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Hartalika Teej Live: कल सूर्योदय से पूर्व होगी शिव गौरी की पूजा, इस विधि से करें हरतालिका व्रत का पारण

Mon, 18 Sep 2023 06:37 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Hartalika Teej Quotes, Vrat Puja Vidhi, Samagri, Teej Katha Live Updates : आज देशभर में हरतालिका तीज जिसे तीजा भी कहा जाता है मनाया जा रहा है। यह व्रत भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखते हुए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं।
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Hartalika Teej Wishes 2023 - फोटो : Amar Ujala
आज हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर एक साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज मनाई जाती है। हरतालिका तीज का व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत के कुछ राज्यों की सुहागिन महिलाएं रखती हैं। हरतालिका व्रत कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत में विवाहित महिलाएं और विवाह योग्य युवतियां निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हरतालिका व्रत रखने के पीछे जीवन साथी को लंबी आयु प्राप्त हो और उनकी वैवाहिक जीवन सुखमय हो। इसके अलावा कुंवारी युवतियां मनचाहे वर की कामना से भी हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज के पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। मान्यता अनुसार मां पार्वती ने शिवजी को पति रूप में पाने के लिए कठिन तप किया था। तब शिवजी ने माता पार्वती के कठोर तप से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए थे और अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार्य किया था। हरतालिका तीज में महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत रखती हैं। तीज की शाम के समय महिलाएं श्रृंगार करते हुए भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा करती हैं। हरतालिका तीज व्रत रखने और पूजा करने से सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
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Hartalika Teej 2023 Puja Samagri: हरतालिका तीज पर इन पूजन सामग्री को जरूर शामिल करें

हरतालिका तीज सुहागिनों का सबसे महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस व्रत पर सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती हैं। हरतालिका तीज के दिन महिलाएं पूजा से पहले सोलह श्रृंगार करती हैं। साथ ही पूजा के दौरान मां पार्वती को भी सुहाग का सामान अर्पित करती हैं। इस व्रत में कुछ खास चीजों का होना जरूरी होता है, क्योंकि इनके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

सूखा नारियल, कलश, बेलपत्र, शमी का पत्ता, केले का पत्ता, धतूरे का फल, घी, शहद, गुलाल, चंदन, मंजरी, कलावा, इत्र, पांच फल, सुपारी, अक्षत, धूप, दीप, कपूर, गंगाजल, दूर्वा और जनेऊ आदि।

सुहाग की सामग्री में बिंदी, सिंदूर, कुमकुम, मेहंदी, बिछिया, काजल, चूड़ी, कंघी, महावर आदि को शामिल करें।

 
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हरतालिका तीज व्रत नियम 

  • हरतालिका तीज व्रत निर्जला रखा जाता है। ऐसे में इस दिन गलती से भी पानी न पीएं।
  • प्रदोषकाल में मां पार्वती और भगवान शंकर की पूजा और आरती करें। 
  • इस दिन घी, दही, शक्कर, दूध, शहद का पंचामृत चढ़ाएं। 
  • सुहागिन महिलाओं को सिंदूर, मेहंदी, बिंदी, चूड़ी, काजल सहित सुहाग पिटारा दें। 
  • अगले दिन भोर में पूजा करके व्रत का पारण करें। 

Hartalika Teej 2023 Vrat Katha: हरतालिका तीज की व्रत कथा

सुहागिन महिलाओं और विवाह योग्य हो चुकी महिलाओं के लिए हरतालिका तीज पर्व का विशेष महत्व होता है। हरतालिका तीज पर महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव व माता पार्वती की पूजा-आराधना दिनभर करती हैं।शास्त्रों के अनुसार, हिमवान की पुत्री माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए हिमालय पर्वत पर अन्न त्याग कर घोर तपस्या शुरू कर दी थी। इस बात से पार्वतीजी के माता-पिता काफी चिंतित थे। तभी एक दिन देवर्षि नारद जी राजा हिमवान के पास पार्वती जी के लिए भगवान विष्णु की ओर से विवाह का प्रस्ताव लेकर पहुंचे। माता पार्वती शिव से विवाह करना चाहती थी अतः उन्होंने यह शादी का प्रस्ताव ठुकरा दिया।

