विश्व बैंक ने गुरुवार को अपने बयान में कहा कि वह मौजूदा राजनीतिक और सैन्य संकट के बीच यूक्रेन को तत्काल वित्तीय सहायता देने के तैयार है। बयान के अनुसार, "हम यूक्रेन को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं और इस तरह के समर्थन के लिए विकल्प तैयार कर रहे हैं, जिसमें तेजी से वितरण वित्तपोषण भी शामिल है। विकास भागीदारों के साथ, विश्व बैंक समूह हमारे सभी वित्तपोषण और तकनीकी सहायता उपकरणों का उपयोग तेजी से प्रतिक्रिया के लिए करेगा।" विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष डेविड मलपास ने कहा, "विश्व बैंक समूह यूक्रेन में सामने आई घटनाओं के परिणामस्वरूप चौंकाने वाली हिंसा और जीवन के नुकसान से भयभीत है। हम एक लंबे समय से साझेदार हैं। यूक्रेन और इस नाजुक घड़ी में अपने लोगों के साथ खड़े हैं।"
अमेरिका ने इस महीने की शुरुआत में मास्को से अमेरिका के दूसरे नंबर के राजनयिक को निष्कासित किए जाने के जवाब में वाशिंगटन से रूस के दूसरी रैंक के राजनयिक को निष्कासित कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ ने यह जानकारी दी। इस निष्कासन का रूस-यूक्रेन संकट से संबंध नहीं है और यह दूतावास कर्मियों को लेकर अमेरिका और रूस के बीच लंबे समय से जारी विवाद का हिस्सा है। बहरहाल, यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब यूक्रेन को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है। अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने बुधवार को रूसी दूतावास को सूचित कर दिया कि वह काउंसलर सर्गेई ट्रेपेलकोव को निष्कासित कर रहा है, जो वर्तमान में राजदूत अनातोली एंतोनोव के अधीन दूतावास में नंबर दो पर हैं। रूस ने फरवरी के मध्य में मॉस्को स्थित अमेरिकी मिशन के उप प्रमुख बार्ट गोर्मन को निष्कासित कर दिया था।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि "दोनों मंत्रियों के बीच यूक्रेन में चल रहे घटनाक्रम और इसके प्रभावों पर चर्चा हुई। हम अमेरिकी विदेश मंत्री के आह्वान की सराहना करते हैं।"
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि युद्ध संकट के बीच यूक्रेन से करीब एक लाख लोग विस्थापित हुए हैं और हजारों लोग विदेश चले गए हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने आज यूक्रेन में तेजी से बिगड़ती स्थिति की चेतावनी दी क्योंकि लोग सुरक्षा की तलाश में अपने घरों से भाग रहे हैं। शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र के उच्चायुक्त, फिलिपो ग्रांडी ने चेतावनी दी, "नागरिक आबादी पर मानवीय परिणाम विनाशकारी होंगे। युद्ध में कोई विजेता नहीं होता है लेकिन अनगिनत जीवन नष्ट हो जाएगा"। शरणार्थी एजेंसी यूक्रेन के पड़ोसियों से पलायन करने वालों के लिए अपनी सीमाएं खुली रखने का आह्वान कर रही है। एजेंसी ने कहा कि वह "जबरन विस्थापन की किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए सभी के प्रयासों का समर्थन करने" के लिए तैयार है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खारिज किए जाने का जोखिम है, लेकिन वह इस तरह के अलगाव से नहीं डरते, वह आम धारणा के विपरीत काम करते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन यूक्रेन संकट को लेकर अमेरिका की प्रतिक्रिया पर अपना बयान दे रहे हैं। बाइडन प्रशासन यूक्रेन पर रूस के आक्रमण का आकलन कर रहा है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति भवन की तरफ से कहा गया है कि रूसी सेना ने उसके शेर्नोबिल स्थित परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया है। यह परमाणु संयंत्र 1986 से ही बंद पड़ा है। तब यहां परमाणु आपदा में 1.25 लाख लोगों की मौत हुई थी। गौरतलब है कि शेर्नोबिल अभी भी यूक्रेन के उन क्षेत्रों में है, जहां रेडिएशन जबरदस्त रूप से फैला है।
रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की प्रेस कॉन्फ्रेंस को एक घंटे के लिए टाल दिया गया है। बताया गया है कि व्हाइट हाउस में बाइडन ने हाल ही में जी7 देशों से बात की है। वे फिलहाल अपने अधिकारियों से प्रतिबंधों को लेकर जानकारी ले रहे हैं। इसलिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस अब भारतीय समयानुसार रात 12 बजे होगी।
राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन के संबंध में हाल के घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री मोदी को अवगत कराया। पीएम ने अपने लंबे समय से चले आ रहे विश्वास को दोहराते हुए कहा कि रूस और नाटो के बीच मतभेद केवल ईमानदार बातचीत से ही सुलझाए जा सकते हैं। पीएमओ के मुताबिक, पीएम मोदी ने पुतिन से हिंसा और तनाव को तत्काल बंद करने की अपील की। उन्होंने राजनयिक वार्ता के रास्ते पर लौटने के लिए सभी पक्षों से कोशिश करने का आह्वान किया।
पीएमओ के मुताबिक, इस दौरान पीएम ने यूक्रेन में भारतीय नागरिकों खासकर छात्रों की सुरक्षा के बारे में भारत की चिंताओं के बारे में भी पुतिन से चर्चा की। पीएम ने पुतिन से कहा कि भारत उनकी सुरक्षित निकासी और भारत लौटने को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने सहमति व्यक्त की कि उनके अधिकारी और राजनयिक दल सामयिक हितों के मुद्दों पर नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मॉस्को में प्रतिबंधों पर चर्चा के लिए व्यापार शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। उन्होंने यूक्रेन पर हमले को लेकर कहा कि उनके पास कोई चारा नहीं था। साथ ही उन्होंने यूरोपीय देशों को चेतावनी देते हुए कहा कि प्रतिबंधों का जवाब सीधा प्रतिबंधों के जरिए ही दिया जाएगा। गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति थोड़ी देर में यूक्रेन संकट को लेकर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करेंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने कहा है कि रूस की सेना अब राजधानी कीव के एयरबेस पर कब्जा जमा चुकी है। उन्होंने यूरोपीय देशों से अपील की कि वह रूस को स्विफ्ट (अंतरराष्ट्रीय पेमेंट सर्विस) को बंद कर दे। इस बीच मानवाधिकार और चिकित्सा संगठन रेडक्रॉस ने दावा किया है कि रूस के हमले में यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। यूक्रेन के कई लोग मारे गए हैं।
यूक्रेन ने यूरोपियन देशों से मांग की है कि वे रूस के साथ बेलारूस पर भी सख्त प्रतिबंध लगाए। यूक्रेन ने मांग की है कि रूस के खिलाफ उसे मिसाइल डिफेंस सिस्टम और एयर डिफेंस भेजा जाए। इसके अलावा यूरोप को रूस की सैटेलाइट सिग्नल भी ब्लॉक कर देने चाहिए।
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने यूक्रेन संकट पर कैबिनेट बैठक के बाद कहा, "यूक्रेन में स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। हमने करीब एक महीने पहले यूक्रेन में भारतीय नागरिकों का पंजीकरण शुरू किया था। ऑनलाइन पंजीकरण के आधार पर हमने पाया कि 20,000 भारतीय नागरिक वहां थे।" उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में 4000 भारतीय नागरिक यूक्रेन से भारत लौट चुके हैं। दिल्ली में MEA कंट्रोल रूम को 980 कॉल और 850 ईमेल मिले हैं।"
भारत के विदेश सचिव ने गुरुवार को यूक्रेन संकट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा, "आपने रूस और यूक्रेन संकट को देखा है। इसे लेकर आज कैबिनेट की बैठक हुई है। हमने इस स्थिति पर नजर रखी है। हमारे लिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से थोड़ी देर में बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि भारतीयों को निकालने के लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से भी बात की गई है।"
रूसी सेना लगातार यूक्रेनी सैनिकों पर हमले करते हुए राजधानी कीव के करीब पहुंच गई है। इस बीच कीव में सरकार ने कर्फ्यू का एलान किया है। राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने कहा कि हमें काफी नुकसान उठाने पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रूस शेर्नोबिल स्थित परमाणु संयंत्र को भी कब्जाना चाहता है। यह वही इलाका है, जहां 1986 में परमाणु आपदा आई थी और पूरे इलाके में रेडिएशन फैल गया था। तब से लेकर अब तक यूक्रेन ने इस जगह पर कोई निर्माण नहीं किया है।
रूस की ओर से यूक्रेन पर किए गए हमले को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन आज रात 11 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन देंगे। वे इसमें रूस पर की जाने वाली कार्रवाई का ब्योरा देंगे। इसके अलावा वे प्रतिबंधों को लेकर भी नए एलान कर सकते हैं।
महाराष्ट्र: रूस-यूक्रेन विवाद के कारण कई भारतीय छात्र यूक्रेन में फंस गए हैं, जिसे लेकर उनके माता-पिता चिंतित हैं। छात्र की मां ने बताया, "आज सुबह मेरे बेटे की फ्लाइट थी लेकिन कैंसल हो गई। मोदी सरकार से मेरी गुहार है कि यूक्रेन में मौजूद सभी भारतीय बच्चों को भारत लेकर आएं।"
