान के बचे हुए चालक दल के सदस्यों को बचाने के प्रयास जारी हैं। चार चालक दल के सदस्यों की मौत की पुष्टि करने के साथ-साथ, उन्होंने यह भी कहा कि विमान का दुर्घटनाग्रस्त होना दुश्मन की गोलीबारी या मित्रवत गोलीबारी के कारण नहीं था। मृतक कर्मियों की पहचान उनके परिवारों को सूचित किए जाने के 24 घंटे बाद तक गुप्त रखी जा रही है। इससे पहले यूएस सेंटकॉम ने कहा था कि इस घटना में दो विमान शामिल थे, जिनमें से दूसरा विमान सुरक्षित उतर गया था।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने लेबनान सरकार को अपनी चेतावनी दोहराते हुए कहा है कि जब तक हिजबुल्लाह को निरस्त्र नहीं किया जाता, इस्राइल लेबनान पर हमले तेज करता रहेगा। लिटानी नदी पर बने जरारिया पुल पर इस्राइली हमले के बाद काट्ज ने कहा कि यह तो बस शुरुआत है। इस्राइल के यनेट न्यूज के अनुसार काट्ज ने कहा कि लेबनान सरकार, जिसने हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं की, उसे हिजबुल्लाह द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे पर हमलों और क्षेत्रीय नुकसान के रूप में बढ़ती कीमत चुकानी होगी।
ईरान की सेना ने दावा किया है कि उसने इस्राइल के बेअरशेबा शहर में स्थित एक इस्राइली सैन्य अड्डे पर ड्रोन हमले किए हैं। तस्नीम समाचार एजेंसी द्वारा जारी बयान में ईरानी सेना ने कहा है कि आने वाले घंटों में इस्राइली सैन्य ठिकानों पर और हमले जारी रहेंगे।
ईरान की राजधानी तेहरान के फिरदौसी चौक पर शुक्रवार को उस वक्त बड़ा धमाका हुआ जब वहां प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा थी। एपी के अनुसार ईरानी सरकारी टेलीविजन ने इस धमाके की पुष्टि की है। यह चौक तेहरान विश्वविद्यालय के पास इंकेलाब स्ट्रीट पर स्थित है, जहां वार्षिक कुद्स दिवस यानी येरुशलम दिवस के प्रदर्शन हो रहे थे। धमाके से ठीक पहले तेहरान के आसपास तीव्र हवाई हमले शुरू हो गए थे और इस्राइल ने भी इस इलाके पर हमले की चेतावनी दी थी। धमाके के बावजूद हजारों लोग सड़कों पर "इस्राइल मुर्दाबाद" और "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगाते रहे। धमाके का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका है।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि उसने तेहरान, शिराज और अहवाज में एक साथ हमले किए हैं। सेना के अनुसार इन तीनों शहरों में हथियारों के उत्पादन और भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया है।
दक्षिण-पूर्वी लेबनान के शेबा कस'बे के बाहरी इलाके में इस्राइली ड्रोन हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने यह जानकारी दी है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना के अनुसार, भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अराघची के बीच फोन पर बातचीत हुई हैं। दोनों के बीच युद्ध तथा क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की। इस दौरान अराघची ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के समर्थन में ब्रिक्स की भूमिका पर जोर दिया, जिसके दोनों देश सदस्य हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संस्थाओं से ईरान पर अमेरिका-इस्राइली हमलों की निंदा करने का भी आह्वान किया। वहीं जयशंकर ने उम्मीद जताई कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत कर सकते हैं तथा क्षेत्र में स्थायी स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के रास्ते तलाशने की अहमियत पर जोर दिया।
इस्राइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया है कि अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक कम से कम 2,975 लोग घायल हो चुके हैं।
ईरान के रेड क्रिसेंट सोसायटी के प्रमुख ने बताया है कि अमेरिका-इस्राइली हमलों में अब तक 24,531 नागरिक इकाइयां क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें से 19,775 आवासीय इकाइयां हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने यह जानकारी दी है।
इस्राइली वायुसेना ने बताया है कि पिछले 24 घंटों में उसने पश्चिमी और मध्य ईरान में 200 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं। वायुसेना ने कहा कि सैन्य खुफिया विभाग के मार्गदर्शन में दर्जनों लड़ाकू विमानों ने पश्चिमी और मध्य ईरान में व्यापक हमले किए, जिनमें बैलिस्टिक मिसाइल लांचर, रक्षा प्रणालियां और युद्ध सामग्री उत्पादन केंद्रों सहित 200 से अधिक ठिकानों पर बड़ी मात्रा में हथियार गिराए गए। वायुसेना ने यह भी बताया कि ऑपरेशन रोर ऑफ द लायन की शुरुआत से अब तक सैकड़ों हमले किए जा चुके हैं, जिनका मकसद इस्राइल पर होने वाले हमलों की तीव्रता को कम से कम करना है।
