बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव के परिणामों के अनुसार, घोषित 297 सीटों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और उसके सहयोगी दलों ने कुल 212 सीटें जीती हैं। प्रोथोम आलो की रिपोर्ट के मुताबिक, 11 दलों के गठबंधन बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी ने 77 सीटें हासिल कीं। वहीं, इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश ने एक सीट पर जीत दर्ज की और स्वतंत्र उम्मीदवारों ने सात सीटें जीत लीं।
बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव के 297 निर्वाचन क्षेत्रों के आधिकारिक परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिए हैं। यह जानकारी स्थनीय अखबार प्रोथोम आलो ने दी। हालांकि, चिटगांव-2 और चिटगांव-4 निर्वाचन क्षेत्रों के परिणामों की घोषणा को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है और इन्हें बाद में जारी किया जाएगा। इसके अलावा, एक अन्य निर्वाचन क्षेत्र का परिणाम पहले ही स्थगित किया जा चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि उन्होंने तारिक रहमान से बातचीत की और बांग्लादेश के चुनावों में उनकी उल्लेखनीय जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि उन्होंने तारिक रहमान को बांग्लादेश की जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने के उनके प्रयासों के लिए शुभकामनाएं और समर्थन भी व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि नए नेतृत्व में बांग्लादेश विकास और स्थिरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ेगा।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश दो निकट पड़ोसी देश हैं, जिनके बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्ते बेहद गहरे हैं। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए भारत ने दोनों देशों के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई।
बांग्लादेश में संसद चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी के नेता तारिक रहमान की अगुवाई में बीएनपी ने सत्ता में वापसी की है, यह पहली बार लगभग दो दशकों बाद हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार चुनाव में बीएनपी और उसके सहयोगी दलों ने 299 सीटों में से कम से कम 213 सीटें जीत लीं। वहीं विपक्षी पार्टी जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को केवल 76 सीटें ही मिलीं।
बांग्लादेश चुनाव में बीएनपी की जीत के बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को तारिक रहमान को बधाई दी। ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि बांग्लादेश के मेरे सभी भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई। आप सभी को अग्रिम रमजान मुबारक। इस बड़ी जीत के लिए मेरे तारिके भाई, उनकी पार्टी और सभी दलों को शुभकामनाएं। आप सब खुश और स्वस्थ रहें। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि भारत और बांग्लादेश के रिश्ते हमेशा सौहार्दपूर्ण बने रहें।
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव में बड़ी जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के अध्यक्ष तारिक रहमान शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने मस्जिद पहुंचे। नमाज के बाद उन्होंने दुआ की और फिर मस्जिद से बाहर निकले। इस दौरान उनके समर्थकों की भीड़ वहां मौजूद रही। लोगों ने उन्हें चुनावी जीत की बधाई दी। नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकलते समय तारिक रहमान ने समर्थकों का अभिवादन किया और शांति व देश की तरक्की के लिए दुआ करने की बात कही।
बीएनपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है, जिन्होंने पार्टी के नेता तारिक रहमान को उनकी निर्णायक चुनावी जीत पर बधाई दी। बीएनपी के चुनाव समन्वय समिति के प्रमुख नजरुल इस्लाम खान ने कहा कि पीएम मोदी को बधाई देने के लिए पार्टी आभारी है और वे मानते हैं कि तारिक रहमान के नेतृत्व में दोनों देशों के बीच संबंध और लोगों के बीच भरोसा मजबूत होगा।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने ढाका, बारिसल और तंगेल जैसे सभी बड़े जिलों में जीत हासिल की है। पार्टी ने तंगेल की आठ में से सात सीटें और ढाका के सभी पांच जिलों की सीटें जीती हैं.
बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय चुनाव में सात महिला उम्मीदवार संसद में जीत हासिल करने में सफल रहीं, यह जानकारी अनौपचारिक नतीजों पर आधारित है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी), जो पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है, के छह महिला उम्मीदवार अपने-अपने क्षेत्रों से जीतकर संसद में पहुंचे। ये उम्मीदवार धान के बंडल (Paddy Sheaf) प्रतीक के साथ चुनाव लड़ी थीं।
