लक्ष्य ने मुकाबला हारने के बाद कहा, यह बड़ा मैच था, लेकिन मुझे थोड़ा संभलकर खेलना था। मैंने दूसरे गेम में अच्छी शुरुआत की और बढ़त बनाई, लेकिन इसे बरकरार नहीं रख सका। शुरुआत से ही जैसा गेम चल रहा था एक्सेलसन आक्रमक होकर खेल रहे थे और मैं डिफेंस खेल रहा था। मुझे लगता है कि मुझे अटैकिंग होकर खेलना चाहिए था। मैं अब कांस्य पदक के लिए पूरा जोर लगाऊंगा। मुझे इस मैच से काफी उम्मीद है। दर्शकों ने मेरा काफी हौसला बढ़ाया और मेरे माता-पिता भी यहां हैं तो मुझे हिम्मत मिलती है। मुझे उम्मीद है कि जैसा सपोर्ट मुझे आज मिला वैसा ही दर्शकों से कल भी मिलेगा जब मैं कांस्य पदक के लिए उतरूंगा।
भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन के खिलाफ पुरुष एकल वर्ग का सेमीफाइनल मुकाबला गंवा बैठे हैं। लक्ष्य ने मुकाबले की शानदार शुरुआत की थी, लेकिन एक्सेलसन दोनों ही गेम में इस भारतीय खिलाड़ी पर भारी पड़े और उन्होंने 22-20, 21-14 से लक्ष्य को हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। लक्ष्य भले ही सेमीफाइनल से बाहर हो गए फाइनल के लिए क्वालिफाई नहीं कर सके, लेकिन उनके पास अभी भी कांस्य पदक जीतने का मौका है। लक्ष्य पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी हैं जिन्होंने ओलंपिक का सेमीफाइनल मैच खेला है। उनके पास इस मैच को जीतकर भारत के लिए पदक पक्का करने का मौका था, लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। अब लक्ष्य कांस्य पदक के लिए खेलेंगे। लक्ष्य का कांस्य पदक के लिए मलेशिया के सातवीं वरीयता प्राप्त जिया जी ली से सामना होगा। दोनों खिलाड़ियों के बीच कांस्य के लिए सोमवार को मुकाबला होगा।
विक्टर एक्सेलन ने दूसरे गेम में भी लक्ष्य सेन पर बढ़त बना ली है। एक समय 7-0 से आगे चल रहे लक्ष्य अब 14-19 से पीछे चल रहे हैं। लक्ष्य को मैच गंवाने के लिए जल्द ही वापसी करनी होगी।
दूसरे गेम में लक्ष्य ने ब्रेक तक एक्सेलसन पर 11-10 की मामूली बढ़त हासिल की हुई है। पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की थी और एक स्कोर स्कोर 7-0 कर दिया था, लेकिन एक्सेलसन ने गियर बदला और वापसी करने में ज्यादा देर नहीं लगाई।
एक्सेलसन ने वापसी करते हुए स्कोर 8-7 किया, लेकिन लक्ष्य ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्कोर 10-7 करने में ज्यादा देर नहीं लगाई। फिलहाल दोनों खिलाड़ियों के बीच दूसरे गेम में भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है।
पहला गेम हारने के बाद लक्ष्य सेन ने दूसरे गेम में शानदार वापसी की है। लक्ष्य ने दूसरे गेम में एक्सेलसन के खिलाफ 7-0 की बढ़त बना ली है।
लक्ष्य और एक्सेलसन के बीच दूसरा गेम शुरू हो गया है। लक्ष्य पहले गेम में शानदार शुरुआत के बाद पिछड़ गए थे। लक्ष्य के पास वापसी करने का इस गेम में अच्छा अवसर है।
लक्ष्य सेन शानदार शुरुआत के बाद अंत में लड़खड़ा गए और मौके का फायदा नहीं उठा सके जिस कारण विक्टर एक्सेलसन ने लक्ष्य को गेम प्वाइंट में पहले गेम में मात दी। लक्ष्य ने पहला गेम 22-20 के अंतर से गंवाया। एक समय लक्ष्य इस गेम को जीतने के करीब पहुंच गए थे, लेकिन एक्सेलसन ने दो गेम प्वाइंट बचाए और फिर वापसी करते हुए इस गेम को अपने नाम करने में सफल रहे।
लक्ष्य और एक्सेलसन के बीच पहला गेम रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया है। दोनों खिलाड़ी 20-20 की बराबरी पर है। हालांति, एक्सेलसन ने 21-20 की बढ़त ली।
लक्ष्य सेन पहला गेम जीतने के करीब पहुंच गए हैं और एक्सेलसन पर 20-17 की बढ़त बनाई हुई है। एक प्वाइंट अपने नाम करते हुए लक्ष्य यह गेम जीत जाएंगे और 1-0 की बढ़त ले लेंगे। हालांकि, एक्सेलन भी ज्यादा पीछे नहीं हैं और उन्होंने वापसी करते हुए स्कोर 20-19 कर दिया है। एक्सेलसन ने इस तरह दो गेम प्वाइंट बचाए।
लक्ष्य सेन एक्सेलसन के खिलाफ लगातार मजबूती बनाए हुए हैं और फिलहाल पहले गेम में 18-13 से आगे चल रहे हैं। हालांकि, एक्सेलसन भी लक्ष्य के सामने कड़ी चुनौती पेश कर रहे हैं, लेकिन यह भारतीय शटलर एक्सेलसन के हर आक्रमण का जवाब बखूबी दे रहा है।
