इस्राइल के पीएम ने दी चेतावनी
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास के आतंकियों को चेतावनी दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हमास के हर ठिकानों को ध्वस्त कर देंगे। शहरों को मलबे में बदल देंगे। मैं गाजा के लोगों से कहना चाहता हूं कि शहर अभी छोड़ दो क्योंकि हम ताबड़तोड़ कार्रवाई करेंगे।
नेपाल के प्रधानमंत्री ने पीड़ितों के प्रति व्यक्त की संभावनाएं
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने भी मामले में टिप्पणी की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं इस्राइल में हुए आतंकी हमले की निंदा करता हूं। हमले में नौ नेपाली घायल हुए हैं। मैं नेपालियों सहित अन्य पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं।
ऑस्ट्रेलिया ने भी किया समर्थन
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज ने इस्राइल-हमास युद्ध मामले में टिप्पणी की है। पीएम अल्बानीज ने कहा कि हम अपने दोस्त इस्राइल के साथ है। हमास द्वारा इस्राइली शहरों पर किए गए हमलों की हम निंदा करते हैं।
इस्राइल के साथ हमेशा चट्टान की तरह खड़े : बाइडन
अमेरिका ने इस्राइल का समर्थन किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि इस्राइल की सुरक्षा के लिए अमेरिका हमेशा चट्टान की तरफ मजबूती के साथ खड़ा है। बाइडन ने कहा, मेरे प्रशासन का समर्थन पूरी तरह से अटूट है। इस्राइल को अपनी और अपने लोगों की रक्षा करने का अधिकार है। इस युद्ध स्थिति में इस्राइल के खिलाफ फायदा उठाने की सोच रखने वाले किसी भी दूसरी पार्टी को अमेरिका चेतावनी देता है। हम हमेशा इस्राइल के साथ खड़े हैं।
यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने की हमास के हमले की निंदा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस्राइल पर आतंकी संगठन हमास के हमलों की निंदा की है। जेलेंस्की ने कहा कि दुनिया में आतंकवाद के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस्राइल को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आतंकवादी हमले के पीछे के लोगों को जवाबदेह ठहराने का आह्वान किया। जेलेंस्की ने कहा कि जो कोई भी आतंक का सहारा लेता है और आतंक का वित्तपोषण करता है, वह मानवता के खिलाफ अपराध करता है।
हमास ने दर्जनों इस्राइली सैनिकों को बंदी बनाया
हमास के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि उसके समूह ने दर्जनों इस्राइली सैनिकों को बंदी बना रखा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की निजी बैठक कल
इस्राइल-हमास संघर्ष को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक निजी बैठक आयोजित करेगी। यह बैठक न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में रविवार दोपहर तीन बजे (स्थानीय समयानुसार) होगी।
नेपाल के नौ नागरिक घायल
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस्राइल पर हमास के हमले के बाद उनके नौ नागरिकों को चोटें आई हैं। इनमें से चार की हालत गंभीर बनी हुई है।
भारत ऐसे मुश्किल के समय में इस्राइल के साथ: लेखी
इस्राइल पर हमास आतंकियों के हमले पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा कि भारत ऐसे मुश्किल के समय में इस्राइल के साथ खड़ा है। जितने लोग पीड़ित हैं और जिनकी मृत्यु हुई है, उनके परिवारों को भारत सरकार की तरफ से हम अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने हमास के हमलों के बाद ट्वीट किया, अमेरिका इस्रायल के खिलाफ हमास आतंकवादियों के भयावह हमलों की स्पष्ट निंदा करता है। उन्होंने कहा कि हम इस्राइल की सरकार और लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। विदेश मंत्री ब्लिंकन ने हमलों में मारे गए इस्राइली लोगों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की।