पार्वती जी ने अपनी एक सखी को अपनी इच्छा बताई कि वह सिर्फ भोलेनाथ को ही पति के रूप में स्वीकार करेंगी। सखी की सलाह पर पार्वती जी ने घने वन में एक गुफा में भगवान शिव की आराधना की। भाद्रपद तृतीया शुक्ल के दिन हस्त नक्षत्र में पार्वती जी ने मिट्टी से शिवलिंग बनकर विधिवत पूजा की और रातभर जागरण किया। पार्वती जी के तप से प्रसन्न  होकर भगवान शिव ने माता पार्वती को पत्नी के रूप में स्वीकार कर लिया था।
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Hartalika Teej 2023 Shubh Muhurat Time: हरतालिका तीज पूजा शुभ मुहूर्त 2023

हिंदू पंचांग के अनुसार इस साल हरतालिका तीज की तिथि की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को सुबह 11 बजकर 08 मिनट हुई है और जिसका समापन 18 सितंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट पर होगा। ऐसे में हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 18 सितंबर को सुबह 06 बजकर 07 मिनट से 08 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। हालांकि हरतालिका तीज की पूजा प्रदोष काल में करने का विधान होता है।
 
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जानिए हरतालिका तीज का अर्थ

हरतालिका तीज को तीजा के नाम से भी जाना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से उत्तर भारत में रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन के रूप में यह त्योहार मनाया जाता है। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार यह व्रत आज यानी 18 सितंबर को रखा जा रहा है। हरतालिका दो शब्दों से मिलकर बना है। 'हर' का अर्थ है हरण करना और 'तालिका' का अर्थ है सखी। पार्वतीजी की सखी उन्हें पिता के घर से हरण करके जंगल में  ले गई थी।
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हरतालिका तीज पूजा मंत्र 

हिंदू धर्म ग्रंथों में किसी भी पूजा-अनुष्ठान में मंत्रों के जाप का विशेष महत्व होता है। मंत्र जाप से भगवान जल्द प्रसन्न होते हैं और पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है। आज हरतालिका तीज के मौके पर सुहागिन महिलाओं को शिव-पार्वती की पूजा में मंत्र ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करना चाहिए। इस मंत्र के साथ-साथ देवी शक्ति को प्रसन्न करने के लिए देवी मंत्र का जप भी करें।
 देवी मंत्र - गौरी मे प्रीयतां नित्यं अघनाशाय मंगला। सौभाग्यायास्तु ललिता भवानी सर्वसिद्धये।।

मेष, सिंह और धनु राशि-  आज हरतालिका तीज पर मेष, सिंह और धनु राशि के सुहागिन महिलाओं को लाल चुड़ियां, सिंदूर और बिंदी अर्पित करें।

वृषभ, कन्या और मकर राशि- इस राशि की महिलाओं को मां पार्वती को इत्र, सुगंध और लाल वस्त्र अर्पित करें।

मिथुन, तुला और कुंभ- इन राशि की महिलाओं को चांदी की बिछिया अर्पित करना शुभ होगा।

कर्क, वृश्चिक और मीन राशि- इन राशि की सुहागिन महिलाओं को आज के दिन मां पार्वती को लाल फूल जरूर अर्पित करें। 

प्रदोष काल में करें हरतालिका तीज की पूजा

आज उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों हरतालिका तीज का व्रत मनाया जा रहा है। सुहागिन महिलाओं के लिए इस व्रत का विशेष महत्व होता है। इस व्रत को करने से भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्यवती और जीवन में सुख-सुविधा, समृद्धि और सपन्नता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हरतालिका तीज पर प्रदोष काल में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है। आज प्रदोष काल में चार प्रहर की पूजा शाम 06 बजकर 23 मिनट से शुरू हो जाएगी।

