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Karwa Chauth 2023: दिल्ली NCR समेत देशभर में दिखा करवा चौथ का चांद, पूरा हुआ सुहागिनों का महापर्व

Wed, 01 Nov 2023 09:22 PM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Karwa Chauth Katha Time Puja, Chand Time Live News:  देशभर में दिखा करवा चौथ का चांद, पूरा हुआ सुहागिनों का महापर्व। अब इसके बाद धनतेरस, दीपावली और भाई दूज की तैयारियां होंगी शुरू।
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Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इस साल करवा चौथ के मौके पर बेहद दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। इस दिन शिवयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इसके अलवा चंद्रमा इस दिन अपने उच्च राशि वृष में विराजमान रहेंगे। साथ ही आज विनायक चतुर्थी भी है। ऐसे में करवा चौथ का व्रत रखते हुए चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करना शुभ फल देने वाला साबित होगा।
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Karwa Chauth Date: करवा चौथ 2023 तिथि
इस साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 31 अक्तूबर मंगलवार को रात 9 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर 1 नवंबर को रात 9 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। ऐसे में उदया तिथि और चंद्रोदय के समय को देखते हुए करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर 2023, बुधवार को रखा जाएगा।

शिवयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग में करवा चौथ व्रत
पंचांग के अनुसार, 1 नवंबर करवा चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। साथ ही इस दिन दोपहर में 2 बजकर 7 मिनट से शिव योग भी रहेगा। इस योग में माता करवा की पूजा करने से व्रती को महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनकी कृपा से व्रती की सभी मनोकामनाएं यथाशीघ्र पूर्ण होंगी। इस बार करवा चौथ पर इन शुभ योग में पूजन करने से उत्तम फल की प्राप्ति होगी।

Karwa Chauth Live - फोटो : Amar Ujala
करवा चौथ पर बन रहा शुभ संयोग
1 नवंबर को करवा चौथ के दिन सर्वार्थ सिद्धि और शिव योग का संयोग बन रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 06 बजकर 33 मिनट से 2 नवंबर को सुबह 04 बजकर 36 मिनट रहेगा। इसके अलावा 1 नवंबर की दोपहर 02 बजकर 07 मिनट से शिवयोग शुरू हो जाएगा। इन दोनों शुभ संयोग की वजह से इस साल करवा चौथ का महत्व और बढ़ गया है।

Karwa Chauth 2023: करवा चौथ आज, जानिए आपके शहर में कब दिखेगा चांद

करवा चौथ 2023 पर पूजा का शुभ मुहूर्त 
  • पूजा शुभ मुहूर्त- शाम 05:34 मिनट से 06: 40 मिनट तक
  • पूजा की अवधि- 1 घंटा 6 मिनट

करवा चौथ 2023 पर चंद्रोदय का समय (दिल्ली) : 01 नवंबर 2023 की रात 08 बजकर 15 मिनट पर 

Karwa Chauth 2023 - फोटो : Istock
Karwa Chauth 2023 Puja Vidhi: करवा चौथ की पूजा विधि
  • करवा चौथ के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें। इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करके दीपक जलाएं।
  • फिर देवी-देवताओं की पूजा अर्चना करें और निर्जला व्रत का संकल्प लें।
  • शाम के समय पुनः स्नान के बाद जिस स्थान पर आप करवा चौथ का पूजन करने वाले हैं, वहां गेहूं से फलक बनाएं और उसके बाद चावल पीस कर करवा की तस्वीर बनाएं।
  • इसके बाद आठ पूरियों की अठवारी बनाकर उसके साथ हलवा या खीर बनाएं और पक्का भोजन तैयार करें।
  • इस पावन दिन शिव परिवार की पूजा अर्चना की जाती है। ऐसे में पीले रंग की मिट्टी से गौरी कि मूर्ति का निर्माण करें और साथ ही उनकी गोद में गणेश जी को विराजित कराएं।
  • अब मां गौरी को चौकी पर स्थापित करें और लाल रंग कि चुनरी ओढ़ा कर उन्हें शृंगार का सामान अर्पित करें।
  • मां गौरी के सामने जल से भरा कलश रखें और साथ ही टोंटीदार करवा भी रखें जिससे चंद्रमा को अर्घ्य दिया जा सके।
  • इसके बाद विधि पूर्वक गणेश गौरी की विधिपूर्वक पूजा करें और करवा चौथ की कथा सुनें।
  • कथा सुनने से पूर्व करवे पर रोली से एक सतिया बनाएं और करवे पर रोली से 13 बिंदिया लगाएं।
  • कथा सुनते समय हाथ पर गेहूं या चावल के 13 दाने लेकर कथा सुनें।
  • पूजा करने के उपरांत चंद्रमा निकलते ही चंद्र दर्शन के उपरांत पति को छलनी से देखें।
  • इसके बाद पति के हाथों से पानी पीकर अपने व्रत का पारण करें। 

