आगरा में हाईस्कूल का 95.40 फीसदी और इंटरमीडिएट का 83.10 फीसदी परिणाम रहा। हाईस्कूल में बिंदेश टॉपर बनी हैं। बिंदेश एसवी देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज फतेहाबाद की छात्रा हैं। इनके 96.50 फीसदी अंक आए हैं। इंटरमीडिएट में काजल कुमारी जिले की टॉपर बनी हैं। इन्होंने 94.80 फीसदी अंक हासिल किए हैं। काजल कुमारी भगवती देवी जैन कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा हैं।
बृहस्पतिवार शाम को यूपी बोर्ड परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया गया। इसमें हाईस्कूल में सेंट साईंनाथ इंटर कॉलेज की छात्रा कनिष्का ने 95 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप किया। वहीं सहार स्थित स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज की अक्शा शेख 94.67 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरे और रंजीत प्रताप सिंह गर्ल्स इंटर कॉलेज की कामरान 94.50 प्रतिशत अंकों के साथ जिले में तीसरे स्थान पर रही।
वहीं इंटरमीडिएट में फफूंद के श्री राधाकृष्णा इंटर कॉलेज की छात्रा अनुष्का ने 91.60 प्रतिशत अंकों के साथ जिला टॉप किया। दूसरे स्थान पर 91 प्रतिशत अंकों के साथ जनक दुलारी बालिका इंटर कॉलेज औरैया के राज दुबे रहे। तीसरे स्थान पर एसपी शिवानंद इंटर कॉलेज दिबियापुर की छात्रा शिवन्या 90.40 प्रतिशत अंकों के साथ रहीं।
| रैंक | विद्यार्थी का नाम | प्राप्तांक | प्रतिशत | जिला |
|---|---|---|---|---|
| 1 | कशिश वर्मा | 587/600 | 97.83% | सीतापुर |
| 1 | अंशिका वर्मा | 587/600 | 97.83% | बाराबंकी |
| 2 | अदिति | 585/600 | 97.50% | बाराबंकी |
| 3 | अर्पिता | 584/600 | 97.33% | सीतापुर |
| 3 | ऋषभ साहू | 584/600 | 97.33% | झांसी |
| 3 | परी वर्मा | 584/600 | 97.33% | बाराबंकी |
| 4 | आदिल खान | 583/600 | 97.17% | सीतापुर |
| 4 | अंशिका यादव | 583/600 | 97.17% | फर्रुखाबाद |
| 4 | सत्यम यादव | 583/600 | 97.17% | प्रतापगढ़ |
| 4 | अविका शर्मा | 583/600 | 97.17% | प्रयागराज |
| 4 | श्रीया | 583/600 | 97.17% | अंबेडकर नगर |
| 4 | प्रतीक्षा पाण्डेय | 583/600 | 97.17% | मऊ |
| 5 | आयुषी | 582/600 | 97.00% | सहारनपुर |
| 5 | दिव्या वर्मा | 582/600 | 97.00% | सीतापुर |
| 5 | प्राख्या भदौरिया | 582/600 | 97.00% | इटावा |
| 5 | अभिषेक तिवारी | 582/600 | 97.00% | फतेहपुर |
| 5 | प्रेम प्रजापति | 582/600 | 97.00% | अंबेडकर नगर |
| 5 | रुचि दुबे | 582/600 | 97.00% | गोंडा |
फर्रुखाबाद जिले में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड की परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया। जिले के टॉपरों का सूची जारी हो गई। इस बार दोनों ही कक्षाओं में ग्रामीण इलाकों की बेटियों ने जिला टॉप कर लिया। इंटर की परीक्षा में सर्वोदय इंटर कालेज पिपरगांव की निशी राठौर ने 500 में 461 अंक पाकर जिला टॉप किया। इसके अलावा हाईस्कूल में मंझना के एसके इंटर कालेज की अंशिका यादव ने बाजी मारी। उसने 600 में 580 अंक हासिल किए हैं। दोनों ही कक्षाओं में टॉप टेन की सूची में अधिकांश छात्र-छात्राएं ग्रामीण स्कूलों के हैं।
उत्तर प्रदेश में आगरा का हाईस्कूल में दूसरा नंबर है। पिछले साल पहले नंबर पर आगरा रहा था। इंटर में 33वां स्थान पाया है।
इस परीक्षा में 13,43,524 बालक और 12,57,857 बालिकाएं शामिल हुईं। बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत 87.30% रहा, जबकि बालिकाओं ने 93.76% के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जो बालकों से 6.46% अधिक है। संस्थागत परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.51% और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 66.67% रहा, जिसमें संस्थागत छात्रों का प्रदर्शन काफी बेहतर देखा गया।
