Israel Iran US Conflict Live Updates: पश्चिम एशिया का युद्धक्षेत्र दिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से क्षेत्र में आग का तूफान है। दूसरी ओर ईरान ने भी खाड़ी देशों मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इस्राइल में भयंकर और सटीक हमला कर चारों तरफ धुंआ-धुंआ कर रखा है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है और पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल काबू से बाहर है। अमर उजाला के इस लाइव ब्लॉग में पढ़ें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े तमाम पल-पल अपडेट्स...
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के दौरान खाड़ी देशों के साथ अपनी एकजुटता की पुष्टि की। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट पर कहा, ''क्षेत्र में नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे ईरान के लगातार हवाई हमलों और ड्रोन हमलों के मद्देनजर यूरोपीय संघ खाड़ी सहयोग परिषद के देशों के साथ एकजुटता से खड़ा है। ये हमले तुरंत बंद होने चाहिए।'' कोस्टा ने आगे कहा, ''मध्य पूर्व में सुरक्षा और स्थिरता के हित में यूरोपीय संघ सभी पक्षों से तनाव कम करने और कूटनीति को मौका देने का आग्रह करता है।''
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को घोषणा की कि इस्राइल दक्षिणी लेबनान पर अपने आक्रमण का दायरा बढ़ाएगा। नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल लेबनान में मौजूदा सुरक्षा पट्टी का विस्तार करेगा, क्योंकि इस्राइली सेना ईरान समर्थित हिजबुल्ला आतंकवादी समूह को निशाना बनाना जारी रखे हुए है। उत्तरी इस्राइल की यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि हम उत्तर में स्थिति को मौलिक रूप से बदलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हिजबुल्ला के पास अभी भी हम पर रॉकेट दागने की अवशिष्ट क्षमता है।
कुवैत पर हुए मिसाइल हमले में दस सैनिक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार कुवैत में एक सेना शिविर पर ईरानी हमले में कुवैती सेना के दस जवान घायल हो गए। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि घायलों का चिकित्सा उपचार किया जा रहा है और घटनास्थल पर भी क्षति हुई है। प्रवक्ता ने बताया कि पिछले 24 घंटों में कुवैती हवाई क्षेत्र में 14 बैलिस्टिक मिसाइलें और 12 ड्रोन देखे गए।
अमेरिका-इस्राइल के साथ ईरान के युद्ध को लेकर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय कूटनीति तेज हो गई। रविवार को वार्ता के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। यह दौरा तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों सहित एक शिखर सम्मेलन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को कम करना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के बयान के अनुसार सौहार्दपूर्ण बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री शरीफ ने सऊदी अरब के साथ पाकिस्तान की अटूट एकजुटता की पुष्टि की। शरीफ ने खासतौर से वर्तमान क्षेत्रीय संकट के दौरान रियाद द्वारा दिखाए गए संयम की तारीफ की। इस बैठक में उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक भी शामिल थे।
कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि कतर ने ईरान से किए गए ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, कतर को ईरान से दागे गए कई ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया था। सेना ने आने वाले सभी ड्रोनों को सफलतापूर्वक रोककर निष्क्रिय कर दिया।
ईरानी सेना ने कहा है कि उसने जॉर्डन में तैनात अमेरिकी सेना को निशाना बनाया। आईएसएनए समाचार एजेंसी ने बताया कि अजराक स्थित मुवफ्फक साल्टी एयर बेस पर रहने वाले क्वार्टरों और सैन्य उपकरणों पर ईरानी ड्रोन द्वारा हमला किया गया। सेना के हवाले से कहा गया है कि यह वायुसेना अड्डा ईरान पर हवाई हमले करने के लिए एक प्रमुख ठिकाना है।
दक्षिणी इस्राइल में एक रासायनिक संयंत्र पर ईरानी मिसाइल से हमला किया गया है। अधिकारियों ने खतरनाक रिसाव की आशंका के चलते आसपास के निवासियों को घर के अंदर रहने की चेतावनी दी है। जिस नेओट होवाव औद्योगिक क्षेत्र पर हमला हुआ, वह बीरशेबा शहर से 9 किलोमीटर दक्षिण में स्थित है। आपातकालीन सेवाओं ने बताया कि हमले में एक व्यक्ति घायल हुआ है।
