नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स को 'भारत की बेटी' बताते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अंतरिक्ष यात्री और अन्य लोगों की लगभग नौ महीने तक फंसे रहने के बाद वापसी की सराहना की। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों का इतने दिनों के बाद आखिरकार सुरक्षित पृथ्वी पर वापस आने पर स्वागत है। हमारी भारत की बेटी हमारे पास वापस आ गई है, और हम बेहद खुश और उत्साहित हैं। हम अन्य लौटने वालों के लिए भी बेहद खुश हैं। उनके साहस और मानवीय गौरव की सराहना करते हैं!'
राष्ट्रपति ने भी सुनीता विलियम्स और अन्य अंतरिक्षयात्रियों के सुरक्षित धरती पर वापस लौटने की बधाई दी। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लिखा कि 'नासा के क्रू-9 मिशन को सुरक्षित पृथ्वी पर वापस लाने वाली पूरी टीम को हार्दिक बधाई। भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और उनके साथी अंतरिक्षयात्रियों ने अपने समर्पण और जुझारूपन से सभी को प्रेरित किया है। इनकी ऐतिहासिक यात्रा टीमवर्क, समर्पण और अद्भुत साहस की कहानी है। मैं उनके स्वास्थ्य की कामना करती हूं।'
सुनीता विलियम्स के धरती पर वापस लौटने पर पीएम मोदी ने खुशी जताई और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर लिखा 'आपका स्वागत है क्रू-9, धरती ने आपको याद किया। यह उनके धैर्य, साहस और मानवीय भावना की परीक्षा रही। सुनीता विलियम्स और क्रू-9 के अंतरिक्ष यात्रियों ने एक बार फिर हमें दिखाया है कि दृढ़ता का वास्तव में क्या मतलब है। अज्ञात के सामने उनका अटूट दृढ़ संकल्प हमेशा लाखों लोगों को प्रेरित करेगा। अंतरिक्ष अन्वेषण का मतलब है मानवीय क्षमता की सीमाओं को आगे बढ़ाना, सपने देखने का साहस करना और उन सपनों को हकीकत में बदलने का साहस रखना। सुनीता विलियम्स, एक पथप्रदर्शक और एक प्रेरणा है जिन्होंने अपने पूरे करियर में इस भावना का उदाहरण दिया है। हमें उन सभी पर बहुत गर्व है जिन्होंने क्रू-9 की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अथक मेहनत की। उन्होंने दिखाया है कि जब सटीकता, जुनून से मिलती है और तकनीक, दृढ़ता से मिलती है तो क्या होता है।'
सुनीता विलियम्स की धरती पर वापसी पर तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने भी खुशी जाहिर की और सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में लिखा कि यह दृढ़ता की ऐतिहासिक जीत है, जिसने साबित किया कि दृढ़ संकल्प और साहस से मुश्किल हालात में भी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। राज्यपाल ने लिखा कि दोनों ने अपने दृढ़ संकल्प और जुझारूपन से हर चुनौती पर जीत हासिल की।
सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में कुल 606 दिन बिता चुकी हैं। इसके साथ ही अंतरिक्ष में सबसे लंबा समय गुजराने वाले अंतरिक्षयात्रियों में सुनीता विलियम्स दूसरे स्थान पर पहुंच गई हैं। इस मिशन में ही सुनीता विलियम्स ने 286 दिन लगातार अंतरिक्ष में गुजारकर इतिहास रच दिया। सुनीता विलियम्स ने चार बार स्पेसवॉक किया।
नासा के अंतरिक्षयात्रियों बुच विल्मोर और सुनीता विलियम्स को लेकर वापस धरती पर लौटे स्पेसएक्स के अंतरिक्षयान ड्रैगन को 17 घंटे लगे। गौरतलब है कि रूस के सोयूज अंतरिक्षयान को अंतरिक्ष से वापस लौटने में महज साढ़े तीन घंटे का ही वक्त लगता है। ऐसे में सवाल उठता है कि ड्रैगन को इतना समय क्यों लगा? दरअसल मिशन की सुरक्षा के लिहाज से इतना समय लिया गया। साथ ही धरती पर मौसम का भी विश्लेषण किया गया, उसके बाद ही ड्रैगन समुद्र में उतरा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि जब सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर पूरी तरह से ठीक हो जाएंगे तो वे दोनों से ओवल ऑफिस में मुलाकात करेंगे।
सुनीता विलियम्स के सकुशल धरती पर लौटने पर भारत में सुनीता के खानदान के लोगों में खुशी का माहौल है। सुनीता विलियम्स के चचेरे भाई दिनेश रावल ने कहा कि 'जब वे सुरक्षित लौटीं तो हम खुशी से उछल पड़े। मैं बहुत खुश था। कल से ही हम परेशान थे, लेकिन भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली और सुनीता सुरक्षित धरती पर लौट आईं। सुनीता कोई आम महिला नहीं है बल्कि वह दुनिया बदलेगी।'
सुनीता विलियम्स के धरती पर सुरक्षित लौटने पर खुशी जताते हुए राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया। राजनाथ सिंह ने लिखा कि 'नासा के क्रू-9 के सुरक्षित लौटने पर खुशी है। क्रू में शामिल भारत की बेटी सुनीता विलियम्स और अन्य एस्ट्रोनॉट्स ने अंतरिक्ष में इंसानी सहनशक्ति का नया इतिहास लिखा है। सुनीता विलियम्स की अतुलनीय यात्रा, समर्पण और लड़ने की क्षमता से दुनियाभर में करोड़ों लोग प्रेरित हुए हैं। उनका वापस लौटना खुशी का क्षण है। इससे हम सभी गौरवान्वित हुए हैं। उन सभी लोगों को भी बधाई और धन्यवाद, जो क्रू को सुरक्षित धरती पर लेकर लौटे।'
NASA और मस्क ने सुनीता समेत चार अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी पर क्या कहा?
