माघ मेले के तीसरे और प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा रहे हैं। मेला प्रशासन के अनुसार, दोपहर 12 बजे तक तीन करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके थे। सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक बंदोबस्त किया गया है।
प्रयागराज मंडल की मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद परंपरा के विपरीत और बिना किसी अनुमति के अपने पालकी पर सवार होकर यहां अपने करीब 200 अनुयायियों के साथ आए थे, यहां संगम पर बहुत अधिक भीड़ थी। यहां करोड़ों की भीड़ थी, वे बैरियर तोड़कर आए और तीन घंटे तक हमारा वापसी मार्ग अवरुद्ध किया जिससे जनसामान्य को बहुत असुविधा हुई।
प्रयागराज DM मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि "परंपरा के विपरीत संगम पर स्नान करने वे (स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद) बिना अनुमति के अपनी पालकी पर आए थे। उस समय संगम पर बहुत ज्यादा भीड़ थी, बार-बार अनुरोध करने के बाद भी वे बिना अनुमति के यहां आए और अपनी ज़िद पर अड़े रहे, यह गलत था। अन्य कई पहलु भी संज्ञान में आए हैं कि उनके समर्थकों द्वारा बैरियर तोड़े गए और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की गई तो इस पूरे मामले की हम जांच कर रहे हैं... हम सभी पहलुओं की जांच कर विधिक कार्रवाई करेंगे।"
मौनी अमावस्या पर संगम तट श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। हर्षा रिछारिया ने भी संगम में स्नान किया।
मौनी अमावस्या पर संगम तट श्रद्धालु डुबकी लगा रहे हैं। मौनी अमावस्या पर दोपहर 12:00 तक तीन करोड़ 15 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। श्रद्धालुओं पर फूलों की बारिश की गई।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने संगम स्नान करने से इन्कार कर दिया है। कहा कि हमारी आंख के सामने हमारे साथ आए साधु-संतों को मारा पीटा गया गया और उनको धक्का देकर दिया गया। शंकराचार्य मान और अपमान से ऊपर होते हैं। इसलिए उनको कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन साथ आए साधु-संतों के साथ जिस तरह से अभद्रता और मारपीट की गई वह उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
शंकराचार्य समर्थकों के साथ संगम के पास बैठ गए हैं। समर्थक लगातार नारेबाजी कर रहे हैं। पुलिस के अधिकारियों ने शंकराचार्य को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह रथ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं हैं।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार से बहस हो गई है। अभी भी माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद मान मनौव्वल के बाद भी नहीं मान रहे हैं। वो जिद पर अड़े हैं। समर्थक साधु-संतों को छोड़ दिया गया। शासन से स्पष्ट अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने स्नान करने से इनकार कर दिया है।
प्रयागराज में माघ मेले के दौरान मौनी अमावस्या के मौके पर संगम में स्नान करने आए श्रद्धालुओं पर फूलों की पंखुड़ियां बरसाई जा रही हैं।
पुलिस शंकराचार्य को समझाने बुझाने में जुटी है। शंकराचार्य के समर्थकों की संख्या बढ़ती जा रही है। मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश हो रही है। निर्देश मिलने के बाद निर्णय लिया जाएगा। मंडलायुक्त ने शासन के अधिकारियों से बात की है। शंकराचार्य रथ से नीचे उतरने के लिए तैयार नहीं है।
वहीं, शंकाराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को संगम स्नान से रोकने पर समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। हंगामा बढ़ने की आशंका पर पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शंकराचार्य के समर्थकों ने पांटून पुल संख्या चार के पास हंगामा किया। इस दौरान बैरिकेडिंग टूट गई।
पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी फोर्स के साथ संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट तक जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए।
मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशास ने संगम जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोकने पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। रथ रोकने पर शंकराचार्य के समर्थक साधु-संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया। घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल हो गया।
प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या पर संगम तट पर विवाद हो गया। शिष्यों से मारपीट के विरोध में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने स्नान करने से इनकार कर दिया है।
पुलिस ने शंकराचार्य को समझने का प्रयास किया। अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थकों ने पुल नंबर 4 पर हंगामा किया। इस दौरान बैरिकेड टूट गई। माघ मेले में तनावपूर्ण स्थिति हो गई है।
पुलिस से झड़प के बाद शंकराचार्य के समर्थक 20 से अधिक साधु हिरासत में ले लिए गए हैं। संगम के घाटों पर स्नान चल रहा है। शंकराचार्य संगम के पहले ही समर्थकों के साथ बैठ गए हैं।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या स्नान के दौरान रविवार सुबह 10 बजे के करीब विवाद पैदा हो गया है। शंकराचार्य को संगम स्नान से रोक दिया गया। साधुओं से पुलिस ने धक्का-मुक्की कर दी। आरोप है कि पुलिस ने रथ को धक्का देकर वापस कर दिया। आधे लोगों को धकेल कर घाट पर पहुंचा दिया। पुलिस ने पांच साधु-संतों को हिरासत में ले लिया।
घटना के चलते संगम पर अफरातफरी का माहौल रहा। पुलिस से झड़प की सूचना वायरलेस पर प्रसारित होने के बाद बड़ी संख्या में अधिकारी मय फोर्स संगम तट पर पहुंच गए। पुलिस ने अविमुक्तेश्वरानंद को रथ से नीचे नहीं उतरने दिया। कहा कि जुलूस के साथ संगम तट त जाने की अनुमति नहीं है। पांच लोगों के साथ जाकर स्नान करें। इस पर शंकराचार्य ने आपत्ति जाहिर की और पुलिस प्रशासन के रवैये को मनमाना बताया। घटना के बाद देखते ही देखते पूरा संगम क्षेत्र पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार, मेलाधिकारी ऋषिराज आदि अधिकारी पहुंच गए।
