आज धनत्रयोदशी है। इसे हम धनतेरस के नाम से भी जानते हैं। आज से ही पांच दिनों तक चलने वाला दीपोत्सव पर्व आरंभ हो चुका है। धनतेरस दिवाली का पहला दिन होता है। इसके बाद छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी,बड़ी दिवाली, गोवर्धन पूजा और भाईदूज का पर्व मनाया जाता है। धनतेरस पर बर्तन और सोने-चांदी के आभूषण की खरीदारी की जाती है। इसके अलावा धनतेरस की शाम को यम दीपदान किया जाता है।
धनतेरस से जुड़ी कथाएं
धनतेरस से जुड़ी कई कथाएं हैं जिनसे पता चलता है कि दीपावली से पहले धनतेरस क्यों मनाया जाता है। इन्हीं कथाओं के अनुसार मन जाता है कि धनतेरस के दिन ही भगवान धन्वन्तरि हाथों में स्वर्ण कलश लेकर समुद्र मंथन से उत्पन्न हुए। धन्वन्तरि ने कलश में भरे हुए अमृत से देवताओं को पिलाकर अमर बना दिया। धन्वन्तरि के जन्म के दो दिनों बाद देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई इसलिए दीपावली से दो दिन पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
धनतेरस के दिन बर्तन और चांदी से बने आभूषण की खरीदारी करना शुभ
धनतेरस 2023 कुबेर लक्ष्मी गणेश पूजन शुभ मुहूर्त लाइव अपडेट
आज धनतेरस के दिन बर्तन और चांदी से बने आभूषण की खरीदारी करना शुभ माना जाता है आइए जानते है इसके पीछे की वजह। पौराणिक मान्यता के अनुसार भगवान धनवंतरि जब सागर मंथन से निकले थे तो उनके हाथों में अमृत से भरा कलश था। मान्यता के अनुसार तभी से धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा चली आ रही है। ऐसा माना जाता है इस दिन वस्तु खरीदने पर वह 13 गुने की वृद्धि होती है। पुरानों की मानें तो भगवान धनवंतरि ने ही आयुर्वेद और शल्य चिकित्सा की खोज की थी जिसके चलते उन्हें पीतल की धातु पसंद है इसलिए धनतेरस पर बर्तन खरीदा जाता है। इस दिन चांदी के बर्तन खरीदने से यश और पराक्रम में वृद्धि होती है।
श्री हरि विष्णु और शुक्राचार्य से धनतेरस का संबंध
धनतेरस से जुड़ी एक दूसरी कथा है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के दिन देवताओं के शुभ कार्य में बाधा डालने पर भगवान विष्णु ने असुरों के गुरू शुक्राचार्य की एक आंख फोड़ दी थी। कथा के अनुसार, देवताओं को राजा बलि के भय से मुक्ति दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। वामन भगवान द्वारा मांगी गयी तीन पग भूमि, दान करने के लिए कमण्डल से जल लेकर संकल्प लेने लगे। बलि को दान करने से रोकने के लिए शुक्राचार्य राजा बलि के कमण्डल में लघु रूप धारण करके प्रवेश कर गए। तब भगवान वामन ने अपने हाथ में रखे हुए कुशा को कमण्डल में ऐसे रखा कि शुक्राचार्य की एक आंख फूट गई। इसके बाद राजा बलि ने संकल्प लेकर तीन पग भूमि दान कर दिया। इस तरह बलि के भय से देवताओं को मुक्ति मिल गई और बलि ने जो धन-संपत्ति देवताओं से छीन ली थी उससे कई गुणा धन-संपत्ति देवताओं को फिर से प्राप्त हो । इस इस कारण से भी धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है।
Dhanteras Date Time: त्रयोदशी तिथि
धनतेरस 2023 कुबेर लक्ष्मी गणेश पूजन शुभ मुहूर्त लाइव अपडेट
- फोटो : अमर उजाला
आज यानी 10 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट से त्रयोदशी तिथि शुरू हो रही है। इस तिथि का समापन अगले दिन 11 नवंबर की दोपहर 01 बजकर 57 मिनट पर होगा। धनतेरस के दिन पूजा प्रदोष काल में होती है, इसलिए धनतेरस 10 नवंबर यानी आज ही मनाई जा रही है।
धनतेरस पर बन रहा है शुभ योग
इस बार धनतेरस तिथि पर प्रीति योग बन रहा है। इस योग का निर्माण शाम 5:06 बजे के बाद होगा और रातभर रहेगा। अतः इस योग में पूजा करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी।
भगवान धनवंतरि की कृपा के लिए राशि के अनुसार खरीदें सामान
Dhanteras 2023
- फोटो : अमर उजाला
मेष : चांदी के बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक वस्तु।
वृष : चांदी या तांबे के बर्तन, घर के बुजुर्गों के लिए कपड़े।
मिथुन : सोने के आभूषण या सिक्के व रसोई का सामान।
कर्क: चांदी या कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान, सफेद रंग की कोई वस्तु, चांदी का श्रीयंत्र।
सिंह : तांबे के बर्तन व सोने के आभूषण।
कन्या : सोना, चांदी, प्रॉपर्टी।
Dhanteras 2023: धनतेरस पर राशि अनुसार करें खरीदारी, जीवन में कभी नहीं रहेगी पैसे की कमी
Dhanwantri Mantra : धनतेरस पर आज इन मंत्रों के साथ करें भगवान धन्वंतरि और कुबेर देवता की पूजा
धनतेरस 2023
- फोटो : istock
ॐ शंखं चक्रं जलौकां दधदमृतघटं चारुदोर्भिश्चतुर्मिः.