क्या होती है करवा चौथ व्रत की सरगी?
करवा चौथ व्रत में कई तरह की परंपराओं का पालन किया जाता है, जिसकी शुरुआत सरगी खाने से होती है। ये सरगी सास अपनी बहू को देती है। सरगी के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। 

Karwa Chauth Sargi - फोटो : instagram
सरगी खाने की विधि (Sargi Time 2023)
  • सरगी खाने के लिए सबसे पहले जल्दी जाग जाएं और स्नान करके साफ कपड़े पहनें। 
  • फिर सास का आशीर्वाद लें और उनके द्वारा दी गई सरगी ग्रहण करें। 
  • सरगी में तेल-मसाले वाली चीजें न खाएं। 
  • सिर्फ सात्विक चीजें ही खाएं वरना व्रत का फल नहीं मिलता है।   
  • सरगी की थाली में आप मिष्ठान्न, फल, दूध, दही जैसी सात्विक चीजें रख सकती हैं। 

What is Sargi: सरगी क्या है 
सरगी एक प्रकार की थाली होती है, जिसमें खाने की कुछ चीजें होती हैं। इस थाली में खाने के अलावा 16 श्रृंगार की समाग्री, सूखे मेवे, फल, मिष्ठान आदि होते हैं। सुर्योदय से पूर्व सरगी में रखे गए व्यंजनों को खाकर ही महिलाएं दिनभर निर्जला उपवास रखती हैं। इसके बाद रात में चांद की पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण करती हैं। करवा चौथ की सरगी सास अपनी बहू को देती है, लेकिन यदि सास न हों तो जेठानी या बहन भी सरगी दे सकती हैं।

Karwa Chauth Puja: करवा चौथ व्रत में होती है किसकी पूजा
करवा चौथ में भगवान गणेश के साथ भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है। इसके अलावा करवा मां और चंद्रमा की भी आराधना की जाती है। चंद्रमा निकालने पर उनके दर्शन करके उन्हें अर्घ्य दिया जाता है और फिर अपने पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोला जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधिवत पूजा करने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

Karwa Chauth Ka Mahatva: करवा चौथ का महत्व
सनातन धर्म में करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। सुहागिन महिलाएं पूरे साल इस महापर्व का बेसब्री से इंतजार करती हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए करवा माता, भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत रूप से पूजा-आराधना और कथा सुनती हैं। फिर करवा चौथ की शाम को चांद के निकलने का इंतजार करती हैं और चांद के दर्शन करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलती हैं। 

Karwa Chauth Vrat Katha: करवा चौथ की कथा
करवा चौथ व्रत की पौराणिक मान्यताएं भी है। जिससे अनुसार पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत की परंपरा सतयुग से चली आ रही है। इसकी शुरुआत सावित्री के पतिव्रता धर्म से हुई। जब यम आए तो सावित्री ने अपने पति को ले जाने से रोक दिया और अपनी दृढ़ प्रतिज्ञा से पति को फिर से पा लिया। तब से पति की लम्बी उम्र के लिए व्रत किये जाने लगा। वहीं एक दूसरी पौराणिक कथा के अनुसार महाभारत में वनवास काल में अर्जुन तपस्या करने नीलगिरि के पर्वत पर चले गए थे तब द्रोपदी ने अर्जुन की रक्षा के लिए भगवान कृष्ण से मदद मांगी। उन्होंने द्रौपदी को वैसा ही उपवास रखने को कहा जैसा माता पार्वती ने भगवान शिव के लिए रखा था। द्रौपदी ने ऐसा ही किया और कुछ ही समय के बाद अर्जुन वापस सुरक्षित लौट आए।

