प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किर्गिस्तान दौरे को लेकर बिश्केक में रहने वाले भारतीय प्रवासियों में खासा उत्साह है। भारतीय नागरिक विनीता सिंह ने खुशी जताते हुए कहा कि वे पीएम मोदी से मिलने के लिए बेहद उत्साहित हैं और यह पहला मौका है जब वे उनसे मिलेंगे। वहीं, एक अन्य भारतीय नागरिक राशिका ने कहा कि पीएम मोदी से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिलता है और उन्हें गर्व है कि नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री हैं।
#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: On PM Modi's visit, Vineeta Singh, an Indian national, says, "We are very excited to meet PM Modi here. This is the first time we will meet him. We are all waiting to see PM Modi..."
— ANI (@ANI) August 30, 2026
Another Indian national, Rashika, says, "We are very excited to… pic.twitter.com/bKzgJt8O0h
शंघाई सहयोग संगठन के 26वें शिखर सम्मेलन में भाग लेने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भारतीय समुदाय के लोगों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। बिश्केक के एक होटल में प्रवास के दौरान पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रस्तुतियों को देखा और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
#WATCH | Bishkek, Kyrgyzstan: Prime Minister Narendra Modi watches cultural performances at a hotel in Bishkek as he receives a warm welcome from members of the Indian diaspora.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/ELscDz4YPC
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे के दूसरे चरण में उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच गए हैं। पीएम मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi arrives in Bishkek, Kyrgyzstan.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
PM Modi will participate in the 26th SCO Summit here.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करके किर्गिस्तान के लिए रवाना हो गए हैं। वह आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंचेंगे। वहां वह 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस बैठक में आतंकवाद, व्यापार और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा के दौरान वह कई प्रमुख वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी करेंगे।
#WATCH | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उज़्बेकिस्तान से किर्गिज़स्तान के लिए रवाना हुए।
— ANI_HindiNews (@AHindinews) August 30, 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आज बिश्केक (किर्गिज़स्तान की राजधानी) पहुंचेंगे।
(सोर्स: DD न्यूज) pic.twitter.com/RbejhrySpn
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में 'ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ ओरिएंटल स्टडीज' का दौरा किया, जहां उनका स्वागत राष्ट्रगान और देशभक्ति के नारों के साथ हुआ। अपनी इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने विश्वविद्यालय में बने महात्मा गांधी केंद्र का दौरा कर वहां की विजिटर बुक में अपने विचार साझा किए।
#WATCH | Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi visits Tashkent State University of Oriental Studies in Tashkent.
— ANI (@ANI) August 30, 2026
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पीएम मोदी ने आगे कहा कि हम इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में आपसी फायदे वाले सहयोग को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करेंगे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, जरूरी मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, स्पेस और न्यूक्लियर एनर्जी जैसे क्षेत्रों में सहयोग हमारे रिश्तों को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। खेती और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हमारी ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बागवानी में उज्बेकिस्तान के अनुभव और भारत की आधुनिक खेती की तकनीकों को मिलाकर, हम दोनों देशों की खाद्य सुरक्षा में योगदान देंगे। उज्बेकिस्तान की औषधीय जड़ी-बूटियां और आयुर्वेद में भारत की विशेषज्ञता एक स्वाभाविक मेल बनाती हैं। पारंपरिक चिकित्सा को लेकर आज हुए समझौते हमारी संयुक्त कोशिशों को और मज़बूत करेंगे। हमारा मकसद यह पक्का करना है कि हमारी साझेदारी सिर्फ़ हमारी राष्ट्रीय राजधानियों तक ही सीमित न रहे। इसलिए, हम अपने शहरों और राज्यों के बीच साझेदारी बना रहे हैं। ये साझेदारियां शहरी प्रबंधन, उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में लगातार और सीधे संपर्क को बढ़ावा देंगी।