उत्तर प्रदेश पुलिस की कांस्टेबल सरिता शर्मा ने इतिहास रचा। कनाडा में चल रहे वर्ल्ड पुलिस गेम्स में भारत को गोल्ड मेडल दिलाया। हॉन्कॉन्ग की खिलाड़ी दूसरे नंबर पर रही। सरिता शर्मा मेरठ में बढ़ला कैथवाड़ा गांव की रहने वाली हैं और सहारनपुर पुलिस लाइन में पोस्टेड हैं।
सहारनपुर में नागल गांव भलस्वा ईसापुर में शिलापट्ट लगाने को लेकर प्रशासन और राजपूत समाज आमने-सामने आ गए। देर रात तक पुलिस प्रशासनिक अधिकारी मौके पर जमा थे। जानकारी के अनुसार दो दिन पूर्व गांव में राजा मिहिर भोज का शीलापट्ट एक व्यक्ति ने अपने खेत पर लगाया था। लेकिन रात में ही वह शिलापट्ट वहां से गायब हो गया, जिसको लेकर राजपूत समाज में रोष फैल गया।
मंगलवार देर रात को राजपूत समाज के कुछ लोग बिना नाम का शिलापट्ट लगा रहे थे, जिसकी जानकारी पुलिस को मिली। पुलिस ने देर रात गांव में जाकर राजपूत समाज को समझाना चाहा, लेकिन राजपूत समाज के लोग सिलावट लगाने पर अड़े रहे। फिलहाल राजपूत समाज ने बिना कुछ लिखा सिलाट अपने खेत में लगाया हुआ है। इस दौरान राजपूत समाज के लोगों ने जमकर नारेबाजी की। एसपी देहात सागर जैन, एसडीएम सदर भारी पुलिस बल के साथ गांव में डटे हुए थे।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि राजपूत समाज के एक व्यक्ति ने अपने खेत में बिना नाम का शिलापट्ट लगाया है। जो बिना अनुमति के लगाया गया है, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर हैं।
मेरठ महा योजना 2031 पर तेजी से काम चल रहा है। परतापुर के भूड़बराल के पास करीब ढाई सौ हेक्टेयर में प्रस्तावित स्पेशल डेवलपमेंट एरिया (एसडीए) पर सुनवाई के बाद अब समिति 1 सप्ताह में रिपोर्ट देगी। इसके बाद प्राधिकरण बोर्ड बैठक में महायोजना पर मोहर लगाकर शासन को भेजेगा। 15 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी होगी।
देश के पहले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) के दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरीडोर के दोनों तरफ ट्रांजिट ओरिएंटेड डवलपमेंट (टीओडी) नीति लागू की गई है। इसी के अंतर्गत परतापुर के भूड़बराल के पास करीब ढाई सौ हेक्टेयर में एसडीए प्रस्तावित है। महायोजना-2031 में इसे चिह्नित किया गया है। साथ ही पूरे कॉरीडोर के दोनों ओर टीओडी का प्रावधान 500 मीटर व स्टेशनों के दोनों ओर डेढ़ किमी. तक का है। परतापुर में एसडीए को लेकर शासन की नाराजगी के बाद मेडा ने 28 जुलाई तक आपत्ति, सुझाव लिए थे जिसमें 6 आपत्ति आईं थीं। सोमवार को इनका निस्तारण किया गया।
मेडा उपाध्यक्ष अभिषेक पांडेय ने बताया कि इसमें पांच जनसामान्य व एक एनसीआरटीसी की आपत्ति थी। प्राधिकरण इसमें स्पेशल लैंड यूज प्रस्तावित कर रहा था, जिस पर लोगों ने आपत्ति दाखिल की। उन्होंने बताया कि शहर में तेजी से विकास के लिए एनसीआरटीसी टीओडी के तहत मिक्स लैंड यूजल का पक्षधर है। उन्होंने बताया कि सात दिन में समिति इनका निस्तारण करेगी। अगस्त के दूसरे सप्ताह में इसे बोर्ड बैठक में पास कराया जाएगा। इसी के साथ 15 अगस्त तक महायोजना को भी शासन को भेजने की तैयारी है। बोर्ड बैठक से पास कराकर इसे महायोजना में शामिल करते हुए शासन को भेजा जाएगा।