Karwa Chauth Moon Time: करवा चौथ पर चांद निकलने का समय
 
शहर समय
दिल्ली    8 बजकर 15 मिनट पर
नोएडा          8 बजकर 15 मिनट पर
मुंबई               8 बजकर 59 मिनट पर
जयपुर             8 बजकर 26 मिनट पर
देहरादून          8 बजकर 06 मिनट पर
लखनऊ         8 बजकर 05 मिनट पर
शिमला             8 बजकर 07 मिनट पर
गांधीनगर          8 बजकर 48 मिनट पर
इंदौर               8 बजकर 37 मिनट पर
भोपाल              8 बजकर 29 मिनट पर
अहमदाबाद       8 बजकर 50 मिनट पर
कोलकाता         7 बजकर 45 मिनट पर
पटना                7 बजकर 51 मिनट पर
प्रयागराज           8 बजकर 05 मिनट पर
कानपुर             8 बजकर 08 मिनट पर
चंडीगढ़           8 बजकर 10 मिनट पर
लुधियाना            8 बजकर 12 मिनट पर
जम्मू               8 बजकर 11 मिनट पर
बेंगुलुरू             8 बजकर 54 मिनट पर
गुरुग्राम         8 बजकर 15 मिनट पर
गुवाहाटी                   7 बजकर 22 मिनट पर

 

Karva Chauth Do's And Don't 2023 :करवा चौथ के दिन क्या न करें
  • करवा चौथ के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठ जाएं। 
  • सरगी हमेशा ब्रह्म मुहूर्त में खाई जाती है इसीलिए इसका विशेष ध्यान रखें। 
  • करवा चौथ के दिन स्नान करके पूजा का संकल्प लें।
  • करवा चौथ पर जब भी कोई श्रृंगार की वस्तु बच जाती है तो उसे इधर उधर न फेंकें बल्कि उसे किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें।
  • करवा चौथ पर धारदार चीजों का इस्तेमाल न करें।
  • करवा चौथ के दिन किसी से कोई भी मनमुटाव न रखें और अपशब्दों का प्रयोग न करें।
  • व्रत पारण करने के बाद तामसिक भोजन न करें।
  • करवा चौथ के दिन भूलकर भी काले या सफेद रंग के वस्त्र धारण न करें।

Karva Chauth Do's And Don't: करवा चौथ के दिन क्या करें
  • करवा चौथ पर विवाहित महिलाओं को 16 श्रृंगार जरूर करना चाहिए। साथ ही हाथों में मेहंदी भी लगानी चाहिए। 
  • धार्मिक मान्यता है कि जो सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर 16 श्रृंगार करते हुए चौथ माता या करवा माता की पूजा अर्चना करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 
  • लाल रंग सुहाग की निशानी होती है इसीलिए करवा चौथ के दिन लाल रंग के कपड़े अवश्य पहनने चाहिए।
  • करवा चौथ पर पूजा, कथा, आरती ,चंद्र दर्शन और अर्घ्य देने के बाद ही पति के हाथों से पानी पीकर व्रत खोलना चाहिए। 

Karwa Chauth Ka Mahatva: करवा का प्रतीकात्मक महत्व 
करवा का अर्थ है 'करवा' यानी मिट्टी का बर्तन जिसे भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है। भगवान गणेश जल तत्व के कारक हैं और करवा में लगी नली (टोंटी) भगवान गणेश की सूंड का प्रतीक है। इस दिन मिट्टी के करवा में जल भरकर पूजा में रखना शुभ माना जाता है। 

क्या है कलश और थाली का प्रतीकात्मक महत्व?
करवाचौथ की पूजा में मिट्टी या तांबे के कलश से चन्द्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा है। पुराणों के अनुसार कलश को सुख-समृद्धि और मंगल कामनाओं का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार कलश में सभी ग्रह-नक्षत्रों और तीर्थ का निवास होता है। इतना ही नहीं ये भी कहा जाता है कि कलश में ब्रह्मा,विष्णु,महेश, सभी नदियों,सागरों,सरोवरों एवं तेतीस कोटि देवी-देवता भी विराजते हैं। पूजा की थाली में रोली,चावल,दीपक, फल,फूल,पताशा,सुहाग का सामान और जल से भरा कलश रखा जाता है। करवा के ऊपर मिटटी के बड़े दीपक में जौ या गेहूं रखे जाते हैं। जौ समृद्धि,शांति,उन्नति और खुशहाली का प्रतीक होते हैं। 

Karwa Chauth 2023 - फोटो : अमर उजाला
दीपक और छलनी का प्रतीकात्मक महत्व 
दीये की रोशनी का करवा चौथ में विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर सूर्य का बदल हुआ रूप अग्नि माना जाता है। मन जाता है कि अग्नि को साक्षी मानकर की गई पूजा सफल होती है। दूसरी ओर से देखें तो प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक भी कहा जाता है। ज्ञान प्राप्त होने से नम से अज्ञानता रूपी सभी विकार दूर होते हैं। दीपक नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर भगाता है।  छलनी की बात करें तो ज्यादातर महिलाएं दिन के अंत में पहले छलनी से चंद्रमा को देखकर और फिर तुरंत अपने पति को देखकर अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ में सुनाई जानेवाली वीरवती की कथा से जुड़ा हुआ है। बहन वीरवती को भूखा देख उसके भाइयों ने चांद निकलने से पहले एक पेड़ की आड़ में छलनी में दीप रखकर चांद बनाया और बहन का व्रत खुलवाया।

