बांग्लादेश की राजधानी ढाका में मौजूद अमेरिकी उच्चायोग ने देश में हिंसा के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए निर्देश जारी किया है। एक्स पर साझा किए गए इस निर्देश में कहा गया है कि शरीफ उस्मान हादी के जनाजे की नमाज शनिवार, 20 दिसंबर को दुहर की नमाज के बाद (लगभग 1400 बजे) मानिक मियां एवेन्यू (राष्ट्रीय संसद भवन के सामने) में अदा की जाएगी। इस क्षेत्र और पूरे ढाका में भारी संख्या में लोगों के आने की आशंका है। अमेरिकी नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए और याद रखना चाहिए कि शांतिपूर्ण उद्देश्य से आयोजित सभाएं भी हिंसक रूप ले सकती हैं। आपको प्रदर्शनों से बचना चाहिए और किसी भी बड़ी सभा के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए।
बांग्लादेश में जुलाई में हुए विद्रोह के एक प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी का शव सिंगापुर से ढाका लाया गया है। हादी को पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मार सिर में गोली मार दी थी और छह दिनों के बाद गुरुवार देर रात सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
प्रमुख नेता शरीफ उस्मान हादी की मृत्यु के बाद बांग्लादेश में हुए हिंसक प्रदर्शनों के मद्देनजर नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की तरफ से टेलीविजन पर प्रसारित संबोधन में हादी की मृत्यु की पुष्टि के बाद बांग्लादेश में तनाव फैल गया, जिसके चलते गुरुवार रात को व्यापक प्रदर्शन, हमले और तोड़फोड़ हुई। अधिकारी ने कहा, 'हमने गुरुवार रात को बांग्लादेश उच्चायोग में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। किसी को भी कानून-व्यवस्था भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'
बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने हिंदू युवक की लिंचिंग की कड़ी निंदा की है। सरकार ने कहा कि न्यू बांग्लादेश में सांप्रदायिक नफरत और भीड़ की हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। बयान में साफ किया गया कि इस निर्मम हत्या में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी पर सख्त कार्रवाई होगी।
सरकार ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि कुछ अलग-थलग आतंकी तत्व देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। साथ ही आगजनी, तोड़फोड़, डर फैलाने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को चेतावनी दी गई कि लोकतांत्रिक परिवर्तन में बाधा डालने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ढाका में आज प्रदर्शनकारियों ने शाहबाग चौराहे को जाम कर दिया। वे इंकलाब मंच के संयोजक शरीफ उस्मान हादी की हत्या में न्याय की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने अंतरिम सरकार का शासन खत्म करने की भी मांग की, स्थनीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह जानकारी सामने आई है।
इधर, ढाका विश्वविद्यालय के शेख मुजीबुर रहमान हॉल का नाम बदलने को लेकर भी हलचल रही। शुक्रवार तड़के करीब 2:30 बजे छात्रों ने गेट पर ‘शहीद उस्मान हादी हॉल’ का बैनर लगा दिया। छात्र संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक यह कदम छात्रों के मतदान के बाद उठाया गया। हालांकि, इसे आधिकारिक नाम परिवर्तन नहीं माना गया है। हॉल का नाम बदलने का प्रस्ताव बाद में बैठक में रखा जाएगा।
बंगाली संस्कृति को बढ़ावा देने वाले संस्थान छायानौत के मुख्य कार्यालय पर धनमोंडी इलाके में रात को हमला किया गया। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और आग लगा दी।
इस हमले में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं मिली है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने क्षेत्र की निगरानी बढ़ा दी है और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। छायानौत के अधिकारियों ने कहा कि वह जल्द ही नुकसान का आकलन करेंगे और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
उस्मान हादी का शव आज सिंगापुर से ढाका लाया जाएगा। सिंगापुर की अंगुलिया मस्जिद में उनकी नमाज-ए-जनाजा अदा की जाएगी। इसके बाद शव को विमान से ढाका के लिए रवाना किया जाएगा। हादी का पार्थिव शरीर शाम करीब 6:05 बजे ढाका पहुंचने की उम्मीद है। शनिवार को ज़ुहर की नमाज के बाद मणिक मिया एवेन्यू पर उनकी एक और नमाज-ए-जनाजा अदा की जाएगी।
बांग्लादेश के मुख्य न्यायाधीश सैयद रफीक अहमद ने इंकलाब मंच के नेता शरीफ उस्मान हादी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, देर रात जारी शोक संदेश में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि शरीफ उस्मान हादी की असमय और दुखद मौत से देश ने एक साहसी और बेबाक आवाज खो दी है।
राजशाही में ‘भारतीय आधिपत्य विरोधी जुलाई 36 मंच’ के बैनर तले प्रदर्शनकारियों ने भारत के सहायक उच्चायोग की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन दंगा नियंत्रण में तैनात पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की झड़प भी हुई। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भारत विरोधी नारे लगाए जाते देखे गए। खुलना में ‘यूनिटी अगेंस्ट इंडियन हेजेमनी’ के बैनर तले प्रदर्शन हुआ, जहां पुलिस के साथ सेना और नौसेना के जवानों ने मिलकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। खुलना के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ताजुल इस्लाम ने कहा कि कड़ी निगरानी के चलते प्रदर्शनकारी मिशन तक नहीं पहुंच सके और शांतिपूर्ण रैली के बाद लौट गए।
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हादी की मौत से पहले बांग्लादेश में सुरक्षा हालात में सुधार के संकेत मिलने पर भारत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि ढाका स्थित भारतीय वीजा आवेदन केंद्र (आईवीएसी) में कामकाज फिर से शुरू कर दिया गया। हालांकि, तनावपूर्ण स्थिति और विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए भारत ने बांग्लादेश के दो अन्य शहरों- खुलना और राजशाही स्थित वीजा केंद्रों की सेवाएं अस्थायी रूप से निलंबित रखने का फैसला लिया है। अधिकारियों के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना और उत्तर-पश्चिमी राजशाही में भारत विरोधी प्रदर्शनकारियों ने भारतीय मिशनों की ओर मार्च करने की कोशिश की, जिसके चलते वहां सुरक्षा कारणों से आईवीएसी बंद करने का फैसला लिया गया।
बांग्लादेश में जुलाई में हुए विद्रोह के एक प्रमुख नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत हो गई। हादी को पिछले हफ्ते गोली मारी गई थी और छह दिनों के बाद बृहस्पतिवार देर रात सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पिछले हफ्ते अज्ञात बंदूकधारियों ने हादी के सिर में गोली मार दी थी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। माना जा रहा है कि हादी की मौत के बाद ही बांग्लादेश में दोबारा हिंसा भड़की है। बांग्लादेश के मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस ने देश के नाम संबोधन में कहा, जुलाई विद्रोह के निडर अग्रिम पंक्ति के लड़ाके और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी अब हमारे बीच नहीं रहे। यूनुस ने हादी के हत्यारों को पकड़ने के लिए त्वरित कार्रवाई का वादा किया और एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।