संभल में इंटरनेट बहाल, इलाकों में पुलिस गश्त जारी
संभल में शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा करने के मामले में सिविल जज सीनियर डिविजन चंदौसी की कोर्ट में शुक्रवार को पहली सुनवाई को लेकर सुरक्षा के मद्देनजर जिला न्यायालय समेत पूरा परिसर क्षेत्र छावनी में तब्दील रहा। जिला न्यायालय से लेकर आसपास के मकानों की छतों पर पुलिस बल व पीएसी तैनात रही। सुबह आठ बजे से ही जिला न्यायालय परिसर से लेकर मुख्य द्वार तक भारी पुलिस बल तैनात हो गया। छह घंटे तक पूरा इलाका पुलिस के पहरे में रहा।
संभल में शुक्रवार को शाही जामा मस्जिद में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। बड़ी संख्या में लोग मस्जिद पहुंचे। नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और पुलिस प्रशासन पूरी तरह से तैनात था। मुरादाबाद कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने बताया कि लोगों ने शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की है। सभी ने शांति बनाए रखी और कोई भी अप्रिय घटना नहीं घटी। सपा सांसद के पिता ममलूकुर्रहमान बर्क ने मस्जिद के सर्वे को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मस्जिद का सर्वे गलत तरीके से हुआ है। नमाजियों ने कहा कि हमने बहुत सुकून के साथ नमाज अदा की। सुरक्षा के कड़े इंतजामों से हमें कोई परेशानी नहीं हुई, और सब कुछ शांतिपूर्वक चला।
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी ने संभल पत्थरबाजी मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज को जांच समिति में शामिल करने की मांग की है। बर्क ने कहा, "समाजवादी पार्टी लगातार मांग कर रही है कि इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के एक मौजूदा जज की अध्यक्षता में हो। उन्होंने आगे कहा कि स्थान पूजास्थल अधिनियम का सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने अजमेर दरगाह पर दायर याचिका का हवाला देते हुए कहा, "यह गलत है कि बाबर ने मंदिर तोड़ा और मस्जिद बनाई, वहां पहले से ही एक मस्जिद थी।
संभल हिंसा पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, " संभल में जो हुआ वो नहीं होना चाहिए था...हमें शांति चाहिए...किसी भी पक्ष को कानून हाथ में नहीं लेना चाहिए। उन्हें अदालत के फैसले से सहमत होना चाहिए।
संभल में जामा मस्जिद में जुमे की नमाज को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर पूरी तैयारी कर रखी है। मुरादाबाद रेंज के डीआईजी मुनिराज पुलिस बल के साथ संभल में हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के पिता भी मस्जिद में नमाज अदा करने पहुंचे। माैके पर जफर अली ने भी उपस्थित दिखे। पुलिसकर्मी घरों की छतों से इलाके की निगरानी कर रहे थे, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। हिंसा के बाद पहली जुमे की नमाज को लेकर पुलिस और मजिस्ट्रेटों की बड़ी संख्या में तैनाती की गई थी। जफर अली ने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि संभल में शांति बनी रहे और लोग बिना किसी डर के अपनी नमाज अदा कर सकें।
संभल की घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, "...ये विषय हमारे देश के सामाजिक विचारधारा को खराब करने वाला विषय है। संभल में बहुत बुरी घटना हुई है। हमारे लिए बेहतर होगा कि हम 'प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट 1991' के अनुसार इस प्रकार की चीजों को सुप्रीम कोर्ट के पास पहुंचा कर तय करें। हमारे देश में अभी भविष्य के बारे में सोचने का समय है, हमें 21वीं सदी में 15वीं-16 वीं सदी के विषय पर लड़ कर क्या लाभ होगा?"