नासा ने अंतरिक्ष यात्रियों की वापसी के बाद आधिकारिक बयान में कहा, सभी अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित धरती पर लौट चुके हैं। नासा ने कहा कि सभी यात्रियों की तबीयत ठीक है। उन्हें निगरानी में रखा जाएगा। समुद्र से बाहर निकाले जाने की प्रक्रिया का जिक्र करते हुए नासा ने कहा, कोस्ट गार्ड की टीम ने शानदार काम किया। सफल वापसी के बाद स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने भी बधाई दी। मस्क ने कहा कि स्पेसएक्स और नासा की टीमों ने एक और सुरक्षित अंतरिक्ष यात्री वापसी कराने में सफलता पाई है। इसके लिए बधाई। उन्होंने इस मिशन को प्राथमिकता देने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद भी दिया।
भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री की वापसी पर गुजरात में जश्न
सुनीता समेत चार अंतरिक्ष यात्रिोयं की सुरक्षित वापसी पर गुजरात में उनके पैतृक गांव में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया।
भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री ने बनाए कई बड़े रिकॉर्ड्स
सुनीता विलियम्स ने आईएसएस पर इस बार अपना सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड बनाया। एक बार में 286 दिन तक अंतरिक्ष में रहकर सुनीता नासा की रिकॉर्ड बुक में भी अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं। दरअसल, अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की बात करें तो एक दौरे में सबसे ज्यादा दिन तक आईएसएस पर रहने का रिकॉर्ड अब तक फ्रैंक रूबियो के पास है। वहीं, मार्क वांडे हेई अब तक 355 दिन आईएसएस पर बिताए हैं। इसके बाद स्कॉट केली, महिला अंतरिक्ष यात्री क्रिस्टिना कॉश और पेगी व्हिट्सन का नंबर है।
इस लिहाज से एक दौरे में आईएसएस पर सबसे ज्यादा दिन बिताने वाले अंतरिक्ष यात्रियों में सुनीता विलियम्स छठे नंबर पर काबिज हो गई हैं। हालांकि, इसके लिए उन्होंने इस बार अंतरिक्ष यात्री एंड्रयू मॉर्गन का 272 दिन का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
अंतरिक्ष से लौटने के बाद सुनीता विलियम्स की पहली झलक
फ्लोरिडा में स्प्लैशडाउन के बाद स्पेसएक्स ड्रैगन से बाहर निकलने वाले तीसरे अंतरिक्ष यात्री बैरी विल्मोर रहे।
फ्लोरिडा में स्प्लैशडाउन के बाद स्पेसएक्स ड्रैगन से दूसरे नंबर पर बाहर रूसी अंतरिक्ष यात्री को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
फ्लोरिडा में स्प्लैशडाउन के बाद स्पेसएक्स ड्रैगन से सबसे पहले बाहर निकलने वाले अंतरिक्ष यात्री निक हेग रहे। बाहर निकाले जाने से पहले नासा के सौजन्य से मिले वीडियो में देखा जा सकता है कि चारों अंतरिक्ष यात्री अभिवादन कर रहे हैं।
