हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि कमिशन रिपोर्ट पर अगली सुनवाई होगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट से मांग करेंगे कि दीवार तोड़कर सर्वे का काम कराया जाए। ज्ञानवापी की कार्बन डेटिंग की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने भगवान आदि विश्वेश्वर की मंदिर तोड़कर मस्जिद बनवाई थी। हिंदुओं को उनका अधिकार मिलना चाहिए।
कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अपील स्वीकार कर ली है। मामले में अब अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी। कोर्ट में मुस्लिम पक्ष फैसले के दौरान मुस्लिम पक्ष मौजूद नहीं था।
वाराणसी जिला जज अदालत ने ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि मामला सुनने योग्य है।
ज्ञानवापी श्रृंगार गौरी प्रकरण में जिला जज की अदालत का फैसला तैयार हो चुका है। सूत्रों के अनुसार 15 से 17 पेज का हो सकता है फैसला। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले पर 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरफ से बहस पूरी कर ली गई थी।
ज्ञानवापी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद वाराणसी के जिला जज बेहद अहम फैसला सुनाने वाले हैं। दोपहर दो बजे से कोर्ट की कार्यवाही शुरू होगी। हिंदू-मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता और पैरोकार बारी-बारी से कोर्ट पहुंच रहे हैं। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने कहा कि उम्मीद है फैसला हमारे पक्ष में आएगा। कचहरी परिसर में काफी गहमागहमी है। चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था है।
अदालत के फैसले से पहले ज्ञानवापी परिसर और धाम क्षेत्र की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। काशी विश्वनाथ धाम के गेट नंबर चार (बांसफाटक) पर कमांडों को तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में ब्रज वाहन के साथ ही पुलिस और पीएसी कर्मियों को तैनात किया गया है। मदनपुरा, बजरडीहा, रेवड़ी तालाब, धरहरा, नई सड़क, दालमंडी, शिवाला समेत अन्य इलाकों में पुलिस टीम लगातर गश्त कर रही है। एसीपी भेलूपुर प्रवीण कुमार और इंस्पेक्टर भेलूपुर रमाकांत दुबे क्षेत्र में भ्रमण कर रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जिला जज की अदालत में श्रृंगार गौरी मामले पर 24 अगस्त को सभी पक्षों की तरफ से बहस पूरी कर ली गई थी। जिला जज ने 12 सितंबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था।