आज रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है, लेकिन कई लोग कल यानी 12 अगस्त को भी राखी का पर्व मना रहे हैं। दरअसल भद्रा के कारण आज रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त भद्रा के खत्म होने के बाद है। भद्रा रात 8 बजकर 51 मिनट पर खत्म होगी फिर इसके बाद भद्रारहित काल में राखी बांधी जा सकेगी। लेकिन कई का मत है कि रात के समय में राखी नहीं बांधनी चाहिए। ऐसे में 12 अगस्त को पूर्णिमा तिथि के रहते सुबह जल्दी राखी का शुभ मुहूर्त है। इस तरह संयोग अगले वर्ष भी बन रहा है। जब राखी पर भद्रा काल का साया रहेगा।
अब रक्षाबंधन के बाद भगवान श्रीकृ्ष्ण का जन्मोत्सव भी दो दिन का होगा। जिस तरह से इस बार रक्षाबंधन 11 और 12 अगस्त को है उसी प्रकार 18 और 19 अगस्त को जन्माष्टमी की त्योहार भी मनाया जाएगा। पंचांग गणना के मुताबिक 18 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि रात को करीब 9 बजकर 22 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो अगले दिन यानी 19 अगस्त को रात करीब 11 बज रहेगी।
- रक्षाबंधन के दिन भूलकर भी राहुकाल और भद्राकाल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। शास्त्रों में इन दोनों काल में किसी भी तरह का कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
- बहनों को इस बात का विशेष ध्यान देना चाहिए कि कभी भी भाईयों का खंडित या टूटी हुई राखी न बांधे।
- राखी में शुभ चिन्ह जरूर बना होना चाहिए
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया बना हुआ है लेकिन भद्रा के पाताल में वास होने के कारण सावन पूर्णिमा तिथि पर राखी बांधी जा सकती है। आइए जानते हैं राखी बांधने के लिए शुभ चौघड़िया का मुहूर्त काल
चर- सुबह 10.45 बजे से 12.24 बजे तक
लाभ- दोपहर 12.24 बजे से 14.04 तक
अमृत- दोपहर 2.04 बजे से 15.43 बजे तक
शुभ- शाम 5.22 बजे से 7.02 बजे तक
शास्त्रों के अनुसार रक्षाबंधन के दिन कुछ ज्योतिषीय उपाय करने पर भाई बहन के जीवन में प्रेम और सुख-समृद्धि आती साथ ही नकारात्मकता भी खत्म होती है।
- पूजा की थाली में राखी के साथ रखें फिटकरी
- गुलाबी रंग का एक छोटा सा कपड़ा का टुकड़ा और अक्षत
- सुपारी और चांदी का लक्ष्मी-गणेश का सिक्का
रक्षाबंधन पर और कलाई में रक्षासूत्र बांधते वक्त इस अभीष्ट मंत्र का जरूर करें जाप
अभिजीत मुहूर्त- सभी मुहूर्तों में अभिजित मुहूर्त अत्यंत ही शुभ और फलदायी माना गया है। अभिजित मुहूर्त प्रत्येक दिन दोपहर से करीब 24 मिनट पहले शुरू होकर दोपहर के 24 मिनट बाद समाप्त हो जाता है।
चौघड़िया- मुहूर्त शास्त्र में चौघड़िया मुहूर्त का विशेष स्थान होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अगर किसी शुभ और मांगलिक कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया मुहूर्त में उस कार्य को किया जा सकता है।
होरा-अगर कोई शुभ कार्य करना अत्यंत ही जरूरी हो, लेकिन उस दौरान शुभ मुहूर्त का अभाव हो तो ज्योतिष में होरा चक्र की व्यवस्था बनाई गई है।
अब रक्षाबंधन तिथि पर भद्रा काल का साया शुरू हो चुका है जोकि रात को खत्म होगा। लेकिन जिन्हें किसी कारणवश आज ही राखी बांधनी है वे लोग अभिजीत मुहूर्त में राखी बांध सकते हैं। इस समय अभिजीत मुहूर्त जारी है। मुहूर्त शास्त्र के अनुसार अभिजीत मुहुर्त में किसी भी तरह का शुभ कार्य किया जा सकता है।
