मोरक्को की टीम ने इतिहास रच दिया है। यह टीम सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली अफ्रीकन टीम बन गई है। इससे पहले कोई भी अफ्रीकन देश फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाया था। अल थुमामा स्टेडियम में खेले गए मैच में मोरक्को ने पुर्तगाल को 1-0 से हरा दिया। इस हार के साथ ही पुर्तगाल और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का अभियान यहीं समाप्त हो गया। रोनाल्डो मैच के बाद रोते हुए दिखे और स्टेडियम से बाहर गए।
मोरक्को से पहले अफ्रीका की तीन टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंची हैं, लेकिन तीनों को हार का सामना करना पड़ा था। 1990 में कैमरून, 2002 में सेनेगल और 2010 में घाना क्वार्टर फाइनल में हार गई थी। वहीं, पुर्तगाल की टीम पहली बार फीफा वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में हारी है। इससे पहले दो बार टीम सेमीफाइनल में पहुंची थी। 1966 में डीपीआर कोरिया को क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल ने 5-3 से और 2006 में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया था।
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फुल टाइम का खेल समाप्त होने को है और मोरक्को ने अब तक शानदार डिफेंडिंग की है। उन्होंने पुर्तगाल को अटैक करने से रोका है। पुर्तगाल ने कई शॉट मिस किए। पुर्तगाल के लिए वापसी करने के लिए बस
51वें मिनट में क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने राफेल गुरेरो को रिप्लेस किया। वहीं, जोआओ कैंसेलो को भी रुबेन नेवेस से सब्सटिट्यूट किया गया। मैदान पर उतरते ही रोनाल्डो ने बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच के रिकॉर्ड की बराबरी की। यह रोनाल्डो का 196वां अंतरराष्ट्रीय मैच है। उन्होंने कुवैत के बदेर अल मुतावा के रिकॉर्ड की बराबरी की।
पुर्तगाल ने पहले हाफ में सिर्फ पांच शॉट अटेम्प्ट किए। यह 2022 फीफा वर्ल्ड कप में पुर्तगाल द्वारा पहले हाफ में किए गए सबसे कम अटेम्प्ट हैं। वहीं, मोरक्को के यूसुफ एन नेसरी ने वर्ल्ड कप में कुल मिलाकर तीन गोल दागे हैं और उनके कुल मिलाकर तीन शॉट ऑन टारगेट रहे हैं।
पहले हाफ में पिछड़ने के बाद पुर्तगाल ने वर्ल्ड कप में पिछले छह मैच गंवाए हैं। टीम को एकमात्र जीत 1966 वर्ल्ड कप में मिली थी, जब उन्होंने डीपीआर कोरिया को 5-3 से हराया था। पुर्तगाल की ओर से जोआओ फेलिक्स ने कुल पांच में से तीन अटेम्प्ट किए। इससे पहले उन्होंने वर्ल्ड कप के एक मैच में कभी इतने अटेम्प्ट नहीं किए थे।
हाफ-टाइम तक मोरक्को ने इतिहास रचते हुए पुर्तगाल पर 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। एन नेसरी ने 42वें मिनट में हेडर से गोल दाग अपनी टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। अब पुर्तगाल को मैच में वापस आने के लिए पहले बराबरी का गोल दागना होगा। हाफटाइम तक पुर्तगाल ने पांच शॉट अटेम्प्ट किए। इसमें से सिर्फ एक ऑन टारगेट रहा। वहीं, मोरक्को ने सात शॉट अटेम्प्ट किए। इसमें से दो ऑन टारगेट रहा। बॉल पजेशन के मामले में पुर्तगाल की टीम आगे रही। पुर्तगाल का बॉल पजेशन 66 प्रतिशत और मोरक्को का 34 प्रतिशत रहा। पुर्तगाल की टीम ने स्टार्टिंग लाइन अप में क्रिस्टियानो रोनाल्डो को जगह नहीं दी है। मोरक्को के खिलाफ पुर्तगाल की स्टार्टिंग लाइन अप की औसतन उम्र 26 साल 332 दिन है, यह उनका किसी भी विश्व कप में सबसे युवा टीम है जो मैदान पर उतरी है।