हाईस्कूल परीक्षा 2026 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 90.42% रहा। इस परीक्षा में 26,01,381 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों प्रकार के छात्र थे। कुल 23,52,181 छात्र-छात्राएं सफल घोषित किए गए। इस परीक्षा का मूल्यांकन 96,803 परीक्षकों द्वारा किया गया, जबकि आंशिक विषयों की परीक्षा में 3,286 परीक्षार्थी शामिल हुए।
| विद्यालय श्रेणी | विद्यालयों की संख्या | सम्मिलित | उत्तीर्ण | उत्तीर्ण प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| शासकीय | 995 | 107454 | 89371 | 83.17% |
| अशासकीय सहायता प्राप्त | 4082 | 747150 | 590136 | 78.98% |
| स्ववित्तपोषित | 13583 | 1554947 | 1259479 | 81.00% |
| योग | 18660 | 2409551 | 1938986 | 80.47% |
| अग्रसारण केन्द्र | 936 | 76521 | 59331 | 77.54% |
| सम्पूर्ण योग | 19596 | 2486072 | 1998317 | 80.38% |
| विद्यालय श्रेणी | विद्यालयों की संख्या | सम्मिलित | उत्तीर्ण | उत्तीर्ण प्रतिशत |
|---|---|---|---|---|
| शासकीय | 2635 | 173335 | 152422 | 87.93% |
| अशासकीय सहायता प्राप्त | 4517 | 736352 | 640505 | 86.98% |
| स्ववित्तपोषित | 21336 | 1682144 | 1552887 | 92.32% |
| योग | 28488 | 2591831 | 2345814 | 90.51% |
| अग्रसारण केन्द्र | 664 | 9550 | 6367 | 66.67% |
| सम्पूर्ण योग | 29152 | 2601381 | 2352181 | 90.42% |
संस्थागत परीक्षार्थियों का पास प्रतिशत 80.47% और व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का 77.54% रहा। परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 55,973 परीक्षकों द्वारा किया गया, जबकि प्रयोगात्मक परीक्षाएं 18,007 परीक्षकों की निगरानी में संपन्न हुईं।
इस परीक्षा में 13.09 लाख बालक और 11.76 लाख बालिकाएं शामिल हुईं। बालकों का पास प्रतिशत 75.04% रहा, जबकि बालिकाओं ने 86.32% के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जो बालकों से 11.28% अधिक है।
इण्टरमीडिएट परीक्षा 2026 में कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 80.38% रहा। इस परीक्षा में करीब 24.86 लाख छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से लगभग 19.98 लाख विद्यार्थी सफल घोषित किए गए।
यूपी बोर्ड में 10वीं की परीक्षा में हापुड़ का रिजल्ट 90.77 और 12वीं का रिजल्ट 87.10 फीसदी रहा है। 12वीं में विजेंद्र आदर्श बाल इंटर कॉलेज के छात्र अनमोल ने 92.60 अंक प्राप्त कर, जिले में पहला स्थान पाया है। जबकि दसवीं में पिलखवा के केएमएसपीआईसी स्कूल के छात्र ऋषभ राणा ने 93.83 फीसदी अंक पाकर पहला स्थान प्राप्त किया है।
यूपी बोर्ड की परीक्षा में कानपुर के परितोष इंटर कॉलेज के छात्रों का परचम लहराया। परितोष इंटर कॉलेज के 12वीं के अमित साहू का यूपी में सातवां स्थान मिला है। 96.20 प्रतिशत के साथ वह जिले के टॉपर भी बने है।
हाईस्कूल में कानपुर का पूरे जनपद में चौथा स्थान है। हाईस्कूल का परिणाम 95.20 गया है। हाईस्कूल में पारितोष इंटर कॉलेज की दिशा पांडे 96.83 जिले की टॉपर बनीं हैं। यूपी में 6वें स्थान पर हैं। पारितोष के अनुराग मिश्रा 96.67 सातवें, आलोक शाक्य और राज चौधरी (svm पटेल गांधी ग्राम) तीनों 96.33 के साथ 9वें स्थान पर हैं। परितोष की अंजली सोनकर 96.17 दसवें स्थान पर है।