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि हमारी बातचीत के दौरान, हमने ऐसे नए क्षेत्रों की पहचान की है जहां हम अपनी मौजूदा क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं। हमारा लक्ष्य ऊर्जा, संस्कृति, महत्वपूर्ण खनिजों, फार्मास्यूटिकल्स, आभूषण और कृषि जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। हम इन सभी क्षेत्रों के लिए रोडमैप तैयार करेंगे। भारत से खास टीमें यहां आएंगी और हमारी टीमें भारत जाएंगी, जिससे हम इन क्षेत्रों में अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से तय कर सकेंगे। लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने के लिए अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारा सहयोग भी बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि हमने फिर से पुष्टि की है कि कई वैश्विक मुद्दों पर हमारा रुख काफी हद तक एक जैसा है, और हम संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स और गुटनिरपेक्ष आंदोलन जैसे वैश्विक मंचों के साथ-साथ ग्लोबल साउथ में भी एक-दूसरे का समर्थन करना जारी रखेंगे। उज्बेकिस्तान और भारत के लोगों के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध हैं, और यह देखकर खुशी होती है कि ये संबंध आज भी फल-फूल रहे हैं। वर्तमान में, यहां चार भारतीय विश्वविद्यालय काम कर रहे हैं, और लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर बेहतरीन काम कर रहे हैं।
शौकत मिर्जियोयेव ने कहा कि उज्बेकिस्तान में सांस्कृतिक सप्ताह और फिल्म समारोह आयोजित किए जाते हैं, और हम संयुक्त रूप से पर्यटन सर्किट की पहचान कर रहे हैं। इसके अलावा, हमने जो 30-दिन की वीजा-मुक्त व्यवस्था अपनाई है और सीधी उड़ानों को बढ़ावा दिया है, उससे हमारे देशों के बीच और अधिक लोग यात्रा कर सकेंगे। हम उन सभी समझौतों को लागू करने के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार कर रहे हैं जिन पर हम सहमत हुए हैं। जिम्मेदार अधिकारी खास रोडमैप तैयार करेंगे, और मेरे भाई और मैंने व्यक्तिगत रूप से इस प्रक्रिया की निगरानी करने पर सहमति व्यक्त की है।
ताशकंद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'उज्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में है और इस क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव के भी केंद्र में है। भारत और उज्बेकिस्तान की सोच और आकांक्षाओं में गहरी समानताएं हैं। युवा, नवाचार, समावेशी विकास और आधुनिक तकनीक 'यंग उज्बेकिस्तान' और 'विकसित भारत 2047' दोनों के मूल में हैं। इसी साझा दृष्टिकोण का पालन करते हुए हम दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह वर्ष हमारी रणनीतिक साझेदारी के 15 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है। इस विशेष अवसर पर हमने अपने संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' में बदलने का निर्णय लिया है। आज हमने अपनी साझेदारी के इस नए रूप में तेजी से और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ने के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार किया है। हमारा द्विपक्षीय व्यापार एक अरब डॉलर को पार कर गया है। अब हमने 2030 तक पांच अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य रखा है।
उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ओलिय दरजाली दोस्तलिक' से सम्मानित किया। यह सम्मान दोनों देशों के बीच मैत्री और सहयोग को मजबूत करने में प्रधानमंत्री मोदी के योगदान के लिए प्रदान किया गया।
#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: President Shavkat Mirziyoyev confers the Order of “Oliy Darajali Dustlik,” Uzbekistan’s supreme state award, on Prime Minister Narendra Modi
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/WbHZtBB6ZU
प्रधानमंत्री मोदी ने उज्बेकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस की आगामी 35वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपति मिर्जियोयेव और वहां के लोगों को अग्रिम शुभकामनाएं दीं। पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत और उज्बेकिस्तान अपनी रणनीतिक साझेदारी की 15वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि दोनों देश अब अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस नई रूपरेखा के तहत दोनों देश सहयोग के लिए ठोस लक्ष्य तय कर आगे बढ़ेंगे।
पीएम मोदी ने बताया कि दोनों देशों के बीच सहयोग के सभी क्षेत्रों को दिशा देने के लिए विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद स्थापित की जाएगी। साथ ही संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर का किया जाएगा। दोनों देशों के कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला एक संयुक्त बिजनेस समिट भी आयोजित किया जाएगा।
