Iran Israel US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया में पिछले एक महीने से भड़के संघर्ष ने आज एक अहम मोड़ ले लिया है। अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह का संघर्षविराम समझौता हुआ है, इसके तहत दोनों देशों ने लड़ाई रोकने पर सहमति दी है और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का आश्वासन भी दिया गया है, जो वैश्विक ऊर्जा मार्ग के रूप में बेहद अहम है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
ईरान ने लेबनान पर इस्राइल के हवाई हमलों के विरोध में दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा कर दी है। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, तेहरान ने चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले किसी भी जहाज को निशाना बनाया जा सकता है। यह कदम लेबनान में इस्राइली कार्रवाई के बाद उपजे भारी तनाव के बीच उठाया गया है।
पश्चिम एशिया में तनाव कम करने के लिए आज ही दो हफ्ते के लिए सीजफायर का एलान किया गया था। इस बीच इस्राइल ने कहा कि लेबनान में की जा रही सैन्य कार्रवाई सीजफायर समझौते का हिस्सा नहीं है। ट्रंप ने भी यही कहा। लेकिन इस बीच ईरान ने होर्मुज को फिर से बंद करने की चेतावनी दे डाली है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को स्पष्ट किया कि ईरान के साथ हुए हालिया युद्धविराम समझौते में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है। इसके पीछे उन्होंने हिजबुल्लाह की गतिविधियों को वजह बताया है। एक मीडिया चैनल को दिए साक्षात्कार में ट्रंप ने लेबनान में जारी इजरायली हमलों को एक 'अलग संघर्ष' करार देते हुए कहा कि यह स्थिति समझौते का हिस्सा है। इसे बाद में सुलझा लिया जाएगा, जबकि फिलहाल मुख्य ध्यान व्यापक क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने घोषणा की है कि उन्होंने फार्स प्रांत के लार शहर के ऊपर एक हर्मेस 900 ड्रोन को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया है। आईआरजीसी ने स्पष्ट किया कि ईरानी हवाई क्षेत्र में किसी भी अमेरिकी या इस्राइली दुश्मन विमान की मौजूदगी को वर्तमान संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन माना जाएगा, चाहे वह सैन्य अभियान में शामिल हो या नहीं। इसके बाद ऐसी किसी भी घुसपैठ का निर्णायक जवाब दिया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद वैश्विक बाजारों में जबरदस्त राहत देखी गई है। कच्चे तेल की कीमतें गिरकर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार में 2.7 प्रतिशत की बड़ी तेजी दर्ज की गई है। इस समझौते ने खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और तेल आपूर्ति की चिंताओं को फिलहाल कम कर दिया है। इसके बाद अब निवेशकों का भरोसा बाजार के प्रति लौटा है। इतना ही नहीं, महंगाई में कमी आने की उम्मीद भी जगी है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में एक सकारात्मक शासन परिवर्तन यानी, रिजीम चेंज हुआ है। अब अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि अब ईरान में यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह रोक दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी दी कि अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर उन सभी परमाणु अवशेषों यानी की न्यूक्लियर डस्ट को खोदकर बाहर निकालेगा और हटाएगा, जो बी-2 बॉम्बर्स से किए गए हमलों के बाद सुरंगों में दबे हुए हैं। ट्रंप के अनुसार, इन ठिकानों पर 'स्पेस फोर्स' और उपग्रहों के माध्यम से बेहद सटीक निगरानी रखी जा रही है ताकि परमाणु सामग्री के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके।
इतना ही नहीं, ट्रंप प्रशासन ने ईरान पर लगे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ में ढील देने के संकेत दिए हैं। राष्ट्रपति ने बताया कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित 15 सूत्रीय समझौते के अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। ट्रंप ने कहा कि हमले के बाद से परमाणु साइटों पर कुछ भी छुआ नहीं गया है और अब बातचीत के जरिए क्षेत्र में स्थिरता लाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा तनाव के दौरान पश्चिम एशिया में ईरान की मदद करने वाले देशों पर अमेरिका ने तत्काल प्रभाव से 50 फीसदी टैरिफ लगा दिया है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बुधवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ बातचीत की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करना और शांति की बहाली रहा। प्रधानमंत्री शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि ईरान ने पाकिस्तान के उस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसमें इस्लामाबाद में शांति वार्ता आयोजित करने की बात कही गई थी।