पीएम नरेंद्र मोदी दो दिन के औपचारिक दौरे के बाद भारत लौटने के लिए तेल अवीव से रवाना हुए। इस दौरान इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने पीएम मोदी और उनके प्रतिनिधिमंडल को एयरपोर्ट पर विदाई दी।
अगले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने यरूशलम स्थित विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र याद वाशेम का दौरा किया और होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों की स्मृति में श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने राष्ट्रपति भवन के उद्यान में प्रधानमंत्री मोदी की ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के सम्मान में ओक का पौधा भी लगाया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें भारत-इस्राइल रणनीतिक साझेदारी के पूरे दायरे पर चर्चा की गई।
वार्ता के दौरान दोनों देशों ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान, उभरती और महत्वपूर्ण तकनीकों, साइबर सुरक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, रक्षा और सुरक्षा, व्यापार और अर्थव्यवस्था के साथ-साथ लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग और गहरा करने पर सहमति जताई। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा कि यह दौरा सिर्फ औपचारिक यात्रा नहीं बल्कि भारत-इस्राइल संबंधों को अगले स्तर पर ले जाने वाला महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है और आने वाले समय में दोनों देशों की साझेदारी और मजबूत होगी।
विक्रम मिस्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया के कई महत्वपूर्ण देशों का दौरा किया है। इनमें कुवैत, सऊदी अरब, जॉर्डन, ओमान और अब इस्राइल शामिल हैं। इसके साथ ही भारत ने इस क्षेत्र के कई राष्ट्राध्यक्षों, सरकार प्रमुखों और वरिष्ठ नेताओं की मेजबानी भी की है। इससे साफ है कि भारत पश्चिम एशिया क्षेत्र के साथ राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।
विदेश सचिव के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा इस्राइल की संसद नेसट को संबोधित करना रहा। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भारत-इस्राइल रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में उनके नेतृत्व और योगदान के लिए नेसट पदक से सम्मानित किया गया। वह इस सम्मान को पाने वाले पहले नेता बने। इसके बाद दोनों प्रधानमंत्रियों ने एक विशेष प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का संयुक्त रूप से दौरा किया। शाम को प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में निजी रात्रिभोज का आयोजन भी किया।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे को भारत-इस्राइल संबंधों के लिए ऐतिहासिक और निर्णायक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस्राइल की अपनी राजकीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। यह दौरा इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर हुआ। प्रधानमंत्री मोदी की यह इस्राइल की दूसरी यात्रा रही। इससे पहले वह करीब नौ वर्ष पहले यहां आए थे, जो किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा थी। मिस्री के अनुसार यह दौरा पिछले एक दशक में दोनों देशों के रिश्तों में हुई प्रगति को दर्शाता है और भविष्य की साझेदारी के नए चरण की नींव रखता है।