फ्रांस ने यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा इस्राइली ठिकानों पर किए गए दो हमलों की निंदा की है। फ्रांस ने हूती विद्रोहियों पर ईरान के खिलाफ अमेरिका-इस्राइल युद्ध में प्रवेश करके पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया है। एक हूती प्रवक्ता ने कहा कि ईरान समर्थित समूह ने शनिवार को इस्राइल में कई महत्वपूर्ण और सैन्य स्थलों की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे।
यूएई पर मिसाइलों से भीषण हमले किए गए हैं। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उसकी हवाई रक्षा प्रणाली मिसाइल के खतरे का जवाब दे रही है। मंत्रालय ने निवासियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और आधिकारिक अपडेट का पालन करने का आग्रह किया है।
उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र की राजधानी इरबिल में शनिवार रात भर ड्रोन की गतिविधि की आवाजें सुनी गईं। इनमें अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और आसपास के ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे ड्रोनों को मार गिराना भी शामिल है। क्षेत्र में मौजूद एपी पत्रकारों ने लगातार तेज धमाकों की सूचना दी और कम से कम एक ड्रोन को अमेरिकी ठिकानों की ओर जाते हुए देखा, जो युद्ध शुरू होने के बाद से हमलों के सबसे भीषण दिनों में से एक था। इराक में ईरान समर्थित लड़ाकों ने इरबिल सहित अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों को तेज कर दिया है।
इस्राइल पर ईरान और हिजबुल्ला के हमलों की वजह से तेल अवीव समेत 100 से ज्यादा शहरों में सायरन गूंज रहे हैं। इस्राइली मीडिया के मुताबिक ईरान और हिजबुल्ला की ओर से मिसाइल हमले किए जा रहे हैं।
ईरानी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, गीलान प्रांत के ओस्मावंदन गांव में एक रिहायशी इलाके पर हुए अमेरिकी-इस्राइली हवाई हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।
इस बीच, ओमान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि हाल ही में उसके क्षेत्र में हुए हमलों की जांच जारी है। मंत्रालय के मुताबिक, अभी तक किसी भी पक्ष ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है। शनिवार को सलालाह पोर्ट पर हुए दो ड्रोन हमलों में एक कर्मचारी घायल हो गया और एक क्रेन को नुकसान पहुंचा। ओमान ने कहा कि वह अपनी तटस्थ नीति पर कायम है और सभी पक्षों से बातचीत शुरू करने की अपील की है।
इस्राइली सेना के अनुसार, उसने तेहरान में ईरान सरकार से जुड़े बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमलों की एक और श्रृंखला पूरी की। इन हमलों में राजधानी के अलावा अन्य इलाकों को भी टारगेट किया गया।
दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले में तीन और पत्रकारों की मौत हो गई। ये पत्रकार जैजीन गांव में रिपोर्टिंग के बाद लौट रहे थे, तभी उन पर हमला किया गया। 2 मार्च के बाद से अब तक लेबनान में पांच पत्रकारों की जान जा चुकी है। इस घटना के बाद क्षेत्र में गहरा शोक है, लेकिन मीडिया कर्मियों ने साफ कहा है कि वे डरने वाले नहीं हैं और अपना काम जारी रखेंगे।
तेहरान के उत्तर भाग में हाल ही में कई बड़े धमाके सुने गए। पहाड़ी इलाके से धुआं उठता देखा गया है, हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं कि किस लक्ष्य को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, कराज शहर में भी कई धमाके सुने गए। यह क्षेत्र सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए जाना जाता है, लेकिन कुछ नागरिक स्थल भी प्रभावित हुए होने की आशंका है।
संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी वायु सुरक्षा बल मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही हैं। देशभर में जो आवाजें सुनाई दे रही हैं, वे सक्रिय सुरक्षा ऑपरेशन की कार्रवाई हैं।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्राइल ने ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक रोकने की खबर सामने आई है। चैनल 12 के अनुसार, इजरायली सैन्य बलों ने मिसाइल को इंटरसेप्ट किया, जिसके कारण दक्षिण इस्राइल के नेगेव और डेड सी क्षेत्रों में एयर रैप्ट की चेतावनी बज उठी।