सूक्ष्मस्वच्छाति हृद्यांशुक परिविलसन्मौलि मंभोजनेत्रम ||
कालाम्भोदोज्ज्वलांगं कटितटविलसच्चारू पीतांबराढ्यम.
वन्दे धन्वंतरिं तं निखिल गदवन प्रौढदावाग्नि लीलम ||
ॐ धन्वंतराय नमः ||
तुला से मीन राशि वाले धनतेरस पर खरीदें इन चीज़ों की खरीदारी
तुला: सजावटी सामान, सौंदर्य प्रसाधन।
वृश्चिक: इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, सोने-चांदी के सामान, बर्तन।
धनु: सोने-चांदी के आभूषण, प्रॉपर्टी।
मकर: आभूषण, बर्तन, नीले कपड़े।
कुंभ: ब्यूटी प्रोडक्ट्स व चांदी के सिक्के।
मीन: सोने, चांदी व लकड़ी के बने सामान, कपड़े और पीले पुष्प।
Dhanteras Par Sthir Lagna: स्थिर लग्न
शुक्रवार को धनतेरस के दिन 12:49 बजे से दोपहर 2:30 बजे तक स्थिर लग्न है।
दूसरा स्थिर लग्न शाम 5:48 बजे से देर रात तक है।
Shubh ka Choghadiya: धनतेरस पर शुभ की चौघड़िया
दोपहर 12:06 बजे से शाम 5:27 बजे तक अभिजीत मुहूर्त व शुभ की चौघड़िया है।
शाम को 4:08 बजे से 5:24 बजे तक शुभ की चौघड़िया है।
Labh Ki Choghadiya: धनतेरस पर लाभ की चौघड़िया
रात 8:48 बजे से 10:27 बजे तक लाभ की चौघड़िया है।
धनतेरस पर शुक्र प्रदोष योग व प्रीति योग शाम 5:06 बजे से पूरी रात है।
Dhanteras Shubh Yoga and Muhurat: धनतेरस पर बन रहे हैं ये शुभ योग
- धनतेरस पर दोपहर 12:56 से 2:06 बजे तक शुभकर्तरी, वरिष्ठ, प्रीति, सरल, सुमुख व अमृत योग बन रहा है।
- शाम को 4:16 से 5:26 बजे तक खरीदारी का शुभ मुहूर्त रहेगा।
Don't do these things on Dhanteras: धनतेरस पर भूलकर भी न करें ये काम
Dhanteras 2023
- फोटो : अमर उजाला
- धनतेरस पर जब भी कोई बर्तन लें तो उसे घर के अंदर खाली न लाएं बल्कि उसमें पानी या चावल भर लें।
- धनतेरस के दिन मुख्य द्वार पर गंदगी बिल्कुल भी न रखें।
- धनतेरस पर जितना हो सके निवेश करें, खर्च करने से बचें।
- धनतेरस पर गलती से भी किसी को उधार न दें।
- धनतेरस पर मुहूर्त के हिसाब से ही खरीदारी करें।
- कभी लोहे का कोई भी सामान धनतेरस पर न खरीदें।
What To Buy on Dhanteras: धनतेरस पर क्या खरीदें?