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा कि इस सप्ताह के अंत में होने वाली यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मील का पत्थर साबित होगी। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने न केवल इस सम्मेलन में ईरान की भागीदारी की पुष्टि की, बल्कि शांति स्थापना के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता और प्रयासों की भी सराहना की। प्रधानमंत्री शरीफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपने पड़ोसियों और साझेदारों के साथ मिलकर एक सुरक्षित और स्थिर भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब पूरे क्षेत्र को एकजुट होकर सुरक्षा चुनौतियों का समाधान करने की सख्त जरूरत है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं। शुक्रवार को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में ईरान और अमेरिका के शीर्ष नेता शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ इस बैठक में ईरान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जबकि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के अमेरिका की ओर से शामिल होने की संभावना है।
ईरान की ओर से प्रस्तावित 10 सूत्रीय एजेंडा में उसके परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और पिछले करीब 45 वर्षों से लगे प्राथमिक और द्वितीयक प्रतिबंधों जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। यह बैठक दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और भविष्य की रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अमेरिका और ईरान के बीच हुए संघर्ष विराम के बाद इराक ने बड़ा कदम उठाते हुए अपने हवाई क्षेत्र और सभी एयरपोर्ट को तत्काल प्रभाव से फिर से खोलने का ऐलान किया है। इराक की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने आधिकारिक बयान में कहा कि क्षेत्र में हालात सामान्य होने के बाद अब हवाई यातायात को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार, अब सभी नागरिक उड़ानों को अनुमति दी गई है, जिसमें ओवरफ्लाइट, टेकऑफ और लैंडिंग शामिल हैं। यह सब तय नियमों और दिशा-निर्देशों के तहत किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों ने यह भी भरोसा दिलाया कि हवाई सुरक्षा और संरक्षा के उच्चतम मानकों का पालन किया जाएगा और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ समन्वय बनाए रखा जाएगा, ताकि उड़ान संचालन सुचारू रूप से चलता रहे।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि संघर्षविराम का मतलब युद्ध का अंत नहीं है और अगर शत्रु किसी भी तरह की कार्रवाई करता है तो उसके हाथ हमेशा हथियार पर रहेंगे। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति के बाद अपनी सभी सैन्य इकाइयों को गोलीबारी रोकने का निर्देश दिया। लेकिन साथ ही तेहरान ने यह भी स्पष्ट किया कि यह युद्ध का अंत नहीं है।
राज्य संचालित इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) पर पढ़े गए एक बयान में खामेनेई ने कहा यह युद्ध का अंत नहीं है, लेकिन सभी सैन्य शाखाओं को सर्वोच्च नेता के आदेश का पालन करते हुए अपनी फायरिंग रोकनी चाहिए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर संदेश साझा करते हुए कहा कि ईरान के साथ संघर्षविराम समझौते को एक विश्व शांति के लिए बड़ा दिन करार दिया और कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में यातायात व्यवस्था में मदद करेगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा यह क्षण पश्चिम एशिया के लिए एक नए गोल्डन एज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
उन्होंने आगे लिखा 'यहां कई सकारात्मक गतिविधियां होंगी। बड़े पैसों की कमाई होगी। ईरान पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू कर सकता है। हम हर प्रकार की सामग्री की आपूर्ति करेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए मौके पर रहेंगे कि सब कुछ सुचारू रूप से चले। मुझे भरोसा है कि ऐसा होगा।'
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो‑हफ्ते के युद्धविराम समझौते का समर्थन करता है, लेकिन यह समझौता लेबनान में हिजबुल्ला के खिलाफ जारी लड़ाई को कवर नहीं करता है। इस बात की जानकारी विश्व मीडिया एजेंसियों के रिपोर्ट में मिली है।
