रामपुर बॉर्डर पर आजम खां का काफिला रोका, पुलिस से नोकझोंक
सपा नेता आजम खां ने रामपुर बॉर्डर काफिले में शामिल गाड़ियों को रोकने पर पर पुलिस-प्रशासन से नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों से कहा-क्यों परेशान कर रहे हो और कितना जुल्म करोगे। कार्यकर्ताओं की सभी गाड़ियों को रामपुर के लिए निकलने दो। आपका कोई इंतजाम सही नहीं है। आजम खां की गाड़ी के साथ कार्यकर्ताओं की पांच गाड़ियों को रामपुर के लिए जाने दिया गया। अन्यको सीमा पर ही रोक दिया गया। इस दौरान रुके हुए कार्यकर्ताओं की पुलिस से नोकझोंक हुई। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा कारणों से एक बार में सिर्फ पांच गाड़ियां ही आगे जाने दी जाएंगी।
रामपुर में आजम खां का काफिला पहुंचा, पुलिस अलर्ट
सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद सपा नेता आजम खां का काफिला मंगलवार शाम करीब पाैने पांच बजे रामपुर जिले में दाखिल हुआ। उनके साथ मौजूद गाड़ियों को पुलिस ने मिलक-बरेली बॉर्डर पर रोककर जांच करनी शुरू कर दी। बॉर्डर पर आजम खां के शुभचिंतक और समर्थक बड़ी संख्या में माैजूद हैं। जिले के भीतर प्रशासन ने कई जगहों पर पुलिस बल तैनात कर रखा है। रामपुर में सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। अधिकारियों ने काफिले की निगरानी करते हुए किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
पत्ता-पत्ता... बूटा-बूटा हमारी हालत जानता है, जेल से निकलने के बाद भावुक हुए आजम
सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद सपा नेता आजम खां भावुक नजर आए। बाहर निकलते ही उन्होंने कहा पत्ता-पत्ता, बूटा-बूटा हमारी हालत जानता है। बसपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने फिलहाल चुप्पी साधते हुए कहा कि इस बारे में कुछ नहीं कह सकता। आजम खां ने आगे कहा कि वह अब अपना इलाज कराएंगे और सेहत पर ध्यान देंगे। उन्होंने साफ कहा कि इसके बाद ही तय करेंगे कि आगे क्या करना है।
समर्थन करने वालों को आशीर्वाद
सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद शाहजहांपुर पहुंचे सपा नेता आजम खान ने सभी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जो लोग मेरा समर्थन करते रहे, उन्हें मेरा आशीर्वाद। बसपा में शामिल होने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि इसका जवाब वही लोग दे सकते हैं जो यह अटकलें लगा रहे हैं। जेल में मैंने किसी से कोई मुलाकात नहीं की। मुझे फोन करने की इजाजत नहीं थी। वह पिछले पांच साल से पूरी तरह संपर्क से बाहर रहे।
अखिलेश यादव बोले– आजम खां पर दर्ज झूठे केस सत्ता में आते ही होंगे वापस
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आजम खां की रिहाई का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आजम खां पर दर्ज सभी झूठे मामले सपा सरकार बनने पर वापस लिए जाएंगे। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भविष्य में कोई नया फर्जी मुकदमा न हो और किसी के साथ अन्याय न किया जाए। उन्होंने एएनआई से कहा कि आजम खां समाजवादी पार्टी और नेताजी के साथ हैं। उन्होंने भाजपा के खिलाफ लंबा संघर्ष किया है। हमें उम्मीद है कि हर झूठा मामला खत्म होगा। जैसे भाजपा के नेताओं के लिए मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम ने केस वापस लिए, वैसे ही हमारी सरकार आने पर आजम खां पर दर्ज झूठे मुकदमे भी वापस होंगे। आजम खां के बसपा में जाने की चर्चाओं को लेकर अखिलेश साफ किया कि यह महज अफवाह है।
सुबह से समर्थकों का जमावड़ा
आजम खां की रिहाई की खबर जैसे ही सामने आई सुबह से ही सीतापुर जेल के बाहर समर्थकों की भीड़ उमड़ने लगी। उनके बड़े बेटे अदीब खां खुद कार्यकर्ताओं के साथ पिता को लेने पहुंचे थे। जेल के बाहर माहौल पूरी तरह सियासी रंग में रंगा नजर आया।इस दौरान सपा के कई बड़े नेता भी कार्यकर्ताओं के साथ मौजूद रहे। इनमें पार्टी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अनुप गुप्ता, मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा और सपा जिला अध्यक्ष छत्रपति यादव प्रमुख रूप से शामिल थे।
सीतापुर जेल से करीब 23 माह बाद मंगलवार दोपहर को आजम खां रिहा हो गए। जिला कारागार से दो गाड़ियां बाहर आई हैं। एक गाड़ी में आजम खां चार लोगों के साथ बैठे हैं। इनमें उनके पुत्र अदीब, अब्दुल्ला, उनके प्रतिनिधि व दो अन्य लोग हैं। दूसरी गाड़ी में आजम खां का सामान है। यह वही सामान है, जो उनके साथ कारागार में था। इनमें उनकी किताबें, कपड़े व अन्य सामान शामिल है। बता दें कि आजम खां की रिहाई को लेकर मंगलवार सुबह से ही एलआईयू की टीमें, ड्रोन टीम व पीएसी के जवान मुस्तैद रहे। इसके पहले, रामपुर एमपी एमएलए कोर्ट में जुर्माना जमा होने के बाद आधिकारिक मेल जिला कारागार सीतापुर पहुंची। जिला कारागार ई मेल पहुंचने के बाद आजम खां को रिहा हुए। तीन-तीन हजार के दो जुर्माने कोर्ट में जमा हुए।