विदेश सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भी इस यात्रा को असाधारण दौरा बताया। यह दौरा समय के लिहाज से छोटा रहा और करीब 24 घंटे से थोड़ा अधिक चला, लेकिन इसके परिणाम बेहद महत्वपूर्ण और व्यापक रहे। उन्होंने कहा कि कम समय के बावजूद यह यात्रा बेहद सार्थक और उत्पादक साबित हुई। यह दौरा पश्चिम एशिया के देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने की प्रधानमंत्री मोदी की व्यापक नीति का हिस्सा है, जिसमें वह खुद सक्रिय रुचि लेकर क्षेत्र के देशों के साथ संबंध आगे बढ़ा रहे हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण ने इस्राइली संसद को भावनात्मक रूप से प्रभावित किया। उनके भाषण को लेकर इस्राइल के प्रधानमंत्री बेनजामिन नेतन्याहू ने कहा, कल आपके नेसेट में प्रेरक भाषण के बाद इस्राइल में कोई भी आंख सूखी नहीं रही। नेतन्याहू ने मोदी के दो दिन के दौरे को 'संक्षिप्त लेकिन अत्यंत फलदायक और अत्यंत भावुक' बताया। उन्होंने कहा, यह एक अद्भुत दौरा रहा। अद्भुत निष्कर्ष और अद्भुत अनुभव रहे। इसके बाद हमें न केवल अपने दिलों में गहराई से झांकने का अवसर मिला, बल्कि हमारे दोनों देशों के अद्भुत मस्तिष्कों को भी समझने का मौका मिला।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत की सोच स्पष्ट है- 'ह्यूमैनिटी मस्ट नेवर बिकम अ विक्टिम ऑफ कॉन्फ्लिक्ट' (मानवता को कभी भी संघर्ष का शिकार नहीं बनना चाहिए)। गाजा शांति पहल से शांति का एक रास्ता बना है। भारत ने भी इन प्रयासों का पूर्ण समर्थन किया है। भविष्य में भी हम सभी देशों के साथ हम संवाद और सहयोग जारी रखेंगे। मेरे प्रिय दोस्तों, आपकी आत्मीयता और गर्मजोशी ने मेरी यात्रा को यादगार बना दिया है। आप सभी लोगों से जो प्यार मिला है, उसके लिए आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद प्रकट करता हूं।
इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे खुशी है कि इनोवेटर्स को जोड़ना हमारी मुख्य प्राथमिकता रही है। भारत इस्राइल यूएई और अमेरिका के साथ नई गति के साथ आगे बढ़ेंगे। भारत-इस्राइल एक साथ संकल्पित हैं कि हम आतंकवाद का विरोध करते रहे हैं और करते रहेंगे। पश्चिम एशिया में शांति और अस्थिरता से भारत के सीधे सुरक्षा हित जुड़े हैं। इसीलिए हमने शुरुआत से ही संवाद और शांतिपूर्ण ढंग का समर्थन किया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज हमने क्रिटिकल एंड इमर्जिंग तकनीकी साझेदारी स्थापित करने का निर्णय लिया है। इससे एआई, क्वांटम और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग को नई गति मिलेगी। इस्राइल में यूपीआई के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। रक्षा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना विश्वसनीय सहयोग रहा है। पिछले वर्ष हुए समझौतों से इसमें नए आय़ाम जुड़ेंगे। हम मिलकर जॉइन डेवलपमेंट, प्रोडक्शन और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ेंगे। इसके लावा सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस में भी हम कदम आगे बढ़ाएंगे। दोनों देश अब कृषि को भी फ्यूचरिस्टिक दिशा देने जा रहे हैं। भारत में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को 100 तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। हम अब विलेज ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर भी काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि दोनों देशों के युवाओं, रिसर्चर्स और नए विचारों पर काम करने वाले लोगों को आपस में जोड़ना हमारी बड़ी प्राथमिकता रही है। इसी दिशा में आज हम इंडिया-इस्राइल अकादमिक फोरम की स्थापना कर रहे हैं, ताकि शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में सहयोग और मजबूत हो सके। आज हमने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा की। क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए हम इंडिया मिडिल ईस्ट यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) और इंडिया-इजराइल-UAE-USA समूह यानी I2U2 को नई गति से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी है कि इस्राइल में UPI के इस्तेमाल को लेकर भी समझौता किया गया है।
इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे रिश्ते समय की हर कसौटी पर खरे उतरे हैं। आज हमने अपनी टाइम टेस्टेड साझेदारी को स्पेशल स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप पर ले जाने का निर्णय लिया है। आज की बैठक में हमने अपने सहयोग को नई दिशा और तेज गति देने पर चर्चा की। हमारा आर्थिक सहयोग, ग्रोथ, इनोवेशन और शेयर्ड प्रोसपैरिटी का इंजन बना हुआ है। आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष बाइलेट्रल एग्रीमेंट किया। हम जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी अंतिम रूप देंगे। तकनीक हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। आपसी निवेश को बढ़ावा देने के लिए हमने पिछले वर्ष बाइलेट्रल एग्रीमेंट किया। हम जल्द ही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को भी अंतिम रूप देंगे। तकनीक हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है।
प्रधानमंत्री और मेरे मित्र बेंजामिन नेतन्याहू, मिसेज नेतन्याहू, दोनों देशों के प्रतिनिधि, मीडिया के साथियों को नमस्कार और शालोम। मेरे और भारतीय डेलिगेशन के स्वागत के लिए मैं पीएम नेतन्याहू का फिर हृदय से आभार प्रकट करता हूं। नौ वर्ष पहले मुझे इस्राइल की यात्रा करने वाले पहले प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला था। एक बार फिर इस्राइल की धरती पर आना मेरे लिए गर्व और भावुकता का क्षण है। कल मुझे इस्राइली संसद को संबोधित करने का मौका मिला। वहां मुझे स्पीकर ऑफ नेसेट से सम्मानित किया गया। मैं इस सम्मान के लिए इस्राइल का आभार व्यक्त करता हूं। इसे 140 करोड़ भारतवासियों और भारत इस्राइल मित्रता को समर्पित करता हूं। हमारे संबंध गहरे विश्वास, साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय संवेदनाओं की मजबूत आधारशिला पर स्थापित हैं।
हमने भारत से सहयोग पर बात की। हमने लक्षित कृषि पर बात की। हमने लक्षित शिक्षा पर बात की, जिसके तहत उस एआई पर बात हुई, जिसमें हर एक व्यक्ति- लड़का और लड़की तक पहुंचने की क्षमता है और उन्हें उनके हिसाब से शिक्षित करने की खूबी है। हम एक साथ काफी कुछ कर सकते हैं। मैं भारत के लिए निजी तौर पर कर्जदार हूं। मैं अपनी निजी दोस्ती और अपने देशों की दोस्ती के लिए आपको बधाई देता हूं। धन्यवाद नरेंद्र।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच यरुशलम में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद भारत और इजरायल ने कई अहम समझौता ज्ञापनों (MoUs) का आदान-प्रदान किया। इन समझौतों का उद्देश्य रक्षा, तकनीक, नवाचार, कृषि और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है। दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।
पीएम मोदी और उनके इस्राइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू की मौजूदगी में आज भारत और इस्राइल के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तरीय वार्ता हुई। इसमें विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई शीर्ष पदाधिकारी मौजूद रहे। दोनों देशों के बीच हजारों करोड़ रुपये के समझौते होने हैं। इस संबंध में दोनों प्रधानमंत्री थोड़ी देर में संयुक्त प्रेस वार्ता करेंगे।
इस्राइल के राष्ट्रपति के साथ बैठक में पीएम मोदी ने कहा, 'मैं देख रहा हूं कि कल से जिस तरह से मेरा और मेरे प्रतिनिधिमंडल का इस्राइल में स्वागत सम्मान हुआ है। यह इस्राइल के लोगों के दिल में भारत के प्रति जो प्यार है, उसका प्रतिबिंब है। भारत और इस्राइल के संबंध विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत हो रहे हैं। खासकर पानी, कृषि के क्षेत्र में इस्राइल को महारत हासिल है। भारत भी कृषि क्षेत्र में इस्राइल की नीतियों को लागू करने की कोशिश कर रहा है।'