सकुशल वापसी पर परमात्मा का आभार, गुजरात में आरती
समुद्र तल पर सकुशल उतरने की खबर आते ही गुजरात में यज्ञ हवन कर रहे परिजनों ने परमात्मा का आभार प्रकट किया और आरती पूजा की गई।
नौ महीने बाद सकुशल लौटीं सुनीता विलियम्स, फ्लोरिडा के समुद्र तल पर उतरा स्पेसएक्स का ड्रैगन
स्पेसएक्स का ड्रैगन कैप्सूल जैसे ही अमेरिका के फ्लोरिडा में समुद्र तल पर उतरा, नासा औऱ स्पेसएक्स के केंद्र पर मौजूद वैज्ञानिकों और अन्य कर्मचारियों ने इस सफलता का तालियां बजाकर स्वागत किया। अब सबसे पहले सुनीता विलियम्स- बैरी विल्मोर व अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को स्ट्रेचर से नासा के फ्लोरिडा स्टेशन के करीब स्थित लैब में ले जाया जाएगा, जहां उनकी और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से लौटे अंतरिक्ष यात्रियों की जांच होगी। इसके बाद सुनीता कुछ समय पुनर्वास केंद्र में बिताएंगी और वैज्ञानिकों से क्लियरेंस मिलने के बाद उनका परिवारवालों से मिलना सुनिश्चित हो जाएगा।
ड्रैगन और स्पेसएक्स मिशन कंट्रोल के बीच सिग्नल टूटने की खबर
नासा इस पूरी प्रक्रिया का यूट्यूब पर सीधा प्रसारण कर रहा है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर चुका है, लेकिन ड्रैगन अंतरिक्षयान और स्पेसएक्स मिशन कंट्रोल के बीच सिग्नल टूटने की खबर है, हालांकि, घबराने की कोई बात नहीं है। सिग्नल टूटने का कारण अत्यधिक तापमान से प्लाज़्मा बिल्ड-अप है। वैज्ञानिकों ने कहा है कि सिग्नल जल्द ठीक हो जाएगा।
वापसी के बाद मिठाइयां बांटेंगे परिवार के लोग
सुनीता के चचेरे भाई दिनेश रावल ने कहा, हमारा पूरा परिवार खुश है और बेसब्री से उनकी (सुनीता की) वापसी का इंतजार कर रहा है... हमने उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थनाएं शुरू कर दी हैं और कई मंदिरों में गए हैं... यह हमारे लिए बहुत बड़ा दिन है... वह देश का गौरव है... हम उसकी वापसी के लिए यज्ञ कर रहे हैं और उसके लौटने पर मिठाइयां बांटेंगे।
सबसे ज्यादा दिन अंतरिक्ष में रहने के मामले में सुनीता विलियम्स का कीर्तिमान
सुनीता विलियम्स अब तक तीन बार अंतरिक्ष मिशन पर जा चुकी हैं। इनमें 2006, 2013 और 2024 के स्पेस मिशन शामिल हैं। जहां उन्होंने कुल मिलाकर 608 घंटे अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) पर बिताए हैं। नासा के किसी अंतरिक्ष यात्री के लिहाज से यह अंतरिक्ष में दूसरी सबसे ज्यादा अवधि है। अमेरिकी अंतरिक्षयात्रियों में उनसे आगे सिर्फ पेगी व्हिटमोर हैं, जिन्होंने आईएसएस पर 675 दिन बिताए हैं।
सुनीता विलियम्स का भारत से कनेक्शन?