Hartalika Teej Vrat 2023: हरतालिका तीज व्रत के नियम

- हरतालिका तीज का व्रत कठिन उपवासों में एक माना जाता है। इसमें पूरे दिन निर्जला व्रत रखा जाता है और व्रत के अगले दिन जल ग्रहण किया जाता है। 
- जो सुहागिन महिलाएं इस व्रत को करती हैं उन्हें हर एक वर्ष में इस व्रत को जरूर रखा जाता है। इस बीच में नहीं छोड़ा जा सकता है। 
- हरतालिका तीज व्रत में रात के समय जागरण किया जाता है। 
- इस व्रत को कुंवारी कन्या और सुहागिन महिलाएं दोनों ही कर सकती हैं। 

Auspicious Yogas On Hartalika Teej: हरतालिका तीज पर आज बना विशेष योग

सुहागिन महिलाओं के लिए हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व होता है। हरतालिका तीज पर आज बना विशेष योग है। इस वर्ष हरतालिका तीज पर बहुत ही शुभ और विशेष योग बना हुआ है। आज हरतालिका पर चित्रा और स्वाति नक्षत्र के योग के साथ रवि और इंद्र योग बना हुआ है। रवि योग 18 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 08 मिनट पर शुरू हो जाएगा जो 19 सितंबर को सुबह 06 बजकर 08 मिनट तक चलेगा। वहीं इंद्र योग सुबह से शाम तक रहेगा। 
 

Hartalika Teej Remedies For Happy Marriage: सुखी वैवाहिक जीवन के लिए हरतालिका तीज पर करें ये उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुखी दांपत्य जीवन के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखा जाता है। इसके साथ ही सुखी वैवाहिक जीवन के लिए हरतालिका के दिन उपाय किए जाते हैं। अगर पति-पत्नी के बीच मतभेद है और फिर विवाह के होने में किसी तरह की परेशानियां आती है तो हरतालिका तीज पर किए गए उपाय बहुत ही कारगर साबित होते हैं। 
  • हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को विशेष सौभाग्यशाली माना जाता है। तीज के शुभ दिन पर अपने घर में तुलसी का पौधा लगाएं और रोज सुबह उसकी पूजा करें। इस उपाय को करने से आपके वैवाहिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
  • तीज और नियमित रूप से सूर्य देव को जल अर्पित करें। जल चढ़ाते समय अपना मुख पूर्व दिशा की ओर रखें और जल को अपने पैरों पर न छूने दें।
  • हरतालिका तीज पर विवाहित जोड़ा गरीबों और जरूरतमंदों को भोजन और मिठाई दान करता है।

Hartalika Teej 2023: आज हरतालिका तीज पर बने 4 शुभ संयोग

आज हरतालिका तीज पर कई तरह के शुभ संयोग बना हुआ है। आज सोमवार का दिन है और सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित होता है। सुख-समृद्धि और अच्छा वैवाहिक जीवन जीने के लिए सोमवार का व्रत रखना मंगलकारी होता है। इसके अलावा आज रवि और इंद्र योग संयोग भी बना हुआ है। साथ ही स्वात्रि नक्षत्र भी है। 

Hartalika Teej 2023 Shubh Muhurat : हरतालिका तीज 2023 पूजा का शुभ मुहूर्त

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ मुहूर्त में किसी भी तरह की पूजा करने पर उसका शुभ फल जरूर प्राप्त होता है। आज हरतालिका तीज पर शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा जरूर करें।
  • हरतालिका तीज पूजा का मुहूर्त: आज, शाम 06:23 बजे से रात तक
  • भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि का प्रारंभ: 17 सितंबर, सुबह 11:08 बजे से
  • भाद्रपद शुक्ल तृतीया तिथि का समापन: आज, दोपहर 12:39 बजे तक

हरतालिका तीज और उपाय

  • सुखी वैवाहिक जीवन के लिए उमा माहेश्वरी पूजा भी लाभकारी है। उमा देवी को पार्वती के रूप में जाना जाता है, जबकि माहेश्वरी स्वयं भगवान शिव हैं।
  • हरतालिका तीज के दिन पानी में एक चुटकी नमक डालकर पूरे घर में पोंछा लगाएं। इससे परिवार के सदस्यों और पति-पत्नी के बीच रिश्ता मजबूत होगा।