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में इसे नरसंहार के पीड़ितों को दिया गया सम्मान बताया। उन्होंने लिखा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड होलोकॉस्ट रिमेम्बरेंस सेंटर, याद वाशेम का दौरा किया। यह पीएम का याद वाशेम का दूसरा दौरा था। पीएम ने होलोकॉस्ट पीड़ितों को फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम ने दिल को छू लेने वाले बुक ऑफ नेम्स हॉल का भी दौरा किया, जो होलोकॉस्ट के दौरान मारे गए लाखों लोगों की याद को सहेजे हुए है।'
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय इस्राइल दौरा सिर्फ कूटनीतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। सड़कों से लेकर संसद भवन तक और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी उनका नाम छाया रहा।
इस्राइली नेसेट में दिए गए पीएम मोदी के भाषण के लिए हिब्रू यूनिवर्सिटी ने उन्हें धन्यवाद दिया। दरअसल पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच अकादमिक सहयोग बढ़ाने की बात कही। इस्राइली यूनिवर्सिटी ने एक बयान में पीएम मोदी को धन्यवाद दिया।
इस्राइल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी ने यरूशलम में होलोकॉस्ट स्मारक 'याद वाशेम' पहुंचकर नरसंहार के पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। जर्मनी में नाजी शासनकाल के दौरान कुख्यात तानाशाह हिटलर ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान यहूदियों के खिलाफ अभियान चलाया था, जिसमें बड़े-बड़े कैंप बनाकर लाखों यहूदियों को जहरीली गैस से मार दिया गया था। इसे होलोकॉस्ट के नाम से जाना जाता है। होलोकॉस्ट में 60 लाख लोगों के मारे जाने का दावा है। होलोकॉस्ट पीड़ितों की याद में ही याद वाशेम स्मारक बनाया गया है।
पीएम मोदी ने बुधवार को इस्राइल में टेक इनोवेशन एग्जीबिशन का दौरा किया। इस दौरान उनके साथ इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू भी रहे। पीएम मोदी ने एग्जीबिशन में एआई, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में नवाचार के बारे में जानकारी ली। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस एग्जीबिशन का जिक्र किया। एग्जीबिशन में पीएम मोदी ने विभिन्न टेक एंटरप्रेन्योर्स से बातचीत की और उन्हें भारत में निवेश का न्योता दिया।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पीएम मोदी को इस्राइली संसद का सर्वोच्च सम्मान स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल मिलने पर बधाई दी है। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में राजनाथ सिंह ये बधाई दी। उन्होंने लिखा कि यह दोनों देशों के बीच के गहरे विश्वास, आपसी सम्मान और रणनीतिक सहयोग को दर्शाता है।
आज इस्राइल दौरे के दूसरे दिन पीएम मोदी होलोकास्ट स्मारक याद वाशेम जाएंगे। साथ ही आज दोनों देशों के बीच कई अहम समझौतों पर भी हस्ताक्षर हो सकते हैं।
पीएम मोदी के इस्राइल पहुंचने पर उनके स्वागत के दौरान इस्राइली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि अगर भारत-इस्राइल भाईचारे पर कोई बॉलीवुड फिल्म बने तो वह जबरदस्त हिट साबित होगी। यह टिप्पणी दोनों देशों के मजबूत संबंधों और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को दिखाती है। बेंजामिन नेतन्याहू ने साल 2018 में भारत दौरे के दौरान कहा था कि इस्राइल को बॉलीवुड बेहद पसंद है और दोनों देशों के बीच सिनेमा के क्षेत्र में गहरा जुड़ाव भी है।
भारत और इस्राइल के बीच फिल्म सह-निर्माण समझौता साल 2018 में हुआ था, जब नेतन्याहू भारत आए थे। इस समझौते को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी। समझौते के तहत सह-निर्मित फिल्मों को दोनों देशों में राष्ट्रीय उत्पादन का दर्जा मिला है। इससे भारतीय फिल्म निर्माताओं को अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, पटकथा लेखन, प्रतिभा और वितरण में सहयोग मिलता है।