चयनित महिला उम्मीदवारों में अफरोजा खान रीता- मणिकगंज-3, इसरत सुल्ताना एलेन भुट्टो- झालोकाटी-2, ताहसीना रुशदीर लूना- सिलहट-2, शमा ओबैद - फरीदपुर-2, नायब यूसुफ कमाल- फरीदपुर-3 और फरजाना शारमिन पुतुल- नटोर-1 का नाम शामिल है। इसके अलावा, बारिस्टर रूमिन फरहाना ब्रह्मणबाड़ी-2 से स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनी गईं। उन्हें पहले बीएनपी से निष्कासित किया गया था।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी तारिक रहमान को BNP की शानदार जीत के लिए बधाई दी है। शरीफ ने कहा कि वह रिश्तों को और मजबूत करने और दक्षिण एशिया और उससे आगे शांति, स्थिरता और विकास के अपने साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए नई बांग्लादेशी लीडरशिप के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं।
बांग्लादेश चुनाव के ताजा आंकड़े बताते है कि तारिक रहमान के नेतृत्व में बीएनपी बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है। ऐसे में अब पीएम नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान और बीएनपी को इस जीत के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि यह जीत बांग्लादेश के लोगों के उनके नेतृत्व में भरोसे को दिखाती है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत लोकतांत्रिक, प्रगतिशील और समावेशी बांग्लादेश के समर्थन में हमेशा खड़ा रहेगा। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वह तारीक रहमान के साथ मिलकर भारत-बांग्लादेश के बहुआयामी संबंधों को और मजबूत करने और दोनों देशों के साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए काम करने के लिए उत्सुक हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार मोर्शेद मिल्टन ने बोग्रा-7 क्षेत्र में जोरदार जीत हासिल की। यह सीट पहले पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया की थी, जिन्होंने 1991 से 2008 तक हर चुनाव में इसे जीता था। इस चुनाव में मिल्टन ने 2,62,501 वोट हासिल किए, जबकि उनके सबसे करीबी प्रतिद्वंदी जमात-ए-इस्लामी के गोलाम रब्बानी को केवल 1,15,184 वोट मिले। मोर्शेद मिल्टन की यह जीत बीएनपी के लिए बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है और इसे पारंपरिक सत्ता की वापसी के तौर पर देखा जा रहा है।
बांग्लादेश चुनाव में कुछ सीटों के नतीजे देर से आने पर जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव आयोग (EC) पर आरोप लगाया है। जमात के एक नेता ने ढाका के अगारगांव स्थित चुनाव आयोग के सामने पत्रकारों से कहा कि कल के चुनाव और जनमत संग्रह की मतगणना शाम 5 बजे शुरू हुई थी। अब लगभग सुबह 4 बजे हैं, फिर भी आयोग से जुड़े लोगों की वजह से मतगणना में असामान्य देरी हो रही है। उनका कहना था कि यह देरी मत प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध परिणाम पर सवाल खड़े करती है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने अनौपचारिक नतीजों में ढाका-3 सीट के लिए अपने विजेता उम्मीदवार का नाम घोषित किया है। बीएनपी की नेशनल स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य बाबू गायेश्वर चंद्र रॉय ने इस सीट पर जीत दर्ज की है। यह जीत बीएनपी के लिए राजनीतिक मोर्चे पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ताजा आंकड़ों के अनुसार अभी तक बीएनपी गठबंधन ने 300 सदस्यीय संसद में 209 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया।
बांग्लादेश के आम चुनाव में बीएनपी ने बड़ी बढ़त बनाते हुए दोहरा शतक पार कर लिया है। जमुना टीवी के अनुसार बीएनपी को अब तक 211 सीटें मिली हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी गठबंधन करीब 70 सीटों पर है। यह बीएनपी की निर्णायक जीत मानी जा रही है।
बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार मतगणना में बीएनपी ने पूर्ण बहुमत हासिल कर लिया है और अब तक 151 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है। शुरुआती रुझान बताते हैं कि जमात-ए-इस्लामी 43 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभर रही है। जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को एक सीट और अन्य दलों को अबतक चार सीटें मिली हैं। इन रुझानों से संकेत मिल रहा है कि बीएनपी गठबंधन मजबूत स्थिति में पहुंच चुका है। ऐसे में तारिक रहमान की ताजपोशी पक्की मानी जा रही है।
बांग्लादेश चुनाव परिणाम 2026 के ताजा रुझानों और सामने आए नतीजों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी को बहुमत हासिल होता दिख रहा है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बांग्लादेशी मीडिया के हवाले से दावा किया है कि बीएनपी ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। जबकि कट्टरपंथी दलों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल सका।
बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार के अनुसार बीएनपी गठबंधन को 135 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं जमात-ए-इस्लामी ने 34 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है।
बांग्लादेश के आम चुनाव में मतगणना के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी और उसके सहयोगियों ने बड़ी बढ़त हासिल कर ली है। बीएनपी बहुमत से कुछ ही सीटे दूर है। आंकड़ों के अनुसार अब तक 299 में से 139 सीटों की मतगणना पूरी हो चुकी है, जबकि 160 सीटों के नतीजे आना बाकी हैं। जिन सीटों के परिणाम सामने आए हैं उनमें बीएनपी और उसके सहयोगी 107 सीटें जीत चुकी है।