धनतेरस पर क्या खरीदें
- फोटो : Istock
- धनतेरस के दिन सोना-चांदी के अलावा बर्तन और कुबेर यंत्र खरीदना शुभ होता है।
- इसके अलावा झाड़ू खरीदना भी अच्छा माना जाता है।
- मान्यता है इस दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी मेहरबान रहती हैं।
- यदि धनतेरस के दिन आप कोई कीमती वस्तु नहीं खरीद पा रहे हैं तो साबुत धनिया जरूर घर ले आएं।
- इसके अलावा आप गोमती चक्र भी खरीद सकते हैं। इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
Dhanteras Pujan Vidhi: धनतेरस 2023 की पूजा विधि
Dhanteras 2023
- फोटो : अमर उजाला
- धनतेरस के दिन शाम के वक्त यानी प्रदोष के दौरान काल शुभ मुहूर्त में उत्तर की ओर कुबेर और धन्वंतरि देव की प्रतिमा स्थापित करें।
- साथ ही मां लक्ष्मी व गणेश जी की भी प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। फिर दीप प्रज्वलित करें और विधिवत पूजी शुरू करें।
- सभी देवों को तिलक लगाएं। इसके बाद पुष्प, फल आदि चीजें अर्पित करें।
- कुबेर देवता को सफेद मिष्ठान और धन्वंतरि देव को पीले मिष्ठान का भोग लगाएं।
- पूजा के दौरान 'ऊँ ह्रीं कुबेराय नमः' इस मंत्र का जाप करते रहें।
- भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए इस दिन धन्वंतरि स्तोत्र का पाठ जरूर करें।
Dhanteras 2023 Wishes: अपने प्रियजन को दें धनतेरस की शुभकामनाएं
Happy Dhanteras Wishes
- फोटो : Istock
धनतेरस का है शुभ दिन आया
सबके लिए है खुशियां लाया
लक्ष्मी-गणेश के आशीर्वाद से
रहेगी आपके परिवार पर सुखों की छाया
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।
धन धान्य से भरा रहे ये धनतेरस
भगवान धन्वंतरि हैं इस दिन के संचालक
आओ मिलकर करें पूजन उनका
जो हैं सबके जीवन के उद्धारक
धनतेरस की बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं।
दिल में हों खुशियां, घर में सुख का वास हो
हीरे मोती सा आपका घर-परिवार हो
थी जिसकी तमन्ना वो वो खुशी आपके पास हो
कुछ ऐसा धनतेरस आपका धनतेरस का त्योहार हो
धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।
Significance of Shopping on Dhanteras: धनतेरस पर खरीदारी का महत्व
Dhanteras 2023
- फोटो : अमर उजाला
धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में बर्तन और सोने-चांदी के अलावा वाहन, जमीन-जायदाद के सौदे, लग्जरी चीजें और घर में काम आने वाले अन्य दूसरी चीजों की खरीदारी करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन खरीदी गई चल-अचल संपत्ति में तेरह गुणा वृद्धि होती है।
Do Not buy these things On Dhanteras: धनतेरस पर क्या नहीं खरीदें?
Dhanteras
- फोटो : अमर उजाला
- धनतेरस पर एल्युमिनियम या स्टील की वस्तुएं न खरीदें। मान्यता है कि स्टील या एल्युमिनियम से बने बर्तन या अन्य कोई सामान खरीदने से मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं।
- ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन घर में कोई भी प्लास्टिक की चीज लेकर आएंगे तो इससे धन के स्थायित्व और बरकत में कमी आ सकती है, इसलिए धनतेरस के दिन प्लास्टिक की वस्तुएं भी न खरीदें।
- इस दिन लोहा या लोहे से बनी वस्तुएं घर लाना शुभ नहीं माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार यदि आप धनतेरस के दिन लोहे से बनी कोई भी वस्तु घर लाते हैं, तो घर में दुर्भाग्य का प्रवेश हो जाता है।
- धनतेरस के शुभ अवसर पर शीशे या कांच की बनी चीजें भी बिल्कुल नहीं खरीदनी चाहिए।
- ज्योतिष के अनुसार धनतेरस के दिन चीनी मिट्टी या बोन चाइना की कोई भी वस्तु नहीं खरीदनी चाहिए।
Dhanteras 2023 Shopping Muhurat: आपके शहर में खरीदारी का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर आपके शहर में खरीदारी का शुभ मुहूर्त
- फोटो : अमर उजाला
पुणे- शाम 6:17 बजे से रात 8:17 बजे तक
नई दिल्ली- शाम 5:47 से 7:43 बजे तक
चेन्नई- शाम 6:00 बजे से रात 8:02 बजे तक
जयपुर- शाम 5:56 से 7:52 बजे तक
हैदराबाद- शाम 6:00 बजे से 8:01 बजे तक
गुरुग्राम- शाम 5:48 से 7:44 बजे तक
Dhanteras 2023 Deepdaan Yam Ka Deepak: धनतेरस पर क्यों जलाया जाता है यम का दीपक ?