नेतन्याहू कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि इस्राइल अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्धविराम को आगे बढ़ाने का पक्ष लेता है, लेकिन लेबनान में हिजबुल्ला को निशाना बनाने वाली सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी और वह इस समझौते का हिस्सा नहीं है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि सीजफायर का दायरा सिर्फ अमेरिका‑ईरान संघर्ष तक सीमित है और अन्य मोर्चों पर हमला जारी रहेगा।
ईरान से जुड़े साइबर समूहों की ओर से अमेरिका पर बड़े साइबर हमले का दावा भी सामने आया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावरों ने इंडस्ट्रियल सिस्टम्स में इस्तेमाल होने वाले प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर (PLC) को निशाना बनाया। बताया जा रहा है कि PLC सिस्टम्स किसी भी बड़े औद्योगिक सेटअप के दिमाग की तरह काम करते हैं। ये ऑटोमैटिक प्रोग्राम के जरिए मशीनों और प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में इन सिस्टम्स के प्रभावित होने से कई महत्वपूर्ण संचालन बाधित हो सकते हैं।
युद्धविराम की घोषणा के बाद भी ईरान की राजधानी में माहौल शांत नहीं दिखा। बुधवार सुबह तेहरान की सड़कों पर सरकार समर्थक प्रदर्शनकारियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिका मुर्दाबाद, इस्राइल मुर्दाबाद और समझौता करने वालों के खिलाफ जैसे तीखे नारे लगाए।
हालात उस समय और ज्यादा उग्र हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर अमेरिकी और इस्राइली झंडे जलाए। मौके पर मौजूद आयोजकों ने भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी करते रहे और गुस्सा कम होता नहीं दिखा।
ईरान की राजधानी तेहरान में लोग युद्धविराम की घोषणा के बाद खुशियों में झूम उठे। वीडियो में दिखा कि लोगों ने ईरानी झंडे लहराए, जयकारे लगाए और जश्न मनाया। यह पल खास इसलिए भी महत्वपूर्ण था क्योंकि शहर पिछले कई हफ्तों से तीव्र हमलों और युद्ध की स्थिति से जूझ रहा था। लोगों की इस उत्सव भरी प्रतिक्रिया से यह साफ दिखाई देता है कि युद्धविराम की खबर ने आम नागरिकों के दिलों में राहत और उमंग पैदा कर दी है।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने कहा है कि वह इस समय मिसाइल हमले के खतरे से निपट रहा है। देश की नेशनल इमरजेंसी, क्राइसिस एंड डिजास्टर अथॉरिटी ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए हैं और वे मिसाइल खतरे का जवाब दे रहे हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें और केवल सरकारी निर्देशों और अपडेट्स पर ध्यान दें। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों पर हमले का खतरा बना हुआ है।
इराक ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत किया है। इराक के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से क्षेत्र में तनाव कम होगा और सुरक्षा व स्थिरता मजबूत होगी। मंत्रालय ने कहा कि वह संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है और सभी पक्षों से अपील की कि वे युद्धविराम का पूरी तरह पालन करें और किसी भी तरह की नई कार्रवाई से बचें।
गौरतलब है कि इस संघर्ष के दौरान इराक में ईरान समर्थक समूहों ने अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए, जबकि अमेरिका और इज़राइल ने भी ईरान से जुड़े लड़ाकों पर जवाबी कार्रवाई की। इसके अलावा, ईरान ने उत्तरी इराक में कुर्द विरोधी समूहों को भी निशाना बनाया।
एक अमेरिकी न्यूज चैनल ने व्हाइट हाउस के एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस्राइल भी युद्धविराम के लिए सहमत हो गया है। यह रिपोर्ट इस्राइल के सार्वजनिक प्रसारक कान ने भी प्रसारित की है। हालांकि इस्राइल या अमेरिकी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिका की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CISA), एफबीआई और एनएसए ने मंगलवार को चेतावनी जारी की है कि ईरान समर्थक हैकर्स ने अमेरिकी अवसंरचना में सेंधमारी की है। अधिकारियों ने बताया कि इन हैकर्स ने इंटरनेट से जुड़े उपकरणों की कमजोरियों का फायदा उठाकर मशीनों और महत्वपूर्ण सेक्टरों के संचालन में दखल देने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि हमलों का उद्देश्य संचालन को बाधित करना और आर्थिक नुकसान पहुंचाना था।
विवरण तो नहीं दिया गया, लेकिन एजेंसियों ने कहा कि जो भी अमेरिकी संस्थान इन उपकरणों का उपयोग करते हैं, उन्हें अपने साइबर सुरक्षा उपायों की जांच करनी चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान समर्थक हैकर्स और उनके सहयोगी समूह अमेरिका और इज़राइल के महत्वपूर्ण अवसंरचना जैसे बंदरगाह और जल संयंत्रों को निशाना बना सकते हैं।