Hartalika Teej 2023 Aarti: हरतालिका तीज आरती

हरतालिका तीज के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि विधान से पूजा पाठ करने से हर मनोकामना जल्द पूरी होती है। साथ ही इस दिन पूजा के बाद शिव जी और मां पार्वती की आरती जरूर करनी चाहिए।
मां पार्वती की आरती 
जय पार्वती माता, जय पार्वती माता.
ब्रह्म सनातन देवी, शुभ फल की दाता..
जय पार्वती माता...
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता.
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता.
जय पार्वती माता...
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा.
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा..
जय पार्वती माता...
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता.
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता..
जय पार्वती माता...
शुम्भ-निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता.
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा..
जय पार्वती माता...
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता.
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता.
जय पार्वती माता...
देवन अरज करत हम चित को लाता.
गावत दे दे ताली मन में रंगराता..
जय पार्वती माता...
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता.
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता..
जय पार्वती माता...।

शिव जी की आरती 
ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।

हरतालिका तीज पर अन्न-जल के ग्रहण से बचें  

हरतालिका तीज का व्रत निर्जला होता है। इस दिन पानी का भी सेवन नहीं किया जाता है। साथ ही इस व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के बाद होता है। ऐसे में इस दिन गलती से भी अन्न जल ग्रहण नहीं करना चाहिए।
 

Hartalika Teej 2023: हरतालिका तीज पर न करें ये काम

हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है और इसमें कई तरह के नियमों का पालन करना होता है। हरतालिका तीज व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें। इस दिन रात भर जागकर शिव जी और मां पार्वती की पूजा व भजन करें। मान्यता है कि यदि व्रत के दौरान कोई सोता है तो उसे व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता है।

Hartalika Teej 2023: हरतालिका तीज पर क्रोध करने से बचें

आज हरतालिका तीज पर भगवान शिव और माता की पूजा-आराधना का विधान होता है। ऐसे में इस व्रत करते समय महिलाओं को क्रोध पर काबू रखना चाहिए। इस दिन गुस्सा करने से व्रत खंडित हो जाता है और उसका फल नहीं मिल पाता।

Hartalika Teej 2023: हरतालिका तीज व्रत को बीच में न छोड़ें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एक बार अगर आपने हरतालिका व्रत को करना शुरू कर दिया तो इस हर साल रखना चाहिए। बीच में व्रत न छोड़ें। हर साल यह व्रत पूरे विधि-विधान से करना चाहिए। 
 

हरतालिका तीज पर कथा जरूर सुनें

अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद पाने के लिए हरतालिका व्रत के दिन भगवान शिव और माता पार्वती से जुड़ी कथाएं अवश्य ही सुननी चाहिए। इसके अलावा मां पार्वती को खीर का भोग लगाना न भूलें। फिर इस खीर को प्रसाद के रूप में पति को खिलाएं। इससे पति-पत्नी का रिश्ता मजबूत होता है। साथ ही दांपत्य जीवन सुखमय बना रहता है।
 

हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। हरतालिका तीज पर विवाहित महिलाएं और कुंवारी लड़कियां भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान और सच्चे मन से पूजा अर्चना की जाती है। हरतालिका तीज के दिन सबसे पहले जल्दी उठकर स्नान करते हुए व्रत का संकल्प लें। फिर इसके बाद भगवान शिव और माता की पूजा के लिए चौकी स्थापित करें। इस चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें। फिर इसके बाद चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य से भगवान को भोग लगाएं। इसके बाद सुहाग का सामान माता पार्वती को अर्पित करें और मंगल कामना करें। इसके बाद भगवान शिव और मां पार्वती की विधि विधान और शुद्ध मन से घर की महिलाओं के साथ आरती करें।