बांग्लादेश की संसदीय चुनाव में अब तक 117 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक बीएनपी और उसके सहयोगी दलों ने 91 सीटें हासिल की हैं। वहीं जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को 23 सीटें मिली हैं। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को अभी कोई सीट नहीं मिली है। अन्य उम्मीदवारों ने तीन सीटें जीती हैं। अभी 191 सीटों के नतीजे बाकी हैं। हालांकि, बीएनपी ने ऐतिहासिक बढ़त दर्ज करते हुए 171 सीटों पर आगे है। वहीं, जमात-ए-इस्लामी को 45 सीटें पर आगे चल रही है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में बीएनपी ने ऐतिहासिक बढ़त दर्ज करते हुए 300 सदस्यीय जातीय संसद में 171 सीटें हासिल कर साधारण बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। रॉयटर्स के अनुसार स्थानीय टीवी रिपोर्ट के हवाले से उसकी मुख्य प्रतिद्वंद्वी जमात-ए-इस्लामी को 45 सीटें मिलीं और पार्टी प्रमुख शफीकुर रहमान ने शुरुआती तौर पर हार स्वीकार करने के संकेत दिए।
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव के ताजा रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी 131 सीटों पर आगे चल रही है और बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचती दिख रही है। साधारण बहुमत के लिए 151 सीटें जरूरी हैं। पार्टी नेताओं ने दावा किया है कि वे बहुमत पार कर चुके हैं, हालांकि आधिकारिक नतीजों में अभी पुष्टि नहीं हुई है।
बांग्लादेश के संसदीय चुनाव के ताजा रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी अब तक 131 सीटों पर आगे चल रही है। साधारण बहुमत के लिए पार्टी को 151 सीटों की जरूरत है। बीएनपी नेताओं ने जीत का भरोसा जताते हुए दावा किया है कि पार्टी बहुमत पार कर चुकी है, हालांकि आधिकारिक नतीजों में इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। पार्टी नेता आमिर खुसरो महमूद चौधरी ने दो-तिहाई सीटें जीतने तक का दावा किया है। जमात-ए-इस्लामी प्रमुख शफीकुर रहमान ने भी सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने का संकेत दिया है।
बांग्लादेश आम चुनाव के लिए जारी मतगणना में बीएनपी ने 77 सीटों पर बढ़त बना रखी है। वहीं जमात-ए-इस्लामी 26 सीटों पर आगे है, जबकि एनसीपी दो सीटों पर आगे चल रही है।
बांग्लादेश संसदीय चुनाव में तंगेल-7 निर्वाचन क्षेत्र में बीएनपी के अबुल कलाम आजाद सिद्दीकी ने 141,253 वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल की, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जमात-ए-इस्लामी के अब्दुल्ला तालुकदार को 71,040 वोट मिले।
बांग्लादेश संसदीय चुनाव के तहत मतों की गणना जारी है। ताजा अपडेट के अनुसार, बीएनपी ने 70 सीटों पर बढ़त बना रखी है, वहीं जमात-ए-इस्लामी 21 सीटों पर आगे है। जबकि एनसीपी दो सीटों पर आगे चल रही है।
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के तहत मतदान के बाद मतगणना जारी है। स्थानीय समाचार चैनलों के अनुसार, बीएनपी अब 50 सीटों पर और जमात-ए-इस्लामी 20 सीटों पर आगे है। बांग्लादेश की संसद में कुल 300 सीटें हैं, जिनमें से साधारण बहुमत के लिए 151 सीटों की जरूरत है। हालांकि इस चुनाव में 299 सीटों पर मतदान हुए हैं, क्योंकि एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द किया गया था।
बीएनपी प्रमुख और पूर्व पीएम खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान ने बांग्लादेश संसदीय चुनाव में दो सीटों पर जीत हासिल की है। बता दें कि तारिक रहमान ने पहले ढाका-17 सीट से जीत हासिल की की थी, इसके बाद उन्होंने बोगरा-6 सीट से भी जीत हासिल की है।
बीएनपी मीडिया सेल के सदस्य शैरुल कबीर खान के अनुसार, बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका-17 निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। गुरुवार सुबह, तारिक रहमान ने राजधानी के गुलशन मॉडल हाई स्कूल और कॉलेज केंद्र में 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में अपना वोट डाला। वे सुबह करीब 9:30 बजे केंद्र पहुंचे और अपना वोट डाला। उनकी पत्नी डॉ. जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान ने भी उनके साथ मतदान किया था।
प्रारंभिक परिणामों के अनुसार, बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर (धान की बाली) 35 मतदान केंद्रों से 39,101 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार को 25,976 वोट मिले हैं, जबकि इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश के खादिमुल इस्लाम को 705 वोट मिले हैं। इस निर्वाचन क्षेत्र में कुल 185 मतदान केंद्र हैं।
बांग्लादेश के राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में बीएनपी के स्थायी समिति सदस्य सलाहुद्दीन अहमद कॉक्स बाजार-1 (चकड़िया-पेकुआ) से भारी बढ़त बनाए हुए हैं। 177 मतदान केंद्रों में से 74 केंद्रों के प्रारंभिक परिणामों के अनुसार, धान की बाली के चिन्ह पर चुनाव लड़ रहे सलाहुद्दीन को 121,119 वोट मिले हैं।