लेबनान में ईसाई पार्टी के एक नेता पियरे मुआवद और उनकी पत्नी की मौत हो गई, जब इस्राइल ने उनके अपार्टमेंट पर हवाई हमला किया। मुआवद लेबनानी फोर्सेज पार्टी से जुड़े थे, जो हिजबुल्ला के कट्टर विरोधी हैं।हमले के दौरान उनके साथ एक महिला भी मारी गई। इज़राइल ने कहा कि उनका लक्ष्य हीज़बुल्लाह का कोई सदस्य था, लेकिन हमले की सटीक परिस्थितियां स्पष्ट नहीं हैं।
सैकड़ों लोग याहशूस में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुए। चर्च की घंटियां और गोलियों की आवाजें सुनाई दीं। पार्टी नेताओं ने कहा कि यह हीज़बुल्लाह की गतिविधियों के कारण शुरू हुए युद्ध का नतीजा है। लेबनानी नागरिकों में तनाव बढ़ गया है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां शियाओं के विस्थापित लोग रहे हैं। लोग डर रहे हैं कि हीज़बुल्लाह के सदस्य इनके बीच छिप सकते हैं, जिससे सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर आज रात होने वाले हमले को दो हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया गया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर किए गए पोस्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस स्थगन की शर्त यह है कि ईरान तुरंत और सुरक्षित रूप से हॉर्मुज की खाड़ी खोले। यह कदम दोनों पक्षों के लिए युद्धविराम का काम करेगा।
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबी अवधि के शांति समझौते के लिए बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। ईरान ने 10 बिंदुओं का प्रस्ताव दिया है, जिसे ट्रंप ने कामचलाऊ आधार बताया। उन्होंने कहा कि लगभग सभी पुराने विवादों पर दोनों देशों में सहमति बन चुकी है, और दो हफ्ते का यह समय समझौते को अंतिम रूप देने में मदद करेगा। ट्रंप ने इसे मध्य पूर्व में स्थायी शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
व्हाइट हाउस ने एक ट्वीट में कहा है कि ईरान के दशकों से चल रहे आतंकवाद को अब अमेरिका नहीं सहने देगा और यह स्थिति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में बदल जाएगी।
बगदाद शहर की अल-तूज्जार सड़क पर ड्रोन के हिस्से गिरने से दो लोग घायल हो गए। इस घटना में एक घर की दीवार और एक कार को भी नुकसान पहुंचा। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि ड्रोन का मलबा अचानक गिरा और आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। घायल लोगों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। यह घटना बगदाद में बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच आई है, और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस्राइल की सेना ने लेबनान के दक्षिणी टायर जिले के शब्रिहा इलाके में रहने वाले लोगों को तुरंत अपने घर छोड़ने की चेतावनी दी है। इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि सेना जल्द ही हिजबुल्ला के खिलाफ इस इलाके में कड़ा कार्रवाई करेगी, और निवासियों को जहरानी नदी के उत्तर में स्थानांतरित होने की सलाह दी। जैसा कि रिपोर्ट किया गया है, इस्राइल की सेना ने पहले भी दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्सों में विस्थापन की चेतावनियां जारी की हैं। इन हमलों के कारण अब तक 1 मिलियन से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।
ईरान की सैन्य कमांड के प्रवक्ता इब्राहीम जोलफघारी ने कहा है कि उनके देश की सशस्त्र सेनाएं अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले करेंगी, ताकि उन्हें क्षेत्र के तेल और गैस संसाधनों से वंचित होना पड़े और वे क्षेत्र से पीछे हटें। जोलफघारी ने ईरान की आंशिक आधिकारिक समाचार एजेंसी तसनीम के माध्यम से बताया कि आज ईरान ने मध्य पूर्व में अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें, साथ ही ड्रोन हमला किया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में इस्राइल के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में 30 से अधिक स्थानों को निशाना बनाया गया। ईरान का यह बयान क्षेत्र में तनाव और तेल-गैस आपूर्ति संकट के बीच आया है।
बहरीन की आंतरिक मंत्रालय ने बताया कि देश में सायरन बज गए हैं। मंत्रालय ने नागरिकों और निवासियों से अपील की है कि वे शांत रहें और सबसे नजदीकी सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। यह कदम संभावित खतरों या हमलों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। नागरिकों से कहा गया है कि वे घबराएं नहीं और अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि ट्रंप के बयानों को गंभीरता से लिया जाए। ईरान के राजदूत ने कहा कि इस तरह की भाषा हालात को और बिगाड़ सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।