आरएएफ के डिप्टी कमांडेंट अरुण कुमार तिवारी ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी भक्त को किसी भी तरह की कोई दिक्कत न हो। मंदिर के अंदर और बाहर एक हजार जवानों को तैनात किया गया है। यह व्यस्था अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश विशेष एडीजीएलओ प्रशांत कुमार ने कहा कि यहां लोगों की भारी भीड़ जुट चुकी है। मुख्य गृह सचिव और मुझे यहां जा गया है। भीड़ को सिस्टमैटिक तरीके से भेजा जा रहा है। हमें लोगों के लिए चैनल बनाए हैं।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद दूसरे दिन श्री रामलला के दर्शन के लिए रामपथ पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है। आईजी रेंज अयोध्या, प्रवीण कुमार ने हैं, "भीड़ लगातार है लेकिन तैयारी पूरी है, हम बुजुर्ग और दिव्यांग लोगों से अपील करते हैं कि वे दो सप्ताह बाद अपनी यात्रा का कार्यक्रम बनाएं।"
प्राण प्रतिष्ठा के बाद मंगलवार को जब राममंदिर आम भक्तों के लिए खुला तो आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर खुलने का समय सुबह सात बजे से है, लेकिन रामजन्मभूमि पथ पर भोर चार बजे से ही श्रद्धालु आ डटे। रात दस बजे तक चार लाख श्रद्धालुओं ने रामलला के दरबार में हाजिरी लगाकर नया रिकॉर्ड भी बना दिया।
नव्य मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के पहले से ही देशभर से दर्शन के लिए रामभक्त अयोध्या पहुंचने लगे थे। इनमें से बड़ी संख्या में लोगों ने यहीं पर अपने गुरु आश्रमों, मंदिर, होटल, धर्मशाला, रामकथा पार्क, सरयू घाट और अन्य स्थानों पर डेरा डाल रखा था। इनमें वो श्रद्धालु भी शामिल रहे जिन्हें 20 से 22 जनवरी तक तीन दिन अस्थाई मंदिर में रोक के चलते रामलला के दर्शन नहीं मिल सके थे। इसके अलावा तमाम भक्त पड़ोसी जिलों में अपना आश्रय बनाए थे।
अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ पर लखनऊ जोन एडीजी पीयूष मोर्डिया ने कहा कि बड़ी संख्या में भक्त यहां एकत्र हुए हैं। आगे कहा कि यह सुनिश्चित करना हमारा प्राथमिक कर्तव्य है कि किसी भी भक्त को असुविधा न हो। मैं भक्तों से अपील करता हूं कि वे मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन का उपयोग न करें। भक्तों से धैर्य रखने की अपील है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद बड़ी संख्या में भगवान राम भक्त यूपी के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं को लगातार दर्शन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट पर है। प्रमुख सचिव-गृह संजय प्रसाद और स्पेशल डीजी-लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार राम मंदिर के गर्भगृह में मौजूद हैं।
स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा हमें उन्हें पानी में नींबू के रस की कुछ बूंदों के साथ शहद चढ़ाना था। लेकिन उन्होंने मुझे अलग से भगवान श्री राम का 'चरणामृत' चढ़ाने के लिए कहा। इसलिए, हमने बनाया बदलाव। मुझे उस वक्त मां जैसा प्यार महसूस हुआ और मुझे ऐसा लगा जैसे मैं इसे अपने बेटे को अर्पित कर रही हूं और उसका व्रत तोड़ रही हूं। उन्होंने कल श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के बाद पीएम नरेंद्र मोदी का उपवास तुड़वाया।
अयोध्या मंदिर की ओर आने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ खबर है कि अयोध्या आने वाली सभी बसों को रोक दिया गया है। मंदिर की ओर आने वाले रास्तों को चार से पांच किमी पहले बंद किया गया है। पैदल ही आने दिया जा रहा है।
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि मंदिर सुबह 6:30 बजे आरती के बाद खोला गया जैसे ही मंदिर खुला दर्शन के लिए भक्त उमड़ पड़े। बड़ी संख्या में भक्त राम।लला के दर्शन के लिए दो तीन दिनों से रुके हुए थे। भीड़ को देखते हुए दोपहर में मंदिर एक घंटा पहले ही खोल दिया गया। पहली पाली में ही 50 हजार से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं।
राम मंदिर के उद्घाटन के बाद मंगलवार को आम लोगों के लिए जब पहली बार मंदिर खुला तो आस्था का रेल उमड़ पड़ा। सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालु रामलला के दर्शन के लिए राम जन्मभूमि पर पहुंच गए थे।
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ी है। दर्शन करने के लिए भक्तों ने सुरक्षा में सेंध लगा दी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर में कल प्राण प्रतिष्ठा समारोह किया गया।
श्रद्धालुओं ने अयोध्या के सरयू घाट पर पवित्र डुबकी लगाई।
ग्वालियर में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि लगभग 500 वर्षों के इंतजार के बाद भगवान राम वापस अयोध्या आए हैं। भगवान श्री राम को दोबारा अयोध्या में स्थापित करने का कार्य हुआ। कल के कार्यक्रम के साथ केवल देश की 140 करोड़ जनता की आस्था ही नहीं थी बल्कि पूरे विश्व के भगवान राम के अनुयायियों की श्रद्धा और आस्था जुड़ी हुई है। हमारा कार्य कल से शुरू होता है। हमें अपने देश को विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना है।
अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। वहीं, रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्री राम जन्मभूमि मंदिर के बाहर सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए।
प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहले दिन रामलला के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ देर के लिए मंदिर में एंट्री गेट बंद कर दिए गए हैं। राम मंदिर में फिलहाल श्रद्धालुओं की एंट्री रोक दी गई है। भारी भीड़ की वजह से मंदिर प्रशासन फैसला लिया गया है। पहले बुजुर्ग और महिलाओं को दर्शन की इजाजत मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया कि "कल, 22 जनवरी को हमने अयोध्या में जो देखा, वह आने वाले वर्षों तक हमारी स्मृतियों में अंकित रहेगा।"
अयोध्या के राम मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुंबई से अपने परिवार के साथ दर्शन के लिए पहुंची एक महिला श्रद्धालु ने कहा, "हम यहां तीन दिन से रूके हुए हैं, दर्शन करके ही जाएंगे।" एक अन्य श्रद्धालु ने कहा, "ये भीड़ सदा रहेगी और रहनी भी चाहिए। भारत धर्म की भूमि है..."
राम जन्मभूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अयोध्या नगरी दिव्य दिखाई दे रही है। इस समय त्रेतायुग की झलक देखने को मिल रही है। अयोध्या भक्तों के समूह से भर गई है। पहले दिन दर्शन के लिए इतने लोग यहां उपस्थित हैं कि आज सभी लोग दर्शन नहीं कर पाएंगे। 4000 संतों के समूह भी आए हैं। आज अयोध्या नगरी राममय दिखाई दे रही है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद पहली सुबह अयोध्या के राम मंदिर में रामलला भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। मंगलवार की सुबह दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। रामलला की पूजा करने और दर्शन करने के लिए श्री राम मंदिर के मुख्य द्वार पर भक्त सुबह तीन बजे से ही बड़ी संख्या में जुटने शुरू हो गए थे। सभी भक्तों के लिए नव्य राम मंदिर के द्वार खुल गए हैं।