काशी के कोतवाल कालभैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दशाश्वमेध घाट पहुंचीं। यहां वो मां गंगा की आरती में शामिल होंगी। राष्ट्रपति मां गंगा की आरती उतारेंगी और षोडशोपचार पूजन करके देशवासियों के कल्याण की कामना करेंगी। मंच पर बैठकर मां गंगा की आरती भी देखेंगी। गंगा सेवा निधि के नौ अर्चक आरती उतारेंगे। 21 कन्याएं भी मां गंगा को चंवर डुलाएंगी। घाट का कोना-कोना दीपों से जगमगाएगा। घाट को फूल-मालाओं से सजाया गया है।
बाबा धाम से निकलकर राष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में शामिल होंगी। घाट घंटा-घड़ियाल से गूंजेगा। राष्ट्रपति मां गंगा की आरती उतारेंगी और षोडशोपचार पूजन करके देशवासियों के कल्याण की कामना करेंगी। मंच पर बैठकर मां गंगा की आरती भी देखेंगी। गंगा सेवा निधि के नौ अर्चक आरती उतारेंगे। 21 कन्याएं भी मां गंगा को चंवर डुलाएंगी। घाट का कोना-कोना दीपों से जगमगाएगा। घाट को फूल-मालाओं से सजाया गया है।
कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू काशी विश्वनाथ धाम पहुंच गई हैं। डमरू निनाद, शंख ध्वनि और वैदिक मंत्रोच्चार से उनका स्वागत हो रहा है। बाबा धाम से निकलकर राष्ट्रपति दशाश्वमेध घाट पर मां गंगा की आरती में शामिल होंगी। राष्ट्रपति मां गंगा की आरती उतारेंगी और षोडशोपचार पूजन करके देशवासियों के कल्याण की कामना करेंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू कालभैरव मंदिर पहुंच चुकी हैं। मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में जाकर हाजिरी लगाएंगी। धाम में प्रवेश द्वार से गर्भगृह तक रेड कारपेट बिछाया गया है।
राष्ट्रपति का काफिला सर्किट हाउस से आगे निकला। पुलिस लाइन से वरुणा पुल तक लोग सड़क किनारे खड़े होकर राष्ट्रपति का अभिवादन कर रहे हैं। कालभैरव मंदिर के पास सुरक्षा सख्त कर दी गई है। मंदिर के पास से मीडिया को भी हटा दिया गया है।