dhanteras Deepdaan
- फोटो : अमर उजाला
धनतेरस के दिन यमराज की भी पूजा की जाती है। शाम के समय दक्षिण दिशा में चार मुख वाला यम का दीपक जलाया जाता है। ज्योतिष शास्त्र में दक्षिण दिशा को यमराज जी की दिशा माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यदि धनतेरस पर दक्षिण दिशा में यम का दीपक जलाया जाता है तो इससे यमराज प्रसन्न होते हैं। परिवार के सदस्यों की सुरक्षा के लिए धनतेरस पर घर के बाहर यमराज जी के लिए यह दीप जलाया जाता है। इसे यमराज के लिए दीपदान या यम दीपम भी कहा जाता है।
Dhanteras Muhurat: धनतेरस पर यम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त
Dhanteras Muhurat Time
- फोटो : सोशल मीडिया
धनतेरस के दिन यमराज का दीपक जलाने के लिए शाम का समय उत्तम माना गया है। ऐसे में धनतेरस के दिन यम दीपम जलाने का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 30 मिनट से 06 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
Dhanteras Upay: धनतेरस पर करें ये उपाय
- धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी, कुबेर, यमराज और भगवान गणेश जी की पूजा करें।
- धनतेरस के दिन घर और बाहर 13 दीपक जलाने से बीमारियों को दूर किया जा सकता है।
- दान करना पुण्य कर्म है। माना जाता है कि, दान करने से पिछले जन्म के पाप धुल जाते है। धनतेरस के दिन दान करने का विशेष महत्व होता है।
- इस दिन यदि आप सूर्यास्त से पहले दान करते हैं तो आपको धन की कमी नहीं होगी। हालांकि इस दिन सफेद कपड़ा, चावल, चीनी आदि का दान नहीं करना है।
- धनतेरस पर पशुओं की पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
Dhanteras 2023 Shopping: धनतेरस पर खरीदें ये सस्ती चीजें
धनतेरस के दिन नई चीजों को खरीदना बेहद शुभ होता है। मान्यता है कि इस दिन जो भी चीजें खरीदी जाती हैं, उसमें तेरह गुणा वृद्धि होती है, इसलिए लोग धनतेरस के दिन वाहन, सोना-चांदी और बर्तन खरीदते हैं। आजकल बढ़ती महंगाई की वजह से सोना चांदी या फिर महंगी चीजें खरीद पाना हर किसी के लिए संभव नहीं है। हालांकि शास्त्रों में सोने-चांदी के अलावा भी कुछ ऐसी चीजों के बारे में बताया गया है, जो मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय हैं। इन्हें आप धनतेरस के दिन खरीद कर घर ला सकते हैं।
Dhanteras 2023: धनतेरस पर खरीदें झाड़ू
झाड़ू का संबंध मां लक्ष्मी से माना जाता है। ऐसे में इस धनतेरस यदि आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो झाड़ू जरूर खरीद कर घर ले आएं। यह आपके लिए बेहद ही शुभ होगा। कहते हैं धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
Dhanteras 2023: गोमती चक्र
गोमती चक्र मां लक्ष्मी को बेहद प्रिय है। धनतेरस के दिन गोमती चक्र जरूर खरीदकर घर लाएं और शाम को मां लक्ष्मी की पूजा के समय गोमती चक्र की भी पूजा करें। इसके बाद इसे धन की तिजोरी में रख दें। मान्यता है कि इससे आपका धन स्थान हमेशा रूपये-पैसों से भरा रहता है।
Dhanteras 2023: साबुत धनिया
इस पावन दिन धनिया खरीदना भी शुभ माना जाता है। ऐसे में इस धनतेरस साबुत धनिया लाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें। फिर बाद में इसे अपने घर के बगीचे, खेत या फिर गमले में बो दें। माना जाता है कि इससे साल भर आपके घर में सुख-समृद्धि की कमी नहीं होगी।
Dhanteras 2023: शंख
शंख को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि धनतेरस के दिन शंख खरीद कर उसकी पूजा करने से घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। साथ ही इस दिन भगवान के लिए वस्त्र खरीदना भी शुभ माना गया है।
पीतल के बर्तन
कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन से धन्वंतरि देव प्रकट हुए थे, तो उनके हाथों में पीतल की धातु का अमृत कलश था, इसलिए पीतल धन्वंतरि देव की धातु मानी गई है। ऐसे में धनतेरस के दिन पीतल की धातु जरूर खरीदें। इससे आपके घर में सुख-समृद्धि आती है।
Dhanteras Muhurat: धनतेरस पर क्यों की जाती है वाहन की पूजा?
