05:52 PM, 20-Jan-2024
नाबालिग से दुष्कर्म में पूर्व प्रधान निर्दोष पर दोष सिद्ध
बागपत में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में गढ़ी कलंजरी गांव के पूर्व प्रधान निर्दोष पर न्यायाधीश ने दोष सिद्ध कर दिया। जिसमें सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी नियत की गई है। इस मुकदमे की पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया, जिसकी डीएनए रिपोर्ट से पूर्व प्रधान के दुष्कर्म करने की पुष्टि हुई थी।
विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र पंवार और नरेश वेदवान ने बताया कि चांदीनगर क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली महिला ने 15 अक्तूबर 2016 को गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान निर्दोष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि छह महीने पहले गढ़ी कलंजरी गांव के प्रधान निर्दोष ने उसकी नाबालिग बेटी को फोन कर अपने पास बुलाया और खेत में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। जिसकी शिकायत करने पर नाबालिग को जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद नाबालिग गर्भवती हो गई। जिसका उलाहना देने वह गढ़ी कलंजरी गांव के तत्कालीन प्रधान के घर गई तो उसके साथ गाली-गलौज कर धमकी दी गई। तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर प्रधान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इसके बाद गर्भवती नाबालिग ने एक बच्चे को जन्म दिया। इस मुकदमे में न्यायालय के आदेश पर नाबालिग पीड़िता से पैदा हुए बच्चे की डीएनए जांच कराई गई। जिसमें प्रधान निर्दोष के नाबालिग से दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई और बच्चा भी प्रधान का ही निकला। मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पॉक्सो में हुई। जिसमें अभियोजन पक्ष ने पांच गवाह पेश किए गए। मुकदमे की सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश सुशील कुमार पंचम ने गढ़ी कलंजरी गांव के पूर्व प्रधान निर्दोष पर दोष सिद्ध कर दिया। जिसमें सजा पर सुनवाई के लिए 23 जनवरी नियत की गई है।