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस समझौते से दोनों देशों के रचनात्मक, तकनीकी, फाइनेंशियल और मार्केटिंग रिसोर्स का साझा उपयोग संभव हुआ है। सह-निर्मित फिल्में दोनों देशों के फिल्म समारोहों में घरेलू फिल्म की तरह भाग ले सकती हैं। साथ ही निर्माण और पोस्ट-प्रोडक्शन में प्रोत्साहन भी मिलते हैं।
यह समझौता कलात्मक और तकनीकी कर्मियों के बीच रोजगार सृजन में मददगार साबित हो रहा है। इससे कला-संस्कृति का आदान-प्रदान बढ़ा है और दोनों देशों के लोगों के बीच सद्भावना मजबूत हुई है।
साल 2018 में भारत यात्रा के दौरान 'शालोम बॉलीवुड' कार्यक्रम में नेतन्याहू ने अमिताभ बच्चन, इम्तियाज अली समेत अन्य सितारों से मुलाकात भी की थी। उन्होंने बॉलीवुड को इस्राइल में शूट करने का न्योता दिया था और कहा था कि इस्राइल और उन्हें बॉलीवुड पसंद है।
भारत में इस्राइली राजदूत रूवेन अजार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस्राइल यात्रा और भारत-इस्राइल संबंधों पर अहम बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला और प्रधानमंत्री के भाषण ने सभी को गहराई से प्रभावित किया। अजार ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आतंकवाद के खिलाफ बिना किसी समझौते के सख्त लड़ाई की बात कही और स्पष्ट संदेश दिया कि आतंकवाद के लिए किसी भी प्रकार का बहाना स्वीकार्य नहीं है। राजदूत अजार ने दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि भारत और इस्राइल अब अपने सहयोग को अधिक व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, खासकर संवेदनशील और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में। उन्होंने कहा कि हाल में हुए समझौतों ने दोनों देशों को इस दिशा में काम करने का ठोस तंत्र प्रदान किया है। अब इन समझौतों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देश उनके क्रियान्वयन के चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्राइल दौरे का आज दूसरा दिन है। पीएम मोदी आज होलोकॉस्ट पीड़ितों के लिए इस्राइल के आधिकारिक स्मारक, याद वाशेम जाएंगे। इसके अलावा, पीएम मोदी इस्राइली प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान भारत और इस्राइल के बीच ड्रोन की खरीद समेत कई बड़े रक्षा समझौतों पर सहमति बन सकती है। लगभग नौ साल के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजकीय यात्रा पर इस्राइल गए हैं।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोशल मीडिया एक्स पर हिंदी में एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, 'हमारे संयुक्त रात्रिभोज से पहले, मैंने पारंपरिक भारतीय पोशाक पहनकर अपने मित्र प्रधानमंत्री मोदी को चौंका दिया।'
इस्राइल की राजधानी यरुशलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू एक टेक्नोलॉजी और इनोवेशन प्रदर्शनी में शामिल हुए।
इस्राइल दौरे पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट किया, जिसमें वे इस्राइली पीएम बेंजमिन नेतन्याहू के साथ एक कार में सवार दिखे। इस पोस्ट में पीएम मोदी ने लिखा- 'नेसेट में मेरे भाषण के बाद, पीएम नेतन्याहू और मैं एक एग्जिबिशन देखने जा रहे हैं, जो टेक्नोलॉजी की दुनिया में हुई तरक्की को दिखाएगी।'
संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना ने पीएम मोदी के भाषण के लिए रखे गए विशेष सत्र में सुप्रीम कोर्ट के अध्यक्ष इसहाक एमिट को आमंत्रित नहीं किया। इस फैसले के विरोध में विपक्षी सांसद सत्र की शुरुआत में ही सदन से बाहर चले गए। जब विपक्षी सांसद बाहर गए तो उनकी खाली सीटों पर सत्तापक्ष के पूर्व सांसद आकर बैठ गए। कई विपक्षी दलों ने बयान जारी कर कहा कि वे प्रधानमंत्री नेतन्याहू के भाषण में शामिल नहीं होंगे और केवल तब सदन में लौटेंगे जब नरेंद्र मोदी बोलना शुरू करेंगे।
