राजस्थान के कोटा के अनंतपुर थाने के अंदर अतीक अहमद को कुछ देर के लिए रोका गया। माफिया अतीक को पुलिस साबरमती जेल लेकर जा रही है।
माफिया अतीक को ले जा रहा पुलिस का काफिला उदयपुर से निकलकर गुजरात में दाखिल होगा। राजस्थान के कोटा से काफिला निकल रहा है। पुलिस की टीम अतीक को साबरमती जेल ले जा रही है।
माफिया से नेता बने अतीक अहमद को नैनी जेल से अहमदाबाद की साबरमती जेल ले जाया जा रहा है। राजस्थान के बारां में पुलिस का काफिला थोड़ी देर के लिए रुका। प्रयागराज की एक अदालत ने कल उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद और दो अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
माफिया अतीक को साबरमती जेल वापस ले जा रहा पुलिस का काफिला बांदा पहंच चुका है। अपहरण के मामले में अतीक को उम्रकैद की सजा हुई है। अतीक का कहना है कि वह इस मामले में हाईकोर्ट का रुख करेगा।
चित्रकूट सीमा में अतीक का काफिला पहुंच चुका है। फिलहाल चित्रकूट में अतीक के काफिले को रोक दिया गया है।
अतीक अहमद को नैनी जेल से साबरमती जेल ले जाया जा रहा है। अतीक को साबरमती जेल के लिए रवाना कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, चार घंटा 40 मिनट जेल के बाहर वैन में अतीक मौजूद रहा।
एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि आज प्रदेश के मुख्य माफिया अतीक अहमद को पहली बार किसी मामले में सजा सुनाई है। उमेश पाल के अपहरण मामले में आज माननीय न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आजीवन कारावास के साथ 1-1 लाख रुपए का जुर्माना तीनों अभियुक्तों पर लगाया गया है। अभियुक्तों में अतीक अहमद, खान शौकत हनीफ और दिनेश पासी शामिल हैं।
अतीक अहमद के वकील ने दावा किया है कि अतीक को वापस साबरमती जेल भेजा जाएगा। बता दें कि फिलहाल अतीक को प्रयागराज के नैनी जेल में रखा गया है। चर्चा है कि आज ही अतीक को साबरमती जेल भेजा जा सकता है।
पुलिस अतीक अहमद को वापस नैनी जेल भेजा जा रहा है। वहीं, अतीक के वकील ने बताया कि वे ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।
पुलिस अतीक अहमद को वापस नैनी जेल ले जा रही है। कोर्ट से वज्र वाहन से अतीक को जेल ले जाया जा रहा है।
उमेश पाल की मां ने कहा कि अतीक जेल से कुछ भी करवा सकता है। मेरे बेटे की हत्या के मामले में उसे फांसी की सजा होनी चाहिए।
कोर्ट ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया है। यह धनराशि पीड़ित परिवार को दी जाएगी।
कुछ देर में अतीक को नैनी जेल में ले जाया जाएगा। कोर्ट रूम में अभी कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
अतीक अहमद पर आए कोर्ट के फैसले पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बांदा में कहा कि हमारी सरकार अपराध और अपराधियों का सफाया कर रही है। अदालत में पैरवी की जा रही है। एक-एक अपराधी को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। पूरे प्रदेश में भयमुक्त वातावरण बना है। हम हर अपराधी को जेल भेजेंगे।
अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा के बाद अतीक के वकील ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती देंगे।
उमेश पाल की पत्नी जया देवी ने कहा कि जब तक अतीक, उसके भाई, बेटे को खत्म नहीं किया जाएगा तब तक यह आतंक चलता रहेगा। मैं न्यायपालिका के फैसले का सम्मान करती हूं। मैं मुख्यमंत्री जी से चाहूंगी की अतीक अहमद को खत्म किया जाए जिससे उसके आतंक पर भी अंकुश लगे
उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि मेरा बेटा शेर की तरह लड़ाई लड़ता चला आया। जब उसे (अतीक अहमद) लगा कि वह नहीं बच पाएगा तब उसने 17-18 साल बाद मेरे बेटे की हत्या कराई। कोर्ट मेरे बेटे की हत्या पर उसे (अतीक अहमद) फांसी की सज़ा सुनाए। वह नोट के बल पर आगे कुछ भी कर सकता है।
