09:15 PM, 07-Nov-2023
दुष्कर्म के मामले में साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी, नौ नवंबर से होगी बहस
मुजफ्फरनगर में रामपुर तिराहा कांड में दुष्कर्म, छेड़खानी और लूटपाट के मुकदमे में साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अपर जिला जज एवं सत्र न्यायालय संख्या सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह ने अदालती बहस के लिए नौ नवंबर की तिथि तय की है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजीव शर्मा, सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी परवेंद्र सिंह, उत्तराखंड़ संघर्ष समिति के अधिवक्ता अनुराग वर्मा और रजनीश चौहान ने बताया कि सीबीआई बनाम मिलाप सिंह की पत्रावली में साक्ष्य की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद यह मुकदमा बहस में चला गया है। अदालत में पहले अभियोजन अपना पक्ष अदालत में रखेगा। अगली सुनवाई नौ नवंबर को होगी।
सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा की पत्रावली में सुनवाई
रामपुर तिराहा कांड में सीबीआई बनाम एसपी मिश्रा की पत्रावली में राजेश चहल से जिरह हुई। विशेष एमपी एमएलए कोर्ट के पीठासीन अधिकारी मयंक जायसवाल ने सुनवाई की। अगली सुनवाई के लिए 27 नवंबर की तिथि तय की गई है।
यह था मामला
एक अक्तूबर, 1994 को अलग राज्य की मांग के लिए देहरादून से बसों में सवार होकर आंदोलनकारी दिल्ली के लिए निकले थे। देर रात रामपुर तिराहा पर पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने का प्रयास किया। आंदोलनकारी नहीं माने तो पुलिसकर्मियों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। सीबीआई ने मामले की जांच की और पुलिस पार्टी और अधिकारियों पर मुकदमे दर्ज कराए थे। गंभीर धाराओं के सेशल ट्रायल मुकदमों की सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने जिले के अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर सात के पीठासीन अधिकारी शक्ति सिंह को अधिकृत किया है।