नेसेट में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे त्योहार भी एक-दूसरे से मेल खाते हैं। आप लोग हनुक्का मनाते हैं और मोमबत्तियां जलाते हैं। उसी समय पर हम लोग दिवाली मनाते हैं। भारत रंगों के साथ होली मनाता है। इसी दौरान इस्राइल पुरिम का त्योहार मनाता है।
इस्राइली संसद में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अन्य देशों के साथ कई अहम व्यापार समझौते किए हैं। हमारी टीमें महत्वाकांक्षी मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत करने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं।
नेसेट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, पिछले महीने दुनिया ने अंतर्राष्ट्रीय प्रलय स्मरण दिवस (इंटरनेशनल होलोकास्ट रिमेंबरेंस डे) मनाया। होलोकास्ट मानवता के सबसे काले अध्यायों में से एक है। फिर भी उन उथल-पुथल भरे वर्षों में भी मानवता के कुछ कार्य उल्लेखनीय थे। जाम साहब के नाम से मशहूर गुजरात के नवानगर के महाराजा ने पोलिश बच्चों को शरण दी, जिनमें यहूदी बच्चे भी शामिल थे, जिनके पास जाने के लिए और कोई जगह नहीं थी। उन्होंने कहा, यहूदी समुदाय भारत में उत्पीड़न या भेदभाव के डर के बिना रहते आए हैं। वे अपने धर्म का पालन करते हैं और समाज में पूरी तरह से भाग लेते हैं। यह उपलब्धि हमारे लिए गर्व का स्रोत है।
इस्राइली संसद में पीएम मोदी ने कहा, भारत और इस्राइल दोनों ही प्राचीन सभ्यता हैं। इसमें कोई आश्चर्य नहीं है कि हमारे सभ्याताओं में कई समानताएं हैं। इस्राइली सभ्यता में तिकुल ओलाम का सिद्धांत है। भारत में यह वसुधैव कुटंबकम है। हमारे लिए दुनिया एक परिवार की तरह है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि भारत की संसद ने इस्राइल के लिए एक संसदीय समूह बनाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस्राइली संसद को संबोधित करते हुए कहा, जब मैं पहली बार 2006 में इस्राइल आया था, तब यहां चुनिंदा योग के केंद्र थे। आज यहां के हर पड़ोस में योग साधना की जा रही है। मुझे बताया गया है कि आयुर्वेद में भी इस्राइल की रुचि बढ़ रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा इस वक्त इस्राइल तकनीकी क्षेत्र का नेतृत्व कर एक प्रौद्योगिकी पावर हाउस बन रहा है। हम इस्राइल के साथ अपने डिजिटल सार्वजनिक ढांचे को बढ़ाने के कोशिश कर रहे हैं। हमने साथ में 43 सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस भारत में स्थापित किए हैं। इसने भारत के 5 लाख से ज्यादा किसानों को ट्रेनिंग दी है। हम ऐसे 100 सेंटर्स बनाने की ओर आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बीते कुछ वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना है। हम दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा समर्थित गाजा शांति पहल एक मार्ग प्रदान करती है। भारत ने इस पहल के लिए अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया है। हमारा मानना है कि इसमें फलस्तीन मुद्दे को संबोधित करने सहित इस क्षेत्र के सभी लोगों के लिए एक न्यायपूर्ण और स्थायी शांति का वादा है। हमारे सभी प्रयास ज्ञान, साहस और मानवता द्वारा निर्देशित हों। शांति का मार्ग हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन भारत इस क्षेत्र में संवाद, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ खड़ा है।
इस्राइली संसद को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत का इस्राइल से संबंध खून और बलिदान से जुड़ा हुआ है। 4000 से ज्यादा भारतीय सैनिकों ने अपनी जान इस देश के लिए दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 20वीं शताब्दी में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के इस्राइली यहां आए। वे यहां लैब में काम कर रहे हैं, सेना में शामिल हुए हैं। इस्राइल उनकी पितृभूमि है और भारत उनकी मातृभूमि है। हमें उन पर गर्व है।