हमास के हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका इस्राइल के साथ खड़ा है। इस्राइल के प्रधानमंत्री का कार्यालय से जारी बयान में कहा गया, राष्ट्रपति बाइडेन ने कहा है कि अमेरिका इस्राइल के आत्मरक्षा के अधिकार का पूरा समर्थन करता है।
इस्राइल पर हमास के रॉकेट हमले के बाद गंभीर हालात को देखते हुए शनिवार को नई दिल्ली से तेल अवीव के लिए एयर इंडिया की उड़ान और तेल अवीव से नई दिल्ली वापस आने वाली उड़ान रद्द कर दी गई। एयरलाइन के मुताबिक, यात्रियों और क्रू के हितों और सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। हमास आतंकियों का इस्राइल पर हमले के बारे में एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा, सात अक्टूबर, 2023 को दिल्ली से तेल अवीव के लिए एयर इंडिया की उड़ान और तेल अवीव से दिल्ली की वापसी उड़ान संख्या- AI140 को रद्द किया गया है। फैसला हमारे मेहमानों और चालक दल के हित में लिया गया है। एयर इंडिया ने कहा कि यात्रियों को उनकी जरूरतों के अनुसार हर संभव सहायता दी जा रही है।
डैनियल सीमैन ने कहा "हम भारत के प्रधानमंत्री और इस्राइल के प्रति उनके निरंतर समर्थन के लिए आभारी हैं। हम भारतीय लोगों की तरफ से इस्राइल को मिल रहे नैतिक समर्थन के भी आभारी हैं। उन्होंने कहा, हम जीवन के लिए लड़ रहे हैं। हमारे पास क्षमताएं हैं। लड़ाई खत्म करनी होगी। हमास ने आज एक बड़ी गलती की है, इस्राइल को खुद को रोकने में कई साल लग गए। इसे कमजोरी और गलती माना गया। हमास के लिए ये लड़ाई बहुत महंगी होगी क्योंकि इस्राइल अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है। कई साल से ऐसे हालात का अनुभव नहीं किया है। शायद यह समय यूरोपीय लोगों के लिए तैयार होने का है। बड़ी संख्या में शरणार्थी आश्रय की तलाश करेंगे। सीरिया और इराक में युद्ध के बाद भी ऐसा मंजर दिखा था। यहूदी लोगों और इस्राइल के क्रोध का बहुत भयानक परिणाम सामने आएगा।
इस्लामवादी आंदोलन हमास के इस्राइल पर हमले पर आईडीएसएफ (इस्राइल रक्षा और सुरक्षा मंच) के सलाहकार और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में पूर्व अधिकारी, डैनियल सीमैन ने कहा, आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे, 1000 हमास आतंकवादियों ने इस्राइल पर हमला किया। सीमा पार कर आए आतंकियों ने, गाजा के साथ सीमा पर सैन्य चौकियों पर भी हमला किया। सैनिकों की हत्या की। कई लोगों को बंधक बनाया गया। उन्होंने महिला सैनिकों के खिलाफ अपराध किए। इसके बाद वे किबुतज़िम की तरफ चले गए... सीमैन ने बच्चों और महिलाओं के यौन उत्पीड़न का आरोप भी लगाया। ड्रोन हवाई हमले की आशंका जताते हुए सीमैन ने कहा कि मानवरहित विमानों से हमले किए गए।
एम्बुलेंसों पर गोलीबारी और लोगों की हत्या के फुटेज पोस्ट
आतंकियों को ईरान से मिले समर्थन का आरोप लगाते हुए सीमैन ने कहा, हमास को ईरान से आपूर्ति की गई। वे एम्बुलेंसों पर गोलीबारी और लोगों की हत्या के फुटेज पोस्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में कई हजार से अधिक लोग हैं। कम से कम 2000 इस्राइल के दक्षिण में घायल हुए जिन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हम ऐसी स्थिति में हैं जिसका इस्राइल ने ठीक 50 साल पहले योम किप्पुर युद्ध के बाद से सामना नहीं किया है।
मध्य पूर्वी देशों में शांति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक के रूप में काम कर रहे टोर वेन्नेसलैंड ने कहा, "मैं गाजा के पास इस्रायली कस्बों और शहरों में हमास आतंकवादियों के रॉकेट हमलों की कड़ी निंदा करता हूं।" उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए जघन्य हमले तुरंत रुकने चाहिए।
मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इस्राइल और फिलिस्तीन के बीच युद्ध जैसी स्थिति में राज्य के 27 लोगों के फंसे होने का दावा किया है। उन्होंने नागरिकों को बचाने के लिए विदेश मंत्रालय से मदद मांगी। संगमा ने कहा कि वह लोगों को मेघालय वापस लाने के लिए मंत्रालय के संपर्क में हैं। 'एक्स' पर एक पोस्ट में संगमान ने कहा, "मेघालय के 27 नागरिक पवित्र तीर्थयात्रा के लिए यरूशलम गए थे। मुख्यमंत्री ने कहा, मेघालय के कई नागरिक इस्रायल और फिलिस्तीन के बीच मौजूदा तनाव के कारण बेथलेहम में फंस गए हैं।" बता दें कि धार्मिक महत्व के कारण मेघालय में रहने वाले ईसाई बड़ी संख्या में यरुशलम जाते हैं।
भारत में इस्राइली राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, गाजा के आतंकवादी संगठन हमास के हमलों में बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों की मौत हुई है। कई लोगों को बंधक भी बनाया गया है। इस्राइल जवाबी कार्रवाई करेगा। इस्राइल अपराधियों का पीछा कर ऐसी कार्रवाई करेगा, जिससे आने वाले दिनों में कोई इस तरह के अत्याचार दोबारा करने की हिमाकत न करे। उन्होंने भारतीय लोगों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस्राइल का मजबूत नैतिक समर्थन करने के लिए धन्यवाद दिया औ कहा- इस्राइल ये युद्ध जीतेगा।
हमास के रॉकेट हमले को "गंभीर" बताते हुए इस्राइली रक्षा बलों के पूर्व प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल जोनाथन कॉनरिकस ने कहा कि इस्राइल की प्रतिक्रिया अभूतपूर्व होगी। जवाबी कार्रवाई केवल "गाजा पट्टी तक ही सीमित" नहीं होगी। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस्राइल पर हमास के हमले के लिए ईरान ने "वित्तपोषण" करने के साथ-साथ सुविधाएं भी मुहैया कराई हैं। उन्होंने कहा, यह कोई नियमित घटना नहीं है, इस्राइल की प्रतिक्रिया "अलग" होनी चाहिए।
फिलिस्तीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि गाजा पट्टी में हुए हमलों में 198 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1610 लोग घायल हुए हैं। इसी बीच हमास के हमलों से तिलमिलाए इस्राइल ने अपने नागरिकों को सतर्कता बरतने और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अफवाहें न फैलाने का आग्रह किया है। इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा गया, "दुश्मन की मदद न करें।"
हमास के हमले कितने भयावह हैं, इसका अंदाजा इसी बात से होता है कि इस्राइल में घायलों का आंकड़ा 700 के पार पहुंच चुका है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से एएनआई ने बताया कि हमास के अंधाधुंध रॉकेट हमलों में घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
हमास के हमलों के कारण युद्ध की विभीषिका झेल रहे देश इस्राइल में हालात बदतर होने की आशंका है। शनिवार शाम करीब सात बजे (भारतीय समयानुसार) जारी अपडेट के अनुसार मृतकों का आंकड़ा 40 तक पहुंच चुका है। हजारों रॉकेट के हमले हुए हैं, ऐसे में मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका है।
इस्राइल में हमास के आतंकी हमले में नेपाल के सात नागरिक घायल हुए हैं। इस्राइल में नेपाल के राजदूत के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि सात नेपाली नागरिकों के घायल होने के अलावा 17 को बंधक बनाए जाने की भी खबर है। हमास नागरिकों को लगातार निशाना बना रहा है। इस्राइल एंबुलेंस सर्विस की तरफ से जारी बयान के अनुसार 250 से अधिक लोगों के घायल होने जबकि 22 लोगों की मौत होने की सूचना है।