Hartalika Teej 2023 Puja Muhurat: हरतालिका तीज पर पूजा के 4 प्रहर का शुभ मुहूर्त

पूजा का पहला प्रहर:  शाम 06:23 से रात 09:02 तक
पूजा का दूसरा प्रहर:   रात 09:02 से रात 12:15 तक
पूजा का तीसरा प्रहर:  19 सितंबर रात 12:15 से प्रात: 03:12 तक
पूजा का चौथा प्रहर:    19 सितंबर प्रात: 03:12 से सुबह 06:08 तक

Hartalika Teej 2023: हरतालिका तीज पर शिव-गौरी पूजन का महत्व

हिंदू धर्म में तीज पर्व का विशेष महत्व होता है। इस व्रत में सुहागिन महिलाएं व्रत रखती हैं। इसके अलावा मन चाहा वर पाने के लिए कुंवारी लड़कियां भी भगवान शिव और माता पार्वती के लिए इस व्रत को रखती हैं। इस व्रत में शिव-पार्वती के साथ गणेशजी की पूजा होती है। प्रकृति और प्रेम के भाव से जुड़े इस पर्व पर महिलाएं मिट्टी या बालू से मां पार्वती और शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती हैं। पूजन में सुहाग की सभी सामग्री को एकत्रित कर थाली में सजाकर माता पार्वती से मन ही मन अखंड सौभाग्य की कामना करते हुए अर्पित करती हैं और कथा सुनती हैं। पूजा के बाद इन मूर्तियों को नदी या किसी पवित्र जलाशय में प्रवाहित कर दिया जाता है। शिव-पार्वती के वंदन से जुड़े इस पर्व पर कई विवाहित स्त्रियां तो निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु और सुखद दांपत्य जीवन के लिए प्रार्थना करती है।

Hartalika Teej Lucky Zodiac: इन राशियों के लिए हरतालिका तीज का दिन शुभ

सोमवार के संयोग से आज देशभर में हरतालिका तीज का पर्व मनाया जा रहा है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज हरतालिका तीज के दिन कुछ राशि की सुहागिन महिलाओं के लिए आने वाला दिन शुभ साबित हो सकता है। मेष, वृषभ, तुला, धनु और मकर राशि वालों के जीवन में हरतालिका तीज सुख और समृद्धि आएगी।
 

Hartalika Teej 2023 Importance: हरतालिका तीज का महत्व 

हरतालिका तीज पर सुहागिन महिलाएं पति के लिए उपवास रखकर शिव-गौरी का पूजन-वंदन कर झूला झूलती है, सुरीले स्वर में सावन के गीत-मल्हार गाती हैं।पूजा-अर्चना के साथ उल्लास-उमंग  का यह त्योहार एक पारंपरिक उत्सव के रूप में जीवन में नए रंग भरता है,दांपत्य में प्रगाढ़ता लाता है,साथ ही परिवार और समाज को स्नेह सूत्र में बांधता है।
 

Hartalika Teej 2023 Upay: जल्द विवाह के उपाय

शास्त्रों के अनुसार हरतालिका तीज के दिन कुछ उपाय करने से सभी तरह की मनोकामनाएं जल्दी पूरी हो जाती हैं। जिन कन्याओं के विवाह में देरी होती है या फिर योग नहीं बन पाते हैं वे हरतालिका तीज का व्रत रखने के साथ हे गौरीशंकर अर्धांगी यथा त्वां शंकल प्रिया। और माम कुरु कल्याणी, कांतकांता सुदुर्लभाम। मंत्र का जाप करें। इस बात का ध्यान रखे कि यह मंत्र रुद्राक्ष की माला के साथ प्रदोष काल में करें। 

हरतालिका पर गौरी-शिव पूजन का महत्व

सुहागिन महिलाओं के लिए हर साल भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि विशेष होती है क्योंकि इस तिथि पर हरतालिका तीज का त्योहार मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भी सच्चे मन से इस व्रत को रखती हैं  उनकी हर एक मनोकामनाएं भगवान शिव और माता पार्वती पूरी करते हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार करके पूजा-अर्चना करती हैं। इस दिन प्रदोष काल में भगवान शिव और माता गौरी की पूजा-उपासना विधिवत रूप से करती हैं। 
 

