पश्चिम एशिया में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे संघर्ष में हालात अब विस्फोटक और बेकाबू हो चुके हैं। इस्राइल और अमेरिका का ईरान के साथ जारी भीषण टकराव अब अपने 33वें दिन में प्रवेश कर चुका है और हालात ज्यादा खतरनाक रूप ले चुका है। मिसाइलों की बारिश और लगातार धमाकों ने तबाही का मंजर खड़ा कर दिया है। यह युद्ध अब सीमाओं को तोड़कर वैश्विक खतरा बन गया है, जहां हर पल विनाश और अनिश्चितता का साया गहराता जा रहा है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
ईरान ने बुधवार को कहा कि उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने बांग्लादेश के ईंधन लदे छह जहाजों को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं। ईरान के ढाका स्थित राजदूत जलील रहिमी जहानाबाद ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने यह भी कहा कि अब बांग्लादेशी जहाजों को होर्मुज से गुजरने में कोई समस्या नहीं होगी और ईरान पूरी तरह सहयोग करेगा। उन्होंने कहा, ईरान पारगमन की प्रक्रिया को आसान बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है और बांग्लादेश ऊर्जा संकट से न गुजरे, इसके लिए तैयार है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कथित तौर पर कहा कि ईरान को अमेरिका पर 'शून्य' भरोसा है। उन्होंने अमेरिका से किसी भी बातचीत के दावे को खारिज किया। ईरान में अमेरिका के संभावित जमीनी सैन्य अभियान की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए अराघची ने कहा कि तेहरान उनकी प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने अल-जजीरा के साथ एक साक्षात्कार में कहा, मुझे नहीं लगता कि वे ऐसा करने की हिम्मत करेंगे। बहुत बड़ी ताकत उनका इंतजार कर रही होगी।
अराघची ने कहा, हम अच्छी तरह जानते हैं कि खुद की रक्षा कैसे करनी है। एक जमीनी युद्ध में, हम इसे और भी बेहतर तरीके से कर सकते हैं। हम किसी भी प्रकार के जमीनी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हम उम्मीद करते हैं कि वे ऐसी गलती नहीं करेंगे।
इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने दावा किया कि उसने बेरूत में हमले में हिजबुल्ला के कमांडर को मार गिराया है। सेना ने बताय कि हमले में हिजबुल्ला के दक्षिणी मोर्चा के कमांडर यूसुफ इस्माइल हाशेम मारा गया। हिजबुल्ला की ओर से अभी तक कोई टिप्पणी नहीं आई है।
कुवैत के एयरपोर्ट पर हमले की खबर है, जिससे एयरपोर्ट पर तेल टैंकरों में आग लग गई। इससे एयरपोर्ट के ऊपर आसमान में धुएं का बड़ा गुबार देखा गया।
ईरान ने दावा किया है कि उसके लोरेस्तान राज्य में अमेरिका के एक ड्रोन को निशाना बनाकर तबाह किया गया है। जिस ड्रोन को निशाना बनाया गया, वह लुकास ड्रोन था। ईरान में इंटरनेट बंद हुए 33 दिन बीत गए हैं। युद्ध के चलते ईरान में इंटरनेट ब्लैकआउट है।
मध्य इस्राइल में ईरान ने मिसाइल हमले किए। मध्य इस्राइल पर हुए इस हमले में छह लोग घायल हुए हैं। इसके बाद ईरान की तरफ से उत्तरी और दक्षिणी इस्राइल पर भी मिसाइल हमले किए गए।
इस्राइली मीडिया ने बताया कि यमन से इस्राइल पर एक मिसाइल दागी गई, जिसे इस्राइली सेना ने इंटरसेप्ट कर तबाह कर दिया। इस हमले में किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं हैं। इस हमले के चलते दक्षिणी इस्राइल में सायरनों की आवाज सुनी गई।
युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की तीन एयरलाइंस ने ईरानी नागरिकों के देश में प्रवेश और ट्रांजिट पर रोक लगा दी है। लंबी दूरी की उड़ान सेवाएं देने वाली एयरलाइंस एमिरेट्स और एतिहाद के साथ-साथ लो-कॉस्ट एयरलाइन फ्लाईदुबई ने अपनी-अपनी वेबसाइट पर इस फैसले की जानकारी साझा की है।
संयुक्त अरब अमीरात, जो सात अमीरातों का एक संघ है, वहां प्रवेश नियम अक्सर स्पष्ट नहीं होते। हालांकि, इन एयरलाइंस की वेबसाइटों पर यह निर्देश साफ तौर पर प्रदर्शित किया गया है। इसके अनुसार, 'गोल्डन वीजा' (10 वर्षीय निवास परमिट) रखने वाले ईरानी नागरिकों को देश में प्रवेश की अनुमति बनी रहेगी।
इस फैसले पर यूएई अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुबई में पहले ही ईरानी अस्पताल और ईरानी क्लब को बंद कर दिया गया है। ये दोनों संस्थान शहर में शाह के दौर से जुड़े पुराने प्रतिष्ठान माने जाते हैं।
पश्चिम एशिया में संकट जारी है और अब इस संकट के बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है। दरअसल संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भी इस युद्ध में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रस्ताव लाने की योजना बना रहा है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सैन्य कार्रवाई को वैधता मिल सके। बता दें कि ईरान युद्ध के दौरान ईरान द्वारा यूएई पर कई हमले किए गए हैं, जिससे यूएई में कई लोग मारे गए हैं। अगर यूएनएससी की मंजूरी मिल जाती है तो यूएई भी पश्चिम एशिया की लड़ाई में शामिल हो सकता है। हालांकि मंजूरी मिलने की उम्मीद कम ही है क्योंकि रूस और चीन जैसे देश इसका विरोध कर सकते हैं।
