भोले बाबा के आश्रम के बाहर पुलिस की तैनाती पर डीएसपी मैनपुरी सुनील कुमार ने कहा कि आश्रम के अंदर 40-50 सेवादार हैं। वह ('भोले बाबा') अंदर नहीं हैं, न तो वह कल थे और न ही वह आज हैं।
मैनपुरी जिले के राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट में 'भोले बाबा' की तलाश के लिए अभियान चल रहा है। 2 जुलाई को हाथरस में आयोजित सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत हो गई और 28 लोग घायल हो गए।
भोले बाबा ने वकील एपी सिंह को किया अधिकृत
यूपी के हाथरस में साकार विश्व हरि के समागम में भगदड़ से बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद बाबा मैनपुरी जिले के बिछवां स्थित आश्रम में आकर छिप गया। 29 घंटे के इंतजार के बाद बाबा का पहला बयान सामने आया है। बाबा ने चिट्ठी जारी करके मृतकों के प्रति गहरी संवेदनाएं होने की बात कही। घटना के बाद ये पहली बार है जब बाबा का कोई बयान सामने आया है। वहीं ये भी साफ हो गया है कि बाबा बिछवां स्थित आश्रम में ही रुका हुआ है।
हाथरस भगदड़ मामले की जांच करेंगे इलाहाबाद हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज
हाथरस भगदड़ मामले पर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बृजेश कुमार श्रीवास्तव (द्वितीय) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है। आयोग दो जुलाई को हुई घटना की जांच करेगा और जांच के बाद राज्य सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगा।
सीएम योगी बोले- ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बनेगी एसओपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि हाथरस कांड जैसी घटनाएं भविष्य में न हों, इसके लिए राज्य सरकार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) बनाएगी। उन्होंने बुधवार को हाथरस में घटना स्थल का दौरा करने के बाद इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना के सभी पहलुओं को देखते हुए सरकार ने मामले की न्यायिक जांच कराने के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए एसओपी बनाने का निर्णय लिया है।
आश्रम में नजरबंद हैं बाबा
हाथरस में हुए हादसे के बाद मंगलवार देर रात भोले बाबा मैनपुरी के बिछवां कस्बा स्थित अपने आश्रम पर पहुंचे। तभी से पुलिस ने आश्रम की किलेबंदी कर दी। बाबा को पुलिस पुलिस ने नजरबंद कर दिया है। हालांकि आश्रम के अंदर बाबा की मौजूदगी से पुलिस इन्कार कर रही है। इसके बाद भी लगातार आश्रम के आसपास लगातार पुलिस की संख्या बढ़ती गई।
हाथरस हादसे पर बाबा का आया पहला बयान
हाथरस में कोतवाली सिकंदराराऊ अंतर्गत फुलरई मुगलगढ़ी गांव में सत्संग के दौरान भगदड़ को लेकर साकार हरि बाबा उर्फ भोले बाबा का पहला बयान सामने आया है। साकार हरि बाबा ने कहा है कि मैं पहले ही वहां से चला गया था। उन्होंने इस हादसे के पीछे आयोजकों को जिम्मेदार बताया है। साथ ही उन्होंने घायलों के स्वस्थ होने की कामना की है।
पांच साल पहले गोंडा में भी सजा था नारायण साकार का दरबार
हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ से हुई मौत को यहां जिसने भी सुना वह कोसता रह गया। पांच साल पहले सूरजपाल सिंह उर्फ नारायण साकार ने गोंडा जिले में भी सत्संग किया था। इसमें हजारों लोगों की भीड़ जुटी थी। इसमें भी बदइंतजामी के मामले निकलकर आए थे। हालांकि, आयोजकों ने किसी तरह से कार्यक्रम संपन्न करा लिया था।
कैसे हो गए इतने पॉपुलर और किस वजह से हुआ ये हादसा
NCW प्रमुख बोलीं- तत्काल गिरफ्तार हो नारायण हरि सरकार
हाथरस हादसे पर राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख रेखा शर्मा ने कहा कि नारायण हरि साकार जो भी हो। उसने एक गैरकानूनी गतिविधि की है। मुझे लगता है कि उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। तत्काल ही गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही पता लगाया जाए कि आखिर ये सब किसके कहने पर हो रहा था। इसके पीछे की क्या योजना थी।
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई दुर्घटना पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और पीएम नरेंद्र मोदी को शोक संदेश भेजा है। शोक संदेश में पुतिन ने लिखा है कि हाथरस में हुई दुर्घटना में घायल लोग जल्द ही ठीक हो जाए। इस दुखद दुर्घटना पर हमारी गहरी संवेदनाएं हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस पूरे हादसे में 121 भक्तों की मौत हुई है। जो उत्तर प्रदेश के साथ साथ हरियाणा, राजस्थान और मध्यप्रदेश से भी जुड़े हुए थे। वहीं प्रदेश में हाथरस, बदायूं, कासगंज, अलीगढ़, एटा, ललितपुर, फैजाबाद, आगरा जनपद के लोग शामिल हैं। हाथरस के जिला अस्पताल में कई लोगों का इलाज चल रहा है। इस घटना के चश्मदीद से बात की उन्होंने बताया कि हादसा कार्यक्रम के दौरान ही हुआ। इस कार्यक्रम में जो सज्जन अपना उपदेश देने आए थे और मंच से उतरने के बाद जीटी रोड के पास उनका काफिला आया तो उसे छूने की कोशिश में महिलाओं का एक काफिला आगे बढ़ा और लोग इस हादसे का शिकार हो गए। इसका सबसे दुखद पहलू यह था कि जो सेवादार प्रशासन को भी अंदर नहीं जाने देते। ऐसे लोगों ने इस घटना को दबाने का प्रयास किया। इसकी जांच के लिए एडीजी आगरा की अगुवाई में एक कमेटी गठित की गई है। इस घटना की तह तक जाने के लिए उनसे कहा गया है। इस घटना में आयोजकों को भी पूछताछ के लिए भी बुलाया जाएगा। इस घटना की न्यायिक जांच होगी। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीएम ने कहा कि क्या यह हादसा या साजिश? अगर साजिश है तो उसकी भी जांच की जाएंगी> इस तरह का हादसा दोबारा न हो इसके लिए एक एसओपी बनाई जाएंगी ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