ईरानी प्रेस टीवी ने शनिवार को इस्लामी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC), ईरानी सेना और तेहरान के मध्यपूर्वी सहयोगियों द्वारा किए गए हमलों के विभिन्न ठिकानों की जानकारी दी। टीवी ने बताया कि IRGC ने "लॉन्ग-रेंज और मीडियम-रेंज ठोस और तरल ईंधन वाले सिस्टम और हमलावर ड्रोन का इस्तेमाल करके इस्राइल और अन्य स्थानों में इस्राइली-अमेरिकी विरोधी उद्योगों को निशाना बनाया।" IRGC ने दावा किया कि उसने एक अमेरिकी MQ9 ड्रोन को मार गिराया और एक F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया।
फलस्तीनी कैदियों और रिहा किए गए कैदियों के मामलों की संस्था और फलस्तीनी कैदी समाज ने बताया कि 8 जनवरी को गिरफ्तार किए गए मारवान फाथी हरज़ल्लाह की इस्राइल के मेगिडो जेल में मौत हो गई।
हरज़ल्लाह उन 100 से अधिक फलस्तीनी कैदियों में शामिल हैं, जो अक्तूबर 2024 से इस्राइली जेलों और हिरासत केंद्रों में मारे गए हैं, जब इस्राइल ने गाजा पर अपने युद्ध की शुरुआत की थी। वफा न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, 1995 में इस्राइली बलों ने हरज़ल्लाह पर गोली चलाई थी, जिससे उनकी एक टांग कट गई थी।
लेबनानी सशस्त्र समूह हिजबुल्ला ने आज सुबह कहा कि उसने इस्राइल के महावा अलोन बेस पर मिसाइल हमला किया और बेरेआ बेस पर ड्रोन से हमला किया, दोनों ठिकाने उत्तरी शहर सफाद के पास हैं।
संगठन ने यह भी दावा किया कि उसने उत्तरी इस्राइल में अल-मलिकियाह इलाके में इस्राइली सैनिकों और वाहनों पर तीन रॉकेट सल्वो दागे। इसके अलावा, हिजबुल्ला ने कहा कि उसके लड़ाकों ने दक्षिण लेबनान के डीर सिर्यान में इस्राइली बख्तरबंद बल को भी निशाना बनाया।
ईरान ने धमकी दी कि अगर हमले जारी रहे तो वह मध्य पूर्व में अमेरिका और इस्राइल के विश्वविद्यालयों को निशाना बना सकता है।
इस्राइल के तेल अवीव में सैकड़ों लोग युद्ध के खिलाफ सड़कों पर उतरे, वहीं अमेरिका में भी “नो किंग्स” प्रदर्शन में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया।
कतर और यूक्रेन ने रक्षा समझौता किया, जिसमें मिसाइल और ड्रोन से बचाव की तकनीक साझा करने की बात हुई।
लेबनान की राजधानी बेरूत में इस्राइली हमले में तीन पत्रकारों की मौत के बाद लोग सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं।
मिस्र और तुर्की के विदेश मंत्री पाकिस्तान पहुंचे, जहां क्षेत्रीय हालात पर अहम बैठक होनी है।
ईरान के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान की सराहना की और कहा कि वह अमेरिका-इस्राइल के हमलों को रोकने में मदद कर रहा है।
ईरान के रक्षाबल आईआरजीसी ने कहा है कि अगर इस्राइल और अमेरिका ने ईरानी विश्वविद्यालयों और रिसर्च सेंटरों पर हमले जारी रखे, तो वे क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली विश्वविद्यालयों को वैध निशाना मानेंगे।ईरान ने पहले आरोप लगाया था कि युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल ने जानबूझकर इस्फहान यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और तेहरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी समेत कई विश्वविद्यालयों पर हमला किया। आईआरजीसी ने चेतावनी दी कि यह जवाबी कार्रवाई उन संस्थानों को लक्षित कर सकती है, जो ईरानी सुरक्षा के लिए खतरा मानी जाएँ।
संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अधिकारियों ने बताया कि शहर में हवाई सुरक्षा (एयर डिफेंस) सक्रिय कर दी गई है। दुबई मीडिया ऑफिस ने बयान में कहा कि शहर के कुछ हिस्सों में सुने गए धमाके सफल एयर डिफेंस इंटरसेप्शन ऑपरेशन के कारण थे। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम शहर की सुरक्षा और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। जांच और अपडेट जारी हैं।
यमन के हूती समूह ने इस्राइल के खिलाफ अपना दूसरा सैन्य अभियान चलाया है। समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने बताया कि इस हमले में क्रूज मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। सारी ने कहा कि हूती आगे भी सैन्य अभियान जारी रखेंगे, जब तक कि इजराइल अपने हमले और आक्रामकता को बंद नहीं करता। बता दें कि आज सुबह ही हूती समूह ने इस्राइल पर पहला बैलिस्टिक मिसाइल हमला किया था। यह हमला अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद हूतियों का पहला प्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है।