संभल पथराव घटना पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "सरकार हमेशा कोर्ट के आदेश का पालन करती है। सपा लगातार कोर्ट का उल्लंघन करने वाला कार्य करती है। मैं कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं और सपा तथा उनके गुंडे-दंगाइयों, अपराधियों को हिदायत देता हूं कि माहौल खराब करने की कोशिश न करे। अन्यथा सपा डूब जाएगी। दूरबीन लेकर भी खोजेंगे तो पता नहीं चलेगा।
संभल में शाही जामा मस्जिद में शुक्रवार की नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। नमाज से पहले मस्जिद और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए फ्लैग मार्च किया और पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया ने बताया, "सभी जगह शांति है और सुरक्षा बैठकें हो चुकी हैं। कोई समस्या नहीं है, आराम से जुमे की नमाज अदा करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग सहयोग कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत है। शुक्रवार की नमाज को लेकर किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पुलिस और प्रशासन ने सभी आवश्यक कदम उठाए हैं। स्थिति पर पूरी तरह से निगरानी रखी जा रही है, और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
रामपुर और अमरोहा जिले में संभल मामले के बाद पहली बार शुक्रवार को जुमे की नमाज को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नमाज शुरू हो चुकी है। संभल हिंसा के बाद रामपुर में शुक्रवार को पहली बार जुमे की नमाज अदा की गई। इसको लेकर जिले भर में सुरक्षा के लिए प्रबंध किए गए हैं। शहर की जामा मस्जिद के साथ ही अन्य मस्जिदों के पास भी सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं । जामा मस्जिद के आसपास पुलिस और पीएससी जवानों को लगाया गया है। यहां पर पुलिस अधीक्षक विद्यासागर मिश्र ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट संदीप वर्मा समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही ड्रोन के जरिए नमाजियों पर नजर रखी गई। एसपी ने बताया कि जिले भर में नमाज को लेकर सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस लगाई हुई है।
गाजियाबाद में नमाज को लेकर पुलिस सतर्क
संभल में हुए बवाल के बाद जुमे की नमाज को देखते हुए शुक्रवार को झांसी मेंपुलिस बल को अलर्ट कर दिया गया। पुलिस बल को महानगर की प्रमुख मस्जिदों के बाहर तैनात किया गया है। पुलिस संवेदनशील इलाकों में गश्त भी कर रही है। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह के मुताबिक मस्जिदों के आसपास अतिरिक्त पुलिस फोर्स भी लगाया गया है। किसी को जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई है।
संभल विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश जारी करते हुए मस्जिद समिति को निर्देश दिया है कि वह निचली अदालत के आदेश को चुनौती देने के लिए हाईकोर्ट का रुख करें। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने मस्जिद समिति को आदेश दिया है कि वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में निचली अदालत के आदेश को चुनौती दें। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिका दाखिल होने के बाद तीन कार्य दिवसों के भीतर हाईकोर्ट में इसे सूचीबद्ध किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने एडवोकेट कमिश्नर को उनकी सर्वे रिपोर्ट को सीलबंद कवर में दाखिल करने का निर्देश दिया है।
संभल की जामा मस्जिद से जुड़े मामले में चंदौसी सिविल कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकी। एडवोकेट कमिश्नर रमेश सिंह राघव ने बताया कि 24 नवंबर को सर्वे के दौरान हुई हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई है। शाही जामा मस्जिद समिति के वकील ने अदालत से इस केस से संबंधित सभी पत्रावलियों की प्रतियां मांगी हैं। वकील ने कहा कि अदालत ने इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब मस्जिद का कोई अन्य सर्वे नहीं होगा।
शाही जामा मस्जिद के वकील ने दस्तावेजों की प्रतियां मांगी
शाही जामा मस्जिद समिति के वकील शकील अहमद वसीम ने कहा कि मस्जिद की ओर से अदालत में दस्तावेजों की प्रतियां मांगी गई थीं, जो अब अदालत के आदेश के बाद प्राप्त होंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब मस्जिद का कोई अन्य सर्वे नहीं किया जाएगा। कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 8 जनवरी को तय की है। इस दौरान सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत करने और दोनों पक्षों के तर्कों को सुना जाएगा। मामला संवेदनशील होने के कारण सभी पक्षों पर अदालत की कड़ी निगरानी है।
संभल के शाही जामा मस्जिद मामले में चंदौसी कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुनवाई हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के वकील अदालत में पेश हुए। कोर्ट में मस्जिद समिति के वकीलों ने दूसरे पक्ष से मामले से संबंधित दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट कमिश्नर ने सर्वे रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ और समय की मांग की। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट अभी तैयार नहीं हो पाई है और इसे पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता है।
जामा मस्जिद समिति के वकील शकील अहमद वसीम ने बताया कि मस्जिद की ओर से अदालत में पेश होकर मामले से संबंधित दस्तावेज़ों की प्रतियां मांगी गईं, जिसे अदालत ने मंजूर कर लिया। उन्होंने बताया कि सर्वे रिपोर्ट आज पेश नहीं की गई। सर्वे टीम ने रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की है। अब मस्जिद का कोई अन्य सर्वे नहीं होगा।
संभल में जामा मस्जिद केस मामले की चंदाैसी कोर्ट में सुनवाई हुई। इस बीच दोनों पक्षों के वकील कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट कमिश्नर ने रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ दिन का समय मांगा। इसके अलावा मस्जिद पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष ने कागजात उपलब्ध करवाने को कहा। कोर्ट ने अगली सुनवाई आठ जनवरी तय की है।