सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'यह अभिनंदन है आस्था का, वंदन है विश्वास का, जयघोष है सनातन का, उद्घोष है महाकुंभ का...हर-हर गंगे!'
सीएम योगी ने एक्स पर लिखा, 'मानवता के मंगलपर्व 'महाकुंभ 2025' में 'पौष पूर्णिमा' के शुभ अवसर पर संगम स्नान का सौभाग्य प्राप्त करने वाले सभी संतगणों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं का हार्दिक अभिनंदन। प्रथम स्नान पर्व पर आज 1.50 करोड़ सनातन आस्थावानों ने अविरल-निर्मल त्रिवेणी में स्नान का पुण्य लाभ अर्जित किया। प्रथम स्नान पर्व को सकुशल संपन्न कराने में सहभागी महाकुंभ मेला प्रशासन, प्रयागराज प्रशासन, यूपी पुलिस, नगर निगम प्रयागराज, स्वच्छाग्रहियों, गंगा सेवा दूतों, कुम्भ सहायकों, धार्मिक-सामाजिक संगठनों, विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों तथा मीडिया जगत के बंधुओं सहित महाकुंभ से जुड़े केंद्र व प्रदेश सरकार के सभी विभागों को हृदय से साधुवाद!'
महाकुंभ 2025 की व्यवस्थाएं देख श्रद्धालुओं को आनंद की अनुभूति हो रही है।
हनुमान मंदिर के पास बने नंदी द्वार के पास बनाए गए महाकुंभ 2025 सेल्फी प्वाइंट पर अपना और परिवार के साथ फोटो लेने के लिए भीड़ लगी है। लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं और तमाम भक्त तो जबरन सेल्फी प्वाइंट पर खड़े होकर फोटो ले रहे हैं, जिससे पहले से ही वहां पर खड़े भक्तों से तकरार भी हो रही है।
13 जनवरी - पौष पूर्णिमा स्नान आज (उद्घाटन दिवस)
15 जनवरी- मकर संक्रांति स्नान
29 जनवरी - मौनी अमावस्या स्नान (शाही स्नान/शाही स्नान)
3 फरवरी - बसंत पंचमी स्नान (शाही स्नान/शाही स्नान)
12 फरवरी- माघी पूर्णिमा स्नान
26 फरवरी - महा शिवरात्रि स्नान (समापन दिवस)
साध्वी भगवती ने कहा, "मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे इस शुभ पौष पूर्णिमा पर संगम में पवित्र डुबकी लगाने का मौका मिला। संगम में डुबकी वास्तव में हमारे अंदर, हमारी आत्मा के अंदर डुबकी है। गंगा, यमुना और सरस्वती व्यक्तिगत रूप से दिव्य हैं, लेकिन जब वे एक साथ आते हैं तो यह अलग होता है। इसी तरह जब हम सभी, विभिन्न जातियों, पंथों, रंगों और विश्वासों के लोग एक साथ आते हैं तो हम विश्व शांति का संदेश भेजते हैं।''
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, ''अब तक महाकुंभ 2025 की शुरुआत और पहले 'अमृत स्नान' के दिन संगम क्षेत्र में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है। संगम पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार जारी है। वहां पुलिस के जवान मौजूद हैं, ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है। सुरक्षा के लिए अंडरवॉटर ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया है। अभी तक हमें प्रयागराज क्षेत्र एवं प्रदेश में किसी अप्रिय घटना घटित होने की कोई सूचना नहीं मिली है।'
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा, ''हमारे सभी वरिष्ठ अधिकारी और सीएमओ कार्यालय स्थिति पर नजर रख रहे हैं। सड़क मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए परिवहन विभाग द्वारा की गई सभी व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से चल रही हैं। प्रयागराज की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर यातायात के प्रवाह में कोई बाधा नहीं है। आज की व्यवस्थाओं में जो कमियां हमें दिखेंगी, उन्हें कल के अमृत स्नान के लिए सुधारने का प्रयास किया जाएगा।''
बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तड़के से ही संगम स्नान के लिए पहुंचने लगे। आस्था का ऐसा आलम था कि सिर पर गठरी का वजन भी उनके उत्साह को कम नहीं कर सका। संगम नोज, एरावत घाट और वीआईपी घाट समेत समस्त घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु स्नान करते नजर आए। युवाओं ने इस पावन क्षण को कैमरे में कैद किया और सोशल मीडिया पर साझा किया।
आधिकारिक स्नान दिवस से दो दिन पहले ही लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान करना शुरू कर दिया था, जो दर्शाता है कि 45 दिनों तक चलने वाला महाकुंभ 2025 उत्तर प्रदेश सरकार के भीड़ अनुमान से अधिक हो सकता है।
विदेशी श्रद्धालु ने पवित्र स्नान किया। स्नान करने के बाद उन्होंने कहा कि बहुत विनम्र, विशेषाधिकार प्राप्त, असाधारण अनुभव प्राप्त हुआ।
महाकुंभ मेला में पहुंचे एक इटली के भक्त ने कहा, "यह बहुत शक्तिशाली है। अभी मेरे मन में बहुत सारी भावनाएं, रंग और सब कुछ है। यह भारत में मेरा पहली बार है।'
पौष पूर्णिमा की प्रथम डुबकी के साथ महाकुंभ का शुभारंभ हो गया है। अब तक 60 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया है।
उत्तर प्रदेश के एडीजी भानु भास्कर ने कहा कि मेला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सुबह 3 बजे से ही सभी फोर्स तैनात कर दी गई है। स्नान वाले स्थानों पर पूरी पुलिस व्यवस्था है। सभी अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं। कहीं कोई दिक्कत नहीं है।