इस्राइली संसद में पीएम मोदी ने कहा, आपकी ही तरह हमारी भी आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहिष्णुता नीति है। आतंकवाद विश्वास को तोड़ता है। आतंकवाद के खिलाफ दोहरा रवैया नहीं रख सकते हैं। आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक सहमति जरूरी है।
नेसेट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने सात अक्तूबर के हमलों की आलोचना की। उन्होंने इसे क्रूर हमला करार देते हुए भारत की ओर से संवेदना व्यक्त की। उन्होंने 26/11 मुंबई आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत भी आतंकवाद का शिकार है। उन्होंने आगे कहा, मेरी संवेदना उन सभी लोगों के परिवारों के साथ है, जिन्होंने हमास के हमलों में अपनी जान गंवाईं। भारत इस्राइल के साथ खड़ा है और आगे भी खड़ा रहेगा।
इस्राइली संसद में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, मुझे इस्राइल की पहली यात्रा करने वाले भारत के प्रधानमंत्री बनने का सौभाग्य मिला और मैं यहां दोबारा आकर और भी खुश हूं। प्रधानमंत्री ने कहा, मेरा जन्मदिन उसी दिन होता है, जिस दिन भारत ने इस्राइल को एक देश के तौर पर मान्यता दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत शालोम और नमस्ते से की। उन्होंने कहा कि इस संसद के सामने खड़े होना सम्मान की बात है। भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं आपके लिए लाया हूं।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी को बताया 'एशिया का शेर' बताया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हमेशा इस्राइल की मदद के लिए तैयार रहते हैं।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, हम दोनों के बीच व्यक्तिगत और दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच एक शानदार दोस्ती रही है। आज सुबह, मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर आपका स्वागत किया। जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया। प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है। इसे मोदी हग कहा जाता है। यह दुनिया भर में मशहूर है। और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है। यह असल है। इसे मोदी हग कहा जाता है।
इस्राइली प्रधानमंत्री ने कहा, मुझे आपसे कहना है मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र, आज आपकी यात्रा से मैं बेहद भावुक हूं। आप इस्राइल के एक महान मित्र, भारत-इस्राइल गठबंधन के एक महान समर्थक, विश्व मंच पर एक महान नेता हैं। आपकी यात्रा से मैं इतना भावुक कभी नहीं हुआ था। मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी और आपके सम्मानित प्रतिनिधिमंडल का यरूशलम में स्वागत है। मैं तो यह कहूंगा कि आप मित्र से बढ़कर भाई हैं। जब आप पिछली बार यहां आए थे, हम दोनों भूमध्य सागर के तट पर थे। मैंने कहा था- क्यों न हम अपने जूते उतारकर पानी में चलें? हम पानी पर तो नहीं चले, लेकिन तबसे हमने चमत्कार जरूर किए हैं। क्योंकि हमने अपने व्यापार को दोगुना, सहयोग को तिगुना और आपसी समझ को चौगुना कर दिया है।
पीएम मोदी ने पहले इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने नेसेट में उनका स्वागत किया और उन्हें इस्राइल का सबसे अच्छा दोस्त बताया। नेतन्याहू ने कहा यह हमारे लिए गर्व का क्षण है। दिल की गहराइयों से शुक्रिया। उन्होंने कहा, भारत इस्राइल का महान मित्र देश है। मोदी मेरे लिए दोस्त से बढ़कर भाई हैं। पीएम मोदी दुनिया के सबसे सम्मानित नेता हैं।
