चर्चा में मौजूद लोग जब शांत नहीं हुए तो बहस का समापन कर दिया गया। इस तरह मुरादाबाद और अमरोहा की चुनावी यात्रा का यहीं समापन हो गया। पूरे दिन की अलग-अलग चर्चाओं से निष्कर्ष निकला कि यहां के लोगों को यूनिवर्सिटी, स्टेडियम, मेडिकल कॉलेज आदि चाहिए जिससे उन्हें जिले से बाहर जाकर अपनी जरूरतों को पूरा न करना पड़े। इसके साथ ही अब शनिवार को आप रामपुर के लोगों की राय जान सकेंगे, जहां चुनावी रथ का अगला पड़ाव है।
एक नेता ने बताया कि नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़े कहते हैं कि यूपी में सबसे ज्यादा अपराध है। संजीव दिवाकर ने कहा इस सरकार में दलितों पर सबसे ज्यादा अत्याचार हुए हैं। न ये सरकार रोजगार दे रही है और न ही व्यापार।
आधी आबादी से उनकी राय जानने के बाद अब अमर उजाला अपने अमरोहा और मुरादाबाद की चुनावी यात्रा के आखिरी पड़ाव पर आ पहुंचा है, जहां अमर उजाला का चुनावी रथ राजनीतिक पार्टियों के अध्यक्षों व समाज के कई गणमान्य लोगों के बीच है।
महिलाओं ने ये भी कहा कि मुरादाबाद का एक मुख्य मुद्दा स्पोर्ट्स स्टेडियम है। यहां खिलाड़ियों के लिए ज्यादा सुविधा होनी चाहिए। इसके साथ ही एक महिला ने कहा कि सरकार ने महिलाओं के लिए बहुत सी स्कीम चलाई है लेकिन उन्हें इसका ज्ञान ही नहीं है। तो कुछ ऐसा करना चाहिए जिससे उन्हें उसके बारे में पता चले। डोर टू डोर कैंपेन के माध्यम से सभी स्कीमों के बारे में प्रचार किया जाए। इसके साथ ही इस चर्चा का समापन हुआ।
एक महिला ने कहा कि हमें महिलाओं के प्रति नजरिया बदलने की जरूरत है। यह काम परिवार से ही शुरू होना चाहिए क्योंकि ये सरकार नहीं कर सकती। अभी भी उनको घर से ही काम करना पड़ता है और समाज में नजरिया नहीं बदला है, उसमें बदलाव की जरूरत है। कुछ अन्य महिलाओं ने भी इस बात का समर्थन किया।
मिसेज मुरादाबाद 2021 ने कहा कि महिलाओं की शिक्षा का इंतजाम और बेहतर होना चाहिए। उनकी पढ़ाई से उन्हें बहुत लाभ होगा। पूनम चौहान ने बताया कि वह नरेगा पर काम करती हैं। उन्होंने बताया कि आज भी महिलाओं का पैसा अब भी पुरुषों(उनके पति) के खाते में जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए कि महिलाओं के खाते खोले जाएं।
एक महिला विशेषज्ञ का कहना है कि महिलाओं के लिए सबसे जरूरी काम सरकार को करना चाहिए कि आबादी के विस्फोट को रोकें। महिलाओं को बच्चा पैदा करने वाली मशीन मान लिया जाता है। इसकी वजह से महिलाओं में स्वास्थ्य से जुड़ी ढेरों समस्याएं हो जाती हैं।
महिला वोटर किसी भी समाज का अहम हिस्सा होती हैं और अमरोहा में उन्हीं से मुखातिब होने अमर उजाला का चुनावी रथ आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार पहुंच गया है। यहां महिलाओं का कहना है कि महिला सुरक्षा का मामला उनके लिए अहम है क्योंकि आज भी वह खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं। लेकिन उनका ये भी कहना है कि कानून व्यवस्था पहले से ज्यादा बेहतर हुई है।