यूपी बोर्ड की 12वीं परीक्षा परिणाम में मेरठ के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जिले में अदीबा ने 600 में से 574 अंक (95.67%) प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। वह एसटी जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज, सरधना की छात्रा हैं।
दूसरे स्थान पर दक्ष रहे, जिन्होंने 573 अंक (95.50%) प्राप्त किए। वह जाहानारा मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज के छात्र हैं।
तीसरे स्थान पर तृप्ति ने 569 अंक (94.83%) हासिल कर मेरठ जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। वह एसडीटी जीवी इंटर कॉलेज, गंगानगर की छात्रा हैं।
टॉप-10 में शामिल छात्र
1. अदीबा – 574 अंक (95.67%) – एसटी जोसेफ गर्ल्स इंटर कॉलेज, सरधना
2. दक्ष – 573 अंक (95.50%) – जाहानारा मेमोरियल पब्लिक इंटर कॉलेज
3. तृप्ति – 569 अंक (94.83%) – एसडीटी जीवी इंटर कॉलेज, गंगानगर
4. आयुष – 568 अंक (94.67%) – एसडीटी जीवी इंटर कॉलेज, गंगानगर
5. याकुल – 566 अंक (94.33%) – जीजी इंटर कॉलेज, अरणावली
6. तनिया सिंह – 565 अंक (94.17%) – एसडीटी जीवी इंटर कॉलेज, गंगानगर
7. आर्यन – 564 अंक (94.00%) – एसटी चार्ल्स इंटर कॉलेज, सरधना
7. कीर्ति – 564 अंक (94.00%) – एसएस इंटर कॉलेज, रिठानी
7. चेतना – 564 अंक (94.00%) – डीएम पब्लिक हाई स्कूल, मवाना
8. अनन्या मित्रा – 563 अंक (93.83%) – सरस्वती वीएचएस मकबरा
रिजल्ट आने के बाद छात्रों और उनके परिवारों में खुशी का माहौल है। स्कूलों में भी छात्रों को बधाई देने का सिलसिला जारी है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी कर दिए हैं। इस बार बरेली की पांच छात्राओं ने प्रदेश के शीर्ष दस स्थानों में अपनी जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से जिले का नाम रोशन हुआ है।
बरेली की पांच छात्राओं ने प्रदेश के शीर्ष दस में जगह बनाई है और ये सभी छात्राएं सर्वोदय जनकल्याण इंटर कॉलेज खेड़ा की हैं। नंदिना गुप्ता ने 97.20 फीसदी अंक हासिल कर प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी स्कूल की सुरभि यादव 97.00 फीसदी अंकों के साथ प्रदेश में तीसरे स्थान पर रहीं।
खुशी मौर्य और सिमरन मौर्य ने संयुक्त रूप से प्रदेश में छठा स्थान प्राप्त किया है। इन दोनों के 96.40 प्रतिशत अंक हैं। उन्होंने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया। छात्रा चमन जहां ने प्रदेश में सातवां स्थान हासिल किया। चमन ने 96.20 प्रतिश अंक हासिल किए हैं।
गौतमबुद्धनगर जिले में 12वीं में केसीएस गर्ल्स इंटर कॉलेज सूरजपुर की हिमांशी शर्मा ने जनपद में पहला स्थान हासिल किया है। उन्हें 500 में 456 अंक मिले हैं। वहीं, दसवीं कक्षा में जेवर ब्लॉक से देवेश ने जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है।
जिले में हाईस्कूल (10वीं) का परिणाम इस वर्ष 93.49 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जो पिछले वर्ष के 95.11 प्रतिशत से कम है। जिले की रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। इस बार जिला प्रदेश में आठवें स्थान पर रहा, जबकि पिछले वर्ष यह 31वें स्थान पर था।
इस वर्ष कुल 22,774 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 21,587 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 20,181 छात्रों ने सफलता हासिल की।
अगर पिछले वर्षों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो 2022 में जिले ने सबसे बेहतर प्रदर्शन किया था। उस समय 95.58 प्रतिशत पास प्रतिशत के साथ प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया गया था। वहीं 2023 में रिजल्ट में करीब 2.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी।