दक्षिणी लेबनान के तैर फेलसाय इलाके में इस्राइली हमले की चपेट में एक एंबुलेंस आ गई है। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया है कि इस हमले में एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
लेबनान की बेका घाटी के बार एलियास इलाके में एक अपार्टमेंट पर इस्राइली हमले में दो लोगों की मौत हो गई है और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं। लेबनान की राष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने बताया है कि यह हमला इस्लामिक ग्रुप के एक अधिकारी को निशाना बनाकर किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया जबकि उसके दोनों बेटों की मौत हो गई।
दक्षिणी इस्राइल में हवाई हमले के सायरन बज उठे हैं। इस्राइली मीडिया ने बताया है कि अधिकारियों ने ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने का पता लगाने के बाद यह अलर्ट जारी किया गया।
इस्राइल के जारजिर शहर (जेरूसलम से लगभग 100 किलोमीटर उत्तर और लेबनान की सीमा के पास) में मिसाइल हमले में 58 लोग घायल हुए हैं। घायलों में से एक व्यक्ति की स्थिति गंभीर बताई गई है, जबकि 57 लोगों को केवल कांच के टुकड़ों से मामूली चोटें आई हैं। हमले के बाद के वीडियो में तबाह हुई कारें और बिखरा हुआ मलबा दिखा। इस्राइली सेना ने कहा कि वह आपात सेवाओं के साथ मिलकर मलबा साफ करने का काम कर रही है। हमले की जिम्मेदारी हिजबुल्ला ने ली और कहा कि उसने उत्तरी इस्राइल और लेबनान के दक्षिण में तैनात इज़राइली सैनिकों पर कई रॉकेट दागे।
दुबई में शुक्रवार को तेज धमाकों से इमारतें हिल गईं और शहर के एक केंद्रीय हिस्से में घना काला धुआं उठ गया। मीडिया रिपोर्टस में बताया गया है कि इस हमले से शहर में दोहरे जोरदार धमाके सुन गए, जिन्होंने इमारतों को हिला दिया और काले धुएं का बड़ा बादल शहर के केंद्रीय इलाके में फैल गया। दुबई मीडिया ऑफिस ने कहा कि इन धमाकों को रोकने की कार्रवाई के दौरान निकला मलबा शहर के एक केंद्रीय भवन के बाहर मामूली नुकसान का कारण बना।
दक्षिण कोरिया पश्चिम एशिया में ऊर्जा संकट के बीच कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए ऊर्जा वाउचर देने पर विचार कर रहा है। यह घोषणा देश के उद्योग मंत्री किम जुंग-क्वान ने शुक्रवार को की। मंत्री किम ने कहा कि सरकार ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का बोझ कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगी। इसके अलावा, सरकार क्रूड ऑयल से बने उत्पाद नेफ्था के निर्यात को भी सीमित करने पर विचार कर रही है। नेफ्था का इस्तेमाल प्लास्टिक निर्माण और औद्योगिक सफाई के कच्चे माल में होता है। दक्षिण कोरिया लगभग अपनी सभी जीवाश्म ईंधन की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है और यह दुनिया के शीर्ष क्रूड ऑयल आयातकों में से एक है।
इस्राइल की सेना ने कहा है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक हमला किया, जिसका उद्देश्य हिजबुल्ला के एक सदस्य को निशाना बनाना था। सेना ने यह नहीं बताया कि हमला कितना सफल रहा और शहर के किस हिस्से में यह किया गया। बेरूत और देश के अन्य हिस्सों में पिछले कई दिनों से इस्राइ के भारी हवाई हमले जारी हैं, जिससे इलाके में तबाही और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बढ़ गया है।
लेबनान के दक्षिणी शहर अब्बा में इस्राइल के हमले में एक महिला आतफ मुआल्लेम सबरा की मौत हो गई। इस हमले में उनकी पति भी घायल हो गए। लेबनान की नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, यह हमला परिवार के घर को निशाना बनाकर किया गया। अभी तक हमले के पीछे के कारण और अन्य नुकसान की पूरी जानकारी नहीं मिली है। इस घटना ने दक्षिणी लेबनान में सुरक्षा की स्थिति को और नाजुक बना दिया है और नागरिकों में डर बढ़ा दिया है।
ईरान के पश्चिमी शहर अरक में इस्राइल के हवाई हमले में एक महिला और एक बच्चे की मौत हो गई। यह हमला शहर के एक आवासीय भवन को निशाना बनाकर रात में किया गया। शहर के उप-गवर्नर ने बताया कि इस हमले में 35 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। अभी तक हमले के पीछे के कारण और अन्य नुकसान की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव और नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता को और बढ़ा देती है।
