अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्हें लगता है कि सोमवार को ईरान के साथ समझौता होने की 'अच्छी संभावना' है। ट्रंप ने ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की अंतिम समयसीमा दी थी, वरना उसे भारी बमबारी का सामना करने को कहा था। राष्ट्रपति ने फॉक्स न्यूज के पत्रकार से कहा, मुझे लगता है कि कल अच्छी संभावना है। वे अभी बातचीत कर रहे हैं।
अमेरिकी-इस्राइली हमले में ईरानी सेना के वायु रक्षा कॉलेज के कमांडर मसूद जारे की मौत हो गई। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया। रिपोर्ट में कहा गया कि यह हमला ईरानी क्षेत्र में किया गया, जिसमें ब्रिगेडियर जनरल मसूद जारे मारे गए। इससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
ईरानी सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिण इस्राइल के डिनोमा इलाके के पास पेट्रोकेमिकल ठिकानों को निशाना बनाया। डिमोना वहीं जगह है, जहां माना जाता है कि इस्राइल की मुख्य परमाणु सुविधा है। पहले भी इस क्षेत्र पास हमलों की खबरें सामने आ चुकी हैं। ईरान ने यह भी कहा कि उसने कुवैत के बुबियान द्वीप पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों को ड्रोन से निशाना बनाया। हाल के दिनों में खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा और सैन्य ठिकानों पर हमले बढ़े हैं, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
टीवी उद्योग, जो पहले ही मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है, अब पश्चिम एशिया में चल रही भू-राजनीतिक तनाव की वजह से प्लास्टिक से लेकर समुद्री माल भाड़े तक की बढ़ती लागतों के चलते बिक्री में गिरावट की तैयारी कर रहा है। कुछ निर्माता इस बात की भी चिंता जता रहे हैं कि बढ़ती कीमतों के कारण खरीदार छोटे स्क्रीन साइज वाले टीवी की ओर रुख कर सकते हैं। इसके अलावा, रुपये के अवमूल्यन ने कुल उत्पादन लागत बढ़ा दी है, जिससे टीवी की खुदरा कीमतें भी बढ़ गई हैं।
बड़ी कंपनियों ने कुछ लागत का भार अपने ऊपर लिया है। कई कंपनियां पूरी लागत वृद्धि ग्राहकों पर नहीं डाल रही हैं, ताकि भारत के प्रतिस्पर्धी टीवी बाजार में अपनी हिस्सेदारी बनाए रख सकें। उपभोक्ता भी खरीदारी में देरी कर रहे हैं, लेकिन साल के दूसरे छमाही में त्योहारी सीजन में मांग में सुधार की उम्मीद है।
नेशनल न्यूज एजेंसी (NNA) के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के कफर हट्टा कस्बे में इस्राइली हवाई हमले में एक विस्थापित परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह परिवार पहले अपने घर से भागकर सुरक्षित जगह की तलाश में यहां आया था।
एपी की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात में एक पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमले के बाद आग लग गई। अबू धाबी अधिकारियों ने बताया कि बोरूज प्लांट में इंटरसेप्शन के दौरान गिरे मलबे की वजह से कई जगह आग भड़क उठी। अबू धाबी मीडिया ऑफिस के मुताबिक, नुकसान का आकलन होने तक प्लांट का संचालन तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया है। राहत की बात यह है कि अब तक किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी पायलट को बचाने के प्रयास को नाकाम कर दिया और इस दौरान कई अमेरिकी सैन्य विमानों को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई मध्य ईरान के इस्फहान के दक्षिणी इलाके में की गई।
ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिकी सेना ने गिराए गए पायलट को निकालने के लिए ईरान में घुसपैठ की कोशिश की थी, लेकिन ईरानी बलों ने संयुक्त अभियान चलाकर इस प्रयास को विफल कर दिया। ईरान के मुताबिक, इस कार्रवाई में दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर और एक C-130 सैन्य परिवहन विमान को निशाना बनाया गया, जो इस्फहान के दक्षिण में गिरकर जल गए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