सुनामगंज-2 (दिराई-शाला) निर्वाचन क्षेत्र से बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार शिशिर मनीर ने 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव में अपनी हार स्वीकार कर ली है। गुरुवार रात करीब 8:20 बजे, मनीर ने अपने सत्यापित फेसबुक अकाउंट पर अपनी हार स्वीकार करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार नासिर उद्दीन चौधरी को बधाई दी।
निर्दलीय उम्मीदवार रुमीन फरहाना ब्राह्मणबारिया-2 निर्वाचन क्षेत्र में आगे चल रही हैं, जिसमें सरायल, आशुगंज और बिजयनगर का हिस्सा शामिल है। रात 8:24 बजे तक, फरहाना को 12 मतदान केंद्रों से 9,648 वोट मिले हैं, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी, बीएनपी-गठबंधन के उम्मीदवार और जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम बांग्लादेश की केंद्रीय समिति के उपाध्यक्ष मौलाना जुनैद अल हबीब को 6,745 वोट मिले हैं।
बांग्लादेश के पूर्व अटॉर्नी जनरल मोहम्मद असदुज्जमान ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के प्रारंभिक परिणामों में बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के उम्मीदवार के रूप में झेनाइदा-1 (शैलकुपा) निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की है। असदुज्जमान ने चुनाव लड़ने के लिए 17वें अटॉर्नी जनरल के पद से इस्तीफा दे दिया था। देश के सर्वोच्च कानूनी अधिकारी के रूप में कार्य करने से पहले, उन्होंने बीएनपी केंद्रीय कार्यकारी समिति के मानवाधिकार सचिव और दिवंगत पार्टी अध्यक्ष बेगम खालिदा जिया के सलाहकार के रूप में कार्य किया था। झेनाइदा-1 में निवासियों ने अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग करते हुए भारी संख्या में मतदान किया।
बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में मतदान अधिकारियों को पोस्टल वोट बीडी एप के माध्यम से पंजीकृत मतदाताओं से 11,43,845 डाक मतपत्र प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,95,551 मतदान प्रवासी मतदाताओं द्वारा और 6,48,294 मतदान घरेलू मतदाताओं द्वारा आंतरिक सशर्त डाक मतदान (आईसीपीवी) प्रणाली के तहत किए गए।
प्रवासी मतदाता पंजीकरण पर ओसीवी-एसडीआई परियोजना के टीम लीडर सलीम अहमद खान ने बताया कि गुरुवार दोपहर 2 बजे तक 7,66,862 मतपत्र विदेशों में रहने वाले मतदाताओं को भेजे जा चुके थे। इनमें से 5,54,258 मतदाताओं को उनके मतपत्र प्राप्त हुए, 5,43,751 ने मतदान पूरा किया और 5,37,554 मतपत्र विदेशों में डाक अधिकारियों को जमा किए गए। अब तक 4,98,266 विदेशी मतपत्र बांग्लादेश पहुंच चुके हैं।
बांग्लादेश के कोमिला-4 (देबिदवार) निर्वाचन क्षेत्र में, गोनो अधिकार परिषद के उम्मीदवार मोहम्मद ए जसीम उद्दीन (ट्रक चिन्ह) ने गुरुवार को व्यापक अनियमितताओं और धांधली का हवाला देते हुए मतदान का बहिष्कार करने की घोषणा की। जसीम उद्दीन ने शाम लगभग 5 बजे फेसबुक लाइव प्रसारण के दौरान यह घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मतदान एजेंटों को कई मतदान केंद्रों में प्रवेश करने से रोका गया और कई केंद्रों से जबरन बाहर निकाल दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि आम मतदाताओं को वोट डालने से रोका गया और उन पर एक विशेष चिन्ह के लिए वोट देने का दबाव डाला गया। उन्होंने कहा, 'यह एक तमाशा है। इसलिए, मैं इसका बहिष्कार कर रहा हूं।'
बांग्लादेश में 3वें संसदीय चुनाव में वोटिंग के समय चार जिलों में पोलिंग स्टेशन पर या उसके आस-पास बीमार पड़ने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई। चार मौतों में से एक खुलना में हुई, जबकि बाकी मानिकगंज, किशोरगंज और ब्राह्मणबरिया में हुईं। खुलना में, शहर के खान जहान अली रोड इलाके में आलिया मदरसा पोलिंग सेंटर के बाहर सुबह करीब 7:45 बजे जमात के एक एक्टिविस्ट के साथ झगड़े के बाद बीमार पड़ने से एक बीएनपी नेता की मौत हो गई। मरने वाले की पहचान खुलना सिटी यूनिट बीएनपी के पूर्व ऑफिस सेक्रेटरी महिबुज्जमां काची के रूप में हुई है।
वहीं किशोरगंज में, किशोरगंज के भैरब उपजिला में एक पोलिंग स्टेशन के पास पुलिसवालों द्वारा पीछा किए जाने के बाद एक आदमी की कथित तौर पर मौत हो गई। भैरब उपजिला निरबाही ऑफिसर केएम मामुनूर रशीद ने कहा कि मरने वाला, 55 साल का रज्जाक मिया, दक्खिनपारा गांव का रहने वाला था। जबकि मानिकगंज में, वोट डालने के लिए लाइन में इंतजार करते समय एक बुजुर्ग की मौत हो गई। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने बताया कि यह घटना शिवालय उपजिला के महादेवपुर सरकारी प्राइमरी स्कूल सेंटर में सुबह करीब 11:20 बजे हुई। मरने वाले, 70 साल के बाबू मिया, एक वैन ड्राइवर थे और महादेवपुर इलाके के रहने वाले थे। ब्राह्मणबरिया में, सराइल उपजिला के सैयद सिराजुल इस्लाम ऑडिटोरियम पोलिंग सेंटर पर सुबह करीब 7:45 बजे एक पोलिंग ऑफिसर की मौत हो गई। 48 साल के मोजाहिदुल इस्लाम, एक मदरसा टीचर थे और उन्हें सेंटर में पोलिंग ऑफिसर के तौर पर ड्यूटी पर रखा गया था।