इससे पहले, इस्राइली संसद के स्पीकर ने पीएम मोदी का स्वागत किया। स्पीकर अमीर ओहाना ने प्रधानमंत्री मोदी का हिंदी में स्वागत करते हुए कहा कि नेसेट में आपका स्वागत है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। उनके इस हिंदी अभिवादन से सदन में खास उत्साह का माहौल बन गया। स्पीकर ने कहा, आज मेरे लिए यह बहुत गर्व की बात है कि मैं भारत के प्रधानमंत्री का स्वागत कर रहा हूं। वह नेसेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं और एक बार फिर इतिहास रच रहे हैं। धन्यवाद, प्रधानमंत्री मोदी। उन्होंने पीएम मोदी के इस दौरे को भारत और इस्राइल के बीच बढ़ते सहयोग और दोस्ती को नई ऊंचाई देने वाला बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइली संसद नेसेट को संबोधित करने वाले हैं। संसद में पहुंचने पर तालियों की गड़गड़ाहट और मोदी-मोदी नारों के साथ उनका स्वागत हुआ।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस्राइली संसद नेसेट पहुंच गए हैं, यहां उनका संबोधन होना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेल अवीव में एक होटल में सांस्कृतिक कार्यक्रम देखते हुए। उन्होंने यहां मौजूद भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की। पीएम मोदी इस्राइल के दो दिन के राजकीय दौरे पर हैं।
पीएम मोदी के दौरे पर इंडो-इस्राइली प्रवासी समुदाय की सदस्य इवा ने कहा, हम पीएम मोदी से मिलने के लिए उत्साहित हैं। हम अब भी उन्हीं परंपराओं को मानते हैं, जो हम पहले भारत में मानते थे। हम भारत से प्यार करते हैं। मैं उनसे (पीएम मोदी) कहूंगी कि वह बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हम सच में उनसे प्यार करते हैं।
इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, मेरी पत्नी सारा और मैंने आज अपने अच्छे मित्र, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत किया, जो इस्राइल के ऐतिहासिक दौरे पर आए हैं। उन्होंने आगे लिखा, प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 2017 में इस्राइल का दौरा किया था और बाद में मैंने भी बदले में भारत का दौरा किया था, जो वास्तव में बहुत खास था। हमारे बीच करीबी निजी संबंध हैं। हम अक्सर बात करते हैं और मेरा मानना है कि हमारी गहरी दोस्ती हमारे दोनों देशों के बीच संबंधों की मजबूती दिखाती है। हम नेसेट में एक फेस्टिव रिसेप्शन में शामिल होंगे, यरूशलम में एक नवाचार कार्यक्रम में जाएंगे और प्रधानमंत्री मोदी को एक रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे। कल हम याद वाशेम जाएंगे और उसके बाद अपनी टीमों के साथ एक और बैठक करेंगे, जिस दौरान हम आर्थिक, सुरक्षा और रणनीतिक क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर करेंगे जो इस्राइल और भारत के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाएंगे।
दो दिवसीय दौरे पर इस्राइल पहुंचे पीएम मोदी का हवाई अड्डे पर उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू और प्रथम महिला सारा नेतन्याहू ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्हें 'गार्ड ऑफ ऑनर' दिया गया। इस्राइली पीएम ने एक्स पर एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने लिखा- मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी आपका इस्राइल में स्वागत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इस्राइल पहुंच गए हैं। हवाई अड्डे पर उनके समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने उनका स्वागत करेंगे। नौ साल बाद उनका यह दूसरा इस्राइल दौरा है। इस अंतराल में हमास के हमलों के बाद गाजा में दो साल से अधिक समय तक भीषण जंग भी हुई। पीएम मोदी आज नेसेट को भी संबोधित करेंगे।
2017 में पीएम मोदी इस्राइल की यात्रा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने थे।
इस्राइल रवाना होने से पहले पीएम मोदी ने कहा, मेरे दोस्त प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बुलावे पर मैं इस्राइल की राजकीय यात्रा पर जा रहा हूं। भारत और इस्राइल के बीच एक मजबूत और कई तरह की रणनीतिक साझेदारी है, जिसमें हाल के वर्षों में जबरदस्त वृद्धि और तेजी देखी गई है।