इराक के उत्तरी कुर्द इलाके एरबिल में हुए एक हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई है। इस बात की जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को दी। रिपोर्ट के मुताबिक, एरबिल में ड्रोन से हमला किया गया था। इस हमले में पहले छह फ्रांसीसी सैनिकों के घायल होने की खबर सामने आई थी। बाद में पुष्टि हुई कि इस हमले में एक सैनिक की जान भी चली गई।
अरबिल में फ्रांसीसी सैनिक एक बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन के तहत तैनात हैं। यह मिशन इराकी सेना की मदद के लिए बनाया गया है, ताकि वे आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के आतंकियों के खिलाफ लड़ाई जारी रख सकें। फ्रांस सहित कई देशों की सेनाएं इराक में आतंकवाद के खिलाफ अभियान में शामिल हैं और स्थानीय सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण व सहयोग दे रही हैं।
संयुक्त राष्ट्र के 12 स्वतंत्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान और लेबनान पर किए जा रहे सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। विशेषज्ञों ने संयुक्त बयान में कहा कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन हैं और इससे पूरे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हिंसा फैलने का खतरा बढ़ सकता है। विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल को युद्ध का विस्तार रोकना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए।
इराक के एरबिल क्षेत्र में हुए एक हमले में फ्रांस के एक सैनिक की मौत हो गई, जबकि कई अन्य सैनिक घायल हो गए। इस घटना की जानकारी फ्रांस के राष्ट्रपति मौक्रों ने दी। मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मृतक सैनिक के परिवार और उसके साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि राष्ट्र मृतक सैनिक के परिवार और उसके साथियों के साथ खड़ा है। राष्ट्रपति ने बताया कि इस हमले में कई फ्रांसीसी सैनिक घायल भी हुए हैं और फ्रांस उनके तथा उनके परिवारों के साथ एकजुटता से खड़ा है। मैक्रों ने कहा कि फ्रांसीसी सैनिक इराक में आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत तैनात हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में जारी युद्ध ऐसे हमलों को उचित नहीं ठहरा सकता।
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने देश की हवाई सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश कर रहे 28 ड्रोन को मार गिराया है। मंत्रालय के अनुसार ये ड्रोन हाल ही में देश के हवाई क्षेत्र में दाखिल हुए थे, जिन्हें तुरंत पहचानकर नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सभी ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर लिया गया और किसी तरह के नुकसान की सूचना नहीं है। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टिप्पणी के बाद ईरान की राष्ट्रीय फुटबॉल टीम ने कड़ा जवाब दिया है। टीम ने कहा कि विश्व कप एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है और इसका संचालन फीफा करता है, कोई एक देश नहीं। ईरान ने कहा कि उसने शानदार प्रदर्शन के दम पर टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया है। टीम ने यह भी कहा कि किसी को भी ईरान को विश्व कप से बाहर करने का अधिकार नहीं है।
अमेरिका की मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनी स्ट्राइकर ने बताया कि बुधवार को उसके कंप्यूटर सिस्टम पर साइबर हमला हुआ, जिससे उसके कारोबार में व्यापक बाधा आई। इस हमले की जिम्मेदारी ईरान से जुड़े हैकर समूह हंदाला ने ली है। समूह ने कहा कि यह हमला दक्षिणी ईरान के मिनाब में एक स्कूल पर हुए हमले के जवाब में किया गया है। कंपनी के मुताबिक मरीजों से जुड़ी सेवाएं प्रभावित नहीं हुई हैं, जबकि मामले की जांच जारी है।
पश्चिम एशिया में चल रहे सैन्य अभियान के बीच इराक में अमेरिकी वायुसेना का एक रिफ्यूलिंग विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिकी सेना ने बताया कि यह विमान ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान का हिस्सा था। घटना में दो केसी-135 रिफ्यूलिंग विमान शामिल थे। इनमें से एक विमान सुरक्षित उतर गया, जबकि दूसरा पश्चिमी इराक में गिर गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि हादसा किसी दुश्मन हमले या मित्र सेना की गोलीबारी के कारण नहीं हुआ। बचाव अभियान जारी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने इस्राइल को नई चेतावनी दी है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी के एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर मेजर जनरल मजीद मौसवी ने कहा कि इस्राइल के लेवियाथन और करिश गैस फील्ड अब ईरान के निशाने पर हैं। उन्होंने कहा कि भूमध्य सागर में स्थित ये ऊर्जा परियोजनाएं अब संभावित सैन्य लक्ष्यों में शामिल हैं। मौसवी ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल ने आगे कोई और गलती की तो उसके खिलाफ नए मोर्चे खोले जाएंगे।