राखी बांधते समय दिशा का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। जब भी आप अपने भाई को राखी बांधें तो उसे पूर्व दिशा की तरफ बिठाकर राखी बांधे। ध्यान रखें बहन का मुख पश्चिम दिशा की ओर हो। जब भी बहन भाई को राखी बांधे उस समय बहनों को दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर और भाइयों को उत्तर-पूर्व दिशा की ओर देखना चाहिए। राखी बांधने के दौरान किसी अन्य दिशा में गलती से भी ना देखें। गलती से भी उत्तर-पश्चिम दिशा में बैठकर राखी ना बांधे। राखी बांधने के लिए यह सही दिशा नहीं है।
- पहले स्नान करके भगवान की पूजा-आराधना करें और अपने-अपने इष्टदेव को रक्षासूत्र बांधे।
- पूजा के बाद बहनें राखी की थाली सजाएं।
- पूजा की थाली में रोली, अक्षत,कुमकुम, रंग-बिरंगी राखी, दीपक और मिठाई रखें।
- शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखते हुए बहनें भाईयों के माथे पर चंदन, रोली और अक्षत से तिलक लगाएं।
- इसके बाद भाई के दाएं हाथ की कलाई पर रक्षासूत्र बांधे और भाई को मिठाई खिलाएं।
- अंत में बहनें भाई की आरती करते हुए अपने इष्टदेव का स्मरण करते हुए भाई की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करें।
- रक्षासूत्र बांधते हुए आज इस मंत्र का जाप का जरूर करें।
“येन बद्धो बलिराजा, दानवेन्द्रो महाबलः तेनत्वाम प्रति बद्धनामि रक्षे, माचल-माचलः”
आज सावन माह की पूर्णिमा तिथि है और सावन का महीना भगवान शिव का सबसे प्रिय महीना होता है और आज यह खत्म हो जाएगा। ऐसे में सबसे पहले भगवान शिव की आराधना करें इसके बाद भगवान गणेश को रक्षासूत्र बांधे। घर के मंदिर में अपने-अपने इष्टदेव की पूजा करते हुए घी का दीपक जलाएं और उन्हें रक्षासूत्र अर्पित कर आशीर्वाद लें।
आज सावन पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों का रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी हैं।
शास्त्रों के अनुरूप पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बाँधना चाहिए एवं विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में कलावा बाँधने का विधान है । कलावा बंधवाते समय उस हाथ की मुट्ठी को बंद रखकर दूसरा हाथ सिर पर रखना चाहिए । कलावे का बांधा जाना हमें उस संकल्प को याद करते रहना तथा उसकी पूर्ती के लिए प्रयास करते रहना सिखाता है। मनोवैज्ञानिक दृष्टि से हाथ में कलावा बंधे होने से व्यक्ति को स्वयं ही परमात्मा द्वारा अपनी रक्षा होने का आभास होता है ।जिससे मन में शांति व आत्मबल में वृद्धि होती है ।व्यक्ति के मन -मस्तिष्क में बुरे विचार नहीं आते।
कर्क राशि :-
इस राशि के भाई की कलाई में चमकीले सफेद रंग की राखी बांधे और माथे पर चंदन का तिलक लगाएं।
सिंह राशि :-
सिंह राशि के जातकों की कलाई में गोल्डन पीले रंग की राखी बांध सकती हैं और हल्दी मिश्रित रोली का तिलक भी लगा सकती हैं।
कन्या राशि:-
कन्या राशि के जातकों को गणेश जी के प्रतीक वाला रक्षासूत्र बांधे ।
तुला राशि :-
इस राशि के जातकों को अपनी बहन से नीले रंग की राखी बंधवानी चाहिए।
रक्षाबंधन 2022: मुहूर्त