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस अब उसके शेर्नोबिल स्थित बंद पड़े परमाणु संयंत्र पर कब्जा करने की कोशिश में है। जेलेंस्की ने कहा कि इस बारे में उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री को बताया है। उन्होंने कहा कि परमाणु संयंत्र में 1986 में जो तबाही हुई थी, यूक्रेन उसे कभी दोहराने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि यह पूरे यूरोप के खिलाफ युद्ध का एलान है।
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने कीव में दूतावास के पास एक स्कूल में 200 से अधिक भारतीय छात्रों को इकट्ठा किया है।
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि रूसी सैनिक अब राजधानी कीव के एयरबेस तक पहुंच गई है। फिलहाल यूक्रेनी सैनिक इसे बचाने की कोशिश में हैं। हालांकि, यूक्रेनी के पास सैनिकों की संख्या कम होने की वजह से उसके एयरबेस के ज्यादा देर तक सुरक्षित रहने की उम्मीद भी काफी कम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात कर सकते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से यह दावा किया है। गौरतलब है कि भारत में यूक्रेन के राजदूत ने आज सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी से गुहार लगाई थी कि वे युद्ध रोकने के लिए पुतिन से बात करें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस-यूक्रेन संकट के बीच आपात बैठक बुलाई है। इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर और एनएसए अजीत डोभाल शामिल हुे हैं। इसके अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक का हिस्सा बने हैं। माना जा रहा है कि पीएम इस चर्चा में रूस-यूक्रेन के बीच तनाव कम करने के कदमों पर बात कर सकते हैं। इसके अलावा वे यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्रों को निकालने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन संकट को लेकर देश को संबोधित किया है। उन्होंने कहा कि कि यूक्रेन पर रूस का हमला यूरोपीय इतिहास में 'टर्निंग पॉइंट' है। उन्होंने कहा कि रूस के युद्ध की इस हरकत के लिए वह बिना कोई ढील दिए कार्रवाई करेगा।
यूक्रेन पर किए गए रूस के हमले से जनजीवन का नुकसान जारी है। यूक्रेन के सीमा बल ने कहा है कि रूसी सेना लगातार आगे बढ़ रही है और कीव तक पहुंचने वाली है। इस बीच कीव के करीब एक मिलिट्री प्लेन क्रैश में यूक्रेन के 14 जवानों की मौत हो गई।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने यूक्रेन पर हमले को लेकर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी है। उन्होंने पुतिन को तानाशाह करार दिया है और हमले को घिनौना बताया है। ब्रिटेन के पीएम ने कहा कि पश्चिमी देश जल्द ही रूस के खिलाफ बड़े प्रतिबंधों का एलान करने वाले हैं, क्योंकि हम इस संकट से मुंह नहीं फेर सकते।
यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए कतर में दूतावास भी सक्रिय हो गया है। ताजा बयान में कहा गया है कि भारत सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भारत-कतर द्विपक्षीय हवाई व्यवस्था के तहत यूक्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को पारगमन से यात्रा करने की अनुमति दी है।
यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद भारतीय दूतावास ने एक दिन के अंदर ही अपने नागरिकों के लिए तीसरी एडवायजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि वे सभी नागरिक जिन्हें अपने क्षेत्रों में बम गिरने से जुड़े साइरन सुनाई दे रहे हैं, वे सभी लोग बंकरों में शरण लें। सभी नागरिकों को शांति आने तक बॉम्ब शेल्टर में छिपने के लिए कहा गया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय की तरफ से यूक्रेन पर हमले को लेकर सफाई जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि रूसी सेना का अभियान यूक्रेन को नाजियों से आजाद कराने का है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि कोई भी यूक्रेन पर कब्जे की बात नहीं कर रहा और रूस के संदर्भ में इस शब्द का इस्तेमाल गलत है।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूक्रेन संकट और वहां फंसे भारतीयों के रेस्क्यू को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले भी एडवाइजरी जारी की थी। सरकार चिंतित है, प्रयास जारी हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि हमारे जो बच्चे वहां हैं उन्हें निकाला जाए। वहां स्थिति विषम है। प्लेन भेजा गया था, लेकिन प्लेन वहां उतारा नहीं जा सका। राजनाथ ने आगे कहा, "भारत चाहता है कि शांति कायम होनी चाहिए। बातचीत से हल निकाला जाना चाहिए। युद्ध की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए, यही भारत की सोच है।"