यूरेनियम आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों देश यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए भी व्यवस्था स्थापित करेंगे। इसके अलावा तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट समझौतों को औपचारिक रूप दिया जा रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि इन समझौतों की क्षमता का पूरा लाभ उठाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान में बन रहे 'न्यू ताशकंद' और गुजरात के GIFT City का उदाहरण देते हुए दोनों देशों के बीच विकास के अनुभव साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान के एक प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करेगा, ताकि वह इन परियोजनाओं में अपनाई गई तकनीक और बेहतर कार्यप्रणालियों का अध्ययन कर सके।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने भारत की आर्थिक और तकनीकी प्रगति की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय परिणाम हासिल कर रहा है। उन्होंने खास तौर पर डिजिटलाइजेशन, सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख किया। मिर्जियोयेव ने कहा कि वैश्विक मामलों में नई दिल्ली की आवाज और प्रभाव पहले से और मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के आतिथ्य की विशेष तौर पर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछली शाम भोजन के दौरान मिर्जियोयेव ने खुद कई चीजों का ध्यान रखा। कार्यक्रम में बच्चों की प्रस्तुतियां भी हुईं, जिन्हें देखकर पीएम मोदी ने कहा कि ऐसा लगा जैसे उज्बेकिस्तान में ही भारत की झलक देखने को मिल रही हो। पीएम मोदी ने खासतौर पर गुजरात से जुड़ी सांस्कृतिक झलक का जिक्र करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनेपन का एहसास हुआ। उन्होंने ताशकंद को भारतीय तिरंगे के रंगों से सजाने के लिए भी उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति का आभार जताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच ताशकंद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की अहम वार्ता हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, संस्कृति, योग, कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि भारत उज्बेकिस्तान का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार है। उन्होंने बताया कि पिछले साल दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से अधिक रहा। हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संयुक्त उपक्रमों की संख्या भी सात गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर सप्ताह 14 सीधी उड़ानें संचालित हो रही हैं। दोनों देशों के बीच मानवीय और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने में लाल बहादुर शास्त्री सेंटर फॉर इंडियन कल्चर और महात्मा गांधी सेंटर फॉर इंडियन स्टडीज की भी अहम भूमिका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने ताशकंद में प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। दोनों नेताओं ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के लिए मुलाकात की।
#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi receives a ceremonial welcome as he arrives to hold delegation-level talks with President Shavkat Mirziyoyev
— ANI (@ANI) August 30, 2026
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/YTbRxDSYKm
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में आयोजित एक विशेष योग सत्र में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उज्बेकिस्तान के 52 योग साधकों ने भाग लिया और विभिन्न योगाभ्यास प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने योग साधकों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि आज के योग प्रदर्शन में सभी उम्र के लोगों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और सभी ने शानदार योग का प्रदर्शन किया। पीएम मोदी ने उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति मिर्जियोयेव का भी आभार जताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के प्रयासों से उज्बेकिस्तान को योग से जोड़ने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने योग कार्यक्रम में शामिल सभी प्रतिभागियों को बधाई भी दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में योग फेडरेशन ऑफ उज्बेकिस्तान की ओर से आयोजित योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान योग और भारत-उज्बेकिस्तान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव की झलक देखने को मिली। प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों उज्बेकिस्तान के दो दिवसीय राजकीय दौरे पर हैं। यात्रा के दौरान आज वह उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे।
#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi participates in a yoga programme organised by the Yoga Federation of Uzbekistan
— ANI (@ANI) August 30, 2026
PM Modi is on a two-day state visit to Uzbekistan. Later today, the Prime Minister will hold delegation-level talks with President Shavkat… pic.twitter.com/crHBw5ic7Y
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के दौरान दोनों देशों का जोर आपसी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के साथ व्यापार एवं निवेश, डिजिटल कनेक्टिविटी, रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर रहेगा। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान दोनों नेताओं के वीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता होगी। इससे पहले शनिवार को ताशकंद पहुंचने पर पीएम मोदी का जोरदार स्वागत हुआ। राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ वार्ता के बाद द्विपक्षीय समझौतों के पैकेज पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना भी है। प्रधानमंत्री ताशकंद पहुंचने के बाद यांगी उज्बेकिस्तान पार्क पहुंचकर आजादी स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की, जिसे देश की आजादी की 30वीं वर्षगांठ पर बनाया गया था। पीएम शास्त्री स्मारक और महात्मा गांधी केंद्र भी गए।