सींक किसका प्रतीक?
करवा चौथ व्रत की पूजा में सींक का होना बहुत ज़रूरी होता है। ये सींक मां करवा की शक्ति का प्रतीक है। पौराणिक कथा के अनुसार मां करवा के पति का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया था। तब उन्होंने कच्चे धागे से मगर को बांध दिया और यमराज के पास पहुंच गईं। वे उस समय चित्रगुप्त के खाते देख रहे थे। करवा ने सात सींक लेकर उन्हें झाड़ना शुरू किया जिससे खाते आकाश में उड़ने लगे। करवा ने यमराज से अपने पति की रक्षा करने के लिए कहा, तब उन्होंने मगरमच्छ को मारकर करवा के पति की जान बचाई और उन्हें लंबी उम्र का वरदान दिया। 

Karwa Chauth Moon Time: किस शहर में कब दिखेगा चांद?

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Moon Worship: क्यों होती है चंद्रमा की पूजा? 
चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं। करवाचौथ हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस बार करवा चौथ का व्रत 1 नवंबर बुधवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन कार्तिक संकष्टी चतुर्थी होती है। इस व्रत में भगवान शिव माता पार्वती और चंद्रमा का पूजन किया जाता है। इस बार करवा चौथ पर कई शुभ योग भी बन रहे हैं।

Karwa Chauth Wishes - फोटो : Amar Ujala

करवा चौथ पूजा सामग्री

1.करवा 2. पूजा की थाली 3. छलनी 4. करवा माता का फोटो 5. सींक 6.जल 7. मिठाई 8.सुहाग की सभी चीजें 9.फूल- माला 10. दीपक 11.रोली 12.सिंदूर 13.मेहंदी 14. कलावा 15. चंदन 16. हल्दी 17. अगरबत्ती 18. नारियल 19. अक्षत 20. घी

करवा चौथ के मंत्र

  • श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
  • शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
  • पार्वतीजी का मंत्र - ॐ शिवायै नमः
  • स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
  • चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः
  • 'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'
  • 'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'

Karwa Chauth Aarti: करवा चौथ की आरती

karwa chauth 2023 - फोटो : अमर उजाला
ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया। सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी। यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।।
कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती। दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे। गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।
करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे। व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया। जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।।

 

करवा चौथ की पूजा के लिए वास्तु उपाय

करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करके करवा माता की पूजा और कथा सुनती हैं और फिर शाम को चांद के दर्शन करते हुए व्रत खोलती हैं। शास्त्रों में करवा चौथ पूजा के कुछ नियम बताए गए जिसका पालन सभी सुहागिन महिलाओं को जरूर करना चाहिए।
  1. उत्तर-पूर्व (ईशान) करवा चौथ की पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है क्योंकि यह कोण पूर्व एवं उत्तर दिशा के शुभ प्रभावों से युक्त होता है।
  2. जल कलश और अन्य पूजन सामग्री जैसे पताशा,सिन्दूर,गंगाजल,अक्षत-रोली,मोली,फल-मिठाई,पान-सुपारी,इलाइची आदि उत्तर-पूर्व में ही रखा जाना शुभ फलों में वृद्धि करेगा।
  3. चौथ माता देवी पार्वती का ही स्वरूप हैं और देवी मां को लाल रंग अत्यधिक प्रिय है। लाल रंग को वास्तु में भी शक्ति और शौर्य का प्रतीक माना गया है 
  4. करवा माता को अर्पित किए जाने वाले वस्त्र, श्रृंगार की वस्तुएं और फूल लाल रंग के होने चाहिए।
  5. व्रती महिलाओं को भी सुहाग का प्रतीक लाल रंग के परिधान पहनने चाहिए। 
  6. पूजा में घी या तेल के दीपक जलाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है,घर के सदस्यों को प्रसिद्धि मिलती है।
  7. वास्तु नियमों के अनुसार अखंड दीपक पूजा स्थल के आग्नेय कोण में रखा जाना चाहिए ,इस दिशा में दीपक रखने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है तथा घर में सुख-समृद्धि का निवास होता है।

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing: करवा चौथ पूजन मुहूर्त और चंद्रोदय का समय 

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
सुहागिन महिलाएं आज सुबह से करवा चौथ व्रत रखते हुए शाम के समय भगवान गणेश, माता पार्वती, भगवान शंकर और करवा माता की पूजा करेंगी। करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त आज शाम 05 बजे के बाद शुरू हो जाएगी। 