माफिया अतीक अहमद समेत तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद उमेश पाल की मां शांति देवी ने कहा कि अतीक को फांसी होनी चाहिए थी।
अतीक का आतंक खत्म होना चाहिए। मेरे बेटे की हत्या के केस में अतीक को फांसी होनी चाहिए। मेरे बेटे को अतीक ने तीन दिन कैद करके रखा था।
17 साल बाद उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। पहली बार किसी मामले में अतीक अहमद को सजा हुई है।
उमेश पाल अपहरण केस में प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद समेत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों दोषियों पर जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि उमेश पाल के परिवार को देनी होगी।
अतीक अहमद एवं दिनेश पासी को 147, 148, 149, 341, 342, 364अ, 120बी में दोषी करार दिया गया है, जबकि सौलत हनीफ को अन्य धाराओं के साथ 364 में दोषी करार दिया है। सजा पर फैसला कुछ देर में होगा, अशरफ समेत सभी दोष मुक्त किए गए हैं।
अतीक अहमद को सात धाराओं में दोषी करार दिया गया है। अतीक की सजा पर बहस चल रही है। अतीक के वकीलों ने बीमारी का हवाला दिया है। कुछ देर में अतीक अहमद को सजा सुनाई जाएगी।
उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद, उसके करीबी शौलत हनीफ और दिनेश पासी को जिला न्यायालय की एमपी एमएलए विशेष न्यायाधीश डॉक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने दोषी करार दिया है। विशेष अदालत ने आईपीसी की धारा 364 ए के तहत दोषी पाया। तीनों दोषियों को ढाई बजे सजा सुनाई जाएगी।
विशेष अदालत ने बाकी सभी सात आरोपियों को इस मामले में दोषमुक्त कर दिया है। अतीक का भाई अशरफ भी दोषी नहीं पाया गया है।
उमेश पाल अपहरण कांड में कोर्ट ने अतीक अहमद, दिनेश पासी और खान शौकत हनीफ (अधिवक्ता) को दोषी करार दिया है। बाकी सात अभियुक्तों को कोर्ट ने बरी कर दिया है। फैसला सुनते ही अतीक ने अपने सिर पर हाथ रख लिया।
उमेश पाल अपहरण केस में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने माफिया अतीक अहमद और अशरफ समेत सभी 11 आरोपी दोषी करार दिए गए हैं। थोड़ी देर में सजा का एलान हो सकता है।
माफिया से नेता बने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद को लेकर पुलिस प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट पहुंची। कोर्ट के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई।
पुलिस की टीम माफिया अतीक, उसके भाई अशरफ और फरहान को कोर्ट लेकर पहुंच गई है। कोर्ट के बाहर गमहागहमी बढ़ गई है।
एमपी-एमएलए कोर्ट में जाने के लिए अधिवक्ता और पुलिस प्रशासन के बीच नोंकझोक हो गई। अतीक और अशरफ कोर्ट में पेश के लिए जेल से निकल गए हैं। जज दिनेश चंद्र शुक्ल कोर्ट रूम में मौजूद हैं।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक कार्यालय के पास माफिया अतीक अहमद उसका भाई अशरफ और फरहान पहुंच गए हैं। यहीं पर तीनों का मेडिकल कर कागजी कार्रवाई पूरी की जाएगी। सूत्रों की मानें तो अतीक को वज्र से नहीं एंबुलेंस से भेजा जाएगा। अतीक और अशरफ की तरफ से 19 वकील जिरह करेंगे।
माफिया अतीक अहमद के वकील दयाशंकर पांडेय कोर्ट में पहुंच गए हैं। कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस के अधिकारी और सात वज्र वाहन केंद्रीय कारागार नैनी जेल परिसर से पहुंच गए हैं।
उमेश पाल अपहरण केस पर साढ़े 12 बजे अदालत फैसला सुनाएगी। हालांकि पहले 11 बजे फैसले का समय था। लेकिन इसमें बदलाव कर दिया गया। नैनी जेल के बाहर हलचल तेज हो गई है। कभी भी अतीक को जेल से बाहर लाया जा सकता है।
केंद्रीय कारागार नैनी से माफिया अतीक अहमद उसके भाई अशरफ और फरहान को एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में ले जाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैंं। थोड़ी देर में अतीक और अशरफ को नैनी जेल से कोर्ट ले जाया जाएगा। नैनी जेल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है। जज डॉ. जितेंद्र शुक्ल फैसला सुनाएंगे। जज डॉ. जितेंद्र शुक्ल कोर्ट रूम पहुंच गए हैं।
उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने कहा कि मैं कोर्ट से यही उम्मीद करती हूं कि उसको(अतीक अहमद) फांसी की सज़ा दिलाई जाए। जब तक जड़ खत्म नहीं होगी तब तक कुछ नहीं हो पाएगा। हम डर के साए में जी रहे हैं। उधर, प्रयागराज में उमेश पाल के आवास के बाहर सुरक्षा तैनात की गई है।
फैसले से पहले प्रयागराज में उमेश पाल की मां शांती देवी ने कहा कि मेरे बेटे ने बहुत संघर्ष किया है। जेल उसका (अतीक अहमद) घर है और वहां से वो कुछ भी करा सकता है। प्रशासन ने अभी तक जो भी कुछ किया है उससे हम संतुष्ट हैं। मेरी यही मांग है कि उसको फांसी की सजा हो।
उमेश सुनवाई के बाद तकरीबन साढ़े चार बजे जैसे ही घर पहुंचे, बदमाशों ने उनकी हत्या कर दी। इस मामले में भी अतीक, अशरफ, अतीक के बेटे सहित उसकी पत्नी को आरोपी बनाया गया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुशील वैश्य के मुताबिक इस मामले में कोर्ट ने 17 फरवरी को सुनवाई पूरी कर ली थी और 28 फरवरी को फैसला सुनाने की तिथि निर्धारित की है। जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि मामला संवेदनशील होने की वजह से पुलिस कमिश्नर से कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पत्र लिखा गया है।
कोर्ट ने तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए ट्रायल कोर्ट को दो महीने में सुनवाई पूरी करने का आदेश दिया था। उसके बाद से ही उमेश पाल अपहरण कांड में रोजाना सुनवाई होने लगी। 24 फरवरी को जिस दिन उमेश पाल की हत्या हुई, इसी केस के सिलसिले में वह कोर्ट से ही लौटे थे। उस दिन बचाव पक्ष की ओर से बहस हो रही थी।
इसके बाद अभियोजन की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए। जिसमें खुद उमेश पाल और उसके एक रिश्तेदार के अलावा दो जांच अधिकारियों के साथ छह पुलिस कर्मी शामिल थे। पक्षकारों की तरफ से (अतीक अहमद, अशरफ सहित अन्य आरोपियों) अपने बचाव के लिए कुल 54 गवाह पेश किए गए। केस की सुनवाई में देरी होने पर वादी उमेश पाल ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर केस की सुनवाई जल्दी पूरी करने की मांग की।
धूमनगंज पुलिस ने उमेश पाल की तहरीर पर आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 364, 323, 341, 342, 504, 506, 34, 120बी और सेवन सीएल अमेंडमेंट एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जावेद उर्फ बज्जू, फरहान, आबिद, इसरार, आसिफ उर्फ मल्ली, एजाज अख्तर का नाम सामने आया। पुलिस की रिपोर्ट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने 2009 में आरोप तय कर दिए।
आरोपी अंसार बाबा की पहले ही मौत हो चुकी है। कोर्ट के आदेश पर बाकी सभी आरोपियों को कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। इसके लिए जिला कचहरी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। मामले में उमेश पाल ने पांच जुलाई 2007 को धूमनगंज थाने में उस समय सांसद रहे अतीक अहमद, उसके भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ, दिनेश पासी, खान सौकत हनीफ, अंसार बाबा के खिलाफ अपहरण कर विधायक राजू पाल हत्याकांड मामले में अपने पक्ष में बयान करने का आरोप लगाया था।
विधायक राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह रहे उमेश पाल के अपहरण के मामले में 17 साल बाद अदालत अपना फैसला सुनाएगी। जिला न्यायालय की स्पेशल कोर्ट एमपीएमएलए ने 17 मार्च को सुनवाई पूरी कर फैसला सुनाने के लिए 28 मार्च की तारीख तय की थी। मामले में अतीक, अशरफ सहित कुल 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था।