इतिहास पर एक नजर
2010 के बाद जिले के परिणामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। वर्ष 2010 में 68 प्रतिशत छात्र पास हुए थे। इसके बाद 2011 में 77%, 2012 में 86% और 2013-14 में क्रमशः 87 और 88 प्रतिशत परिणाम रहा। 2015 में गिरावट के साथ पास प्रतिशत 83 रहा, जबकि 2016 में यह बढ़कर 92 प्रतिशत हो गया। 2017 में फिर गिरावट के साथ परिणाम 75 प्रतिशत रहा।
प्रदेश में गौतम बुद्ध नगर इंटर में 12वीं पायदान पर रहा। 20175 छात्रों ने पंजीकृत कराया था जिसमें से 19502 परीक्षा में बैठे। 16572 पास हुए। 86.51 प्रतिशत छात्र सफल हुए। पिछली बार गौतम बुद्ध नगर इंटर में 14 में पायदान पर था।
गौतम बुद्ध नगर के हाईस्कूल के एक छात्र ने प्रदेश में आठवां स्थान हासिल किया। जिले का इस साल परीक्षा परिणाम 93.49 प्रतिशत रहा। हाईस्कूल परीक्षा में कुल 22,774 छात्रों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 21,587 छात्र परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 20,181 छात्र पास हुए। पिछले साल जिले का रिजल्ट 91.15 प्रतिशत था, इस बार इसमें सुधार देखने को मिला है। हाई स्कूल में जेवर के छात्र देवेश कुमार ने जनपद में टॉप किया है। देवेश सेट तुलाराम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज का छात्र है। देवेश ने 600 में से 566 अंक प्राप्त किए हैं। 94.33 प्रतिशत अंक है।
यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी कर दिए गए हैं। इस बार 10वीं में 90.11% और इंटरमीडिएट में 81.15% छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं। परिणाम में एक बार फिर लड़कियों का पास प्रतिशत लड़कों की तुलना में अधिक रहा है।
इंटरमीडिएट (12वीं) कक्षा की परीक्षा में सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंक प्राप्त कर प्रदेश में टॉप किया है। यह उपलब्धि न केवल शिखा के लिए बल्कि उनके परिवार और विद्यालय के लिए भी गौरव का क्षण है। टॉपरों की सूची में शामिल अन्य छात्रों के नामों और उनके अंकों का विवरण जल्द ही आधिकारिक वेबसाइटों पर उपलब्ध कराया जाएगा।
इस वर्ष जारी किए गए परिणामों के अनुसार, हाईस्कूल परीक्षा में कुल 90.4% छात्र उत्तीर्ण हुए हैं। वहीं, इंटरमीडिएट (12वीं) कक्षा में 80.32% छात्रों ने सफलता प्राप्त की है। यह आंकड़े पिछले वर्षों की तुलना में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं और छात्रों की कड़ी मेहनत का परिणाम दर्शाते हैं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद् (UPMSP) ने आज, 23 अप्रैल 2026 को, वर्ष 2026 की हाईस्कूल (10वीं) और इण्टरमीडिएट (12वीं) परीक्षाओं के परिणाम एक साथ जारी कर दिए हैं। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने शाम चार बजे प्रयागराज स्थित मुख्यालय से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से नतीजों की घोषणा की। इस घोषणा के साथ ही, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में शामिल हुए 53 लाख से अधिक छात्रों का इंतजार समाप्त हो गया है, और उनके भविष्य का निर्धारण हो गया है।
| रैंक | नाम | प्रतिशत | जिला |
|---|---|---|---|
| 1 | शिखा वर्मा | 97.60% | सीतापुर |
| 2 | नंदिनी गुप्ता | 97.20% | बरेली |
| 2 | श्रेया वर्मा | 97.50% | बाराबंकी |
| 3 | सुरभि यादव | 97.00% | बरेली |
| 3 | पूजा पाल | 97.33% | बाराबंकी |
12वीं के टॉपर की लिस्ट
इस बार भी सीतापर की कशिश वर्मा ने 10वीं कक्षा में टॉप किया है। दूसरे नंबर पर बाराबंकी की अंशिका वर्मा हैं, तीसरे पर अदिति हैं।