भारतीय बैडमिंटन स्टार खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने एक्सेलसेन के खिलाफ शानदार शुरुआत करते हुए पहले गेम में बढ़त बना ली है। लक्ष्य फिलहाल 15-9 से इस गेम में आगे चल रहे हैं।
लक्ष्य सेन और एक्सेलसेन के बीच मुकाबले की शुरुआत हो चुकी है। विश्व नंबर दो एक्सेलसेन टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता हैं। लक्ष्य के लिए चुनौती आसान नहीं रहने वाली है। अगर वह जीते तो इतिहास रच देंगे।
लक्ष्य सेन vs विक्टर एक्सेलसेन हेड टु हेड
एक्सेलसन को प्री-क्वार्टर फाइनल में बाई मिली थी। क्वार्टर फ़ाइनल में उन्होंने सिंगापुर के पूर्व विश्व चैंपियन लोह कीन यू को हराया। डेनमार्क का यह खिलाड़ी अपने तीखे स्मैश के लिए जाना जाता है और लक्ष्य को धैर्य से उनका सामना करना होगा। लक्ष्य के पास ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने का यह बेहतरीन मौका है। अगर वह एक्सेलसन से पार पाने में नाकाम रहते हैं तो उन्हें फिर कांस्य पदक के लिए चुनौती पेश करनी होगी।
विश्व चैंपियनशिप 2021 के कांस्य पदक विजेता लक्ष्य को डेनमार्क के खिलाड़ी से अभी तक आठ बार हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने एक्सेलसन को केवल एक बार 2022 में जर्मन ओपन में हराया था। भारत के 22 वर्षीय खिलाड़ी ने हालांकि अपने से अधिक रैंकिंग के खिलाड़ियों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन किया है। पेरिस ओलंपिक खेलों में ही उन्होंने ग्रुप चरण में दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी जोनाथन क्रिस्टी और क्वार्टर फाइनल में विश्व के 11वें नंबर के खिलाड़ी चाउ को हराकर अपने कौशल का शानदार नमूना पेश किया। एक्सेलसन ने इस सत्र में केवल एक खिताब मलेशिया मास्टर्स के रूप में जीता है। जून के शुरू में सिंगापुर ओपन के दौरान उनके टखने में चोट लग गई थी जिसके कारण उन्हें इंडोनेशिया ओपन से हटना पड़ा था। दूसरी तरफ लक्ष्य अभी अपने करियर में सबसे फिट नजर आ रहे हैं। उनका डिफेंस शानदार है क्योंकि उन्होंने कोर्ट को अच्छी तरह से कवर किया है।
लक्ष्य का अब सामना उस एक्सेलसन से है जिन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपने प्रतिद्वंदियों को कोई मौका नहीं दिया है। डेनमार्क के ओडेंस के रहने वाले इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक और रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। वह 2017 और 2022 में विश्व चैंपियन रहे। उनके नाम पर 2016 में थॉमस कप की जीत शामिल है। इसके अलावा उन्होंने कई बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर और सुपर सीरीज खिताब जीते हैं। यही नहीं वह दिसंबर 2021 से जून 2024 तक विश्व के नंबर एक खिलाड़ी भी रहे हैं।
पहली बार ओलंपिक में खेल रहे सेन ने शुक्रवार को क्वार्टर फाइनल मैच में चीनी ताइपे के चाउ टीएन चेन को 19-21, 21-15, 21-12 से हराकर भारतीय बैडमिंटन में नया इतिहास रचा था। वह ओलंपिक खेलों के व्यक्तिगत पुरुष एकल के सेमीफाइनल में जगह बनाने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।
भारतीय पुरुष बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने शुक्रवार को पेरिस ओलंपिक के सेमीफाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया था। लक्ष्य का पुरुष एकल वर्ग के फाइनल में पहुंचने के लिए मौजूदा ओलंपिक चैंपियन विक्टर एक्सेलसन की चुनौती से पार पाना होगा। लक्ष्य को अगर अपने पदक स्वर्ण पदक की उम्मीदों को बरकरार रखना है तो उन्हें एक्सेलसन के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज बैडमिंटन के पुरुष एकल में भारत के स्टार शटलर लक्ष्य सेन का सामना विश्व नंबर दो डेनमार्क के विक्टर एक्सेलसन से है। इस मैच को जीतने वाला खिलाड़ी फाइनल में पहुंचेगा और पदक पक्का कर लेगा। लक्ष्य के लिए पेरिस ओलंपिक अब तक शानदार रहा है और उनसे काफी उम्मीदें हैं।