मोरक्को ने मैच में बेहतरीन शुरुआत की है। हाफ-टाइम से ठीक पहले मोरक्को ने एन नेसरी ने यह्या अतिअत के पास पर हेडर से बेहतरीन गोल दागा। इसी के साथ नेसरी वर्ल्ड कप इतिहास में मोरक्को की ओर से सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने इस टूर्नामेंट में तीन गोल दागे हैं।
मोरक्को की टीम इस मैच में अच्छे रिकॉर्ड के साथ आई है। टीम वर्ल्ड कप में पिछले पांच मैच से अजेय है। इसमें से मोरक्को ने दो मैच जीते हैं और तीन मैच ड्रॉ रहे हैं। यह बिना हारे मोरक्को का वर्ल्ड कप में सबसे सफल अभियान है। इसमें से चार मैच मोरक्को ने कोच वालिद रेगरागुई की देखरेख में खेले हैं।
यह पुर्तगाल का फीफा वर्ल्ड कप में तीसरा क्वार्टर फाइनल है। इससे पहले टीम पिछली दो बार जब क्वार्टर फाइनल में पहुंची थी तो सेमीफाइनल में पहुंचने में कामयाब रही थी। 1966 के क्वार्टर फाइनल में पुर्तगाल ने डीपीआर कोरिया को 5-3 से हराया था। वहीं, 2006 वर्ल्ड कप के क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड को पेनल्टी शूटआउट में 3-1 से हराया था। पुर्तगाल ने पिछले मैच में स्विटजरलैंड के खिलाफ छह गोल दागे थे। पिछले आठ मैचों में कुल मिलाकर टीम इतने गोल दाग पाई थी।
अब तक कोई भी अफ्रीकन टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई है। मोरक्को की नजर फीफा वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बनने पर है। इससे पहले तीन बार अफ्रीकन टीमें क्वार्टर फाइनल से बाहर हुई हैं। इनमें कैमरून (1990), सेनेगल (2002) और घाना (2010) शामिल हैं।
शुरुआती 15 मिनट में कोई गोल नहीं हुआ है। दोनों टीमें बॉल पजेशन के लिए लड़ रही हैं। हालांकि, अब तक बॉल पजेशन के मामले में पुर्तगाल की टीम मोरक्को पर भारी साबित हुई है।
इससे पहले नॉकआउट स्टेज में 11 बार यूरोपियन और अफ्रीकन टीमें आमने-सामने आ चुकी हैं। इनमें से नौ मुकाबले यूरोपियन टीम ने जीते। जो दो मैच अफ्रीकन टीम ने जीते उसमें 2002 में सेनेगल ने राउंड ऑफ 16 में स्वीडन को और इसी विश्व कप में मोरक्को ने पेनल्टी शूटआउट में स्पेन को हराया था।
पुर्तगाल की टीम एक बार फिर क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बिना मैदान पर उतरी है। स्विटजरलैंड के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल में भी रोनाल्डो को सब्सटिट्यूट के तौर पर मैदान पर भेजा गया था। इस मैच में भी सब्सटिट्यूट लाइन अप में उनका नाम है। पुर्तगाल और मोरक्को दोनों टीमें 4-3-3 की स्ट्रैटजी के साथ मैदान पर उतरी है।
पुर्तगाल स्टार्टिंग लाइन अप: डिएगो कोस्टा (गोलकीपर), डियोगो डालोट, पेपे, रुबेन डियास, राफेल गुरेरो, बर्नार्डो सिल्वा, रूबेन नेवेस, ओटावियो, ब्रूनो फर्नांडीस, जोआओ फेलिक्स, गोंजालो रामोस।
मोरक्को स्टार्टिंग लाइन अप: यासीन बूनो, अशरफ हकीमी, रोमेन साईस, जवाद अल यामिक, यह्या अतिअत-अल्लाह, सोफियान अमराबत, अज्जेदीन औनाही, सलीम अमला, हकीम जियेच, सोफियान बौफाल, यूसुफ एन नेसरी।
पुर्तगाल और मोरक्कों की टीम इससे पहले 2018 फीफा वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज में ही आमने-सामने आई थी। तब पुर्तगाल ने मोरक्को को 1-0 से हराया था। वहीं, 1986 में मोरक्को ने ग्रुप स्टेज मैच में पुर्तगाल को 3-1 से हराया था।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज फीफा वर्ल्ड कप के तीसरे क्वार्टर-फाइनल में पुर्तगाल का सामना मोरक्को से है। दोनों टीमें तीसरी बार आमने-सामने हैं। इससे पहले दो बार वर्ल्ड कप में ही दोनों टीमें आमने-सामने आ चुकी हैं। एक मैच मोरक्को ने और एक मैच पुर्तगाल ने जीता है। राउंड ऑफ-16 में मोरक्को ने स्पेन को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। वहीं, पुर्तगाल ने स्विटजरलैंड को 6-1 से हराकर क्वार्टर-फाइनल में जगह बनाई थी।