सुनीता विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो स्थित यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या मूलतः गुजरात के मेहसाणा से हैं। हालांकि, न्यूरोएनाटॉमी के क्षेत्र में काम कर रहे थे। 1957 में वे अमेरिका गए और वहीं बस गए। यहां उन्होंने उर्सलीन बॉनी से शादी की, जो कि मूलतः स्लोवेनिया से थीं। सुनीता का पैतृक घर गुजरात के झूलासन में है, जबकि उनका ननिहाल स्लोवेनिया में है।
वापसी की खबर के साथ सुनीता को पीएम मोदी की शुभकामनाओं वाला पत्र भी सामने आया
बता दें कि मंगलवार को जब ISS से सुनीता और तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर स्पेसएक्स का ड्रैगन यान वापस धरती की तरफ रवाना होने की खबर आई, तो इसके बाद भारत में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पत्र साझा किया। प्रधानमंत्री ने सुनीता विलियम्स को यह पत्र 1 मार्च को लिखा था। इसमें पीएम ने लिखा, मैं आपको भारत की जनता की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं। आज एक कार्यक्रम में मेरी मुलाकात प्रसिद्ध अंतरिक्ष यात्री माइक मैसिमिनो से हुई। बातचीत के दौरान आपका नाम आया और हमने इस पर चर्चा की कि आपके और आपके कार्यों पर हमें कितना गर्व है। इस चर्चा के बाद मैं आपको पत्र लिखने से खुद को रोक नहीं सका। बकौल पीएम मोदी, 'जब मैंने अमेरिका की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप या राष्ट्रपति बाइडन से मुलाकात की तो हमेशा आपकी कुशलक्षेप के बारे में पूछा। 1.4 अरब भारतीय आपकी उपलब्धियों पर हमेशा गर्व करते आए हैं। हाल के घटनाक्रमों ने आपकी प्रेरणादायक दृढ़ता और परिश्रम को उजागर किया है। आपको और बैरी विल्मोर को सुरक्षित वापसी के लिए शुभकामनाएं।'
सितंबर, 2024 में भी वापसी का प्रयास हुआ
18 मार्च की सुबह करीब 10.35 बजे ISS से रवाना हुआ था। करीब 17 घंटों के सफर के बाद सुनीता और अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ यान फ्लोरिडा के समुद्र तल पर उतरेगा। सुनीता और विल्मोर 5 जून, 2024 को रवाना हुए थे। महज आठ दिनों के मिशन पर गईं, सुनीता को तकनीकी खामी के कारण उन्हें विल्मोर के साथ 286 दिनों तक ISS में ही रुकना पड़ा। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से सुनीता की सकुशल वापसी के लिए नासा ने सितंबर में भी प्रयास किया था। हालांकि, बोइंग स्टारलाइनर को खाली हाथ लौटना पड़ा था।
समुद्र में सुनीता के यान की लैंडिंग के बाद सबसे पहले क्या होगा
भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स गुरुवार को जब पृथ्वी पर लौटेंगी तो सबसे पहले उन्हें स्ट्रेचर से नासा के फ्लोरिडा स्टेशन के करीब स्थित लैब में ले जाया जाएगा, जहां उनकी और अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन से लौटे अंतरिक्ष यात्रियों की जांच होगी। इसके बाद सुनीता कुछ समय पुनर्वास केंद्र में बिताएंगी और वैज्ञानिकों से क्लियरेंस मिलने के बाद उनका परिवारवालों से मिलना सुनिश्चित हो जाएगा।
भारतवंशी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स लंबे इंतजार के बाद आज तड़के अमेरिका के फ्लोरिडा में उतरेंगी। धरती से 400 किलोमीटर से अभी अधिक ऊंचाई पर बनाए गए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर नौ महीने से भी अधिक समय से फंसीं सुनीता और उनके सहयोगी बैरी विल्मोर को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी- NASA ने खास मिशन पर भेजा था। हालांकि, तकनीकी कारणों से सुनीता और विल्मोर की वापसी पूर्व निर्धारित समय से नहीं हो सकी। अब 286 दिनों के बाद दोनों को अरबपति कारोबारी एलन मस्क की कंपनी- स्पेसएक्स और नासा के सहयोग से वापस लाया जा रहा है। नासा ने बताया है कि सुनीता और विल्मोर को लेकर वापस लौट रहा अंतरिक्ष यान फ्लोरिडा में समुद्र तल पर उतारा जाएगा। भारतीय समयानुसार यान अब से थोड़ी ही देर के बाद यानी तड़के 3.27 बजे धरती पर आ जाएगा।
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भारत में प्रार्थनाओं का दौर, पीएम मोदी ने कहा- दिलों के करीब हैं सुनीता
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों और डॉक्टरों की टीम फ्लोरिडा में मुस्तैद है। भारत में सुनीता के परिजनों ने उनकी सकुशल वापसी के लिए गुजरात में यज्ञ-हवन आयोजित किया। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुनीता के नाम एक पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि भले ही सुनीता धरती से मीलों दूर अंतरिक्ष में हैं, लेकिन भारत के लोगों की प्रार्थना और दुआएं उनके साथ हैं। वे दिलों के काफी करीब हैं।
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सुनीता की धरती पर सुरक्षित वापसी की कामना के साथ हवन
नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स का पैतृक गांव गुजरात में है। मेहसाणा जिले के झूलासन में सुनीता की धरती पर सुरक्षित वापसी की कामना के साथ हवन किया जा रहा है। नौ महीने से अधिक समय बाद स्पेसएक्स का स्पेसशिप- ड्रैगन करीब 2.41 बजे धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर जाएगा। इसके करीब 45 मिनट के बाद समुद्र तल पर उतरेगा।