यूएई ने अमेरिका को सुझाव दिया है कि अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ द्वीपों जैसे अबू मूसा पर कब्जा कर लेना चाहिए। ये द्वीप कई दशकों से ईरान के कब्जे में है और यूएई भी इस पर दावा करता है।
ईरान के इस्फहान के पास एक और स्टील प्लांट पर हमला हुआ है। फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, बोर्जुन इलाके में स्थित सेफीदाश्त स्टील प्लांट को निशाना बनाया गया। फिलहाल किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। बचाव दल मौके पर पहुंच गया है और स्थिति की जांच कर रहा है।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, राजधानी बेरूत के पास खालदे इलाके में इस्राइल ने एक कार पर हवाई हमला किया। इस हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और 3 अन्य घायल हो गए। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान में शासन बदलना उनका लक्ष्य नहीं है और 2-3 हफ्तों में ऑपरेशन खत्म हो सकता है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से संदेशों का आदान-प्रदान हुआ है, लेकिन कोई औपचारिक बातचीत नहीं चल रही।
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि हम बमों के जरिए बातचीत कर रहे हैं” और ईरान को शांति समझौते के लिए चेतावनी दी।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के सहयोगी अब बड़ा खतरा नहीं हैं, लेकिन ईरान अभी भी मिसाइल और ड्रोन से हमला कर सकता है।
इराक के बगदाद में एक विदेशी पत्रकार का अपहरण हुआ है, जिसकी जांच जारी है।
संयुक्त राष्ट्र के विकास कार्यक्रम ने चेतावनी दी कि इस युद्ध से क्षेत्र को 194 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
इस्राइल ने कहा है कि युद्ध खत्म होने के बाद वह लेबनान के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर सकता है।
एक अमेरिकी सीनेटर ने चेतावनी दी कि अगर यमन के हूती विद्रोही स्वेज नहर को बंद करते हैं, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस से दिए बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का ईरान पर सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य परमाणु हथियार न बनने देना था। ट्रंप ने कहा कि यह लक्ष्य हासिल कर लिया गया है। उनके पास अब परमाणु हथियार नहीं हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका का उद्देश्य ईरान में शासन बदलना नहीं था। ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान में शासन पहले ही बदल चुका है।
लेबनानी संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने बेरिया बेस पर रॉकेट से हमला किया। संगठन ने कहा कि यह हमला सफद के उत्तर में स्थित बेस को निशाना बनाने के लिए किया गया। हिजबुल्ला ने यह भी बताया कि उसने उत्तर इस्राइल में हवाई निगरानी और संचालन प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले मेरॉन बेस को भी निशाना बनाया।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ चल रहा अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि यह कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक उनके लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते।नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका के साथ मिलकर चलाए जा रहे इस अभियान को एक महीना हो चुका है और इस दौरान उन्होंने आतंक फैलाने वाले तंत्र को काफी कमजोर कर दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस अभियान से ईरान की सत्ता हिल गई है और अब वह पहले जैसी मजबूत नहीं रही। नेतन्याहू के मुताबिक हमने इस व्यवस्था को झकझोर दिया है और देर-सवेर यह गिर जाएगी। इस्राइल के प्रधानमंत्री के इस बयान से साफ है कि क्षेत्र में तनाव अभी कम होने वाला नहीं है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर....
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश युद्ध खत्म करना चाहता है। लेकिन इसके लिए जरूरी शर्तें पूरी होनी चाहिए, खासकर यह भरोसा कि आगे फिर ऐसा हमला नहीं होगा। उन्होंने यह बात यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से फोन पर बातचीत में कही।
इस्राइल ने लेबनान के शमशतार में दो हवाई हमले किए। इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने दावा किया कि उनके सैनिकों पर ड्रोन हमला हुआ था, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में हमलावरों को मार गिराया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अघारची ने कहा है कि उनका देश सिर्फ अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) नहीं चाहता। ईरान चाहता है कि पूरे क्षेत्र में पूरी तरह लड़ाई खत्म हो, न कि थोड़े समय के लिए रोकी जाए।