1973 से पहले जब मौलिक अधिकार और मौलिक कर्तव्यों के बीच में टकराव होता था तो मौलिक अधिकार को वरीयता दी जाती थी। लेकिन 1973 केशवानंद भारती का मामला आया जिसमें बुनियादी संरचना का सिद्धांत दिया गया। इस सिद्धांत का अनुसरण करते हुए 50 साल हो गया है। बार और बेंच को बिना साथ लेकर चले हम आगे नहीं बढ़ सकते हैं। यह निर्माण कार्य सभी हाईकोर्ट के लिए आदर्श है। इससे प्रेरणा लिया जा सकता है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई बोल रहे हैं। आपरेशन सिंदूर के लिए न्यायिक अधिकारियों का अभिनंदन किया। प्रयागराज पहुंचने पर गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं। प्रयागराज से पुराना रिश्ता रहा है। कहा कि योगी तो पावरफुल है विक्रमनाथ भी पावरफुल जज हैं। अहिल्याबाई होल्कर की जयंती पर उद्घाटन होना गर्व की बात है। होल्कर ने सामाजिक हित के लिए बहुत कार्य किया। न्यायिक क्षेत्र में इलाहबाद हाईकोर्ट का नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा जाता है। मोतीलाल नेहरू, जवाहरलाल नेहरू आदि है। हिंदी साहित्य महादेवी, हरिवंशराय, पंत, निराला, अकबर इलाहाबादी का नाम प्रमुख है। स्वतंत्रता की लड़ाई के लिए चंद्रशेखर आजाद का नाम प्रमुख है। उन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया।
हमारे देश का संविधान 75 साल में मजबूती की ओर है। भारत प्रगति की ओर बढ़ रहा है। भारत के पड़ोसी देशों की स्थिति क्या है बताने की जरूरत नहीं है। अधिवक्ताओं के लिए इतनी बड़ी इमारत और इतनी सुविधाएं अन्य देश तो क्या दुनिया में कहीं नहीं है। वादकारी का भी हम ख्याल रख रहे हैं। वादकारियों के लिए व्यवस्था की जा रही है। देश का नागरिक न्याय के लिए आता है। उसका पूरा ख्याल हाईकोर्ट में रखा जाता है।
जजों के 12 बंगलों को तोड़कर यह पार्किंग बनाई गई है। बंगला छोड़ देना मामूली बात नहीं है। इसके लिए यहां के जजों के प्रति भी आभार जताया। अंबेडकर ने अंतिम ड्राफ्ट सामने रखा तो और जो भाषण दिया वह देश को एक दिशा देने वाला संबोधन था। कहा था कि आज हम वन पर्सन, वन वोट और वन वैल्यू की ओर जा रहे हैं। बाबा साहब ने चेतावनी दी कि जब तक हम देश में आर्थिक असमानता दूर नहीं कर पाएंगे तब तक देश में लोकशाही स्थापित नहीं कर पाएंगे।
विधि के शासन में बार, बेंच के अलावा वादकारी की बड़ी भूमिका होती है। उसकी सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है। मुकदमों की पैरवी के लिए हाईकोर्ट आने वाले मुवक्किल को पेड़ के नीचे नहीं बैठना पड़ेगा। उसके लिए भी वातानुकूलित प्रतीक्षालय बनाए गए हैं। न्यायिक गति तेजी बढ़े। सभी लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के बनाए गए संविधान के अनुरूप कार्य करेंगे ऐसी उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सूर्यकांत ने यूपी सरकार से कहा....हाईकोर्ट की इस बिल्डिंग के तर्ज पर प्रदेश के जिला अदालतों की आधारभूत संरचना पर ध्यान दे। उन्हें भी विकसित करें।
केंद्रीय विधि राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल बोल रहे हैं। मेघवाल बोले कि यदि जल्दी कार्य करना है तो योगी से सीख सकते हैं। महाकुंभ के भव्य आयोजन के लिए सीएम योगी के प्रति आभार जताया। पूरा देश अहिल्याबाई की त्रिशताब्दी जयंती मना रहा है। न्यायिक व्यवस्था के लिए निर्माण होना चाहिए यह अहिलाबाई का मंत्र है। गुड गवर्नेंस अहिल्याबाई से सीखा जा सकता है। संविधान को लागू हुए 75 वर्ष हो गया है। हमारे देश में शासन और प्रशासन की व्यवस्था अच्छी तरह से चल रही है। स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी। प्रयागराज महाकुंभ के लिए पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना।
इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली स्वागत भाषण प्रस्तुत कर रहे हैं। अधिवक्ता चैंबर और मल्टीलेवल पार्किंग इलाहाबाद हाईकोर्ट के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा, भंसाली ने कहा।
केद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल का भी प्लांट देकर स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों का प्लांट देकर स्वागत किया जा रहा है। साथ ही उनका संक्षिप्त परिचय भी संचालक की ओर से दिया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मनोज मिश्र ने सीएम योगी को पौधा भेंट कर उनका स्वागत किया।
सीजेआई की जीवनी के बारे में बताया जा रहा है। उनके द्वारा दिए गए निर्णयों के बारे में लोगों को बताया जा रहा है। जनसाधारण के प्रति समर्पित रहता है सीजेआई का निर्णय।
उद्घाटन के बाद कार्यक्रम स्थल पर पहुंंचे सीजेआई और सीएम। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश भंसाली सीजेआई का बुके देकर स्वागत कर रहे हैं।
उद्घाटन के बाद सीजेआई ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसारी, सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कानून राज्य मंत्री मेघवाल के साथ परिसर का निरीक्षण कर रहे हैं।
सीजेआई शुक्रवार शाम को ही प्रयागराज पहुंच गए थे। यहां मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह एवं पुलिस महानिदेशक प्रशांत कुमार ने एयरपोर्ट पर सीजेआई का स्वागत किया। वहीं मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर शनिवार की सुबह 9.55 बजे पुलिस लाइन में उतरा, जहां से वह सीधे हाईकोर्ट पहुंचे।