पूजा शुभ मुहूर्त- शाम 05:34 मिनट से 06: 40 मिनट तक
पूजा की अवधि- 1 घंटा 6 मिनट
अमृत काल- शाम 07:34 मिनट से 09: 13 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग- पूरे दिन और रात
चंद्रोदय का समय (दिल्ली) :  रात 08 बजकर 15 मिनट पर 

Karwa Chauth 2023: करवा चौथ पर पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  • पूजा की थाली में रोली, चावल, दीपक, फल, फूल, पताशा, सुहाग का सामान और जल से भरा कलश रख लें। ध्यान रहे कि पूजा की थाली में खंडित चावल और माचिस न रखें।      
  • करवा चौथ पर चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व होता है। करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा करें। भूलकर भी अर्घ्य देते समय जल के छींटे पैरों पर न पड़ें, ऐसा होना शुभ नहीं माना जाता है।  
  • मिट्टी का करवा गणेशजी का प्रतीक माना गया है,इससे चंद्रमा को अर्घ्य दें और दूसरे लोटे के पानी से व्रत खोलें।
  • करवा स्वच्छ होना चाहिए। टूटा या दरार वाला करवा पूजा में अशुभ माना गया है।  
  • जिस सुहाग चुन्नी को पहनकर आपने कथा सुनी, उसी चुन्नी को ओढ़कर चंद्रमा को अर्घ्य दें।
  • इस दिन किसी की बुराई अथवा किसी का अपमान न करें।

करवा चौथ पर क्यों होती है चंद्रमा की पूजा

हिंदू धर्म में चंद्रमा का विशेष महत्व होता है। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन का कारक माना गया है। यानी चंद्रमा का व्यक्ति के मन पर सबसे ज्यादा प्रभाव रहता है। चंद्रदेव की पूजा उपासना और जल अर्पित करने पर व्यक्ति का मन शांत और नियंत्रित रहता है। भगवान भोलभंडारी ने भी अपने मस्तक पर चंद्रमा का धारण किया हुआ है। धर्म शास्त्रों के अनुसार सुख, सौभाग्य, धन-दौलत पुत्र, पति और परिवार की मंगलकामना के लिए चंद्रमा की पूजा करने का विधान होता है। करवा चौथ पर चंद्रदेव की विशेष पूजा आराधना होती है। चंद्रमा मन के अलावा शीतलता और औषधियों का कारक ग्रह माना गया है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर अमृत वर्षा करने वाली किरणें वनस्पतियों और मनुष्य के मन पर सबसे ज्यादा प्रभाव डालती हैं।

करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं दिन भर उपवास के बाद चतुर्थी की रात को चंद्रमा को छलनी की ओट से  जब देखती हैं,तो उनके मन पर पति के प्रति अनन्य अनुराग का भाव उत्पन्न होता है,उनके मुख व शरीर पर एक विशेष कांति आ जाती है। इससे महिलाओं का यौवन अक्षय,स्वास्थ्य उत्तम और दांपत्य जीवन सुखद हो जाता है। 

Karwa Chauth Moon Time Today:आज कितने बजे निकलेगा चांद

सुहागिन महिलाओं को करवा चौथ की रात को चांद के निकलने का इंतजार रहता है। दिनभर निर्जला व्रत रखते हुए चांद के निकलने पर पूजा की जाती है। ऐसे में आज शाम को देशभर में 7 से 9 बजे के बीच में देशभर के ज्यादातर जगहों पर चंद्रमा दिख जाएगा।

करवा चौथ पर चांद निकलने का समय

शहर समय
दिल्ली    8 बजकर 15 मिनट पर
नोएडा          8 बजकर 15 मिनट पर
मुंबई               8 बजकर 59 मिनट पर
जयपुर             8 बजकर 26 मिनट पर
देहरादून          8 बजकर 06 मिनट पर
लखनऊ         8 बजकर 05 मिनट पर
शिमला             8 बजकर 07 मिनट पर
गांधीनगर          8 बजकर 48 मिनट पर
इंदौर               8 बजकर 37 मिनट पर
भोपाल              8 बजकर 29 मिनट पर
अहमदाबाद       8 बजकर 50 मिनट पर
कोलकाता         7 बजकर 45 मिनट पर
पटना                7 बजकर 51 मिनट पर
प्रयागराज           8 बजकर 05 मिनट पर
कानपुर             8 बजकर 08 मिनट पर
चंडीगढ़           8 बजकर 10 मिनट पर
लुधियाना            8 बजकर 12 मिनट पर
जम्मू               8 बजकर 11 मिनट पर
बेंगुलुरू             8 बजकर 54 मिनट पर
गुरुग्राम         8 बजकर 15 मिनट पर
गुवाहाटी                   7 बजकर 22 मिनट पर