सीएम योगी ने कहा कि सेवादार प्रशासन को अंदर नहीं जाने देते हैं और हादसे के बाद सेवादार मौके फरार हो गए हैं।
सीएम योगी ने कहा कि हादसे में सबसे पहले राहत बचाव कार्य शुरु किया गया। 16 जिलों के लोग इस हादसे का शिकार हुए हैं ।
हाथरस में हुए हादसे को लेकर सीएम योगी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं। घटना पर दुख जताते हुए सीएम योगी ने कहा कि हाथरस में दुखद और दर्दनाक घटना हुई। सीएम योगी ने कहा कि हादसे में अब तक 121 लोगों की मौत हुई। सीएम योगी ने कहा कि मरने वालों में छह दूसरे राज्यों के निवाली हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस हादसे को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की है।
हाथरस हादसे की जांच की रिपोर्ट को एसडीएम ने डीएम को सौंप दिया है। एसडीएम की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इसके मुताबिक सत्संग में दो लाख से ज़्यादा लोगों की भीड़ आई थी। रिपोर्ट में बाबा के निजी सुरक्षा कर्मियों को जिम्मेदार बताया गया है। सत्संग के बाद जैसे ही बाबा के चरण रज की धूल उठाने के दौरान लोगों में भगदड़ मच गई है। बाबा के काले कपड़ों में तैनात सुरक्षा कर्मियों ने ही धक्का मुक्की की थी। दो लाख लोगों के कार्यक्रम की परमिशन भी प्रशासन से नहीं ली गई थी।
हाथरस में मची भगदड़ मे फरीदाबाद की तीन महिलाओं की मौत हुई है। ये सभी सेक्टर- 23 संजय कॉलोनी निवासी बताई जा रही हैं।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ उस घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया जहां कल भगदड़ हुई थी।
हाथरस के सिकंदराराऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटना स्थल पर पहुंचे हैं। वहां से अलीगढ़ आकर सीएम अफसरों के साथ बैठक करेंगे। फिर पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस के सरकारी अस्पताल में भगदड़ की घटना में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। वहीं,
रेल मंत्रालय ने कहा कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सिकंदराराऊ स्टेशन से गुजरने वाली सभी ट्रेनों पर 15 किमी प्रति घंटे की गति प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा, मथुरा-टनकपुर मेला स्पेशल, आगरा फोर्ट-कासगंज पैसेंजर स्पेशल और बांद्रा टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस जैसी कई ट्रेनों को यात्रियों की सुविधा के लिए सिकंदराराऊ स्टेशन पर अतिरिक्त स्टॉपेज के साथ-साथ ट्रेन मार्ग के अन्य स्टेशनों पर विशेष स्टॉपेज दिया गया है।
सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंच गए हैं।
हाथरस की घटना पर शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, "यह दुखद है जिस तरीके से यह घटना घटी है। मैं उम्मीद करती हूं कि राज्य सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। आयोजकों के साथ ही जो सत्संग करने वाले बाबा हैं उनपर भी कार्रवाई होनी चाहिए। आज कल हम देख रहे हैं कि लोगों की जान का कोई मोल नहीं है।"
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हाथरस पहुंचने वाले हैं।
हाथरस दुर्घटना स्थल की जांच कर रहे फोरेंसिक यूनिट के एक सदस्य ने कहा, 'यहां से इकट्ठा करने के लिए कोई विशेष चीजें नहीं हैं, यहां केवल भक्तों का सामान है जैसे जूते और बैठने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चादरें बस मिली हैं।'
भगदड़ के दौरान लोग मरते रहे और बाबा के कारिंदे गाड़ियों से भागते रहे। किसी ने भी रुककर हालात को जानने की कोशिश नहीं की। बताया जा रहा है कि यहां से बाबा का काफिला एटा की तरफ रवाना हु्आ था। बाबा के काफिले में 10 लग्जरी गाड़ियां थीं। उनका सुरक्षा दस्ता भी तीन गाड़ियों में था। घटना के बाद जब आयोजकों ने उन्हें फोन करने की कोशिश की तो किसी का भी फोन रिसीव नहीं हुआ। बाद में तो खुद बाबा का मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया था। जब बाबा का फोन स्विच ऑफ हुआ तो जो स्थानीय लोग आयोजन से जुड़े हुए थे वह भी मौका देखकर भाग निकले।
सत्संग कार्यक्रम के मुख्य सेवादार देवप्रकाश मधुकर और अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
हाथरस भगदड़ स्थल की जांच-पड़ताल के लिए फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई है। फोरेंसिक टीम ने डॉग स्क्वॉड के साथ जांच शुरू कर दी है।