श्रावण रक्षाबंधन 2022 तिथि: 11 अगस्त 2022
रक्षाबंधन 2022 प्रदोष मुहूर्त: 20:52 से 21:13 तक
रक्षाबंधन 2022 अभिजीत मुहूर्त: 11:37 से 12:29 तक
मेष राशि :-
इस राशि के जातक की कलाई पर लाल रंग की राखी बांध सकते हैं और उनके माथे पर कुमकुम का तिलक लगा सकते हैं।
वृष राशि :-
जिनके भाइयों की राशि वृषभ है उन बहनों को कलाई पर सफेद रेशमी डोरी वाली राखी बांधनी चाहिए और रोली का तिलक करना चाहिए।
मिथुन राशि :-
इस राशि के जातकों की कलाई पर हरे रंग की राखी बांध सकते हैं और हल्दी का तिलक लगा सकते हैं।
आज बहनें अपने भाईयों को राखी बांधते समय इस मंत्र का जाप अवश्य करें
आज पूरे दिन भद्रा के रहते प्रदोषकाल और अभिजीत मुहूर्त में बांध सकते हैं। मुहूर्त शास्त्रों के अनुसार अभिजीत मुहूर्त और प्रदोषकाल में शुभ कार्य करना और पूजा-अनुष्ठान सदैव फलदायी रहता है। ऐसे में भद्रा के रहते अगर आज रक्षांबंधन का त्योहार माना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त और प्रदोष काल को ध्यान में रखते हुए राखी बांध सकते हैं।
अभिजीत मुहूर्त -11.37 से 12.29 तक
प्रदोष मुहूर्त: 20:52 से 21:13 तक
आज श्रावण पूर्णिमा तिथि पर कुछ शुभ संयोग भी बना रहेगा। रक्षाबंधन के दिन आयुष्मान, सौभाग्य और ध्वज योग रहेगा। इसके अलावा शंख,हंस और सत्कीर्ति नाम का राजयोग भी होगा।
आज राखी का पवित्र त्योहार लेकिन भद्रा लगने के कारण राखी बांधने का शुभ मुहूर्त रात को भद्रा की समाप्ति के बाद ही मिलेगा। पूर्णिमा तिथि आज सुबह 10 बजकर 38 मिनट से शुरू हो रही है। जो अगले दिन की सुबह तक रहेगी आइए जानते हैं इस बार रक्षाबंधन पर क्या है खास...
- इस बार रक्षाबंधन की तिथि दो दिन रहेगी। 11 अगस्त को सुबह 10 बजकर 38 मिनट से पूर्णिमा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। 12 अगस्त को सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर पूर्णिमा तिथि समाप्त हो जाएगी।
- 11 अगस्त 2022 को सुबह से ही भद्रा काल शुरू हो जाएगी जो शाम तक रहेगी। शास्त्रों के अनुसार भद्रा और राहुकाल के दौरान किसी भी तरह का शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किया जाता है।
- आज रक्षाबंधन पर राहु काल को भी ध्यान में रखना होगा। शास्त्रों में राहुकाल को भी अशुभ माना गया है। 11 अगस्त को राहुकाल दोपहर 01 बजकर 41 मिनट से लेकर 03 बजकर 19 मिनट तक रहेगा।
- आज भद्रा पूंछ का समय शाम 05 बजकर 17 मिनट से लेकर 06 बजकर 18 मिनट तक रहेगी। वहीं भद्रा मुख का समय शाम 06 बजकर 18 मिनट से लेकर रात 08 बजे तक है।
Raksha Bandhan 2022 Rakhi Shubh Muhurat Puja Vidhi And Wishes In Hindi: आज सावन पूर्णिमा की तिथि है और इस दिन रक्षाबंधन का पवित्र त्योहार मनाया जाता है। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। आज सावन पूर्णिमा की तिथि सुबह 10 बजकर 38 मिनट से शुरू हो रही है जो अगले दिन यानी 12 अगस्त की सुबह को 07 बजकर 05 मिनट तक रहेगी। लेकिन आज सावन पूर्णिमा तिथि के साथ भद्राकाल भी शुरू हो जाएगी। शास्त्रों में भद्रा काल को अशुभ माना जाता है। पंचांग भेद के कारण इस बार रक्षाबंधन आज और कल दोनों दिन मनाया जा रहा है। पूरे दिन भद्रा रहेगा जो रात को करीब 8 बजे समाप्त होगी।