बांग्लादेश में मतदान के दौरान अनियमितताओं के आरोपों के बाद गुरुवार को मयमनसिंह और नौगांव में चार चुनाव अधिकारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया। मयमनसिंह के भालुका उपजिला में, कांसेरकुल हाई स्कूल केंद्र पर एक सहायक पीठासीन अधिकारी और दो मतदान अधिकारियों को खुलेआम मतदान की अनुमति देने और प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के एजेंटों को बाहर निकालने के आरोपों के बाद बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले की पुष्टि करते हुए, भालुका उपजिला निर्बाही अधिकारी और सहायक रिटर्निंग अधिकारी फिरोज हुसैन ने कहा कि एक सहायक पीठासीन अधिकारी और दो मतदान अधिकारियों को खुलेआम मतदान को रोकने में विफल रहने के कारण हटाया गया है।
बांग्लादेश में 13वें राष्ट्रीय चुनाव और जनमत संग्रह के दौरान तीन जिलों में मतपत्रों में हेराफेरी के आरोपों में चार लोगों को अलग-अलग अवधि की जेल की सजा सुनाई गई। पंचगढ़ में, फकीरगंज क्रिश्चियन पारा निवासी, अटवारी उपजिला इकाई के जातीय जुबो शक्ति के संयोजक, 44 वर्षीय सुकुमार दास को नमूना मतपत्र रखने के आरोप में तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई। मीरपुर उपजिला के नाओदा गोबिंदपुर गांव के शाहिन मलीथा पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। वहीं हबीगंज में एक मोबाइल अदालत ने हबीगंज-2 निर्वाचन क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अशांति फैलाने के आरोप में एक युवक को दो साल की कैद की सजा सुनाई। बनियाचोंग उपजिला कार्यकारी अधिकारी (यूएनओ) महमूदा बेगम साथी ने बताया कि दोषी बनियाचोंग उपजिला के मंदारी गांव का नासिर है।
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी द्वारा भ्रामक गतिविधियों के कारण मतदान कम होने का आरोप लगाते हुए, बीएनपी ने आज अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से अंतिम परिणाम घोषित होने तक मतदान केंद्रों पर बने रहने का आह्वान किया। पार्टी ने देशभर में अपने मतदान एजेंटों को मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रखने का भी निर्देश दिया। वहीं ढाका स्थित पार्टी के गुलशन चुनाव कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, बीएनपी चुनाव संचालन समिति के प्रवक्ता महदी अमीन ने कहा, 'बीएनपी और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल के बीच स्पष्ट और बड़ा अंतर है। इस अंतर का विरोध करना ही कल रात से आचार संहिता के उल्लंघन का मुख्य उद्देश्य था।'
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के चुनावी गठबंधन ने 13वें संसदीय चुनाव की मतदान प्रक्रिया को उत्कृष्ट बताया है और कुछ छिटपुट हिंसा और अनियमितताओं की घटनाओं का आरोप लगाने के बावजूद, भारी जीत हासिल करने और अधिकतम संख्या में सीटें जीतने की उम्मीद जताई है।
बांग्लादेश अवामी लीग ने सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'जन नेता शेख हसीना की ओर से सभी नागरिकों को धन्यवाद, जिन्होंने हत्यारे-फासीवादी यूनुस के हास्यास्पद चुनाव को खारिज कर दिया। अवैध और असंवैधानिक रूप से सत्ता हथियाने वाले यूनुस द्वारा आज कराया गया तथाकथित चुनाव असल में एक सुनियोजित नाटक था। अवामी लीग की भागीदारी के बिना कराए गए इस धोखेपूर्ण, मतदाता-विहीन चुनाव में जनता के मतदान अधिकार, लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की भावना की पूरी तरह से अवहेलना की गई।'
बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं ने गुरुवार को कहा कि अगर चुनाव 'स्वतंत्र और निष्पक्ष, बिना किसी भेदभाव के' हुए तो वे चुनाव के नतीजे मानेंगे। इस चुनाव को बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और उसकी कभी की साथी जमात-ए-इस्लामी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है, क्योंकि इस बार अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अब खत्म हो चुकी अवामी लीग नहीं है। बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान, जमात-ए-इस्लामी चीफ शफीकुर रहमान और अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देश के आम चुनाव में सुबह-सुबह वोट डाला।
आम चुनाव मोहम्मद यूनुस की तरफ से पेश किए गए 84- प्वाइंट के मुश्किल सुधार पैकेज पर रेफरेंडम के साथ-साथ हुए। देश भर के 300 में से 299 संसदीय क्षेत्रों में वोटिंग सुबह 7:30 बजे (लोकल टाइम) शुरू हुई और शाम 4:30 बजे खत्म हुई। तारिक रहमान ने ढाका के पॉश गुलशन इलाके में गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज सेंटर पर अपना वोट डाला। पोलिंग सेंटर से निकलते हुए रहमान ने कहा, 'मैंने वोट देने के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल किया है। एक दशक से ज्यादा समय से, बांग्लादेश के लोग इस दिन का इंतजार कर रहे थे।' उन्होंने कहा कि अगर वे सत्ता में आए, तो 'हम देश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने को प्राथमिकता देंगे ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें।' बाद में, राजधानी के कई पोलिंग सेंटरों का दौरा करने के बाद, उन्होंने कहा कि अगर चुनाव 'स्वतंत्र, निष्पक्ष, बिना किसी विवाद के' होते हैं तो बीएनपी नतीजों को स्वीकार करेगी।