तेल अवीव के ताजा हालात वहां मौजूद वकील ने बताए। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की ने बताया, "अभी मैं तेल अवीव में हूं, वहां अजीब सा सन्नाटा है। हम भाग्यशाली हैं क्योंकि हम गाजा की सीमा से थोड़ा दूर हैं, इसलिए हमारे पास आश्रय ढूंढने के लिए थोड़ा अधिक समय है। थोड़ा और समय का मतलब वास्तव में चंद सेकंड हैं। लेकिन इस्राइल के दक्षिण में गाजा की सीमाओं के आसपास हमास के दर्जनों आतंकवादियों की घुसपैठ के कारण स्थिति बेहद खतरनाक है। इस्राइली डिफेंस फोर्स आतंकियों को नेस्तनाबूंद करने के लिए काम कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की के अनुसार, सुबह 6:30 बजे रॉकेट हमले से आगाह करने वाला अलार्म बजा। ढाई साल की बेटी और पत्नी समेत दोनों बेटियों को उठाकर बॉम्ब शेल्टर में ले जाना पड़ा। पहले भी कई बार ऐसा करना पड़ा है... देश भर में लाखों इस्रायली सड़कों पर घूम रहे आतंकवादियों के खतरे के कारण आतंकित हैं। लोग अपने घरों के अंदर छिपे हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की ने इस्राइल में संकट की गंभीरता को विस्तार से बताया और कहा, किसी भी संप्रभु राष्ट्र की तरह, इस्राइल जरूरी आत्मरक्षा के उपाय करने का हकदार है। अंतरराष्ट्रीय कानून भी उसे इसकी इजाजत देते हैं। प्रधानमंत्री नेतन्याहू पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि इस्राइल में युद्ध की स्थिति है। इस्राइल हमास को जड़ से खत्म करने के लिए हर संभव कार्रवाई करेगा। कई अन्य कदम भी उठाए जाएंगे। गाजा पट्टी में हमास के ठिकानों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
संकट के समय पूरा इस्राइल एकजुट, बड़े देशों का भी साथ
उन्होंने कहा कि... आर्थिक चुनौतियां कोई मुद्दा नहीं हैं। हमने पहले ही देखा है कि दुनिया भर के देश आतंकी हमलों की स्पष्ट और कठोर शब्दों में निंदा करने के लिए एक साथ आए हैं। बड़े देश इस्राइल के साथ एकजुटता दिखाते हुए आत्मरक्षा के अधिकार की वकालत की हैं। इस्राइल एक जीवंत लोकतंत्र है। हमारे बीच बहुत सारे आंतरिक घरेलू राजनीतिक मतभेद हैं, लेकिन युद्ध जैसी परिस्थितियों में, देश एक साथ आता है। पूरा देश एकजुट है।
इस्राइल में हमलों पर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील आर्सेन ओस्ट्रोव्स्की ने कहा, जो कुछ भी हो रहा है, वह इस्राइल के खिलाफ फिलिस्तीनी हमास आतंकवादियों का बिना कारण किया गया हमला है। सामूहिक आतंकवादी हमले में 2,000 से अधिक रॉकेट अंधाधुंध दागे गए हैं। हमास के आतंकवादियों ने देश में घुसपैठ की और बेरहमी से निर्दोष पुरुषों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को मार डाला गया। इस्राइल का लगभग एक-तिहाई हिस्सा रॉकेट हमले की चपेट में है।
युद्धग्रस्त इस्राइल में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान सामने आया है। पीएम मोदी ने कहा कि मानवीय संकट की इस घड़ी में भारत इस्राइल के साथ खड़ा है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी के अलावा कई अन्य राष्ट्राध्यक्षों ने भी इस्राइल के साथ खड़ा होने का भरोसा दिया है। उन्होंने पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति भी प्रकट की।
इस्राइल में गहराते मानवीय संकट पर कई देशों ने चिंता व्यक्त की है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इस्राइल पर आतंकवादी हमलों की निंदा करते हुए पोस्ट किया, "मैं वर्तमान में इस्राइल पर हो रहे आतंकवादी हमलों की कड़ी निंदा करता हूं।" इस्राइल के साथ खड़ा होने का भरोसा दिलाते हुए राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा, "मैं पीड़ितों, उनके परिवारों और प्रियजनों के साथ अपनी पूरी एकजुटता व्यक्त करता हूं।"
इस्राइल में हमास के रॉकेट हमलों में 22 लोगों की मौत और 500 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से एनडीटीवी की रिपोर्ट में कहा गया कि इस्राइल के अलग-अलग शहरों में हुए रॉकेट हमलों में बड़ी संख्या में नागरिकों के हताहत होने की आशंका है। 2000 रॉकेट से हुए हमले के बाद मृतकों और घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इस्राइल में हमलों के डरावने मंजर सामने आ रहे हैं। गाजा शहर से आए वीडियो में देखा जा सकता है कि जब इस्लामिक संगठन हमास ने इस्राइल पर हमला शुरू किया तो तेल अवीव में रॉकेट हमलों की चेतावनी वाले सायरन काफी लंबे समय तक बजते रहे। रॉकेट हमलों के बीच सायरन की आवाज के अलावा गाजा के आसमान में धुएं का गुबार भी दिखाई दिया।