10वीं कक्षा का पास फीसदी 90.42 रहा। जबकि 12वीं का 80.38 प्रतिशत रहा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। लगभग 52 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं का इंतजार खत्म हो गया है। इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी है। छात्र अपना परिणाम सबसे पहले अमर उजाला की वेबसाइट पर जाकर देख सकेंगे, जिसके लिए उन्हें पहले से पंजीकरण करना होगा।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) ने हाई स्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट जारी होने वाला है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। विद्यार्थी अपने परिणाम अमर उजाला की वेबसाइट के माध्यम से आसानी से देख पाएंगे। रिजल्ट पेज का पता है: amarujala.com/results/up-board
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपीएमएसपी) जल्द ही हाई स्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) कक्षाओं के परीक्षा परिणाम जारी करने वाला है। इस वर्ष भी बोर्ड ने अपनी तेज मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से 'सबसे तेज' होने की अपनी प्रतिष्ठा को बनाए रखा है। परीक्षाएं 12 मार्च को संपन्न हुई थीं और बोर्ड मात्र 30 दिनों के भीतर परिणाम घोषित करने की तैयारी में है, जो कि एक उल्लेखनीय उपलब्धि है।
यूपी बोर्ड के छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपना रोल नंबर पहले से तैयार रखें। रिजल्ट जारी होते ही छात्र रोल नंबर दर्ज करके तुरंत अपना परिणाम चेक कर सकेंगे, इसलिए पहले से तैयारी रखना जरूरी है ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) द्वारा आयोजित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। विद्यार्थी अपने परिणाम अमर उजाला की वेबसाइट के माध्यम से आसानी से देख पाएंगे। रिजल्ट पेज का पता है: amarujala.com/results/up-board
यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार कुछ देर में खत्म होने जा रहा है। बोर्ड आज परिणाम घोषित करेगा, जिसके बाद छात्र यहां एक क्लिक में आसानी से अपना रिजल्ट चेक कर सकेंगे।
पिछले वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा 2025 में कुल 25,98,560 परीक्षार्थी शामिल हुए थे, जिसमें कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 81.15% दर्ज किया गया। वहीं बालकों का पास प्रतिशत 76.60% रहा, जबकि बालिकाओं ने 86.37% के साथ बेहतर प्रदर्शन किया, जो बालकों की तुलना में 9.77% अधिक रहा।
पिछले साल इंटरमीडिएट की टॉप-10 सूची में कुल 30 छात्रों ने जगह बनाई थी। इसमें पहले स्थान पर एक छात्र रहा, दूसरे स्थान पर चार छात्र, तीसरे और चौथे स्थान पर एक-एक छात्र, जबकि पांचवें स्थान पर दो छात्रों ने स्थान हासिल किया।
पिछले साल यूपी बोर्ड 12वीं की टॉपर लिस्ट में प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर अमरोहा की साक्षी, सुल्तानपुर के आदर्श यादव, प्रयागराज की शिवानी सिंह और कौशांबी की अनुष्का सिंह 96.80% अंकों के साथ संयुक्त रूप से रहे। वहीं इटावा की मोहनी ने 96.40% अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया।
यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्रों का इंतजार खत्म होने वाला है। बस कुछ ही समय में यूपीएमएसपी परिणाम जारी करने वाला है, जिसके बाद छात्र अपना रिजल्ट सबसे पहले अमर उजाला पर आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकेंगे।
