सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। सभी भवनों पर शुरुआत में जेसीबी से कार्रवाई की गई, लेकिन जी प्लस-3 भवन का एक हिस्सा तोड़ने के लिए जेसीबी छोटी पड़ गई। इसके बाद पोर्कलेन मशीन बुलाई गई। मशक्कत के बाद मशीन के पंजे से भवन का हिस्सा तोड़ा गया।
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में रोष है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें कार्रवाई रोकने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद भवनों पर बुलडोजर चलाया गया।
कार्रवाई को लेकर व्यापारियों ने सरकार के खिलाफ भी नाराजगी जताई। मौके पर व्यापारियों और अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर जारी है। वहीं मौके पर पोकलेन मशीन का जैसे ही लाया गया व्यापारियों में रोष फैल गया। महिलाओं और व्यापारियों ने इसका विरोध जताया। हलांकि मौके पर मौजूद पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चली।
शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण कार्रवाई लगातार जारी है। कार्रवाई के दौरान एक कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया। मौके पर बुलडोजर लगातार भवनों को तोड़ने की कार्रवाई कर रहे हैं और भारी पुलिस बल तैनात है।
इधर, व्यापारियों ने अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकला। कार्रवाई को लेकर व्यापारियों में नाराजगी बनी हुई है।
सेंट्रल मार्केट में आवास एवं विकास परिषद की ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। इसके चलते शास्त्रीनगर के सेक्टर-1, सेक्टर-2, सेक्टर-3, सेक्टर-5, सेक्टर-6, सेक्टर-7 और आरटीओ रोड स्थित सेक्टर-9 समेत कई इलाकों में सुबह से बिजली गुल रही।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर पानी की सप्लाई पर भी पड़ा। सुबह से बिजली और पानी नहीं आने से लोग परेशान हो उठे। स्कूल जाने वाले बच्चों, नौकरीपेशा लोगों और गृहणियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में सेटबैक कार्रवाई के विरोध में महिलाओं का धरना छह महीने से जारी है। 10 अप्रैल से शुरू हुआ आंदोलन मंगलवार 15 सितंबर को भी जारी रहा। मौसम की मार और लगातार गुजरते दिनों के बावजूद महिलाएं धरनास्थल पर डटी हुई हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि जिस स्थान पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है वहां पर महिलाएं अभी नहीं पहुंची हैं।
छह महीने बाद भी नहीं टूटा हौसला
महिलाओं ने कहा कि छह महीने से लगातार धरना देने के बावजूद उनकी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ है। उनका आरोप है कि उनकी आवाज जिम्मेदार अधिकारियों तक प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच रही है। महिलाओं का कहना है कि वे किसी विवाद या टकराव के लिए नहीं, बल्कि अपने घर और परिवार को बचाने के लिए धरने पर बैठी हैं। उनका कहना है कि मांग पूरी होने तक वे आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में आवासीय भवनों में बनाए गए व्यावसायिक प्रतिष्ठानों समेत 44 संपत्तियों को सील किया गया था। इनमें व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी शोरूम, डेयरी और सैलून आदि शामिल हैं।
14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने इन 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। आवास विकास परिषद ने संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन में स्वयं ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए थे। अब परिषद की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में देनी है रिपोर्ट
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में पुलिस प्रशासन और आवास विकास परिषद को 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। इसी से पहले बुधवार को छह भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की कवरेज के लिए पहुंचे मीडिया कर्मियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस द्वारा मौके की वीडियोग्राफी और फोटो खींचने से भी रोका जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का हवाला देकर मीडिया कर्मियों को बाहर ही रोका जा रहा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
सेंट्रल मार्केट में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान प्रशासन और आवास विकास परिषद के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। एडीएम सिटी और एसपी सिटी समेत पुलिस अधिकारी पूरे क्षेत्र की व्यवस्था संभाल रहे हैं।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच सेंट्रल मार्केट में कई व्यापारी अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए। मेन मार्केट में अरोड़ा गारमेंट के पास भी व्यापारी इकट्ठा हैं। पुलिस और अधिकारी उन्हें सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी देकर समझा रहे हैं।
पूरे सेंट्रल मार्केट में बैरिकेडिंग
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के चलते सेंट्रल मार्केट की सभी सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। सुबह टहलने के लिए पहुंचे लोगों को भी दूसरे रास्तों की ओर भेजा जा रहा है।
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में छह सील भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई जारी है। आवास विकास परिषद के अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर से भवनों को तोड़ा जा रहा है। मौके पर एडीएम सिटी, एसपी सिटी समेत भारी पुलिस बल तैनात है।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हो गई है। 44 सील भवनों में से बुधवार को छह भवनों पर कार्रवाई की जा रही है। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई है।