हरतालिका तीज पर ये मंत्र उपयोगी

भगवान शिव का मंत्र
ॐ  नम: शिवाय
ॐ महेश्वराय नमः
ॐ पशुपतये नमः

माता पार्वती का मंत्र
ॐ पार्वत्यै नमः
ॐ  उमाये नमः
या देवी सर्वभूतेषु मां गौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:

सिंदूर अर्पित करने का मंत्र
सिंदूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्।
शुभदं कामदं चैव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्।।
 

Hartalika Teej 2023 Mantra :सौभाग्य, मनचाहे वर और पति की दीघार्यु के लिए मंत्र

सौभाग्य प्राप्ति मंत्र
देहि सौभाग्यं आरोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
पुत्र-पौत्रादि समृद्धि देहि में परमेश्वरी।।

मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए 
हे गौरी शंकर अर्धांगिनी यथा त्वं शंकर प्रिया।
तथा माम कुरु कल्याणी कांतकांता सुदुर्लाभाम्।।

पति की दीघार्यु के लिए मंत्र
नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा।
प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।

Hartalika Teej 2023 Puja Vidhi: हरतालिका तीज पर मां पार्वती को चढ़ाएं ये चीजें

प्रदोष काल में हरतालिका तीज की पूजा करने का विधान होता है। इस तिथि पर सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा आराधना करें फिर उसके बाद मां पार्वती को पूजा के दौरान लाल चूड़ियां, लाल चुनरी, कुमकुम, सिंदूर, फूल और इत्र चढ़ाएं। पूजा सपन्न होने के बाद सुहाग की चीजों को किसी सुहागिन महिला को दान करें। 
 

Hartalika Teej 2023: देवी पार्वती और हरतालिका तीज व्रत

शास्त्रों के अनुसार तृतीया तिथि देवी पार्वती से जुड़ी है। तृतीया तिथि पर मां भगवती की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने का महत्व है। इस तरह से हरतालिका तीज व्रत का संबंध भी देवी पार्वती से जुड़ा है। कथा के अनुसार सबसे पहले इस व्रत को मां पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए किया था। मां पार्वती ने हरतालिका तीज से लगातार कठोर तप शुरू किया था जिसे भगवान भोलेनाथ प्रसन्न हुए थे और मां पार्वती को पत्नी के रूप में पाया जाता है। 
 

Hartalika Teej 2023 Puja Vidhi: जानें हरतालिका पूजा-विधि

अब से कुछ घंटों के बाद हरतालिका तीज व्रत की पूजा आरंभ हो जाएगी। शास्त्रों के अनुसार हरतालिका तीज में प्रदोष काल में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। इसके लिए सबसे पहले सुबह महिलाएं संकल्प लेकर हरतालिका तीज का व्रत आरंभ करती हैं। इस दिन महिलाओं को स्नान के बाद नए शुभ रंगों के परिधान पहनने चाहिए। उसके बाद महिलाओं को अपने हाथ पर मेंहदी रचानी चाहिए और संपूर्ण श्रृंगार करें। प्रकृति और प्रेम के भाव से जुड़े इस पर्व पर महिलाऐं शुद्ध मिट्टी से शिव-पार्वती और श्री गणेश की प्रतीकात्मक प्रतिमाएं बनाकर उनकी पूजा करती हैं।पूजन में रोली,चावल,पुष्प,बेलपत्र,नारियल ,दूर्वा, मिठाई आदि से भगवान का भक्ति भाव से पूजन किया जाता है।
 

Hartalika Teej 2023 Niyam: हरतालिका तीज व्रत के नियम

  • हरतालिका तीज का व्रत कठिन उपवासों में से एक है, जिसमें पूरा दिन निर्जला व्रत रखा जाता है।
  • इस व्रत के अगले दिन ही जल ग्रहण किया जाता है। 
  • जो महिलाएं इस व्रत को करती हैं उन्हे हर एक वर्ष इसे जरूर करना चाहिए। इस व्रत को बीच में नहीं छोड़ा जा सकता है। 
  • हरतालिका तीज की रात को सोना वर्जित है, इसीलिए व्रती महिलाओं को रात के समय जागरण करना चाहिए।
  • हरतालिका तीज व्रत को कुंवारी कन्या और सुहागिन महिलाएं दोनों ही रख सकती हैं।