ईरान के निर्वासित शाह के बेटे रेजा पहलवी ने ईरान की वर्तमान सरकार के साथ शांति समझौतों का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि वर्तमान नेता हमेशा अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बनेंगे। 65 वर्षीय पहलवी, जो 47 साल से निर्वासन में हैं, ने कहा कि इस शासन के लोग केवल समय खरीदने, धोखा देने और चोरी करने के लिए भरोसेमंद हैं। वे कभी ईमानदार या सच्चे शांति सहयोगी नहीं बनेंगे। टेक्सास में आयोजित कंजरवेटिव पोलिटिकल एक्शन कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार बातचीत का इस्तेमाल केवल समय खरीदने के लिए करेगी और फिर अपने पुराने रास्ते पर लौट जाएगी, जिससे अमेरिका को खतरा रहेगा।
लेबनान की सेना ने बताया कि इस्राइल के हवाई हमले में एक सैनिक की जान चली गई। सेना कमान के बयान में कहा गया कि दक्षिणी शहर कफर तेबनीत में हुए ताजा हमले में एक कॉर्पोरल मारा गया। इससे पहले भी डेइर अल-जहरानी शहर में इस्राइल के हमले में एक सैनिक की मौत हो चुकी है। लेबनान की सेना ने कहा कि इस्राइली हमले लगातार उनके सैनिकों को निशाना बना रहे हैं।
तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान ईरान पर अमेरिका-इस्राइल युद्ध को खत्म करने के लिए गहन बातचीत करने के उद्देश्य से इस्लामाबाद पहुंचे हैं। यह जानकारी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने दी।
अमेरिका के सेंट्रल कमांड ने शनिवार को पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरानी नौसैनिक जहाजों पर किए गए हवाई हमलों का वीडियो जारी किया। एक्स पर पोस्ट में कमांड ने कहा कि दशकों तक ईरानी नौसैनिक जहाज क्षेत्रीय जल में वैश्विक शिपिंग को धमकाते और परेशान करते रहे, लेकिन अब वह दिन खत्म हो गए। इसी बीच ईरान ने दावा किया कि दुबई में अमेरिकी सेना के दो ठिकानों पर हमले में अमेरिका को भारी नुकसान हुआ। ईरानी मीडिया एजेंसी तस्नीम के अनुसार, हज़रत खतम अल-अंबिया के केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि पहले ठिकाने में लगभग 400 और दूसरे में 100 अमेरिकी सैनिक थे। ईरानी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने इन ठिकानों की पहचान कर सटीक मिसाइल और ड्रोन हमले किए और भारी नुकसान पहुंचाया। प्रवक्ता ने कहा कि दुबई में एम्बुलेंस घंटों तक मृतकों और घायलों को ले जा रही थीं। उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिकी सेना के कमांडर और पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प को समझ लेना चाहिए कि क्षेत्र उनके सैनिकों के लिए खतरनाक हो जाएगा।
पश्चिम एशिया का युद्धक्षेत्र दिन-ब-दिन और भयानक होता जा रहा है। अमेरिका और इस्राइल के भीषण हमलों से क्षेत्र में आग का तूफान है, लेकिन ईरान ने भी खाड़ी देशों और इस्राइल में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भयंकर और सटीक हमला करके जवाबी वार किया है। मिसाइलों और ड्रोन की गरज के बीच यह संघर्ष अब 30वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और पूरे क्षेत्र में तनाव और भय का माहौल काबू से बाहर है। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों पक्षों की आक्रामक रणनीतियां और सैन्य ताकत का प्रदर्शन इस युद्ध को और भी खतरनाक बनाते जा रहे हैं।
ईरान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि उसके सैन्य ठिकानों पर कोई हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यदि अमेरिकी-इस्राइली सेनाएं अपनी हदें पार करेंगी, तो भारी नुकसान और जवाबी हमले निश्चित हैं। मौजूदा स्थिति में न केवल क्षेत्रीय राजनीति बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार भी संकट में है। हर मिसाइल, हर ड्रोन हमला क्षेत्र की नाजुक स्थिति को और गहरा कर रहा है। ऐसे में यह संघर्ष सिर्फ दो देशों की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के लिए आर्थिक और सामरिक खतरे का प्रतीक बन गया है।