सुहागिन महिलाएं करवा चौथ पर सुबह से ही दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ पर सुगाहिन महिलाएं व्रत रखते हुए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के साथ करवा माता की पूजा-अर्चना करती हैं। करवा माता मां पार्वती का ही एक स्वरूप हैं। इस दिन पूजा के समय ऊं नम: शिवाय और ऊं गणेशाय नम: के मंत्रों का जाप करना चाहिए।

श्रीगणेश का मंत्र - ॐ गणेशाय नमः
शिव का मंत्र - ॐ नमः शिवाय
पार्वतीजी का मंत्र - ॐ शिवायै नमः
स्वामी कार्तिकेय का मंत्र - ॐ षण्मुखाय नमः
चंद्रमा का पूजन मंत्र - ॐ सोमाय नमः

Karwa Chauth Moonrise Time Time: करवा चौथ पर दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में चांद के निकलने का समय

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ पर आपके शहर में चंद्रोदय का समय
             
शहर  समय 
दिल्ली रात 08:15
नोएडा रात 08:14
गुरुग्राम रात 08:15
गाजियाबाद रात 08:14

Moon Rise Time Today: चंडीगढ़, लुधियाना, शिमला और जम्मू में कितने बजे निकलेगा चांद

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing: करवा चौथ पर आपके शहर में चंद्रोदय का समय
             
शहर  समय 
चंडीगढ़   रात 08:10
लुधियाना     रात 08:12
शिमला रात 08:07
जम्मू       रात 08:11

Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: लखनऊ, बनारस, कानपुर और प्रयागराज में कब निकलेगा चांद

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
Karwa Chauth 2023  Moon Rise Timing : देशभर में करवा चौथ पर चांद के निकलने का इंतजार सभी को रहता है। लखनऊ और प्रयागराज में आज रात 08 बजकर 05 मिनट पर चांद का दीदार होगा, वहीं बनारस और कानपुर में रात 08 बजकर 08 मिनट पर चांद निकलेगा।
 

Karwa Chauth Moon Time Today: करवा चौथ पर जरूर करें ये ज्योतिषीय उपाय

करवा चौथ पर भगवान शिव, माता पार्वती की पूजा के साथ चंद्रदेव की पूजा करने का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार करवा चौथ पर चांद को जल अर्पित करने और दर्शन करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा करवा चौथ पर गरीबों को सफेद चीजों का दान करना लाभकारी होता है।

Karwa Chauth Moon Rise Time: जानिए पटना और रांची शहर के आसपास कब दिखेगा चांद

Happy Karwa Chauth 2023 - फोटो : अमर उजाला
आज शाम पटना में करवा चौथा का चांद करीब 07 बजकर 51 मिनट और रांची में 08 बजकर 02 मिनट पर दिखाई देगा। वहीं रायपुर में चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 17 मिनट पर होगा। इस समय सभी व्रती महिलाएं चंद्रदेव के दर्शन करके व्रत को खोल सकती हैं। 

Karwa Chauth Katha: करवा चौथ पर आज कैसे करें पूजा 

पूजा स्थल पर भगवान शिव, मां पार्वती, भगवान कार्तिकेय और गणेश की स्थापना करें। इसके बाद चौथ माता फोटो रखें और पूजा की जगह पर मिट्टी का करवा रखते हुए सभी देवी-देवताओं आह्वान  करते हुए पूजा शुरू करें। करवे में पानी भरकर उसमें सिक्का डालकर उसे लाल कपड़े से ढक दें। पूजा की थाली में सभी श्रृंगार की सामग्रियों को एकत्रित करके एक साथ सभी महिलाएं करवा माता की आरती और कथा सुनें। महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शाम को भगवान शिव-पार्वती, स्वामी कर्तिकेय, गणेश और चंद्रमा का विधिपूर्वक पूजन करते हुए नैवेद्य अर्पित करें। रात्रि के समय चंद्रमा का दर्शन करके चंद्रमा से जुड़े मंत्रों को पढ़ते हुए अर्घ्य दें। 

Karwa Chauth Moon Time Today: उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में कब निकलेगा चांद

करवा चौथ पर शुभ मुहूर्त में पूजा करने के बाद सभी को चांद के निकलने का इंतजार रहता है। चांद के दर्शन करने के बाद और अर्घ्य देकर ही व्रत खोला जाता है। आपको बता है दें कि आज रात उत्तर प्रदेश में रात 08 बजे के बाद चांद दिखाई देगा। आगरा में चांद 08 बजकर 16 मिनट पर, मथुरा में 08 बजकर 18 पर, मेरठ में 08 बजकर 12 मिनट पर, लखनऊ और प्रयागराज में आज रात 08 बजकर 05 मिनट पर,  बनारस और कानपुर में रात 08 बजकर 08 मिनट पर चांद दिखाई देगा।

Karwa Chauth Moonrise Time Today : राजस्थान में कब निकलेगा चांद

karwa chauth 2023 - फोटो : अमर उजाला
जोधपुर- रात 8: 26 बजे 
उदयपुर- रात 8: 41 बजे 
जयपुर - रात 8: 26  बजे 
कोटा- रात 8:23 बजे 
बीकानेर-  रात 8:27 बजे 
अलवर- रात 8:13 बजे 

Karwa Chauth Moonrise Time Today: क्यों खास है इस बार का करवा चौथ

इस बार का करवा चौथ बहुत ही खास है क्योंकि आज पूरे दिन और रात को सर्वार्थसिद्ध योग का संयोग बना रहेगा। इसके अलावा करवा चौथ पर चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में मौजूद हैं। ऐसे में सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ का त्योहार अखंड सौभाग्य प्रदान करने वाला माना गया है। 

Karwa Chauth Moonrise Time Today: चांद के निकलने पर क्या करें

करवा चौथ पर सभी सुहागिन महिलाओं को चांद के निकलने का इंतजार रहता है। जब आपके घर की छत पर चांद का दीदार हो तो उस समय करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को यह काम जरूर करना चाहिए।

- चंद्रदेव की पूजा-आराधना के लिए थाली में छलनी, अर्ध्य के लिए करवे में जल, व्रत खोलने के लिए पानी और मिठाई होनी चाहिए।
- चांद के दर्शन देने पर सबसे पहले चंद्रमा को प्रणाम करें, फिर चंदन, अक्षत, फूल, रोली समेत सभी पूजा की सामग्री को चढ़ाएं और अंत में अर्ध्य देंकर चंद्रदेव का आशीर्वाद लें।
- चांद की पूजा के बाद पति को तिलक लगाकर पैर छुएं। मिठाई खिलाएं और उनके हाथों से पानी पिएं।
- इसके बाद सुहाग की सामग्री को अपनी सास या घर की बुजुर्ग को दे दें। और उन्हें प्रणाम करते हुए उनका आशीर्वाद लें।

Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: देशभर में थोड़ी देर बाद निकलेगा चांद

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
करवा चौथ का व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं को चांद के निकलने का बेसब्री से इंतजार है। आइए जानते हैं देश के अलग-अलग हिस्सों में चंद्रोदय का क्या है समय....

करवा चौथ पर चांद निकलने का समय

शहर समय
दिल्ली    8 बजकर 15 मिनट पर
नोएडा          8 बजकर 15 मिनट पर
मुंबई               8 बजकर 59 मिनट पर
जयपुर             8 बजकर 26 मिनट पर
देहरादून          8 बजकर 06 मिनट पर
लखनऊ         8 बजकर 05 मिनट पर
शिमला             8 बजकर 07 मिनट पर
गांधीनगर          8 बजकर 48 मिनट पर
इंदौर               8 बजकर 37 मिनट पर
भोपाल              8 बजकर 29 मिनट पर
अहमदाबाद       8 बजकर 50 मिनट पर
कोलकाता         7 बजकर 45 मिनट पर
पटना                7 बजकर 51 मिनट पर
प्रयागराज           8 बजकर 05 मिनट पर
कानपुर             8 बजकर 08 मिनट पर
चंडीगढ़           8 बजकर 10 मिनट पर
लुधियाना            8 बजकर 12 मिनट पर
जम्मू               8 बजकर 11 मिनट पर
बेंगुलुरू             8 बजकर 54 मिनट पर
गुरुग्राम         8 बजकर 15 मिनट पर
गुवाहाटी                   7 बजकर 22 मिनट पर

Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: पंजाब के शहरों में चांद के निकलने का समय

karwa chauth 2023 - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ - 8 बजकर 10 मिनट
अमृतसर- 8 बजकर 15 मिनट
पटियाला- 8 बजकर 13 मिनट
खन्ना -  8 बजकर 12 मिनट
गुरदासपुर - 8 बजकर 18 मिनट

Aaj Chand kab niklega: उत्तर प्रदेश के 25 शहरों में चांद दिखने का समय 

नोएडा- 08 बजकर 15 मिनट
गाजियाबाद- 08 बजकर 14 मिनट 
लखनऊ- 08 बजकर 05 मिनट पर
कानपुर - 08 बजकर 08 मिनट पर
प्रयागराज- 08 बजकर 05 मिनट पर
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मेरठ- 08 बजकर 05 मिनट पर
मथुरा- 08 बजकर 05 मिनट पर
अलीगढ़- 08 बजकर 05 मिनट पर
आगरा- रात 08 बजकर 16 मिनट पर
बरेली- रात 08 बजकर 07 मिनट पर
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गोरखपुर- रात 07 बजकर 55 मिनट पर
अयोध्या - रात 7 बजकर 59 मिनट पर
रायबरेली- रात 08 बजकर 05 मिनट पर
बागपत - रात 08 बजकर 14 मिनट पर
बहराइच- रात 08 बजकर 14 मिनट पर
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बलिया- रात 08 बजकर 00 मिनट पर
बिजनौर- रात 08 बजकर 09 मिनट पर
शाहजहांपुर- रात 08 बजकर 06 मिनट पर
बुलंदशहर- रात 08 बजकर 13 मिनट पर
फिरोजाबाद- रात 08 बजकर 14 मिनट पर
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गोंडा- रात 08 बजकर 00 मिनट पर
हाथरस- रात 08 बजकर 15 मिनट पर
जालौन- रात 08 बजकर 13 मिनट पर
जौनपुर- रात 07 बजकर 57 मिनट पर
कौशाम्बी- रात 08 बजकर 07 मिनट पर

Chand Kitne Baje Niklega: करवा चौथ पर छलनी से चांद को देखने का महत्व

सुहागिन महिलाएं छलनी से पहले चांद देखती हैं फिर अपने पति का चेहरा। वह चांद को देखकर यह कामना करती हैं कि उनके पति में भी यह सभी गुण आ जाएं

Moon rise time today: देखें अपने शहर में चांद के निकलने का समय

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
Karwa Chauth Moonrise timings New Delhi दिल्ली में   - 8:15 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Himachal Pradesh हिमाचल प्रदेश में -8:07 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Noida नोएडा में - 8:14 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Kolkata कोलकाता में - 7:46 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Gurugram गुरुग्राम में- 8:16 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Bhopal भोपाल में - 8:29 pm
Karwa Chauth Moonrise timings Lucknow लखनऊ में-  8:05 pm
 

Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: इंतजार खत्म और अब दिखेगा चांद...

Karwa Chauth 2023 Moon Rise Timing - फोटो : अमर उजाला
Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: देश के इन शहरों में इस समय दिखेगा करवा चौथ का चांद...

Karwa Chauth Chand Kab Nikalega: करवा चौथ के चांद का इंतजार...

देश के पूर्वी हिस्सों में चांद निकल आया है वहीं देश के कुछ हिस्सों में चांद के निकलने का इंतजार हो रहा है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में जल्द निकलेगा चांद।

Karwa Chauth Moonrise timings New Delhi: दिल्ली NCR में प्रदूषण के कारण चांद के दीदार होने में देरी...

देश के की हिस्सों में चांद जहां निकल आया है वहीं दिल्ली NCR में बढ़ते प्रदूषण के कारण देर में दिख सकता है करवा चौथ का चांद...
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चांद के दीदार न होने पर इस उपाय से पूरा करें करवा चौथ का व्रत

करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं सुबह से निर्जला व्रत रखती हैं, फिर रात को चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत खोलती हैं। लेकिन कई बार चांद बादलों या फिर प्रदूषण के चलते काफी देर तक छिपा रहता हैं। ऐसे में शास्त्रों में कुछ उपाय बताए गए हैं जिसको करके बिना चांद को देखे व्रत को पूरा किया जा सकता है। 

पहला उपाय- अगर मौसम खराब है, चंद्रमा नहीं दिख रहे हैं तो व्रत खोलने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि चंद्रमा जिस दिशा से उदित होते हैं, उधर मुंह करके उनका ध्यान करें और व्रत खोलें। 
दूसरा उपाय- मान्यता है कि भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन कर पूजा-अर्चना करके व्रती अपना अपना व्रत खोल सकती हैं। अगर आपके घर में भगवान शिव की ऐसी कोई प्रतिमा हो, तो आप उससे अपना व्रत खोल सकती हैं । 
तीसरा उपाय- तीसरा उपाय यह है कि आप पूजा घर में चावल के चंद्रमा बनाकर भी विधि-विधान से उनकी पूजा करके अपना व्रत खोल सकती हैं। 
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