पिछले साल यूपी बोर्ड परीक्षा में हाईस्कूल का कुल पास प्रतिशत 90.11% रहा, जबकि इंटरमीडिएट में 81.15% छात्र सफल हुए। हाईस्कूल टॉपर लिस्ट में जालौन के यश प्रताप सिंह ने 97.83% अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। दूसरे स्थान पर इटावा की अंशी तिवारी और बाराबंकी के अभिषेक कुमार यादव 97.67% अंकों के साथ रहे, जबकि मुरादाबाद के मृदुल गर्ग ने 97.50% अंक पाकर चौथा स्थान हासिल किया।
इस बार यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक पूरे प्रदेश में आयोजित की गईं, जहां 8033 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही और नकल पर सख्ती से रोक लगाई गई। इसमें हाईस्कूल के करीब 26 लाख से अधिक और इंटरमीडिएट के लगभग 25 लाख छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
पिछले साल यूपी बोर्ड परीक्षाओं में छात्रों का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा। यूपी बोर्ड 12वीं में कुल पास प्रतिशत 81.15% दर्ज किया गया, वहीं 12वीं की टॉपर लिस्ट में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, यूपी बोर्ड 10वीं में भी बेहतर परिणाम देखने को मिला, जहां कुल पास प्रतिशत 90.11% रहा।
विद्यार्थियों को अमर उजाला की वेबसाइट पर ही अपना रिजल्ट चेक करने की सुविधा मिलेगा। नीचे बताए चरणों का पालन करके आप अपना रिजल्ट चेक कर पाएंगे:
यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं के छात्रों को सलाह दी जाती है कि वह रोलनंबर और जन्मतिथि, एडमिट कार्ड के साथ पहले ही संभाल कर रख लें। विद्यार्थी अमर उजाला की वेबसाइट पर अपना रिजल्ट देख सकेंगे। बिना परेशानी रिजल्ट देखने के लिए अभी पंजीकरण करें:
यूपी बोर्ड 10वीं के विद्यार्थी यहां पंजीकरण करें...
यूपी बोर्ड 12वीं के विद्यार्थी यहां पंजीकरण करें...
यूपी बोर्ड की 12वीं की मार्कशीट पर मोनोग्राम लगा होगा, जो धूप में लाल रंग का दिखेगा। छांव में इसका कलर बदल जाएगा। इससे मार्कशीट की कॉपी नहीं की जा सकती। बोर्ड ने यह फैसला धोखाधड़ी की वजह से लिया।
यूपी बोर्ड की मार्कशीट में पास होने के लिए हर परीक्षार्थी को 33 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी है। व्यावहारिक (Practical) और लिखित परीक्षा, दोनों में न्यूनतम अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शिक्षा मंत्री ने घोषणा की है कि बोर्ड के दसवीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
कम अंक या असफलता से निराश नहीं होना चाहिए। जीवन हर किसी को दूसरा मौका देता है। हर व्यक्ति में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है, जिसे पहचानने की जरूरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी बेटी टॉपर नहीं रही, लेकिन अपने हुनर और मेहनत के दम पर पहले डीएसपी बनी, फिर आईआरटीएस में चयनित हुई और हाल ही में आईएएस बनने का गौरव हासिल किया। -पूनम कुमारी, अध्यापिका
बोर्ड परीक्षा के अंक कॅरिअर की दिशा तय नहीं करते। समय के साथ यह भी याद नहीं रहता कि किसे कितने अंक मिले थे। असली पहचान व्यक्ति की योग्यता और निरंतर प्रयास से बनती है। कई बार 90 प्रतिशत अंक लाने वाले बड़ी सफलता नहीं हासिल कर पाते, जबकि औसत अंक पाने वाले छात्र सिविल सेवाओं जैसी कठिन परीक्षाओं में चयनित हो जाते हैं। इफ्फत जिया, मनोविज्ञान प्रवक्ता, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज
न करें गम, मंजिलें अभी और भी हैं। नकारात्मक सोच से दूर रहना बेहद जरूरी है। मन उसी दिशा में जाता है, जिस दिशा में हम उसे ले जाते हैं। हर व्यक्ति में असीम संभावनाएं होती हैं। इसलिए कम अंक आने पर हताश होने के बजाय अपनी क्षमताओं को पहचान कर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। आकांक्षा शुक्ला, सचिव, मनोवैज्ञानिक एवं मानव प्रगति सेवा संस्थान
इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं नकल विहीन वातावरण में संपन्न हुई। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा का परिणाम आज जारी करने की घोषणा कर दी है। परिणाम से पहले विद्यार्थियों में किसी तरह की कुंठा या निराशा न हो, इसे लेकर समाज के विभिन्न वर्गों से बातचीत की गई। सभी का एक ही संदेश है, अंक नहीं, आपकी मेहनत और क्षमता भविष्य तय करती है। कोई भी परीक्षा जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत होती है। रिजल्ट एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। मेहनत जारी रखें, सफलता जरूर मिलेगी।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परिणाम के बाद यदि किसी छात्र को अपने अंकों को लेकर संतोष न हो तो उसे निराश होने की आवश्यकता नहीं है। बोर्ड के द्वारा स्क्रूटनी और कंपार्टमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही अभिभावकों से अपील की गई है कि वे बच्चों का मनोबल बनाए रखें और उन्हें सकारात्मक सहयोग दें।
परीक्षाओं के सफल आयोजन के बाद 254 मूल्यांकन केंद्रों पर लगभग 2.75 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 18 मार्च से चार अप्रैल के बीच मात्र 15 कार्य दिवसों में पूरा किया गया। इस बार परिणाम को त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
इस वर्ष बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8033 परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण एवं नकल विहीन वातावरण में संपन्न हुई। हाईस्कूल में लगभग 26.02 लाख और इंटरमीडिएट में 24.91 लाख परीक्षार्थी शामिल हुए, जो प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था के व्यापक दायरे को दर्शाता है।
वर्ष 2026 की परीक्षा के लिए 596 राजकीय, 3453 अशासकीय सहायता प्राप्त और 3984 स्ववित्त पोषित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया। वहीं, प्रदेश में कुल विद्यालयों में करीब 4512 एडेड, 2420 राजकीय और लगभग 22,300 वित्त विहीन स्कूल शामिल रहे।
यूपी बोर्ड 10वीं के विद्यार्थी यहां पंजीकरण करें...
यूपी बोर्ड 12वीं के विद्यार्थी यहां पंजीकरण करें...
इस बार त्रुटिहीन परिणाम सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाचार्यों और वरिष्ठ प्रवक्ताओं को अंकेक्षक बनाया गया था। सचिव भगवती सिंह ने बताया कि छात्र अपना रिजल्ट माध्यमिक शिक्षा परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देख सकेंगे।
हाईस्कूल में करीब 26 लाख और इंटरमीडिएट में लगभग 24.5 लाख छात्रों ने भाग लिया, जबकि जेलों में बंद 360 परीक्षार्थियों ने भी परीक्षा दी। मूल्यांकन कार्य 254 केंद्रों पर 2.75 करोड़ उत्तर पुस्तिकाओं का 18 मार्च से 4 अप्रैल के बीच 15 कार्य दिवसों में पूरा हुआ।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद बृहस्पतिवार को हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम घोषित करेगा। यह पिछले वर्ष से तीन दिन पहले है। परिणाम शाम चार बजे निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. महेंद्र देव और परिषद के सचिव भगवती सिंह जारी करेंगे। परीक्षा में कुल 5337778 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए, जिनमें 2523112 छात्राएं, 28,14,612 छात्र और 54 ट्रांसजेंडर शामिल थे। परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक 8033 केंद्रों पर आयोजित हुईं।