ऑस्ट्रिया ने यूरोपीय संघ (ईयू) के प्रतिबंधों के तहत लोगों की सूची में और रूसी कुलीनों को शामिल करने की इच्छा व्यक्त की है। चांसलर कार्ल नेहमर के कार्यालय ने एक बयान में कहा कि 800 से अधिक लोगों पर पहले ही ईयू प्रतिबंध लगाए जा चुके हैं। हम इस सूची का दायरा और बढ़ाने कै समर्थन कर रहे हैं।
अमेरिका की संसद को संबोधित कर रहे यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने रूसी एयर स्ट्राइक और हमलों से निपटने के लिए अमेरिका से और हथियार उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि रूस ने यूक्रेन के आसमान को हजारों लोगों के लिए मौत के स्रोत के रूप में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि नाटो से यह कहना बहुत अधिक नहीं होगा कि यूक्रेन के ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित किया जाए। अगर यह बहुत ज्यादा है तो हमें और एंटी एयक्राफ्ट हथियार उपलब्ध कराएं।
पोलैंड, चेक गणराज्य और स्लेवाकिया के प्रधानमंत्री मंगलवार को कीव की यात्रा करने के बाद बुधवार की सुबह पोलैंड लौट आए। इन नेताओं की यह यात्रा यूक्रेन के प्रति अपना समर्थन प्रकट करने के लिए थी।
अबूधाबी की यात्रा के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि नजदीकी भविष्य में यूक्रेन को नाटो में शामिल करने की कोई संभावना नहीं है। इससे पहले मंगलवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा था कि यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा।
यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने दावा किया है कि रूसी बलों ने यूक्रेनी शहर स्कादोव्स्क के मेयर ओलेक्सांद्र याकोव्लेव को बंधक बना लिया है। यह शहर खरसन क्षेत्र में आता है।
व्हाइट हाउस ने कहा है कि अगर भारत कच्चे तेल की कीमतों पर छूट की रूस की पेशकश को स्वीकार करता है तो यह मॉस्को पर अमेरिकी प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं होगा। हालांकि, इसके साथ ही इसने यह भी स्पष्ट किया कि देशों को यह भी सोचना चाहिए कि वह यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच किस ओर खड़े होना चाहते हैं।
रूसी हमलों में कीव की एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक, कीव के एक जिले में 12 मंजिला इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो लोग घायल हो गए। वहीं 37 लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
रूस की ओर से भारत को रियायती दरों पर कच्चे तेल की पेशकश के बाद सबकी नजरें भारत की ओर हैं। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जेन सॉकी ने कहा कि, भारत अगर इस सौदे को स्वीकार करता है तो यह प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला नहीं होगा। हालांकि, यह सौदा भारत को गलत पक्ष में जरूर खड़ा कर सकता है।
यूक्रेन संकट पर यूनिसेफ ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। यूनिसेफ की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यूक्रेन में हर एक मिनट में 55 बच्चे शरणार्थी बन रहे हैं। यानि, हर एक सेकेंड में एक बच्चा। दूसरे शब्दों में यूक्रेन में प्रतिदिन करीब 75 हजार बच्चे शरणार्थी बन रहे हैं।
एक बार फिर से यूक्रेन के कई बड़े शहरों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है। इसमें लवीव, चकार्सी, निप्रो, ओबलास्ट व अन्य शहर शामिल हैं। यहां लगातार सायरन बज रहे हैं।