सपा सांसद डिंपल यादव ने ममता बनर्जी के बयान को लेकर कही ये बात
सपा सांसद डिंपल यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 'मृत्यु कुंभ' वाले बयान पर कहा, "इस बार बहुत निंदनीय घटनाएं घटी हैं। शासन और प्रशासन ने इसे छिपाने की कोशिश की थी तो हम केवल यह चाहते हैं कि सरकार सही आंकड़े बताए... सरकार ने कहा था कि 100 करोड़ लोगों की व्यवस्था है लेकिन वह नहीं थी..."
मेले से जंक्शन की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कुछ कमी आई है। शहर में कई जगह बैरिकेडिंग करके बाइक और चार पहिया वाहनों को रोक दिया गया है। मेडिकल कॉलेज, सीएमपी डॉट पुल से लेकर बालसन चौराहे पर जबर्दस्त बैरिकेडिंग की गई है। पैदल जाने वालों को दूसरे रास्ते से और वाहनों को दूसरे रास्ते से भेजा जा रहा है।
मंगलवार को प्रयागराज जंक्शन जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया गया। डीएसए ग्राउंड के पास भीषण जाम लगा है। आवागमन पूरी तरह से ठप है।
प्रयागराज संगम स्टेशन को 26 फरवरी तक बंद करने के बाद प्रयागराज जंक्शन पर भीड़ का दबाव काफी अधिक बढ़ गया है। जंक्शन जाने वाले सभी रास्तों पर खड़े होने तक की जगह नहीं बची है। सिविल लाइंस पानी की टंकी से जंक्शन जाने वाला आरओबी यात्रियों से भर गया है। जानसेनगंज चौक के रास्ते भी भीड़ जंक्शन की ओर बढ़ रही है।
महाकुंभ की अपनी यात्रा पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने कहा कि "मां गंगा में डुबकी लगाना एक बहुत ही उत्थानकारी और सक्षम अनुभव है, जिससे जाने-अनजाने में किए गए सभी पापों से मुक्ति मिलती है और भावी जीवन के लिए आशीर्वाद मिलता है... यह भारतीय संस्कृति और विरासत की सर्वोत्तम चीजों का संगम है।"
प्रयागराज महाकुंभ में शामिल होने पर राज्यसभा सांसद और भाजपा OBC मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के. लक्ष्मण ने कहा कि "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ के लिए अच्छी व्यवस्था की है। दक्षिण भारत से हजारो-लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां आ रहे हैं... सनातन धर्म में अपनी आस्था के लिए बहुत से लोग यहां आ रहे हैं, लेकिन बहुत दुख की बात है कि विपक्ष इस पर भी राजनीति करने की कोशिश कर रहा है..."
गुजरात के सूरत में द्वारका शारदा पीठम मठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि आपने देखा होगा कि कुंभ मेले में बड़े-बड़े शिविर लगाए गए थे, जहां भोजन, पानी और रहने की व्यवस्था की गई थी। मेला प्राधिकरण और प्रशासन ने व्यवस्था की थी, स्वयंसेवी संगठनों और बड़े दानदाताओं ने भी व्यवस्था की थी। जब हम सेक्टर 19 से सेक्टर 12 जा रहे थे, तो हमने देखा कि अदाणी ग्रुप द्वारा बहुत बड़ा भंडारा लगाया जा रहा था, अदाणी ग्रुप द्वारा हर दिन 1 लाख लोगों को खाना खिलाया जा रहा था। यह बहुत बड़ी बात है। जब हम वहां से निकले, तो एक किलोमीटर लंबी कतार लगी हुई थी, लोग खाना परोस रहे थे, लोग खाना खा रहे थे, बैठ रहे थे और प्रसाद पा रहे थे। अदाणी ग्रुप ने यह काम एक महीने तक किया है।"
प्रयागराज में अभिनेत्री जूही चावला ने महाकुंभ में शामिल होने पर कहा कि आज मेरे जीवन की सबसे खूबसूरत सुबह थी, इतने लोग, इतनी श्रद्धा के साथ स्नान कर रहे हैं। हमने भी स्नान किया, उन सभी लोगों का धन्यवाद जिन्होंने यहां इतनी अच्छी व्यवस्थाएं की हैं।"
प्रयागराज में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने महाकुंभ 2025 में शामिल होने पर कहा कि "भारत का जो सनातन धर्म है और उसमें श्रद्धा रखने वाले लोग हैं उनके लिए यह बहुत अलौकिक अनुभव है। इतनी बड़ी संख्या में करोड़ों लोग यहां आ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो व्यवस्थाएं की हैं वह अद्भुत और अकल्पनीय हैं... लगभग सभी लोग व्यवस्थित तौर पर इसमें शामिल हो रहे हैं जो भारत के सनातन धर्म के बल को दिखाता है..."
संगम के घाटों पर हर तरफ स्नानार्थी ही नजर आ रहे थे। सिर पर गठरी और कंधे पर झोला-बोरा लिए लोग संगम की ओर बढ़ते रहे। रास्ते भर जय गंगा मैया, हर-हर महादेव और जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष के बीच दिन भर डुबकी लगती रही। भीड़ के बीच संगम जाने वाले मार्गों पर शहर के लोगों ने भी श्रद्धालुओं की मदद और सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस और प्रशासन के अफसर अतिरिक्त सजगता बरत रहे हैं। आस्था - भक्ति की लहरों के बीच संगम से शहर तक कहीं तिल रखने की जगह नहीं बची। सड़कें पैक हुईं तो संगम की राह पकड़ने के लिए लोगों ने गलियों का रुख कर लिया।
प्रयागराज जंक्शन के सभी 10 प्लेटफार्मों पर तिल रखने की जगह नहीं बची तो घंटे-घंटे भर के लिए इस रेलवे स्टेशन पर यात्रियों का प्रवेश रोका जाने लगा। सभी रूटों को वन वे करना पड़ गया। अंदावा, नैनी और फाफामऊ के अलावा कोखराज के रूट पर तीन चरणों में बैरिकेडिंग कर भीड़ को नियंत्रित किया जाने लगा। मेला प्रशासन की ओर से घाटों पर भीड़ न लगाने की लगातार अपील की जाती रही।
सोमवार को संगम जाने वाले सभी रास्ते श्रद्धालुओं की भीड़ से खचाखच भर गए। अमृतमयी त्रिवेणी में पुण्य की डुबकी के लिए एक लय में रात तक भक्ति की लहरें हिचकोले खाती रहीं। मेला प्रशासन ने शाम आठ बजे तक 1.35 करोड़ श्रद्धालुओं के डुबकी लगाने का दावा किया। अब तक के महाकुंभ में कुल 54.31 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं।
महाकुंभ में अमृत स्नान के लिए आस्था का भक्ति का प्रवाह लगातार तेज होता जा रहा है। सोमवार की देर शाम संगम पर फिर लाखों श्रद्धालु पहुंच गए। दिन रात रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों पर आस्थावानों का तांता लगा रहा। संगम जाने वाली सड़कों पर हर तरफ जन ज्वार नजर आने लगा।
प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करने के लिए श्रद्धालुओं का महाकुंभ मेला क्षेत्र में आना जारी है। प्रयागराज में त्रिवेणी संगम के घाटों पर श्रद्धालु महाकुंभ 2025 में पवित्र डुबकी लगा रहे हैं। 45 दिनों तक चलने वाले महाकुंभ 2025 के पहले 36 दिनों में 54 करोड़ से ज़्यादा श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई है, जो दुनिया का सबसे बड़ा मानव समागम है।