मौनी अमावस्या के मौके पर संगम स्नान करने जा रहे ज्योतिष्ठ पीठाधीश्वर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के रथ को पुलिस प्रशासने संगम तक जाने से रोक दिया। उनके रथ और जुलूस को रास्ते में रोक दिया गया। इसको लेकर शंकराचार्य के समर्थक साधु संतों और पुलिस में तीखी नोकझोंक हो गई। शंकराचार्य ने पुलिस और मेला प्रशासन पर मनमानी और तानाशाही करने का आरोप लगाया गया।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर संगम में पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालु माघ मेला क्षेत्र में लगातार आ रहे हैं।
सीएम योगी ने आगे कहा कि "मुक्ति देने वाली मां गंगा और भगवान सूर्य की कृपा से, सभी की दिल की इच्छाएं पूरी हों, जीवन में नई ऊर्जा, नया उत्साह और नया संकल्प जागे - यही मेरी प्रार्थना है....हर हर गंगे!" मौनी अमावस्या पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के आने के कारण संगम घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इस शुभ अवसर पर, पुलिस ने भारी पुलिस बल तैनात करने का आश्वासन दिया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मौनी अमावस्या के मौके पर शुभकामनाएं दीं और "नई ऊर्जा, उत्साह और संकल्प" की कामना की। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने इस मौके पर पवित्र स्नान के लिए संगम आए श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "आस्था के महापर्व मौनी अमावस्या के पवित्र अवसर पर, पवित्र संगम में पवित्र स्नान के लिए पधारे सभी पूज्य अखाड़ों, धर्माचार्यों, संतों, साधकों, कल्पवासियों और श्रद्धालुओं का हार्दिक स्वागत है।" इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने सभी के लिए सकारात्मकता और दृढ़ संकल्प की कामना की।
मौनी अमावस्या पर रिकॉर्ड श्रद्धालु समागम स्नान कर रहे हैं। साढ़े 8 बजे तक 1.5 करोड़ श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में पुण्य की डुबकी लगा चुके हैं।
प्रयागराज में माघ मेले के तीसरे प्रमुख स्नान पर्व मौनी अमावस्या के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए त्रिवेणी संगम पर पहुंच रहे हैं।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु कोहरे और ठंड के बावजूद संगम घाट पर स्नान करने पहुंच रहे हैं। मेला प्रशासन का दावा है कि सुबह 8:00 बजे तक एक करोड़ लोगों ने डुबकी लगा दी।
आधी रात से ही अमर उजाला संवाददाता मुनेंद्र वाजपेई पल पल की खबर आप तक पहुंचा रहे हैं। मेला क्षेत्र में प्रयागराज की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार और डीएम समेत सभी बड़े अधिकारी भी मौजूद हैं। स्नान करने वालों को संगम नोज से तुरंत बाहर भेजा जा रहा है।
मौनी अमावस्या पर संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। माघ के सबसे पवित्र स्नान पर अल सुबह ही लाखों की संख्या में लोग गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदी के संगम में एक डुबकी लगाने के लिए भीड़ रविवार सुबह 7 बजे तक ही 50 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है।
प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं... श्रद्धालु बड़ी संख्या में पवित्र स्नान करने आ रहे हैं।
प्रयागराज मंडल की डिविजनल कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि उचित व्यवस्था की गई है और सभी अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
प्रयागराज में मौनी अमावस्या के मौके पर संगम घाट पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं।
मौनी अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सरयू नदी में पवित्र स्नान करते हैं।
मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य के संबंध में AIनिर्मित तस्वीरें और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में चौक पुलिस स्टेशन में आठ व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं।
ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक मौनी अमावस्या 17 जनवरी रात में 11:53 बजे से आरंभ होकर 18 जनवरी रात 1:08 बजे तक रहेगी। इसलिए संगम स्नान का सिलसिला आज देर रात तक चलने की संभावना है।
माघ मेले के तीसरे और सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या के स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान घाटों पर लोगों के स्नान का क्रम लगातार जारी है। मौनी अमावस्या में मौन रखकर स्नान और दान का विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या के एक दिन पहले ही डेढ़ करोड़ लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
मौनी अमावस्या के अवसर पर पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम घाट पर आ रहे हैं, जिसके चलते निगरानी के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मौनी अमावस्या पर आज साढ़े तीन करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में स्नान करने का अनुमान है। इसे देखते हुए मेला पुलिस सक्रिय हो गई है। सुरक्षा के मद्देनजर मेला पुलिस क्षेत्र में जल, थल और नभ से निगरानी कर रही है। इस संबंध में पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। संवेदनशील पॉइंट्स पर नजर रखे जाने के साथ ड्रोन और जल पुलिस को सक्रिय किया गया है।
माघ महीने में संगम तट पर कल्पवास नहीं कर पाने वाले यदि मौनी अमावस्या के दिन स्नान कर लें तो एक महीने के कल्पवास का पुण्य फल प्राप्त हो जाता है। इस बार मौनी पर बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योगों में डुबकी लग रही है। रविवार को पूरे दिन मंगल, बुध,शुक्र तथा चंद्रमा का भी योग शुभ फलदायी होगा। ऐसी भी मान्यता है मौनी अमावस्या के दिन मौन व्रत धारण करते हुए त्रिवेणी में पश्चिम वाहिनी गंगा में स्नान करने से तथा दान करने से अनंत फल की प्राप्ति होती है। ज्योतिषाचार्य दिवाकर त्रिपाठी के मुताबिक स्नान पर्वों पर सबसे अधिक पुण्य प्रदान करने वाले मौनी अमावस्या को ही माना जाता है। इस दिन पितरों के निमित्त दान करने का भी विधान है। प्रशासन ने महास्नान के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।