Hartalika Teej 2023 Vrat Katha: हरतालिका तीज कथा

शिवमहापुराण के अनुसार कई जन्मों से माता पार्वती भगवान शिव को अपने पति के रूप में पाना चाहती थीं। इसलिए बाल अवस्था में ही माता पार्वती ने हिमालय पर्वत के गंगा तट पर अधोमुखी होकर तपस्या की थी। इस दौरान उन्होंने अन्न और जल का सेवन भी नही किया था। वह केवल सूखे पत्ते खाकर तप करती थीं। पार्वती जी को इस अवस्था में देख उनके माता पिता बहुत दुखी रहते थे। एक दिन उनके पिता के पास भगवान विष्णु की तरफ से पार्वती जी के विवाह का प्रस्ताव आया। यह जानकर माता पार्वती काफी दुखी हो गईं। उनके पिता चाहते की पार्वती जी का विवाह भगवान विष्णु के साथ हो जाए। इस पर माता पार्वती की सहेली ने उन्हें वन में जाने की सलाह दी, जिसके बाद पार्वती जी एक गुफा में जाकर शिव जी की तपस्या में लीन हो गईं। माता पार्वती ने भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया के दिन रेत से शिवलिंग बनाकर उनकी स्तुति की। पार्वती जी की इतनी कठोर तपस्या देख भगवान शिव ने उन्हें दर्शन दिए और पत्नी रूप में स्वीकार कर लिया।

Hartalika Teej 2023 Aarti: हरतालिका तीज आरती

पार्वती माता की आरती
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता
ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल कदा दाता।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
अरिकुल पद्मा विनासनी जय सेवक त्राता
 
जग जीवन जगदम्बा हरिहर गुण गाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
 
सिंह को वाहन साजे कुंडल है साथा
देव वधु जहं गावत नृत्य कर ताथा।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सतयुग शील सुसुन्दर नाम सती कहलाता
हेमांचल घर जन्मी सखियन रंगराता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
 
शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमांचल स्याता
सहस भुजा तनु धरिके चक्र लियो हाथा।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
सृष्टि रूप तुही जननी शिव संग रंगराता
 
नंदी भृंगी बीन लाही सारा मदमाता।
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
 
देवन अरज करत हम चित को लाता
गावत दे दे ताली मन में रंगराता।
 
जय पार्वती माता जय पार्वती माता।
श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता
 
सदा सुखी रहता सुख संपति पाता।
जय पार्वती माता मैया जय पार्वती माता।

हरतालिका तीज व्रत से महिलाओं को मिलता है ये फल
हरतालिका तीज पर स्त्रियां व्रत रखकर भगवान गणेश एवं शिव-पार्वती का पूजन करती हैं, जिससे उनका दांपत्य जीवन सुखद रहता है एवं परिवार में खुशियां बनी रहती हैं। इस व्रत को निर्जल रहकर किया जाता है। रात में महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती के गीतों पर नृत्य भी करती हैं। अगर अविवाहित कन्याएं हरतालिका तीज का उपवास करती हैं तो उन्हें अच्छा जीवनसाथी मिलता है। वहीं सुहागिन महिलाओं के पति की आयु दीर्घ होती है। इस अवसर पर महिलाएं पूरा श्रृंगार करके नए वस्त्र और आभूषण पहनकर लोकगीत गीत गीती हैं। इस पारंपरिक पर्व से जीवन नए उमंग-उल्लास और प्रेम के रंग में रंग जाता है।

Hartalika Teej 2023 Puja Muhurat: हरतालिका तीज पर पूजा के 4 प्रहर का शुभ मुहूर्त

पूजा का पहला प्रहर:  शाम 06:23 से रात 09:02 तक
पूजा का दूसरा प्रहर:   रात 09:02 से रात 12:15 तक
पूजा का तीसरा प्रहर:  19 सितंबर रात 12:15 से प्रात: 03:12 तक
पूजा का चौथा प्रहर:  19 सितंबर प्रात: 03:12 से सुबह 06:08 तक