पीएम मोदी और मिर्जियोयेव की मुलाकात 2023 में दुबई में सीओपी28 सम्मेलन के दौरान हुई थी। इसके बाद 2024 में कजान में आयोजित ब्रिक्स समिट के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत हुई थी। पिछली मुलाकात 2025 में चीन के तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान हुई थी।
2026 की मुलाकात को लेकर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से सांस्कृतिक संबंध हैं। इस दौरे के बाद द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में इंडोलॉजिस्ट (भारतीय संस्कृति के जानकार) और अन्य विद्वानों से भी बातचीत करेंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक उज्बेकिस्तान संसाधनों से समृद्ध देश है और भारत को अहम खनिजों की जरूरत है। ऐसे में दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सप्लाई की सुदृढ़ व्यवस्था की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है। राजदूत स्मिता पंत के मुताबिक भारत और उज्बेकिस्तान एक-दूसरे के लिए स्वाभाविक बाजार हैं। हम निश्चित रूप से ज्यादा आयात कर सकते हैं। बहुत ज्यादा निर्यात भी कर सकते हैं। लेकिन कनेक्टिविटी (संपर्क) एक बड़ी बाधा रही है। इसलिए, व्यापारिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कनेक्टिविटी की इस बाधा को कैसे दूर किया जाए, इस मुद्दे पर भी दोनों पक्ष चर्चा करेंगे।
उज्बेकिस्तान में भारत की राजदूत स्मिता पंत के मुताबिक, प्रधानमंत्री के दौरे का एजेंडा बहुत व्यापक है। 2015 में उनके पिछले द्विपक्षीय दौरे के बाद दोनों देशों का व्यापार 300% बढ़ा है। उज्बेकिस्तान में निवेश 700% से अधिक बढ़ा है। संस्कृति, फार्मास्युटिकल क्षेत्र, स्वास्थ्य, पारंपरिक दवाओं, कृषि और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी बात होगी। कई एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जाएंगे।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक पीएम मोदी चौथी बार उज्बेकिस्तान दौरे पर आए हैं। इससे पहले उन्होंने 2015 में उज्बेकिस्तान और मध्य एशिया के अन्य देशों का दौरा किया था। पीएम मोदी वर्ष 2016 और 2022 में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने के लिए उज्बेकिस्तान आए थे। 2026 में इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी 31 अगस्त को किर्गिस्तान रवाना हो जाएंगे।
उज्बेकिस्तान के ताशकंद पहुंचे पीएम मोदी के स्वागत में बच्चों, युवतियों और युवाओं की एक टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। कार्यक्रम के दौरान एक छोटे बच्चे को पीएम मोदी से मिलने के लिए खास तौर पर उत्साहित देखा गया। प्रस्तुति के बाद स्थानीय लोगों को इस जेस्चर की सराहना करते देखा जा सकता है।
पीएम मोदी ने ताशकंद के अनुभवों को सोशल मीडिया पर साझा भी किया। उन्होंने लिखा कि वह ताशकंद में भारतीय समुदाय के स्नेह और आत्मीयता से अभिभूत हैं। उन्होंने कहा कि हमारा प्रवासी समुदाय भारत और उज्बेकिस्तान के बीच एक जीवंत सेतु की तरह है, जो दोनों देशों के बीच मित्रता के संबंधों को लगातार मजबूत बना रहा है। स्वागत कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय की ओर से प्रस्तुत कथक और अंदिजान पोल्का नृत्य देखा। उज्बेकिस्तान के छोटे बच्चों ने प्रसिद्ध भारतीय गीत उड़े जब जब जुल्फें तेरी पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम ने तबले और पारंपरिक उज्बेक वाद्यों (दोइरा और चांग) की मनमोहक जुगलबंदी का भी आनंद लिया।
The community welcome in Tashkent was a delightful celebration of India-Uzbekistan cultural ties!
— Narendra Modi (@narendramodi) August 29, 2026
It included:
Performance by the Bollywood Battle Group on the evergreen ‘Ude Jab Jab Zulfein Teri.’
Fusion of Kathak and the energetic Andijan Polka.
Kathak performance by… pic.twitter.com/LFEfPJlIQQ
विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी ब्यौरे के मुताबिक ताशकंद दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। दोनों के बीच व्यापार और निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दोनों देश संबंधों की समीक्षा के अलावा भविष्य की कार्ययोजना भी तय करेंगे। जनता के बीच जुड़ाव को और प्रगाढ़ करने के मकसद से समुदाय के बीच संबंधों की गर्मजोशी बनाए रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
पीएम मोदी के आगमन को लेकर उज्बेकिस्तान में कैसा माहौल है, इसका अंदाजा यहां की गतिविधियों से भी लगता है। दोनों देशों के संबंधों के अलावा इंसानी रिश्ते की गर्मजोशी को बयां करती ऐसी ही तस्वीर ताशकंद सिटी से आई। शहर की इमारतें तिरंगे से जगमगाती दिखीं।
#WATCH | Uzbekistan: Buildings in Tashkent City have been illuminated in the tricolour as Prime Minister Narendra Modi arrived here earlier today.
