11:06 AM, 20-Aug-2023
एमएसपी की गारंटी नहीं तो वोट नहीं : वीएम सिंह
एमएसपी गारंटी किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा अगर एमएसपी की गारंटी नहीं तो वोट भी नहीं देंगे। पिछले कई सालों से किसान एमएसपी पर गारंटी दिए जाने की मांग करता आ रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों को अनसुना किया जा रहा है। अब 2024 के लोकसभा चुनाव में इसका जवाब दिया जाएगा।
शनिवार को दिल्ली में आयोजित एमएसपी गारंटी किसान मोर्चा की बैठक में उन्होंने यह बात कही। उन्होंने बताया कि बैठक में देशभर से 26 से 27 संगठन मोर्चा के साथ नए जुड़े हैं। शनिवार को इनके कोऑर्डिनेटर बैठक में शामिल हुए। पहले से ही 250 से अधिक संगठन मोर्चा से जुड़े हैं। बैठक में निर्णय लिया गया कि अगर केंद्र सरकार एमएसपी पर गारंटी नहीं देती तो किसान 2024 के लोकसभा चुनाव में वोट नहीं देंगे।
सिंह ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह से मिलने का समय मांगा था, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को लेकर बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि गन्ना मूल्य व भुगतान को लेकर 1993 से सड़क से लेकर न्यायालय तक संघर्ष किया जा रहा है, जिसका परिणाम है कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने राज्य सरकार को गन्ना मूल्य तय करने का अधिकार दिया है। गृहमंत्री को एक पत्र भी मोर्चा की ओर से भेजा गया है। सभी सदस्यों के द्वारा पत्र भिजवाया जाएगा। अगर इसके बावजूद उनकी मांगों को अनसुना किया गया तो दूसरे पक्ष के सामने मोर्चा अपनी मांगों को रखेगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य की मांग दो दशकों से पुरानी है। इसकी शुरुआत अक्तूबर 2000 में उत्तर प्रदेश के किसानों ने एक राज्यव्यापी आंदोलन करके की थी।
उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने देश भर का दौरा किया और इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि यदि किसानों के लिए कर्ज माफी और एमएसपी गारंटी के 2 कानून बना दिए जाएं तो उनकी दुर्दशा को कम किया जा सकता है। बैठक में केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, झारखंड, पंजाब समेत 28 राज्यों के सदस्य शामिल हुए।