Hartalika Teej 2023 Aarti: हरतालिका तीज आरती

शिव जी की आरती 
ओम जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव अर्द्धांगी धारा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजे। हंसानन गरूड़ासन
वृषवाहन साजे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।
त्रिगुण रूप निरखते त्रिभुवन जन मोहे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
अक्षमाला वनमाला मुण्डमालाधारी।
त्रिपुरारी कंसारी कर माला धारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे।
सनकादिक गरुड़ादिक भूतादिक संगे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका।
मधु कैटव दोउ मारे, सुर भयहीन करे।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
लक्ष्मी, सावित्री पार्वती संगा।
पार्वती अर्द्धांगी, शिवलहरी गंगा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
पर्वत सोहें पार्वतू, शंकर कैलासा।
भांग धतूर का भोजन, भस्मी में वासा।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
जया में गंग बहत है, गल मुण्ड माला।
शेषनाग लिपटावत, ओढ़त मृगछाला।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
काशी में विराजे विश्वनाथ, नन्दी ब्रह्मचारी।
नित उठ दर्शन पावत, महिमा अति भारी।।
ओम जय शिव ओंकारा।।
त्रिगुणस्वामी जी की आरति जो कोई नर गावे।
कहत शिवानन्द स्वामी मनवान्छित फल पावे।।
ओम जय शिव ओंकारा।। ओम जय शिव ओंकारा।।

इन राशियों की महिलाएं अर्पित करें ये चीजें
  • मेष, सिंह और धनु राशि की सुहागिन महिलाएं आज हरतालिका तीज पर लाल चूड़ियां, सिंदूर और बिंदी अर्पित करें।
  • वृषभ, कन्या और मकर राशि की महिलाएं मां पार्वती को इत्र, सुगंध और लाल वस्त्र अर्पित करें।
  • मिथुन, तुला और कुंभ राशि की महिलाओं के लिए चांदी की बिछिया अर्पित करना शुभ होगा।
  • कर्क, वृश्चिक और मीन राशि की महिलाओं को आज के दिन मां पार्वती को लाल फूल जरूर अर्पित करना चाहिए। 

Hartalika Teej 2023 Shopping: हरतालिका तीज पर करें ये खरीदारी

हरतालिका तीज पर खरीदारी करना बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन सोने के आभूषण खरीदना और सुहाग से जुड़ी चीजें खरीदना काफी शुभ माना जाता है। इसके साथ ही इस दिन मोबाइल फोन, प्रॉपर्टी, घर की बुकिंग, किराए पर मकान लेना और गैजेट आदि लेना भी अच्छा माना गया है।

हरतालिका तीज पर न करें ये काम

  • हरतालिका तीज के दिन व्रती महिलाओं का सोना वर्जित होता है।
  • हरतालिका तीज व्रत में गलती से भी जल ग्रहण न करें।
  • हरतालिका तीज के दिन महिलाएं अपने पति के साथ किसी तरह के वाद-विवाद से बचें।
  • इस दिन मन में किसी भी तरह की गलत भावना न लाएं।
  • व्रत के दौरान क्रोध करने से भी बचें।

हरतालिका तीज व्रत पारण विधि

  • हरतालिका तीज व्रत के अगले दिन सूर्योदय से पूर्व जागें और स्नान के बाद शिव गौरी की पूजा करें।
  • इसके बाद प्रसाद में चढ़ाए मिष्ठान और जल से व्रत का पारण करें।
  • इस बात का ध्यान रखें कि व्रत का पारण कभी भी नमकयुक्त या तले हुए भोजन से नहीं किया जाता है। 
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हरतालिका तीज व्रत पारण में क्या खाएं?

  • हरतालिका तीज व्रत का पारण करने के लिए भगवान को चढ़ाया गया भोग ही अच्छा माना जाता है।
  • इसलिए पूजा में चढ़ाए गए भोग से ही अपना व्रत खोलें। 
  • इसके बाद आप भोजन ग्रहण कर सकते हैं।
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