अब अमर उजाला का अगला पड़ाव होगा आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार। यहां दोपहर 1.00 बजे आधी आबादी से चर्चा होगी।
एक छात्रा ने कहा कि वह भाजपा सरकार को ही वोट देंगी क्योंकि कोविड जैसी स्थिति जो इस सरकार ने फेस की है वह पहले कभी नहीं देखी गई थी, उसके बाद भी सरकार ने अच्छा काम किया। इसके साथ ही छात्रों खेलों की सुविधाएं बढ़ाने और स्टेडियम बनाने की भी सरकार से अपील की।
छात्रों से जब पूछा गया कि इस सरकार को वोट दोगे तो छात्रों ने कहा हम तब देंगे जब सरकार ऐसे ही हमारे लिए अच्छा काम करे। सरकार कोई भी आए युवाओं के लिए और देश के लिए अच्छा काम करे। एक छात्रा ने बताया कि कॉलेज आदि भी योगी सरकार ने बनाया है इसलिए हम उन्हें वोट देंगे।
मुरादाबाद के तमाम युवाओं ने कहा कि उन्हें मुरादाबाद से बाहर जाने की जरूरत नहीं है, हालांकि बाद उन्होंने अपने-अपने कारण भी बताए। जैसे किसी ने खेल को कारण बताया, किसी ने बाहर की बेहतर सुविधाओं के बारे में बताया।
अनामिका नाम की छात्रा ने कहा कि बड़े शहर में ज्यादा संभावनाएं हैं। एक अन्य छात्र ने कहा कि बड़े शहर में ज्यादा सैलरी मिलती है, मुरादाबाद जैसे शहर में वेतन ज्यादा नहीं मिलता।
चाय पर चर्चा के बाद अमरोहा के युवाओं की राय जानने अब अमर उजाला पहुंच चुका है तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू), दिल्ली रोड, मुरादाबाद में।
अनवरी बेगम नाम की एक महिला ने कहा कि सड़क बन गया तो कोई एहसान हो गया। सड़क तो बनानी ही है, इसका एहसान क्या दिखा रहे हो।
एक अन्य शख्स ने कहा कि प्रदूषण की समस्या यहां गर्भ में पल रहे बच्चों को भी परेशान कर रहा है। एक अन्य शख्स ने कहा कि यहां प्यार मोहब्बत की बात हो रही है लेकिन गुरुद्वारे और मंदिर के बाहर तो स्ट्रीट लैंप लगे हैं लेकिन मस्जिद के बाहर नहीं लगे, क्या ये नफरत फैलाने का काम नहीं है।
अंत में एक शख्स ने कहा कि इस जनपद का नाम महात्मा जोतिबा फुले के नाम से फिर से बहाल हो। यहां कोई भी एक स्टेडियम राष्ट्र माता सावित्रि बाई फुले के नाम पर हो।
एक शख्स ने कहा कि नफरत फैलाने वाली बात नहीं होनी चाहिए। पार्टी के मुद्दे देखिए और लोगों के जागरूक होने के बाद भी लोग हिंदू-मुसलमान पर वोट करते हैं।
टेकचंद सैनी नाम के बहुजन समाज पार्टी के कार्यकर्ता ने कहा कि जाति धर्म के नाम पर विकास हुआ है, अन्य कोई विकास नहीं हुआ है। मासूम सैफी नाम के शख्स ने बताया कि कोई भी सरकार हमारे मंडल को यूनिवर्सिटी नहीं दे सकी।
एक अन्य शख्स ने बताया कि हमारे यहां सब सदभाव से रहते हैं। कुछ तुच्छ मानसिकता के लोग हर समाज में होते हैं लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि आपसी भाईचारा नहीं है। इसी बीच मौजूद लोगों में थोड़ा वाद-विवाद भी हो गया।