इस्राइल पर हमास के दनादन रॉकेट हमलों और हमास आतंकवादियों को नेस्तनाबूंद करने का संकल्प जाहिर करते हुए राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, जमीनी घुसपैठ और रॉकेट हमले को इस्राइल की सेना विफल कर देगी। सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने संकट के समय में भारत की भूमिका पर भी टिप्पणी की। राजदूत के अनुसार, इस्राइल भारत के लोगों के समर्थन की सराहना करता है। आतंकवादी संगठन हमास और हिंसक कृत्यों के खिलाफ इस्राइल दृढ़ता से खड़ा है।
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हमास के आतंकी हमलों के जवाब में इस्राइली सेना ने ऑपरेशन "स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन" लॉन्च किया है। जवाबी कार्रवाई के संबंध में भारत में इस्राइल के राजदूत नाओर गिलोन ने कहा, इस्राइल बड़े और बहुआयामी फिलिस्तीनी आतंकी हमलों को विफल करने के लिए लड़ रहा है। शनिवार के हमलों पर उन्होंने कहा, हमास ने आज सुबह शांति से सो रहे इस्राइली नागरिकों को निशाना बनाया। दक्षिण और मध्य इस्राइल के शहरों और गांवों में युद्ध अपराध हो रहे हैं।
यहूदी अवकाश के दौरान अंधाधुंध गोलीबारी
राजदूत के अनुसार, हमास कायरतापूर्ण कार्रवाई कर रहा है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को निशाना बनाकर हत्या की जा रही है। सैकड़ों नागरिकों के घायल होने की सूचना है। हमास ने इस्राइल के शहरों पर 2000 से अधिक मिसाइलों और रॉकेटों से अंधाधुंध गोलीबारी की है। उन्होंने कहा कि रॉकेट हमले- सिमचैट टोरा के पवित्र यहूदी अवकाश के दौरान हुए।
इस्राइल और हमास के टकराव के बीच नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों से अपील की गई है कि बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें। बेवजह संवेदनशील इलाकों में जाने से बचें और स्थानीय अधिकारियों की तरफ से जारी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर भी पूरा ध्यान दें।
इमरजेंसी में हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल पर करें संपर्क
दूतावास की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि इस्राइली होम फ्रंड कमांड की वेबसाइट पर जारी अहम सूचनाओं का भी ध्यान रखें। हेल्पलाइन के तौर पर विदेश मंत्रालय ने फोन नंबर- +97235226748 और कॉन्सुलेट की ई-मेल आईडी- consl.telaviv@mea.gov.in भी जारी की गई है।
शनिवार सुबह हमास की तरफ से दनादन रॉकेट हमलों के बाद इस्राइली प्रधानमंत्री ने देश के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि इस्राइल पर हमास का आतंकी हमला हुआ है। हमले कितने चिंताजनक हैं, इसका अंदाजा प्रधानमंत्री के बयान से होता है। नेतन्याहू ने मध्य पूर्वी देश- इस्राइल में युद्ध होने की बात भी कही।
इस्राइल में हमास के रॉकेट हमलों के बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास के आतंकियों को इस हिमाकत का बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ेगा। उन्होंने गाजा पट्टी पर मौजूद आतंकी संगठन हमास पर इस्राइली वायुसेना की जवाबी कार्रवाई के बाद कहा, इस्राइल हमास को माकूल जवाब देगा।
बता दें कि इससे पहले शनिवार को इस्राइल में गाजा पट्टी से हमास ने दनादन रॉकेट हमले किए। हमले कितने भयावह और चिंताजनक हो सकते हैं, इसका अंदाजा इसी से होता है कि महज 20 मिनट में पांच हजार रॉकेट लॉन्च कर इस्राइल के शहरों को निशाना बनाया गया। हमलों में कई लोगों की मौत हुई है। 100 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है।
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