प्रयागराज में महाकुंभ के पहले दिन पौष पूर्णिमा पर आज सुबह 7.30 बजे तक 35 लाख लोगों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से आंकड़ा जारी किया गया है।
उत्तर प्रदेश के डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि महाकुंभ 2025 आज से शुरू हो गया है, करीब 60 लाख लोगों ने आस्था की डुबकी लगाई है, इस बार यह आस्था और आधुनिकता का संगम है। हमने पारंपरिक पुलिस व्यवस्था से इतर तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था दी है। आज पुष्प वर्षा भी होगी। सबकुछ सुचारू और निर्बाध चल रहा है। इस बार कुंभ भव्य, दिव्य, डिजिटल और सुरक्षित हो, इसके लिए सभी इंतजाम किए जा रहे हैं।
संगम नगरी के महाकुंभ में आस्था की डुबकी
महाकुंभ शुरू होने पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पौष पूर्णिमा की बधाई दी है। एक्स पर सीएम योगी ने लिखा कि विश्व के विशालतम आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक समागम 'महाकुम्भ' का आज से तीर्थराज प्रयागराज में शुभारंभ हो रहा है। अनेकता में एकता की अनुभूति के लिए आस्था एवं आधुनिकता के संगम में साधना एवं पवित्र स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य सन्तों, कल्पवासियों, श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है। मां गंगा आप सभी की मनोकामना पूर्ण करें। महाकुम्भ प्रयागराज के शुभारंभ एवं प्रथम स्नान की मंगलमय शुभकामनाएं। सनातन गर्व-महाकुम्भ पर्व।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पौष पूर्णिमा के मौके पर अपने आधिकारिक एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा कि पौष पूर्णिमा पर पवित्र स्नान के साथ ही आज से प्रयागराज की पुण्यभूमि पर महाकुंभ का शुभारंभ हो गया है। हमारी आस्था और संस्कृति से जुड़े इस दिव्य अवसर पर मैं सभी श्रद्धालुओं का हृदय से वंदन और अभिनंदन करता हूं। भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का यह विराट उत्सव आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार करे, यही कामना है।
जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज ने कहा कि जल हमारी सनातन संस्कृति का पर्याय है। जल में जीवन देने वाले गुण हैं। हमारे देवताओं का अस्तित्व जल से है। नारायण, ब्रह्मा, अन्य हिंदू माह 'माघ' आज पौष पूर्णिमा से शुरू हो रहा है। कई भक्त यहां स्नान के अलावा 'अनुष्ठान' के लिए आए हैं। कई लोग यहां मानव जीवन के अर्थ और सार की तलाश में आए हैं।
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में बड़ी संख्या में लोग त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए पहुंचे। गंगा, यमुना और 'रहस्यमय' सरस्वती नदियों का पवित्र संगम की शुरुआत हो चुकी है। आज 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से 45 दिवसीय महाकुंभ 2025 का शुभारंभ हो चुका है।
महाकुंभ में पहले ही दिन पौष पूर्णिमा के दिन हजारों लोगों ने संगम के तट पर आस्था की डुबकी लगाई।
उत्तर प्रदेश पुलिस ने श्रद्धालुओं की मदद के लिए एक विशेष अस्थायी पुलिस चौकी का निर्माण किया है। दरिया पर तैरती पुलिस चौकी सुरक्षा-व्यवस्था का हिस्सा है।
संगम के तट पर आस्था के कई रंग देखने को मिल रहे हैं।
संगम तट पर सामान्य श्रद्धालुओं के साथ बाबाओं का भी जमघट लगा है।
मेला क्षेत्र में आने वाली भीड़ के बीच श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरएएफ, पुलिस और सीआरपीएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं।
महाकुंभ में पहले स्नान को लेकर रात-भर से जमे श्रद्धालु संगम की ओर बढ़ रहे हैं। अब भीड़ बढ़ने लगी है।
महाकुंभ में पहले स्नान को लेकर उम्रदराज लोगों में भी गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है। कड़ाके की ठंड के बाद भी बुजुर्ग पुरुष और महिलाएं गहरे आस्था भाव से स्नान के लिए संगम की ओर बढ़ रहे हैं।
विदेशी श्रद्धालुओं के एक समूह ने भी पवित्र स्नान किया। दुनिया में मनुष्यों का सबसे बड़ा जमाव आज पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 'शाही स्नान' के साथ शुरू हो गया है।
महाकुंभ के पहले स्नान को लेकर श्रद्धालुओं में अपार उत्साह देखा जा रहा है। बच्चे, बूढ़े, महिलाएं आस्था की डुबकी लगाने के लिए गंगा-मैया के गीत गाते हुए संगम की ओर बढ़े जा रहे हैं।
महाकुंभ 2025 के पहले दिन संगम पर डुबकी गलाने के बाद ब्राजील के एक भक्त फ्रांसिस्को ने कहा- मैं योग का अभ्यास करता हूं और मैं मोक्ष की तलाश में हूं। यह आश्चर्यजनक है, भारत दुनिया का आध्यात्मिक दिल है। पानी ठंडा है लेकिन दिल गर्मी से भरा है।
महाकुंभ में आस्था की डुबकी लगाने का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रद्धालु अपने ठिकानों से निकलकर संगम और गंगा के विभिन्न तटों की ओर अग्रसर हैं...
दुनिया भर के धार्मिक आयोजनों में सबसे बड़ा यह मेला 26 फरवरी तक चलेगा। इस बार महाकुंभ में 183 देशों के लोगों के आने की उम्मीद है। इन विदेशी मेहमानों के स्वागत और आतिथ्य के लिए योेगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से भव्य तैयारियां की गई हैं।