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय मीडिया कंपनी ब्लूमबर्ग ने खाड़ी क्षेत्र में तैनात अपने कर्मचारियों को अस्थायी रूप से क्षेत्र छोड़ने की अनुमति दी है। कंपनी का क्षेत्रीय मुख्यालय दुबई में है, जहां हाल के दिनों में ईरानी ड्रोन हमलों की खबरें सामने आई हैं। कंपनी ने कहा कि कर्मचारी चाहें तो बाहर से काम कर सकते हैं। इसी तरह सिटीग्रुप, स्टैंडर्ड चार्टर्ड और लंदन स्टॉक एक्सचेंज ग्रुप ने भी दुबई में अपने कर्मचारियों को रिमोट काम करने की सलाह दी है। युद्ध के फैलते दायरे के कारण कंपनियां अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हो गई हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल की सेना ने ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू करने का दावा किया है। इस्राइली सेना के अनुसार राजधानी के विभिन्न हिस्सों में व्यापक हवाई हमले किए जा रहे हैं। इन हमलों का उद्देश्य ईरान के सैन्य और रणनीतिक ढांचे को निशाना बनाना बताया गया है। क्षेत्र में लगातार विस्फोटों की आवाजें सुनी जा रही हैं और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।
इस्राइल की सेना ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में रहने वाले लोगों को तुरंत इलाके खाली करने की चेतावनी दी है। सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता अविचाय अद्राई ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमरूसियेह इलाके के आसपास के भवनों को खाली कर दिया जाए। उनके अनुसार सेना जल्द ही एक इमारत को निशाना बना सकती है। चेतावनी के बाद इलाके में लोगों के बीच दहशत फैल गई और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच कतर ने ईरान से दागे गए मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने का दावा किया है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दो बैलिस्टिक मिसाइल, एक क्रूज मिसाइल और कई ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया। अधिकारियों के मुताबिक सभी प्रक्षेपास्त्र ईरान की ओर से दागे गए थे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि देश की सुरक्षा प्रणाली पूरी तरह सतर्क है और किसी भी खतरे से निपटने के लिए तैयार है।
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव की कड़ी आलोचना की है जिसमें खाड़ी देशों और जॉर्डन पर हमलों की निंदा की गई थी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाएई ने इसे पूरी तरह अवैध बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को तोड़ता है। ईरान का कहना है कि वह केवल अपने खिलाफ हुए हमलों के जवाब में आत्मरक्षा कर रहा है।
सऊदी अरब की रक्षा सेनाओं ने शायबह तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को बीच रास्ते में ही मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार ड्रोन को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया गया। इस कार्रवाई से देश के महत्वपूर्ण ऊर्जा ढांचे को संभावित नुकसान से बचा लिया गया। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा बल लगातार तेल प्रतिष्ठानों की निगरानी कर रहे हैं।
अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के सीनेटर क्रिस मर्फी ने ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में अमेरिका अपनी सैन्य शक्ति की सीमाओं को समझने में विफल रहा है। मर्फी ने आरोप लगाया कि अमेरिका बार-बार वही गलती दोहरा रहा है। उनके मुताबिक यह स्थिति चिंताजनक है और इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
ईरान के वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। लारीजानी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि युद्ध शुरू करना आसान होता है, लेकिन उसे खत्म करना कुछ ट्वीट से संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान पीछे हटने वाला नहीं है। उनके मुताबिक जब तक अमेरिका अपनी गलती स्वीकार नहीं करता और उसकी कीमत नहीं चुकाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा।