फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Krishna Janmashtami Live: इस समय किया जाएगा कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का पारण, जानें व्रत खोलने की विधि

Fri, 19 Aug 2022 06:08 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

खास बातें

 Krishna Janmashtami 2022 Vrat Parana Time, Puja Vidhi, Shubh Muhurat: आज पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस बार जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भी भ्रम की स्थिति थी। 19 अगस्त को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी मथुरा और वृंदावन के आधार पर मनाई जा रही है। 
विज्ञापन
कृष्ण जन्माष्टमी की धूम - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

लाइव अपडेट

06:05 PM, 19-Aug-2022
इस विधि से खोलें जन्माष्टमी का व्रत - फोटो : अमर उजाला

इस विधि से खोलें जन्माष्टमी का व्रत
  • जन्माष्टमी में कई लोग निराहार तो कई लोग फलाहार रखकर व्रत करते हैं। ऐसे में व्रत का पारण करते समय कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए। 
  • जन्माष्टमी व्रत का पारण कान्हा को भोग लगाने के बाद ही करें। 
  • कान्हा के भोग में अर्पित पंजीरी, पंचामृत और माखन से व्रत खोलें। 
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सबको प्रसाद वितरित करने के बाद कान्हा केभोग से व्रत खोलना शुभ माना जाता है। 
  • यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी उत्तम है। 

05:58 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी 2022 व्रत पारण समय  - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी 2022 व्रत पारण समय 
जिन श्रद्धालुओं ने आज व्रत रखा है वह 20 अगस्त के शुभ मुहूर्त में पारण कर सकते हैं। दरअसल जन्माष्टमी व्रत का पारण अष्टमी तिथि के समापन के बाद किया जाता है। चूंकि मथुरा में आज रात कान्हा का जन्म कराया जाएगा तो अधिकतर लोग इसी आधार पर व्रत खोलेंगे। लेकिन जो लोग अगले दिन यानी 20 अगस्त को व्रत खोलना चाहते हैं उनके लिए भी यहां पारण करने का शुभ समय दिया गया है। 
  • 19 अगस्त, शुक्रवार का व्रत पारण समय: आज यानी 19 अगस्त को जो श्रद्धालु व्रती हैं वह रात्रि 10:59 मिनट के  बाद काभी भी व्रत का पारण कर सकते हैं। 
  • 20 अगस्त, शनिवार का व्रत पारण समय: जो श्रद्धालु कल अपना व्रत खोलना चाहते हैं तो उनके लिए 20 अगस्त को प्रातः 05:45 बजे के बाद का समय शुभ है। 

05:15 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को लागाएं खास भोग  - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को लागाएं खास भोग 
जन्माष्टमी का शुभ पर्व हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया जाने वाला त्योहार है। यह दिन कान्हा के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और इसी वजह से मंदिरों में जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के 56 व्यजंनों का भोग तैयार होता है। इन 56 भोगों में कुछ ऐसी विशेष चीजें हैं जो कान्हा को प्रिय है। और मान्यता है कि यदि बालगोपाल को इन चीजों का भोग लगाया जाए तो वह अतिप्रसन्न होते हैं। जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, मखाना पाग,खीरा, पंचामृत, लड्डू, पेड़े, खीर आदि चीजों का भोग जरूर लगाना चाहिए। 

विज्ञापन
04:42 PM, 19-Aug-2022
मथुरा पहुंचे सीएम योगी, कान्हा के किए दर्शन  - फोटो : ANI (Twitter)

मथुरा पहुंचे सीएम योगी, कान्हा के किए दर्शन 
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में भक्तों का सैलाब उमड़ा पड़ा है। इस विशेष मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ मथुरा स्थित कृष्ण जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने कान्हा की पूजा की और उनका आशीर्वाद लिया।
 

04:33 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर जानें कृष्ण जन्म की पूरी विधि  - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी पर जानें कृष्ण जन्म की पूरी विधि 
भगवान कृष्ण के जन्म की पूजा विधि इस प्रकार है- 
  • मध्याह्न रात के समय काले तिल जल से डाल कर स्नान करें। 
  • इसके बाद पूजा स्थल पर खीरे के अंदर बाल गोपाल की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। 
  • ध्यान रखें इस दिन डंठल और हल्की सी पत्तियों वाले खीरे को कान्हा की पूजा में उपयोग करें।  
  • रात के 12 बजते ही खीरे के डंठल को किसी सिक्के से काटकर कान्हा का जन्म कराएं। 
  • इसके बाद शंख बजाकर बाल गोपाल के आने की खुशियां मनाएं और फिर विधिवत कुंज बिहारी की आरती गाएं। 
  • कान्हा के जन्म के बाद लड्डू गोपाल की मूर्ति को पहले गंगा जल से स्नान कराएं। 
  • फिर मूर्ति को दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और केसर के पंचामृत से स्नान कराएं। 
  • अब शुद्ध जल से स्नान कराएं। 
  • पूजा के बाद खीरे को प्रसाद के तौर पर बांट दिया जाता है।  

विज्ञापन
03:13 PM, 19-Aug-2022
खीरे के बिना अधूरी है कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा - फोटो : अमर उजाला

खीरे के बिना अधूरी है कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा

जन्माष्टमी पर लोग भगवान श्रीकृष्ण को खीरा चढ़ाते हैं। मान्यता है कि खीरे से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों के सारे दुख दर्द हर लेते हैं। जन्माष्टमी के दिन ऐसा खीरा लाया जाता है, जिसमें थोड़ा डंठल और पत्तियां लगी होती हैं। जन्माष्ठमी पूजा के खीरे के इस्तेमाल के पीछे की मान्यता है कि जब बच्चा पैदा होता है तब उसको मां से अलग करने के लिए गर्भनाल को काटा जाता है। ठीक उसी प्रकार से जन्माष्टमी के दिन खीरे को डंठल से काटकर अलग किया जाता है। ये भगवान श्री कृष्ण को मां देवकी से अलग करने का प्रतीक माना जाता है। ऐसा करने के बाद ही कान्हा की विधि विधान से पूजा शुरू की जाती है। 

02:26 PM, 19-Aug-2022
पूजा के दौरान जरूर करें श्री कृष्ण की आरती - फोटो : iStock

पूजा के दौरान जरूर करें श्री कृष्ण की आरती 

जन्माष्टमी के दिन भगवान कृष्ण की आरती के बिना उनकी पूजा अधूरी है। पढ़ें सम्पूर्ण आरती यहां

श्रीकृष्ण की आरती


आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला 
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला
गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक
चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।
अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।
जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू 
हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की
श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

02:20 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार लगाएं कान्हा को भोग - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार लगाएं कान्हा को भोग

  • मेष राशि के जातक लगाएं कृष्ण जन्माष्टमी के दिन माखन मिश्री का भोग। 
  • कृष्ण जन्माष्टमी के दिन वृष राशि के जातकों को लड्डू गोपाल को माखन का भोग लगाना चाहिए।
  • मिथुन राशि के जातकों को जन्माष्टमी के दिन कान्हा का चंदन से तिलक करके भोग में दही अर्पण करना चाहिए।
  • कर्क राशि के जातकों को जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को दूध और केसर का भोग लगाना चाहिए। 
  • सिंह राशि के जातक प्रसाद में कान्हा को माखन-मिश्री चढ़ाएं।
  • कन्या राशि के लोग कृष्ण जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को मावे का भोग जरूर लगाएं।
  • तुला राशि के जातक जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को घी का भोग लगाएं। 
  • वृश्चिक राशि के जातक भगवान श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी पर माखन या दही चढ़ाएं।
  • धनु राशि के जातक जन्माष्टमी पूजा पर कान्हा को पीले रंग की मिठाई चढ़ाएं।
  • मकर राशि के जातक जन्माष्टमी के दिन कान्हा को मिश्री का भोग लगाएं।
  • कुंभ राशि के जातक जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को बालूशाही का भोग लगाएं।
  • मीन राशि के जातक भगवान श्रीकृष्ण को जन्माष्टमी के दिन भोग में केसर और बर्फी चढ़ाएं।

02:02 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी के मौके पर हैदराबाद के इस्कॉन मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

जन्माष्टमी के मौके पर हैदराबाद के इस्कॉन मंदिर में उमड़े श्रद्धालु
जन्माष्टमी के उत्सव की धूम चारों ओर देखने को मिल रही है। इसी क्रम में तेलंगाना के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं ने कान्हा के दर्शन किए और जन्माष्टमी उत्सव मनाया। 

01:48 PM, 19-Aug-2022
श्री कृष्ण चालीसा का पाठ दिलाएगा हर काम में सफलता  - फोटो : अमर उजाला

श्री कृष्ण चालीसा का पाठ दिलाएगा हर काम में सफलता 
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण की चालीसा पाठ करने से भगवान श्री कृष्ण की विशेष कृपा बनी रहती है। यहां पढ़ें सम्पूर्ण कृष्ण चालीसा 

कृष्ण चालीसा पाठ

॥ दोहा ॥

बंशी शोभित कर मधुर,नील जलद तन श्याम।
अरुण अधर जनु बिम्बा फल,पिताम्बर शुभ साज॥
जय मनमोहन मदन छवि,कृष्णचन्द्र महाराज।
करहु कृपा हे रवि तनय,राखहु जन की लाज॥

चौपाई

जय यदुनन्दन जय जगवन्दन।जय वसुदेव देवकी नन्दन॥
जय यशुदा सुत नन्द दुलारे।जय प्रभु भक्तन के दृग तारे॥
जय नट-नागर नाग नथैया।कृष्ण कन्हैया धेनु चरैया॥
पुनि नख पर प्रभु गिरिवर धारो।आओ दीनन कष्ट निवारो॥

वंशी मधुर अधर धरी तेरी।होवे पूर्ण मनोरथ मेरो॥
आओ हरि पुनि माखन चाखो।आज लाज भारत की राखो॥
गोल कपोल, चिबुक अरुणारे।मृदु मुस्कान मोहिनी डारे॥
रंजित राजिव नयन विशाला।मोर मुकुट वैजयंती माला॥

कुण्डल श्रवण पीतपट आछे।कटि किंकणी काछन काछे॥
नील जलज सुन्दर तनु सोहे।छवि लखि, सुर नर मुनिमन मोहे॥
मस्तक तिलक, अलक घुंघराले।आओ कृष्ण बांसुरी वाले॥
करि पय पान, पुतनहि तारयो।अका बका कागासुर मारयो॥

मधुवन जलत अग्नि जब ज्वाला।भै शीतल, लखितहिं नन्दलाला॥
सुरपति जब ब्रज चढ़यो रिसाई।मसूर धार वारि वर्षाई॥
लगत-लगत ब्रज चहन बहायो।गोवर्धन नखधारि बचायो॥
लखि यसुदा मन भ्रम अधिकाई।मुख महं चौदह भुवन दिखाई॥

दुष्ट कंस अति उधम मचायो।कोटि कमल जब फूल मंगायो॥
नाथि कालियहिं तब तुम लीन्हें।चरणचिन्ह दै निर्भय किन्हें॥
करि गोपिन संग रास विलासा।सबकी पूरण करी अभिलाषा॥
केतिक महा असुर संहारयो।कंसहि केस पकड़ि दै मारयो॥

मात-पिता की बन्दि छुड़ाई।उग्रसेन कहं राज दिलाई॥
महि से मृतक छहों सुत लायो।मातु देवकी शोक मिटायो॥
भौमासुर मुर दैत्य संहारी।लाये षट दश सहसकुमारी॥
दै भिन्हीं तृण चीर सहारा।जरासिंधु राक्षस कहं मारा॥

असुर बकासुर आदिक मारयो।भक्तन के तब कष्ट निवारियो॥
दीन सुदामा के दुःख टारयो।तंदुल तीन मूंठ मुख डारयो॥
प्रेम के साग विदुर घर मांगे।दुर्योधन के मेवा त्यागे॥
लखि प्रेम की महिमा भारी।ऐसे श्याम दीन हितकारी॥

भारत के पारथ रथ हांके।लिए चक्र कर नहिं बल ताके॥
निज गीता के ज्ञान सुनाये।भक्तन ह्रदय सुधा वर्षाये॥
मीरा थी ऐसी मतवाली।विष पी गई बजाकर ताली॥
राना भेजा सांप पिटारी।शालिग्राम बने बनवारी॥

निज माया तुम विधिहिं दिखायो।उर ते संशय सकल मिटायो॥
तब शत निन्दा करी तत्काला।जीवन मुक्त भयो शिशुपाला॥
जबहिं द्रौपदी टेर लगाई।दीनानाथ लाज अब जाई॥
तुरतहिं वसन बने ननन्दलाला।बढ़े चीर भै अरि मुँह काला॥

अस नाथ के नाथ कन्हैया।डूबत भंवर बचावत नैया॥
सुन्दरदास आस उर धारी।दयादृष्टि कीजै बनवारी॥
नाथ सकल मम कुमति निवारो।क्षमहु बेगि अपराध हमारो॥
खोलो पट अब दर्शन दीजै।बोलो कृष्ण कन्हैया की जै॥

॥ दोहा ॥
यह चालीसा कृष्ण का,पाठ करै उर धारि।
अष्ट सिद्धि नवनिधि फल,लहै पदारथ चारि॥

 

01:20 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर करें मोरपंख के ये उपाय   - फोटो : social media

जन्माष्टमी पर करें मोरपंख के ये उपाय  
  • जन्माष्टमी के दिन घर के पूजास्थल में पांच मोरपंख रखें और प्रतिदिन इनकी पूजा करें। इक्कीस दिन बाद इन मोरपंख को तिजोरी या लॉकर में रख दें, ऐसा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि होगी और अटके काम भी बनने लगेंगे।
  • जन्माष्टमी के दिन चांदी के ताबीज में मोर पंख डालकर बच्चे को पहनाने से नजर दोष से मुक्ति मिलती है।
  • अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को स्वास्थ्य संबंधित दिक्कतें हैं तो आप जन्माष्टमी के दिन पूजा घर में मोर पंख रखें और उसकी नियमित पूजा करें।
  • अगर राहु की वजह से आपको नौकरी या व्यापार से जुड़ी कोई समस्या हो रही है तो आप घर के पूर्व और उत्तर पश्चिम दीवार पर मोर पंख जरूर लगाएं।

12:58 PM, 19-Aug-2022
मुंबई दही हांडी 2022 महोत्सव में 12 गोविंदा पाठक घायल  - फोटो : India Today

मुंबई दही हांडी 2022 महोत्सव में 12 गोविंदा पाठक घायल 
मुंबई में दही हांडी 2022 उत्सव  के दौरान पिरामिड बनाते समय 12 गोविंदा पाठक घायल हो गए। उनमें से 5 को इलाज करके छुट्टी दे दी गई जबकि 7 अस्पताल में भर्ती हैं । उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। 

12:43 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी में पूजा थाली में जरूर शामिल करें ये सामग्री  - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी में पूजा थाली में जरूर शामिल करें ये सामग्री 
जन्माष्टमी के दिन कान्हा की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। इस दिन पूजा थाली सजाते समय कुछ विशेष सामग्रियों का ध्यान रखना आवश्यक है। आइए जानते हैं क्या हैं वो सामग्रियां- 
तुलसी दल, शुद्ध घी, दही, दूध, ऋतुफल, नैवेद्य या मिष्ठान्न, छोटी इलायची, लौंग मौली, इत्र की शीशी, सिंहासन, बाजोट या झूला (चौकी, आसन), पंच पल्लव, पंचामृत, केले के पत्ते, औषधि, श्रीकृष्ण की प्रतिमा या तस्वीर, गणेशजी की तस्वीर, अम्बिका जी की तस्वीर, भगवान के वस्त्र, गणेशजी को अर्पित करने के लिए वस्त्र, अम्बिका को अर्पित करने के लिए वस्त्र, जल कलश, सफेद कपड़ा, लाल कपड़ा, पंच रत्न, दीपक, बड़े दीपक के लिए तेल, बन्दनवार, ताम्बूल, नारियल, चावल, गेहूं, गुलाब और लाल कमल के फूल, दूर्वा, अर्घ्य पात्र,धूप बत्ती, अगरबत्ती, कपूर, केसर, चंदन, यज्ञोपवीत 5, कुमकुम, अक्षत, अबीर, गुलाल, अभ्रक, हल्दी, आभूषण, नाड़ा, रुई, रोली, सिंदूर, सुपारी, पान के पत्ते, पुष्पमाला, कमलगट्टे,  तुलसीमाला, खड़ा धनिया, सप्तमृत्तिका, सप्तधान, कुशा व दूर्वा, पंच मेवा, गंगाजल, शहद, शक्कर, आदि। 

12:15 PM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर गोपाल स्तुति से करें अपनी सभी मनोकामना पूर्ण  - फोटो : पीटीआई

जन्माष्टमी पर गोपाल स्तुति से करें अपनी सभी मनोकामना पूर्ण

गोपाल स्तुति
नमो विश्वस्वरूपाय विश्वस्थित्यन्तहेतवे।
विश्वेश्वराय विश्वाय गोविन्दाय नमो नमः॥
नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे।
कृष्णाय गोपीनाथाय गोविन्दाय नमो नमः॥
 
नमः कमलनेत्राय नमः कमलमालिने।
नमः कमलनाभाय कमलापतये नमः॥
बर्हापीडाभिरामाय रामायाकुण्ठमेधसे।
रमामानसहंसाय गोविन्दाय नमो नमः॥ 

कंसवशविनाशाय केशिचाणूरघातिने।
कालिन्दीकूललीलाय लोलकुण्डलधारिणे॥
वृषभध्वज-वन्द्याय पार्थसारथये नमः।
वेणुवादनशीलाय गोपालायाहिमर्दिने॥

बल्लवीवदनाम्भोजमालिने नृत्यशालिने।
नमः प्रणतपालाय श्रीकृष्णाय नमो नमः॥
नमः पापप्रणाशाय गोवर्धनधराय च।
पूतनाजीवितान्ताय तृणावर्तासुहारिणे॥

निष्कलाय विमोहाय शुद्धायाशुद्धवैरिणे।
अद्वितीयाय महते श्रीकृष्णाय नमो नमः॥
प्रसीद परमानन्द प्रसीद परमेश्वर।
आधि-व्याधि-भुजंगेन दष्ट मामुद्धर प्रभो॥

श्रीकृष्ण रुक्मिणीकान्त गोपीजनमनोहर।
संसारसागरे मग्नं मामुद्धर जगद्गुरो॥
केशव क्लेशहरण नारायण जनार्दन।
गोविन्द परमानन्द मां समुद्धर माधव॥
॥ इत्याथर्वणे गोपालतापिन्युपनिषदन्तर्गता गोपालस्तुति संपूर्णम॥
 

11:59 AM, 19-Aug-2022
श्री कृष्ण की 64 कलाएं - फोटो : अमर उजाला

भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कुंडली है इस लग्न की 
भागवत पुराण के अनुसार श्री कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था। उस समय मध्य रात्रि का समय था और रोहिणी नक्षत्र था। मान्यता है इस आधार पर भगवान श्रीकृष्ण की कुंडली वृषभ लग्न की है। उस समय कान्हा के लग्न में चंद्रमा उच्च का था। कहते हैं यहीं कारण है कई श्री कृष्ण इसी कारण से सभी 64 कलाओं में निपुण थे। 

11:37 AM, 19-Aug-2022
इस श्लोक में है श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन  - फोटो : अमर उजाला

इस श्लोक में है श्री कृष्ण के जन्म का वर्णन 
श्री कृष्ण के जन्म का उल्लेख हमें भागवत पुराण में देखने को मिलेगा। भगवात पुराण में शुकदेव ने नीचे दिए गए श्लोक के माध्यम से उनके जन्म का वर्णन किया है। 
अथ सर्वगुणोपेत: काल: परमशोभन: ।
यर्ह्येवाजनजन्मक्षन शान्तर्क्षग्रहतारकम् ॥ 
दिश: प्रसेदुर्गगनं निर्मलोडुगणोदयम् ।
मही मङ्गलभूयिष्ठपुरग्रामव्रजाकरा ॥ 
नद्य: प्रसन्नसलिला ह्रदा जलरुहश्रिय: ।
द्विजालिकुलसन्नादस्तवका वनराजय: ॥ 

अर्थात,  जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ उस समय ऐसा महसूस हुआ जैसे कि शुभ गुणों से युक्त शुभ काल आ गया है। कृष्ण के जन्म के सामी रोहिणी नक्षत्र था। आकाश के सभी नक्षत्र, ग्रह और तारे शांत हो गए। सभी दिशाएं स्वच्छ और प्रसन्न थी। आकाश में तारे जगमगा रहे थे। रात में भी सरोवरों में कमल खिल रहे थे। जंगलों में पत्तियां रंग बिरंगे फूलों से लद गई थीं। 
 

11:25 AM, 19-Aug-2022
कोलकाता इस्कॉन में भी दिखी जन्माष्टमी की धूम - फोटो : अमर उजाला

कोलकाता इस्कॉन में भी दिखी जन्माष्टमी की धूम
पूरे भारत वर्ष के विभिन्न इस्कॉन मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। इस्कॉन में श्रीकृष्ण के भक्त पूरे हर्षोल्लास से नाच गाकर उनके जन्मोत्सव को मना रहे हैं। पश्चिम बंगाल में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिल। जन्माष्टमी का त्योहार मनाने के लिए लोग कोलकाता के इस्कॉन मंदिर में एकत्रित हुए। देखें वीडियो-

11:07 AM, 19-Aug-2022
आज जन्माष्टमी पर बन रहा है महालक्ष्मी योग - फोटो : iStock

आज जन्माष्टमी पर बन रहा है महालक्ष्मी योग
श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर आज यानी 19 अगस्त को प्रातः 9:48 बजे से चंद्रमा व मंगल दोनों ही वृष राशि में विराजमा रहेंगे। वृषभ राशि में चंद्रमा और मंगल स्थित होने के कारण महालक्ष्मी योग का निर्माण होगा। इसक साथ ही सूर्य व बुध ग्रह भी सिंह राशि में रहेंगे जो क बुधादित्य योग का निर्माण करेगा। 

10:59 AM, 19-Aug-2022
अन्य शहरों में आज कृष्ण जन्माष्टमी मुहूर्त - फोटो : amar ujala

अन्य शहरों में आज कृष्ण जन्माष्टमी मुहूर्त
पुणे-          19 अगस्त, शुक्रवार, 12:16 ए.एम. से 01:01 ए.एम. तक
नई दिल्ली- 19 अगस्त, शुक्रवार,12:03 ए.एम. से 12:47 ए.एम. तक  
चेन्नई-        18 अगस्त, गुरुवार, 11:50 पी. एम. से 19 अगस्त, शुक्रवार, 12:36 ए.एम. तक 
जयपुर-      19 अगस्त, शुक्रवार,12:09 ए.एम. से 12:53 ए.एम. तक 
हैदराबाद-  18 अगस्त, गुरुवार, 11:57 पी.एम. से 19 अगस्त, शुक्रवार,12:43 ए.एम. तक
गुरुग्राम-    19 अगस्त, शुक्रवार,  12:04 ए.एम. से 12:48 ए.एम. तक 
चण्डीगढ़-  19 अगस्त, शुक्रवार,12:05 ए.एम. से 12:49 ए.एम. तक
कोलकाता- 18 अगस्त, गुरुवार, 11:18 पी.एम.  से 19 अगस्त, शुक्रवार12:03 ए.एम. तक
मुंबई-       19 अगस्त, शुक्रवार, 12:20 ए.एम. से 01:05 ए.एम. तक 
बेंगलूरु-     19 अगस्त, शुक्रवार, 12:01 ए.एम. से 12:46 ए.एम. तक
नोएडा-     19 अगस्त, शुक्रवार,12:03 ए.एम. से 12:46 ए.एम. तक
अहमदाबाद-19 अगस्त, शुक्रवार,12:21 ए.एम.  से 01:06 ए.एम. तक

10:47 AM, 19-Aug-2022
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

प्रियजनों को दें ये  शुभकामना संदेश 
हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे।
हरे राम, हरे राम, राम राम, हरे हरे।।

कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं!

10:20 AM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को राशिनुसार पहनाएं वस्त्र  - फोटो : अमर उजाला

जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को राशिनुसार पहनाएं वस्त्र 
कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण के बाल स्वरूप की आराधना होती है। इस दिन लोग बाल गोपाल के लिए झूला सजाते हैं और उनका श्रृंगार करते हैं। यदि आप कृष्ण जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को अपनी राशि के अनुसार वस्त्र पहनाएंगे तो इसका शुभ फल आपको प्राप्त होगा। 
मेष राशि-  मेष राशि के जातक कृष्ण जन्माष्टमी पर बाल गोपाल का लाल रंग के वस्त्र पहनाएं । 
वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातक कृष्ण जन्माष्टमी पर कन्हैया का श्रृंगार चांदी की वस्तुओं जैसे चांदी की बांसुरी आदि से करें। 
मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को कृष्ण जी को सतरंगी वस्त्र धरण कराने चाहिए।  
कर्क राशि- कर्क राशि वालों को कृष्ण जन्माष्टमी पर बाल गोपाल को सफेद रंग के वस्त्र अर्पित करने चाहिए।
सिंह राशि- सिंह राशि के जातकों को अपने लड्डू गोपाल का शृंगार श्रृंगार गुलाबी रंग के वस्त्रों से करना चाहिए।
कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों को हरे रंग के वस्त्रों से कान्हा का श्रृंगार करना चाहिए। 
तुला राशि- तुला राशि के जातकों को बाल गोपाल का केसरिया रंग के वस्त्र पहनाने चाहिए। 
वृश्चिक राशि- जन्माष्टमी पर वृश्चिक राशि वालों को कान्हा को लाल रंग के वस्त्र पहनकर उनका श्रृंगार करना चाहिए।
धनु राशि- धनु राशि वालों को कृष्ण जन्माष्टमी पर पीले रंग के वस्त्रों से बाल गोपाल का श्रृंगार करना शुभ रहेगा।
मकर राशि- मकर राशि वाले कन्हैया का श्रृंगार पीले व लाल रंग के वस्त्रों से करें।
कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों को भगवान कृष्ण का श्रृंगार नीले रंग के वस्त्रों से करना शुभ रहेगा। 
मीन राशि- मीन राशि के जातकों को लड्डू गोपाल का श्रृंगार पीत या पीले या पीताम्बर रंग के वस्त्रों से करना चाहिए। 

10:03 AM, 19-Aug-2022
दही हांडी

मुंबई में दही हांडी प्रतियोगिता में लड़कियों ने लिया हिस्सा 
मुंबई में दही हांडी उत्सव काफी उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वहीं गोविंदाओं की टोली भी दही हांडी के लिए काफी जोश में नजर आ रही हैं।  महाराष्ट्र में जन्माष्टमी के पावन अवसर मर मुंबई के दादर नक्षत्र लेन में दही हांडी प्रतियोगिता में लड़कियों ने भी भाग लिया, देखें वीडियो-

09:48 AM, 19-Aug-2022
श्रीकृष्ण के मंत्र - फोटो : amar ujala

जन्माष्टमी पर शेष राशि करें इन मंत्रों का जाप  
  • तुला राशि- तुला राशि वाले  'ॐ लीला-धराय नम:' मंत्र का जाप करें। इससे आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।
  • वृश्चिक राशि- इस राशि के जातकों को वराह भगवान का ध्यान कर 'ॐ वराह नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए। जो भी जन्माष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप करता है उसे जीवन में कोई परेशानी नहीं आएगी। 
  • धनु राशि- धनु राशि वालों को 'ॐ जगद्गुरुवे नम': मंत्र का जाप करना चाहिए। यह मंत्र सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करता है। 
  • मकर राशि-मकर राशि वालों को 'ॐ पूतना-जीविता हराय नम:'मंत्र का जाप करना चाहिए। यह जीवन में आर्थिक समृद्धि लाता है। 
  • कुंभ राशि- कुंभ राशि के जातकों को जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण का ध्यान करते हुए 'ॐ दयानिधाय नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए। इस मंत्र से सदैव सफलता मिलेगी। 
  • मीन राशि- मीन राशि के जातक 'ॐ यशोदा-वत्सलाय नम:' मंत्र का जाप करें। मान्यता है जन्माष्टमी पर जो भी इस मंत्र का जाप करता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण होती है। 

09:47 AM, 19-Aug-2022
श्रीकृष्ण के मंत्र - फोटो : amar ujala

जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार करें मंत्र जाप 
कृष्ण जन्माष्टमी पर राशि के अनुसार मंत्र जाप करने स सभी कष्टों से मुक्ति मिलती है। 
  • मेष राशि- मेष राशि के जातकों को श्री कृष्ण के मंत्र 'ॐ कमलनाथाय नम:' का जाप करना चाहिए, यह मानसिक कष्ट से निजात दिलाता है। 
  • वृषभ राशि- वृषभ राशि के जातकों को श्री कृष्ण के अष्टक का पाठ करना चाहिए। ऐसा करने से भगवान कृष्ण की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।
  • मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को  'ॐ गोविन्दाय नम:' मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे साहस और पराक्रम में वृद्धि होती है।
  • कर्क राशि- जन्माष्टमी के दिन कर्क राशि के जातक राधाष्टक का पाठ करें। श्री राधा श्री कृष्ण की प्रिय हैं और इसीलिए इसके पाठ से श्रीकृष्ण की विशिष्ट कृपा होती है। 
  • सिंह राशि- सिंह राशि के जातकों को श्री कृष्ण के मंत्र 'ॐ कोटि-सूर्य-समप्रभाय नम:' का जाप करना चाहिए। इस मंत्र के जाप से पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। 
  • कन्या राशि- कन्या राशि के जातक 'ॐ देवकी-नंदनाय नम:' मंत्र का जाप करें।इससे भगवान कृष्ण की कृपा हमेशा बनी रहेगी।

09:25 AM, 19-Aug-2022
श्रीकृष्ण के मंत्र - फोटो : amar ujala

जन्माष्टमी पर करें इस मंत्र का जाप 
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर लोग उपवास रखकर और श्रद्धा भाव से बाल गोपाल की पूजा अर्चना करते हैं। यदि आप भी कृष्ण जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण की आराधना करके उनको प्रसन्न करना चाहते हैं। तो श्री कृष्ण के इस पवित्र मंत्र का जाप जरूर करें। 
ॐ देविकानन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात

09:11 AM, 19-Aug-2022
जन्माष्टमी 19 अगस्त 2022  के शुभ मुहूर्त

जन्माष्टमी 19 अगस्त 2022  के शुभ मुहूर्त
आज 19 अगस्त के दिन जन्माष्टमी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त इस प्रकार है। 
ब्रह्म मुहूर्त:  प्रातः 04:32 से प्रातः 05:16 तक  
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 से दोपहर 12: 56 तक 
गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:47 से सायं 07:11तक 

08:49 AM, 19-Aug-2022
Krishna Janmashtami 2022 - फोटो : Istock

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के पावन अवसर पर दी शुभकामनाएं 
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जन्माष्टमी के पावन अवसर की पूर्व संध्या पर भारत और विदेशों में रहने वाले सभी देशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में राष्ट्रपति ने कहा कि भगवान कृष्ण के जीवन और शिक्षाओं में जन कल्याण और सदाचार का संदेश शामिल है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने ‘निष्काम कर्म’ की अवधारणा का प्रचार किया और लोगों को ‘धर्म’ के मार्ग के माध्यम से परम सत्य की प्राप्ति के बारे में बताया। राष्ट्रपति ने कहा कि यह त्योहार लोगों को मन, वचन और कर्म में सद्गुण के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करता है।

08:42 AM, 19-Aug-2022
Krishna Janmashtami - फोटो : iStock

मुख्यमंत्री योगी मथुरा में मनाएंगे जन्माष्टमी 
पिछले साल की तरह इस बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा में जन्माष्टमी मनाएंगे। आज यानी 19 अगस्त को वह भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी ट्वीट कर जन्माष्टमी की बधाई दी है।  

08:35 AM, 19-Aug-2022
Krishna Janmashtami 2022 - फोटो : Istock

इस बार रोहिणी नक्षत्र में नहीं है जन्माष्टमी 
कहते हैं श्री कृष्ण का जन्म रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इसीलिए रोहिणी नक्षत्र का विशेष महत्व है। लेकिन इस बार जन्माष्टमी की किसी भी तिथि पर रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं है। हिन्दू पंचांग के आधार पर रोहिणी नक्षत्र 20 अगस्त को रात्रि 01: 54 से लग रहा है। इस बार जन्माष्टमी कृतिका नक्षत्र में मनाई जा रही है।
 

08:19 AM, 19-Aug-2022
janmashtami ki shubhkamnaein - फोटो : Twitter

प्रधानमंत्री ने दी जन्माष्टमी की शुभकामनाएं 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को ट्विटर के माध्यम से जन्माष्टमी की बधाई दी। 
 

08:01 AM, 19-Aug-2022
- फोटो : Self

जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त
श्रीकृष्ण पूजा का शुभ मुहूर्त-18 अगस्त रात्रि 12:20 मिनट से 01:05 मिनट तक है.
कुल पूजा अवधि- 45 मिनट 
पारण का समय- 19 अगस्त, रात्रि 10 बजकर 59 मिनट के बाद है। 

07:53 AM, 19-Aug-2022
Happy Krishna Janmashtami 2022 Wishes - फोटो : अमर उजाला

नन्द के घर आनंद भयो,
जय कन्हैया लाल की,
हाथी घोड़ा पालकी,
जय कन्हैया लाल की।

07:04 AM, 19-Aug-2022

Krishna Janmashtami Live: इस समय किया जाएगा कृष्ण जन्माष्टमी के व्रत का पारण, जानें व्रत खोलने की विधि

Krishna Janmashtami 2022 Shubh Muhurat: पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम देखने को मिल रही है। मथुरा-वृंदावन में कान्हा के मंदिर सजा दिए गए हैं। कृष्ण जन्मोत्सव मनाने के लिए भक्त गुरुवार से ही मंदिरों में पहुंचना आरंभ कर चुके हैं। आज 19 अगस्त को लड्डू गोपाल का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वैसे तो कृष्ण जन्माष्टमी इस बार 18 और 19 अगस्त दिन दो दिन मनाई जा रही है। पंचांग के मुताबिक, अष्टमी तिथि 18 अगस्त को शाम 09 बजकर 21 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 19 अगस्त को रात के 10 बजकर 59 मिनट पर खत्म होगी। परंतु वृंदावन और मथुरा में आज यानि 19 अगस्त को जन्माष्टमी के महाटोसाव का आयोजन किया जा रहा है। 

विज्ञापन
MORE
AU ऐप में पढ़ें