सरकारी बीएसएस न्यूज एजेंसी ने उनके हवाले से कहा, 'अगर लोग अपना वोट डालते हैं, तो आज से देश में एक लोकतांत्रिक शुरुआत हो सकती है।' चुनाव जीतने को लेकर उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा, 'हमें भरोसा है, अल्हम्दुलिल्लाह, मुझे जीत की उम्मीद है।' अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में हसीना को हटाए जाने के बाद यह अहम आम चुनाव पहला है।
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस ने 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव को लेकर देशवासियों को हार्दिक बधाई दी और आभार व्यक्त किया। उन्होंने शाम 4:30 बजे मतदान समाप्त होने के बाद अपने प्रेस विंग द्वारा जारी एक बयान में कहा, 'मतदाताओं की स्वतःस्फूर्त भागीदारी, राजनीतिक दलों का जिम्मेदार आचरण, उम्मीदवारों द्वारा दिखाया गया संयम और चुनावी प्रक्रिया में शामिल सभी संस्थानों की व्यावसायिकता ने सामूहिक रूप से यह प्रदर्शित किया कि लोकतंत्र के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।'
बांग्लादेश में 299 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान समाप्त होने के बाद ढाका में मतगणना जारी है। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 2 बजे तक करीब 48 फीसदी मतदान हुआ।
बांंग्लादेश में चुनाव का आधिकारिक समय समाप्त हो गया है। कुछ जगहों पर मतदान जारी होने की खबरें हैं। मुंशीगंज पोलिंग सेंटर पर कच्चे बम धमाके की खबर के बाद वोटिंग में थोड़ी देर रुकावट भी आई। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के हवाले से समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया कि धमाका एक हाई स्कूल में बनाए गए पोलिंग स्टेशन पर हुआ। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। चुनाव में तैनात अधिकारी मसुदुर रहमान ने इसे मामूली घटना बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस वालों को तुरंत अलर्ट किया गया, जिसके बाद मतदान कराए गए।
बांग्लादेश में जारी मतदान के बीच निर्वाचन आयोग ने कहा कि चुनाव में लगे अधिकारी देशभर से 6,48,000 पोस्टल बैलेट रिसीव कर चुके हैं। हैं। स्थानीय अखबार प्रोथोम आलो के मुताबिक, बांग्लादेश चुनाव आयोग के सीनियर सेक्रेटरी अख्तर अहमद ने कहा, रिटर्निंग ऑफिसर्स के पास कुल 6,48,000 पोस्टल बैलेट पहुंचे हैं।
मतदान केंद्र पर BNP नेता की मौत, पार्टी ने जमात समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया
बांग्लादेश में चुनाव लड़ रहे 60 साल के BNP नेता मोहिबुज्जमां कोच्चि की मौत, खुलना के पोलिंग स्टेशन पर वोट डालने जाते समय हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सुबह करीब 9 बजे की है। BNP के मुताबिक, वोट देने के लिए पोलिंग स्टेशन पहुंचने के बाद मतदान केंद्र पर विरोधी जमात के सदस्यों ने कथित तौर पर उन्हें धक्का दिया। इस दौरान वह नीचे गिर गए और उनके सिर में चोट लग गई। उन्हें एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक लंबे समय से दिल की बीमारी से भी जूझ रहे थे और आज मतदान के दौरान वे तनाव में भी थे।
ईयू चुनाव पर्यवेक्षण मिशन के प्रमुख इवार्स इजैब्स ने बांग्लादेश के चुनाव को लोकतंत्र के लिए बड़ा दिन बताया। उन्होंने कहा कि चुनाव “सक्रिय, भरोसेमंद और विश्वसनीय” होने की उम्मीद है। 394 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक और 197 विदेशी पत्रकार इस चुनाव की निगरानी कर रहे हैं, जो 2024 की तुलना में दोगुना है। प्रारंभिक रिपोर्ट 14 फरवरी को जारी की जाएगी।
इस चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार और बीएनपी नेता तारीक रहमान ने कहा कि उनकी पार्टी जीतने पर देश में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उनका वादा है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाकर बांग्लादेश को नई, साफ राजनीति की राह पर लाया जाएगा।
बांग्लादेश में जारी आम चुनाव के दौरान दोपहर 12 बजे तक 32.88 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। यह जानकारी चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने दी। उन्होंने राजधानी ढाका स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय में मीडिया को बताया कि दोपहर तक देशभर के 32,789 मतदान केंद्रों से यह आंकड़ा मिला है, जो कुल केंद्रों का लगभग 77 प्रतिशत है। देशभर में कुल 42,651 मतदान केंद्रों पर वोटिंग जारी है। चुनाव आयोग के अनुसार, अब तक किसी भी मतदान केंद्र से मतदान रुकने या किसी बड़ी गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। आयोग ने उम्मीद जताई है कि दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में और बढ़ोतरी हो सकती है।
बांग्लादेश में 2026 के चुनाव के दौरान अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने ढाका के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के बाद उन्होंने मीडिया से बात करते हुए इस दिन को देश के लिए ऐतिहासिक बताया। यूनुस ने कहा कि आज से हमें हर कदम पर एक नया बांग्लादेश बनाने का अवसर मिला है। उन्होंने इसे अपने जीवन का और पूरे देश के लिए एक बड़ा दिन बताया। उन्होंने आगे कहा कि यह हमारे बुरे दौर के अंत और एक नए अध्याय की शुरुआत है। यूनुस ने इस जनमत संग्रह को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह प्रक्रिया देश की दिशा बदल सकती है और भविष्य को नई राह दे सकती है।