हमारे यहां कृषि अनुसंधान केंद्र बना है। गंगाजी के पास में कच्चा पूल टूट जाता था लेकिन हमारी सरकार ने उसे बनवाने का काम किया है। इस पर लोगों ने कहा कि वह अधूरा है पूरा नहीं है।
एक किसान से बात करने पर उसने कहा कि किसान इस वक्त बिल्कुल बेकार है। किसानों की हालत बिल्कुल खराब है। अगर सरकार कुछ काम करती तो ये दिन क्यों देखना पड़ता। किसानों के लिए गन्ने का रेट बढ़ जाना चाहिए और अन्य फसल का भी वाजिब रेट मिलना चाहिए।
ठेला लगाने वाले रिजवान ने कहा कि कोविड जैसे ही हालात अब भी हैं। महंगाई की वजह से बड़ी परेशानी है। गैसे और चावल के दाम कम होने चाहिए।
चायवाले से बात करने पर उसने कहा कि मोदी जी मेरे भाई है क्योंकि वो भी चाय बेचते थे और मैं भी लेकिन उन्होंने एक काम बुरा करा। सिलिंडर इतना महंगा कर दिया है। उनका और योगी जी का कोई बच्चा नहीं तो उन्हें उसका दर्द नहीं पता। हालांकि योगी जी को हम दोबारा मौका देंगे अगर वो गरीब का साथ देंगे।
अनिता नाम की एक महिला जो दोने आदि बेचने का काम करती है वो कहती है कि अब तो कोई काम नहीं है। उसने बताया कि उसके बच्चों को भी नौकरी नहीं मिल रही है। महिला का कहना है कि सरकार वैकेंसी निकालती है लेकिन भरती नहीं है।
मोहित ने बोला कि किसानों की बात सरकार मान ले तो अच्छा है क्योंकि उनकी कमर टूटी पड़ी है। इसके साथ ही महंगाई से भी आम लोग परेशान हैं। कॉलेज आदि भी होने चाहिए। एक अन्य शख्स ने कहा कि सरकार हमारी बाप है और हम उसके बच्चे हैं और उनका फर्ज है कि हमारा ध्यान रखे। हमारे रोजगार का ध्यान रखे। बीते कई सालों से काम में बहुत मंदा है। एक और शख्स बोला कि डीजल पेट्रोल का दाम बढ़ने की वजह से हमारा काम बहुत डाउन है।
अमरोहा के गजरौला के चौपाला चौराहे पर चाय पर चर्चा के लिए के लिए अमर उजाला का चुनावी रथ पहुंच चुका है। यहां जब विकास के बारे में पूछा गया तो कुछ लोगों ने कहा कि यहां लाइट, सड़क, सफाई का काम हुआ है। वहीं बहुत से लोग ऐसे भी रहे जिन्होंने कहा कि कोई विकास नहीं हुआ है। सिर्फ सफाई है और कुछ नहीं।
जिला मुरादाबाद चुनाव के उद्देश्य से छह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में बांटा गया है। इनमें मुरादाबाद कांठ, ठाकुरद्वारा,बिलारी, मुरादाबाद ग्रामीण, मुरादाबाद शहर, कुन्दरकी शामिल हैं।
अमरोहा लोकसभा सीट के अंतर्गत चार विधानसभाएं आती हैं। इनमें धनौरी(एस.सी.), नौगावां सादत, अमरोहा और हसनपुर शामिल हैं।
मुरादाबाद और अमरोहा में कहां और कब होंगे कार्यक्रम?
1. अमरोहा में चाय पर चर्चा
समय - सुबह 8 बजे
स्थान - चौपला चौराहा, गजरौला (अमरोहा)
2. युवाओं से चर्चा
समय - सुबह 10 बजे
स्थान - तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी (टीएमयू), दिल्ली रोड, मुरादाबाद
3. आधी आबादी से चर्चा
समय - दोपहर 1 बजे
स्थान - आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार
4. राजनीतिक दलों से चर्चा
समय - दोपहर 2.30 बजे
स्थान - आर्यंस इंटरनेशनल स्कूल, बुद्धि विहार