लेबनान के संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने लेबनान तट से 68 समुद्री मील दूर एक इस्राइली युद्धपोत को निशाना बनाया। संगठन के मुताबिक, यह पोत लेबनान पर हमले की तैयारी कर रहा था। हिजबुल्ला ने कहा कि कई घंटों की निगरानी के बाद नौसैनिक क्रूज मिसाइल से हमला किया गया और सीधा निशाना साधा गया।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से एक बार फिर मिसाइलें दागी गई हैं। सेना के अनुसार, एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हैं और हमलों को नाकाम करने की कोशिश की जा रही है।
संयुक्त अरब अमीरात की नेशनल इमरजेंसी क्राइसिस और डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने कहा कि देश की वायु सुरक्षा मिसाइल खतरे से निपट रही है। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षित स्थान पर रहने और आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट्स व चेतावनियों का पालन करने का आग्रह किया।
ईरानी इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने फर्स न्यूज एजेंसी के अनुसार कहा कि इस्फहान शहर में MQ-9 रीपर ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। यह ड्रोन आमतौर पर अमेरिकी उपयोग में है और मध्यम ऊंचाई पर लंबी दूरी तक उड़ान भरने में सक्षम है।
इस्राइल की सेना ने बताया है कि ईरान की ओर से उसके देश की तरफ मिसाइलें दागी गई हैं। सेना के अनुसार, जैसे ही यह खतरा सामने आया, हवाई रक्षा सिस्टम तुरंत सक्रिय हो गए और मिसाइलों को हवा में ही रोकने की कोशिश की जा रही है। सेना ने लोगों को सावधान रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को भी कहा है। बताया गया है कि यह हमला ईरान की ओर से जारी जवाबी कार्रवाई का हिस्सा हो सकता है, क्योंकि दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है।
दुबई में ओरैकल के मुख्यालय पर हमला हुआ। यह हमला ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड की धमकी के बाद हुआ। दुबई मीडिया ऑफिस ने बताया कि यह एक छोटा हादसा था, जिसमें बाहरी हिस्से को नुकसान हुआ। किसी को चोट नहीं आई। गार्ड ने अमेरिकी टेक कंपनियों को ईरान के खिलाफ जासूसी और आतंकवाद में शामिल बताकर लक्षित किया है। इससे पहले अमेज़न वेब सर्विसेज के यूनिट्स पर भी ड्रोन हमले हुए थे।
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि सरकार की युद्ध रोकने और वार्ता कराने की कोशिशें सही दिशा में हैं। पाकिस्तान ने पहले ही कहा था कि वह जल्द ही अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की मेजबानी करेगा। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि उनका देश इस वार्ता में जाने से कभी इनकार नहीं किया। पाकिस्तान, तुर्किय और मिस्र के मध्यस्थ इस वार्ता के लिए दोनों पक्षों को समझौते पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
इस समझौते में युद्ध रोकने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का प्रस्ताव शामिल है। लेकिन ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान को डेडलाइन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ईरान को समझौता करने या होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए 10 दिन दिए थे।
कुवैत की सेना ने कहा है कि उसकी हवाई सुरक्षा प्रणालियां पिछले 24 घंटे में मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोक रही हैं। सेना ने बताया कि इस दौरान 8 मिसाइल और 19 ड्रोन हमलों को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया गया। उन्होंने कहा कि अगर कोई धमाके सुनाई दें तो वह हवाई सुरक्षा प्रणाली द्वारा हमले को रोकने का असर है। कुवैत की रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।
इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने लेबनान के दक्षिण में स्थित कफर हट्टा गांव के लोगों से तुरंत गांव छोड़ने को कहा है। उन्होंने बताया कि लोगों को गांव से कम से कम 1,000 मीटर दूर चले जाना चाहिए, वरना इस्राइली सेना इस इलाके में बल का प्रयोग कर सकती है। यह कदम इस्राइली सेना द्वारा दक्षिणी लेबनान में जारी सख्त विस्थापन धमकियों की एक नई कड़ी है। इससे पहले इस तरह की धमकियों के कारण एक मिलियन से अधिक लोग अपने घर छोड़ चुके हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया कि ईरान के कई सैन्य नेता, जिन्होंने देश का नेतृत्व खराब और नासमझी से किया, तेहरान में हुए एक बड़े हमले में खत्म कर दिए गए हैं। ट्रंप ने कहा कि इस हमले में सिर्फ नेता ही नहीं, बल्कि और भी बहुत कुछ प्रभावित हुआ। उन्होंने इस हमले को एक महत्वपूर्ण कार्रवाई बताया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखकर अमेरिका और इस्राइल पर ईरान के परमाणु स्थलों, खासकर बुशहर परमाणु संयंत्र पर हालिया हमले का विरोध किया। अराघची ने पत्र में लिखा कि ऐसे हमले पूरे क्षेत्र को रेडिएक्टिव खतरे में डालते हैं और मानव जीवन तथा पर्यावरण के लिए गंभीर परिणाम ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि सक्रिय बुशहर परमाणु संयंत्र के पास लगातार हमले होना बहुत चिंता का विषय है और इससे रेडिएशन फैलने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। ईरान ने इस हमले को असहनीय और खतरनाक बताया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रतिक्रिया की मांग की है।
ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने कहा था कि अगर ईरान 48 घंटे में शांति समझौता नहीं करेगा, तो अमेरिका उसके अहम ढांचों को नष्ट कर देगा। ईरान के जनरल अली अब्दोल्लाही अलीआबादी ने कहा कि ट्रंप की यह चेतावनी बेबस, घबराई हुई, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण कार्रवाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संदेश का सरल मतलब यह है कि नरक के द्वार आपके लिए खुल जाएंगे। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि ईरान के पास अब केवल 48 घंटे हैं, वरना सभी विपत्तियां उन पर आ जाएंगी। यह विवाद ट्रंप और ईरान के बीच कूटनीतिक तनाव को और बढ़ा सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान के परमाणु स्थलों, खासकर बुशहर परमाणु संयंत्र पर हाल ही में हुए हमलों की निंदा की। अराघची ने कहा कि इस तरह के हमले पूरे क्षेत्र को गंभीर रेडियोधर्मी जोखिम में डालते हैं, जिससे मानव जीवन और पर्यावरण पर बड़ा खतरा है। उन्होंने लिखा कि सक्रिय परमाणु संयंत्र के पास लगातार हमले हो रहे हैं, जो असहनीय स्थिति पैदा कर रहे हैं और रेडियोधर्मी रिसाव का गंभीर खतरा बढ़ा रहे हैं।
ईरानी सेना के प्रवक्ता ने अमेरिका और इस्राइल को चेताया कि अगर युद्ध और बढ़ाया गया तो पूरे क्षेत्र को उनके लिए नरक बना दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर आक्रामकता बढ़ी, तो पूरे क्षेत्र में आपको बर्बादी झेलनी पड़ेगी। ईरान को हराने का सपना आपके लिए दलदल साबित होगा। इससे पहले, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी होर्मुज जलसंधि खोलने को लेकर ईरान को चेतावनी दी थी कि अगर समय तक कार्रवाई नहीं की तो उन्हें नरक का सामना करना पड़ेगा।
यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने इस्राइल के बेन गुरियन हवाई अड्डा और दक्षिण इस्राइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हूती समूह ने बताया कि इस हमले में क्लस्टर मिसाइल और कई ड्रोन इस्तेमाल किए गए। इस्राइली सेना ने कहा कि मिसाइल का पता लगाया गया और उनके रक्षा प्रणाली सक्रिय हुई। बाद में बताया गया कि मिसाइल खुले क्षेत्र में गिर गई और कोई नुकसान या हताहत नहीं हुआ।