बांग्लादेश के गोपालगंज सदर उपजिला में चुनाव के दौरान मतदान स्थल पर विस्फोट होने से तीन लोग घायल हो गए। यह घटना रेश्मा इंटरनेशनल स्कूल पोलिंग स्टेशन पर हुई, जहां एक कॉकटेल-टाइप विस्फोटक नहर के पार से फेंका गया। पुलिस के सब-इंस्पेक्टर जाहिदुल इस्लाम ने बताया कि विस्फोट से पहले मतदान शांतिपूर्ण चल रहा था। विस्फोट में दो अंसार अर्धसैनिक जवान और 14 वर्षीय अमेना खानम घायल हो गए, जो किसी मतदाता के साथ थीं। विस्फोट से पोलिंग स्टेशन का मुख्य गेट क्षतिग्रस्त हो गया और वहां भीड़ में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घटनास्थल से सबूत जुटा लिए हैं।
Akhon TV की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने बताया कि 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव में सुबह 11 बजे (BDT) तक देश भर के 32,000 पोलिंग सेंटर्स पर 14.96% वोट डाले गए।
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिरउद्दीन ने गुरुवार को ढाका में वोट डालने के बाद कहा, हम देश को पर्व के माहौल में चुनाव का तोहफा देना चाहते हैं। उन्होंने ये भी कहा कि बांग्लादेश लोकतंत्र की रेल पर सवार हो गया है और जल्द ही अपनी मंजिल तक पहुंचेगा। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय चुनाव पर्यवेक्षक भी मतदान की व्यवस्था से संतुष्ट हैं।
बांग्लादेश की संसद, जातीय संसद में 350 सीटें हैं, लेकिन सीधे चुनाव 300 सीटों के लिए ही होता है। बहुमत का आंकड़ा 150 है। इस बार शेरपुर-3 संसदीय सीट पर एक उम्मीदवार की मौत के चलते मतदान नहीं हो रहा है। ऐसे में गुरुवार को 299 सीटों के लिए मतदान हो रहा है। 50 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं और इनके लिए सीधे चुनाव नहीं होता और ये सीटें पार्टियों में आनुपातिक आधार पर बांटी जाती हैं।
ढाका में मीरपुर-10 संसदीय सीट पर बीएनपी और जमात समर्थकों के बीच भिड़ंत की खबर है। इसी सीट से जमात के मुखिया शफिकुर रहमान चुनाव लड़ रहे हैं।
बांग्लादेश के युवा मतदाताओं में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और सुबह सुबह के मतदान में बड़ी संख्या युवा मतदाताओं की रही। साथ ही बांग्लादेश चुनाव में हिंसा की अभी तक कोई बड़ी घटना नहीं हुई है और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्वक चल रही है।
बीएनपी चेयरमैन तारिक रहमान ने ढाका के गुलशन इलाके के गुलशन मॉडल स्कूल एंड कॉलेज सेंटर बूथ पर वोट डाला। तारिक रहमान ढाका-17 और बोगुरा-6 सीट से उम्मीदवार हैं और प्रधानमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं।
बांग्लादेश चुनाव 2026 के दौरान ढाका के एक पोलिंग बूथ पर वोट डालने के बाद एक महिला मतदाता भावुक हो गईं। उन्होंने इसे अपने अधिकार और उम्मीद का पल बताया। मतदान केंद्रों पर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। चुनाव आयोग ने देशभर में करीब दस लाख सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है, जो देश के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी सुरक्षा व्यवस्था मानी जा रही है। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।
बांग्लादेश चुनाव 2026 के तहत कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान जारी है। ढाका के गुलशन मध्य विद्यालय और कॉलेज पोलिंग सेंटर के बाहर हलचल देखी गई, जहां बीएनपी के उपाध्यक्ष तारिक रहमान और अंतरिम सरकार प्रमुख मोहम्मद यूनुस के वोट डालने की तैयारी है। केंद्र के बाहर सुरक्षा घेरा मजबूत किया गया है। पुलिस और सुरक्षा बल तैनात हैं और मतदाताओं की आवाजाही नियंत्रित तरीके से कराई जा रही है।
बांग्लादेश के गाजीपुर क्षेत्र में मतदान शुरू होने से पहले ही कई पोलिंग स्टेशनों के बाहर बड़ी संख्या में मतदाता जुट गए। सुबह से ही पुरुष और महिलाएं कतार में खड़े दिखाई दिए। स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार मतदाताओं में मतदान को लेकर उत्साह दिखा। कई लोगों ने कानून-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों पर संतोष जताया और कहा कि माहौल शांत है, जिससे वे बिना डर वोट डालने पहुंचे हैं।
बांग्लादेश में मतदान पूरी तरह मतपत्र यानी बैलेट पेपर से हो रहा है। संसदीय चुनाव के लिए सफेद मतपत्र इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जबकि जुलाई चार्टर जनमत संग्रह के लिए रंगीन मतपत्र दिए जा रहे हैं, ताकि दोनों प्रक्रियाओं में स्पष्ट अंतर बना रहे। बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के साथ-साथ जुलाई चार्टर पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है। मतदाता एक साथ दो वोट डाल रहे हैं। एक वोट संसदीय चुनाव के उम्मीदवार के लिए और दूसरा जनमत संग्रह के लिए है।
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बांग्लादेश में राज्य और मुख्यमंत्री की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां विधानसभा नहीं, सिर्फ संसदीय क्षेत्र होते हैं। भारत में दो सदन होते हैं। लोक सभा और राज्य सभा। बांग्लदेश में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है। वहां एक ही सदन होता है।