— ANI (@ANI) August 29, 2026
During the visit, PM Modi will hold delegation-level talks with President Mirziyoyev to further strengthen the strategic partnership… pic.twitter.com/Ud0DYictNs
प्रधानमंत्री के ताशकंद आगमन पर सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले दल में शामिल एक स्थानीय युवती (कलाकार) ने भी इस मौके को विशिष्ट बताया। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री के सामने प्रस्तुति को लेकर थोड़ी घबराई हुई थी... हालांकि, ये मौका बेहद खास रहा। उज्बेकिस्तान और भारत के बीच संबंध वाकई बहुत अच्छे हैं।'
पीएम मोदी की यात्रा के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले दल में शामिल एक भारतीय प्रवासी ने धानी गुप्ता ने कहा, 'मेरे समूह का नाम 'लाल बहादुर शास्त्री संस्कृति' है, जो भारतीय संस्कृति को समर्पित है... मैं बहुत खुश हूं। जब मैंने सुना कि पीएम मोदी उज्बेकिस्तान आ रहे हैं, उसी समय से उनसे मुलाकात के लिए मैं बहुत उत्साहित थी... हम सभी बहुत उत्साहित हैं।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे को लेकर इस देश में रहने वाले एक अन्य भारतीय ने कहा, 'मैं तमिलनाडु से हूं... हमें निवेश की उम्मीदें हैं। प्रधानमंत्री मोदी जहां भी जाते हैं, वहां से दवा, चिकित्सा और अन्य सभी क्षेत्रों में निवेश लाते हैं।'
संगीत और स्वदेशी संस्कृति के चटख रंगों के बीच स्वागत से अभिभूत पीएम मोदी ने ताशकंद में भारतीय समुदाय के लोगों के साथ कुछ पल भी गुजारे। इस संक्षिप्त मुलाकात को लेकर स्थानीय लोगों में भी उत्साह का माहौल दिखा। अपना अनुभव साझा करते हुए एक भारतवंशी ने कहा, प्रधानमंत्री के आगमन पर बहुत अच्छा लगा... वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं... हमें निवेश की उम्मीद है... भारतीय दवा कंपनियां यहां बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह एक शानदार अवसर है।
उज्बेकिस्तान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। पीएम मोदी प्रस्तुतियों का आनंद लेते दिखे। प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।
#WATCH | Tashkent, Uzbekistan: Prime Minister Narendra Modi watches cultural performances at a hotel in Tashkent as he receives a warm welcome from members of the Indian diaspora.
— ANI (@ANI) August 29, 2026
(Source: DD News) pic.twitter.com/jGZAWqyR2j
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब उज्बेकिस्तान के ताशकंद में भारतीय समुदाय के लोगों के बीच पहुंचे तो विदेशी सरजमीं पर मिनी इंडिया जैसी झलक दिखी। एक होटल में प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों ने 'वंदे मातरम' और 'भारत माता की जय' के नारे के साथ पीएम मोदी का स्वागत किया। यहां से सामने आए वीडियो में एक युवती पीएम मोदी की कलाई पर राखी बांधती भी दिखी।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi greets members of the Indian diaspora at a hotel in Tashkent, Uzbekistan.
— ANI (@ANI) August 29, 2026
Members of the Indian diaspora raised slogans of 'Vande Mataram' and 'Bharat Mata Ki Jai'
(Source: DD News) pic.twitter.com/PEH9s7ln0w
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो देशों के दौरे के पहले चरण में उज्बेकिस्तान के ताशकंद पहुंचे हैं। यहां वे राष्ट्रपति के साथ द्विपक्षीय वार्ता में हिस्सा लेंगे। पीएम मोदी द्विपक्षीय बैठकों के अलावा प्रवासी भारतीय लोगों के साथ संवाद भी करेंगे। भारतवंशियों के बीच पीएम मोदी के आगमन को लेकर विशेष उत्साह का माहौल देखा गया। एक होटल में भारतीय लोगों के बीच पहुंचे पीएम मोदी के स्वागत में लोगों ने नारेबाजी की। हाथों में तिरंगा थामे भारतवंशी पीएम मोदी के साथ मुलाकात को लेकर जोश से लबरेज दिखे। पीएम मोदी ने भी किसी को निराश नहीं किया। युवाओं से मुलाकात के अलावा वे ताशकंद में मौजूद बच्चों को भी दुलारते दिखे।
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