यूक्रेन के अधिकारियों ने बताया है कि ओडेसा में रूसी सेना के हमले में 18 लोगों की मौत हो गई है। अभी यह साफ नहीं है कि मारे गए सिर्फ सैनिक हैं या इनमें आम नागरिक भी शामिल हैं। अफसरों ने बताया कि रूसी सैनिक ओडेसा की तरफ से राजधानी कीव की ओर बढ़ रहे हैं।
नाटो (नॉर्थ ऍटलाण्टिक ट्रीटी ऑर्गनाइज़ेशन) महासचिव जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने कहा- हम यूक्रेन में रूस के आक्रमण की कड़े शब्दों में निंदा करता है। हम रूस से सैन्य कार्रवाई को तुरंत बंद करने और यूक्रेन से पीछे हटने का आह्वान करते हैं।
विदेश मंत्री डॉ एस. जयशंकर ने बताया है कि यूक्रेन संकट को लेकर उनकी यूरोपीय संघ के HRVP जोसेप बोरेल फोंटेल्स से फोन पर बात हुई है। यूक्रेन में गंभीर स्थिति और भारत कैसे डी-एस्केलेशन प्रयासों में योगदान दे सकता है, इस बारे में चर्चा की।
नाटो की रूस को चेतावनी- अपनी सेनाओं को यूक्रेन से निकालें और बातचीत की मेज पर वापस लौटें। रूस इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश कर रहा है। हम यूक्रेन की स्वायत्ता के साथ हैं। हमने अपने रक्षा मुद्दों पर चर्चा की है। संकट के दौरान हमने गठबंधन के देशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का फैसला किया है। हमने सीमाओं की सुरक्षा मजबूत की है। रूस की नीयत इस वक्त दुनिया देख रही है।
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा है कि विदेश मंत्रालय यूक्रेन से छात्रों सहित लगभग 18,000 भारतीयों को वापस लाने के लिए कदम उठा रहा है। यूक्रेन में हवाई क्षेत्र बंद है इसलिए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। केंद्र सरकार सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।
नाटो गठबंधन के देशों ने यूक्रेन के साथ मजबूती से खड़े होने की बात कही है। हालांकि, फिलहाल उसकी तरफ से कोई सैन्य कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है। नाटो ने कहा है कि वह रूस से सीमा साझा करने वाले गठबंधन में शामिल देशों की रक्षा के लिए कदम उठा रहा है और जमीन, हवाई और जल क्षेत्र में अतिरिक्त मदद भेज रहा है।
रूस के हमले के बीच यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए भारतीय दूतावास ने कोशिशें तेज कर दी हैं। कीव में भारतीय राजदूत पार्थ सतपति की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हम इन मुश्किल हालात में भी मिशन मोड में काम कर रहे हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की ने एलान किया है कि वे रूस से सारे राजनयिक संबंध तोड़ रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने एलान किया कि वे रूस के आगे सरेंडर नहीं करेंगे और जो कोई भी देश की रक्षा के लिए आगे आना चाहता है, उसे हथियार मुहैया कराएंगे।
यूक्रेन संकट को लेकर नाटो गठबंधन में शामिल देशों ने आपात बैठक बुलाई है। बताया गया है कि रूस से सीमा साझा करने वाले पोलैंड और बाल्टिक देशों ने नाटो समझौते के अनुच्छेद 4 के तहत यह आपात बैठक बुलाई। आमतौर पर इस अनुच्छेद को तभी इस्तेमाल में लाया जाता है, जब किसी देश को अपनी अखंडता खतरे में लगती है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडाइमिर जेलेंस्की के सलाहकार ने रूस के हमले में 40 यूक्रेनी सैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि दर्जनभर से ज्यादा सैनिक घायल भी हुए हैं।
यूक्रेन-रूस संकट को लेकर समाचार एजेंसी एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बड़ी जानकारी दी है। इसके मुताबिक भारतीय विदेश मंत्रालय ने जानकारी देते हुए कहा है कि हम तेजी से बदलती स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारतीयों, खासकर छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान दिया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के नियंत्रण कक्ष का विस्तार किया जा रहा है और इसे 24x7 आधार पर चालू किया जा रहा है।
रूस-यूक्रेन विवाद पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी.एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि हम तत्काल युद्ध टालने की अपील करते हैं, स्थिति एक बड़े संकट में तब्दील होने के कगार पर है। अगर इसे सावधानी से नहीं संभाला जाता तो यह सुरक्षा को कमजोर कर सकता है। सभी पक्षों की सुरक्षा को ध्यान में रखा जाना चाहिए।
यूक्रेनी हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने के जोखिम स्तर को 'डू नॉट फ्लाई' तक बढ़ा दिया गया है।