बांग्लादेश में मतदान के दौरान एक मतदाता ने पहली बार वोट डालने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया काफी आसान रही और मतपत्र को लेकर कोई दिक्कत नहीं हुई। मतदान केंद्र के अंदर नंबर के हिसाब से अलग कमरों में व्यवस्था की गई है, जिससे भीड़ और भ्रम नहीं हुआ। इंतजाम संतोषजनक बताए गए।
बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि मतपत्र केवल सही पहचान के बाद जारी किए जा रहे हैं और कानून के मुताबिक गुप्त मतदान कराया जा रहा है। किसी भी विवाद का निपटारा तय कानूनी प्रक्रिया से होगा। उनके अनुसार करीब 330 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक और 160 से अधिक विदेशी पत्रकार चुनाव प्रक्रिया की निगरानी कर रहे हैं।
बांग्लादेश के शेरपुर-3 संसदीय क्षेत्र में चुनाव आयोग ने मतदान स्थगित कर दिया है। यह फैसला बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के उम्मीदवार नुरुज्जमान बादल के निधन के बाद लिया गया। चुनाव आयुक्त अब्दुर रहमानेल मसूद ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस सीट पर चुनाव फिलहाल रद्द माना जाएगा। आयोग के मुताबिक इस क्षेत्र के लिए नई चुनाव तिथि बाद में घोषित किया जाएगा। बाकी संसदीय क्षेत्रों में तय कार्यक्रम के अनुसार मतदान जारी है, लेकिन शेरपुर-3 सीट पर मतदाता अब नए शेड्यूल का इंतजार करेंगे। यह फैसला चुनाव नियमों के तहत उम्मीदवार की मृत्यु की स्थिति में लिया गया है।
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बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के लिए जारी मतदान के बीच ढाका से मतदाताओं की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई मतदाताओं ने पहली बार वोट डालने पर खुशी जताई, वहीं कुछ ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर निराशा भी व्यक्त की।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए मतदान शुरू होते ही सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। राजधानी ढाका समेत देशभर में पोलिंग सेंटरों पर कड़े इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती बताई जा रही है।
ढाका के गुलशन मॉडल स्कूल और कॉलेज में बने पोलिंग सेंटर पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी लाइनें देखी गईं। केंद्र के बाहर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। प्रवेश से पहले जांच की जा रही है और केवल अधिकृत लोगों को ही अंदर जाने दिया जा रहा है। पुलिस और अर्धसैनिक बल लगातार गश्त कर रहे हैं।
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बांग्लादेश के संसदीय चुनाव में कुल 1,981 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें लगभग 1,700 प्रत्याशी विभिन्न राजनीतिक दलों से हैं, जबकि 249 उम्मीदवार निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। महिला भागीदारी अभी भी सीमित दिख रही है। राजनीतिक दलों ने 63 महिला उम्मीदवार उतारे हैं और करीब 13 महिलाएं निर्दलीय रूप से चुनाव लड़ रही हैं। इस तरह कुल महिला उम्मीदवारों की संख्या 76 है, जो कुल उम्मीदवारों के मुकाबले काफी कम मानी जा रही है।
चुनाव में मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी और उसकी पूर्व सहयोगी जमात-ए-इस्लामी के बीच है। शेख हसीना की अवामी लीग को अंतरिम सरकार ने भंग कर चुनाव लड़ने से रोक दिया है। कुल 50 दलों के 1,755 उम्मीदवार और 273 निर्दलीय मैदान में हैं। बीएनपी ने सबसे ज्यादा 291 उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें 83 महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। सुरक्षा के लिए करीब नौ लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं, जो देश के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी तैनाती बताई जा रही है। ढाका के संवेदनशील इलाकों में बख्तरबंद वाहन और त्वरित कार्रवाई दल लगाए गए हैं। पहली बार ड्रोन और बॉडी कैमरे से निगरानी हो रही है। करीब 12.7 करोड़ मतदाताओं में 3.58 प्रतिशत पहली बार वोट दे रहे हैं। विदेश में पंजीकृत करीब आठ लाख नागरिक आईटी आधारित डाक मतपत्र से मतदान कर सकेंगे।
बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए आज सुबह से मतदान शुरू हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के हटने के बाद यह पहला आम चुनाव है, इसलिए इसे बेहद अहम माना जा रहा है। देशभर में कड़ी सुरक्षा के बीच वोट डाले जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से निर्भय होकर मतदान करने की अपील की है और सभी दलों से शांति बनाए रखने को कहा है। मतदान स्थानीय समयानुसार सुबह 7:30 बजे शुरू हुआ और शाम 4:30 बजे तक जारी रहेगा। कुल 300 में से 299 संसदीय सीटों पर वोटिंग हो रही है। एक सीट पर उम्मीदवार की मौत के कारण मतदान रद्द किया गया है। मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होने की उम्मीद है। इस बार चुनाव के साथ 84 बिंदुओं वाले सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह भी कराया जा रहा है।