धनतेरस पर वाहन की पूजा करना शुभ होता है। अक्सर लोग इस दिन घर में मौजूद सभी वाहनों की विधिनुसार पूजा करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वाहन का संबंध ग्रहों से होता है। साथ ही वाहन में लोहे की मात्रा अधिक होने के कारण शनि अधिक असर करते हैं। इसलिए वाहन पूजा की जाती है क्योंकि, इससे शनिदेव के साथ-साथ सभी ग्रहों की पूजा भी हो जाती है।
भूलकर भी गिफ्ट न करें ये 3 चीजें
- धनतेरस के दिन किसी को भूलकर भी लोहे का सामान उपहार में न दें। इस दिन लोहा देना और उसे खरीदना दोनों ही अशुभ होता है। इससे आपके जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
- धनतेरस के शुभ अवसर पर किसी को कांच से बनी चीजें नहीं देनी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि कांच का संबंध राहु से है और राहु को पापी ग्रह माना जाता है। इस कारण इस दिन कांच को दान करने की भूल न करें।
- धनतेरस के दिन काले रंग की वस्तुओं को दान करने से बचें। धनतेरस एक शुभ दिन है इसलिए काले रंग की वस्तु का दान करने से मां लक्ष्मी नाराज हो सकती है।
Dhanteras Shopping Muhurat: धनतेरस पर क्यों खरीदी जाती है झाड़ू?
धनतेरस पर सोने-चांदी खरीदने का महत्व है। वहीं झाड़ू खरीदने का भी विशेष महत्व है। मत्स्य पुराण के अनुसार, झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है । कहते हैं, धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने से घर में बरकत बनी रहती है। इसके अलावा आर्थिक परेशानियों से भी छुटकारा मिलता है। इस दौरान फूल और सींक वाली झाड़ू खरीदना बेहद शुभ माना जाता है।
इसके साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि पुरानी झाड़ू को घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आर्थिक स्थिति पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए धनतेरस से पहले ही इसे उचित जगह पर छुपा कर रख दें।
Dhanteras Puja Muhurat: धनतेरस पूजा मुहूर्त
10 नवंबर 2023, शाम 05:47 बजे से लेकर शाम 07:47 बजे तक
Dhanteras Puja Samagri: धनतेरस 2023 पूजा सामग्री
माता लक्ष्मी और कुबेर की नई मूर्ति या तस्वीर, नए वस्त्र, कमलगट्टा, कमल और लाल गुलाब, फूलों की माला, साबुत धनिया, दूर्वा, कुश, पंच मेवा, सप्तमृत्तिका, सप्तधान्य, लकड़ी की चौकी, अक्षत्, हल्दी, रोली, सिंदूर, दही, दूध, फल, शहद, गंगाजल, शक्कर, शुद्ध घी, सुपारी, पान का पत्ता, पंच पल्लव, नैवेद्य, मिठाई, गुलाल, कपूर, रुई की बत्ती, दीपक, धूप, गंध, यज्ञोपवीत, कुमकुम, इलायची, लौंग, चांदी या सोने का सिक्का, नारियल, बहीखाता, रक्षासूत्र, इत्र, कुश का आसन आदि
Dhanteras Maa Lakshmi Kuber Pujan Vidhi: धनतेरस 2023 माता लक्ष्मी और कुबेर की पूजा विधि
- लकड़ी चौकी पर कुबेर,गणेश और माता लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापना करें।
- उनका पूजन अक्षत्, सिंदूर, फूल, दूर्वा, पान का पत्ता, सुपारी, धूप, दीप, नैवेद्य आदि से करें।
- भगवान गणेश को मोदक, माता लक्ष्मी को खीर और कुबेर जी को धनिया की पंजीरी का भोग लगाएं।
- पूजा के समय इनके मंत्रों का उच्चारण करें।
- उसके बाद कलम, खाताबही आदि का भी पूजन करें।
- अब लक्ष्मी चालीसा और कुबेर चालीसा का पाठ करें।
- माता लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर की आरती करें।
Dhanteras Kuber Chalisa: धनतेरस पर पढ़ें कुबेर चालीसा
Dhanteras Kuber Chalisa
श्री कुबेर चालीसा
॥ दोहा॥
जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर ।
ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥
विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर ।
भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढ़ेर ॥
॥ चौपाई ॥
जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥
तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥
स्वर्ग द्वार की करें पहरे दारी । सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥
यक्ष यक्षणी की है सेना भारी । सेनापति बने युद्ध में धनुधारी ॥
महा योद्धा बन शस्त्र धारैं । युद्ध करैं शत्रु को मारैं ॥
सदा विजयी कभी ना हारैं । भगत जनों के संकट टारैं ॥
प्रपितामह हैं स्वयं विधाता । पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता ॥
विश्रवा पिता इडविडा जी माता । विभीषण भगत आपके भ्राता ॥
शिव चरणों में जब ध्यान लगाया । घोर तपस्या करी तन को सुखाया ॥
शिव वरदान मिले देवत्य पाया । अमृत पान करी अमर हुई काया ॥
धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में । देवी देवता सब फिरैं साथ में ।
पीताम्बर वस्त्र पहने गात में ॥ बल शक्ति पूरी यक्ष जात में ॥
स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं । त्रिशूल गदा हाथ में साजैं ॥
शंख मृदंग नगारे बाजैं । गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं ॥
चौंसठ योगनी मंगल गावैं । ऋद्धि सिद्धि नित भोग लगावैं ॥
दास दासनी सिर छत्र फिरावैं । यक्ष यक्षणी मिल चंवर ढूलावैं ॥
ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं । देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं ॥
पुरुषोंमें जैसे भीम बली हैं । यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं ॥
भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं । पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं ॥
नागों में जैसे शेष बड़े हैं । वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं ॥
कांधे धनुष हाथ में भाला । गले फूलों की पहनी माला ॥
स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला । दूर दूर तक होए उजाला ॥
कुबेर देव को जो मन में धारे । सदा विजय हो कभी न हारे ।
बिगड़े काम बन जाएं सारे । अन्न धन के रहें भरे भण्डारे ॥
कुबेर गरीब को आप उभारैं । कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं ॥
कुबेर भगत के संकट टारैं । कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं ॥
शीघ्र धनी जो होना चाहे । क्युं नहीं यक्ष कुबेर मनाएं ॥
यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं । दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं ॥
भूत प्रेत को कुबेर भगावैं । अड़े काम को कुबेर बनावैं ॥
रोग शोक को कुबेर नशावैं । कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं ॥
कुबेर चढ़े को और चढ़ादे । कुबेर गिरे को पुन: उठा दे ॥
कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे । कुबेर भूले को राह बता दे ॥
प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे । भूखे की भूख कुबेर मिटा दे ॥
रोगी का रोग कुबेर घटा दे । दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे ॥
बांझ की गोद कुबेर भरा दे । कारोबार को कुबेर बढ़ा दे ॥
कारागार से कुबेर छुड़ा दे । चोर ठगों से कुबेर बचा दे ॥
कोर्ट केस में कुबेर जितावै । जो कुबेर को मन में ध्यावै ॥
चुनाव में जीत कुबेर करावैं । मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं ॥
पाठ करे जो नित मन लाई । उसकी कला हो सदा सवाई ॥
जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई । उसका जीवन चले सुखदाई ॥
जो कुबेर का पाठ करावै । उसका बेड़ा पार लगावै ॥
उजड़े घर को पुन: बसावै । शत्रु को भी मित्र बनावै ॥
सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई । सब सुख भोद पदार्थ पाई ।
प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई । मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई ॥
श्री कुबेर चालीसा ॥ दोहा ॥
शिव भक्तों में अग्रणी, श्री यक्षराज कुबेर ।
हृदय में ज्ञान प्रकाश भर, कर दो दूर अंधेर ॥
कर दो दूर अंधेर अब, जरा करो ना देर ।
शरण पड़ा हूं आपकी, दया की दृष्टि फेर ।
॥ इति श्री कुबेर चालीसा ॥
Dhanteras Lakshmi Chalisa: धनतेरस पर करें लक्ष्मी चालीसा का पाठ
maa lakshmi
- फोटो : maa lakshmi
श्री लक्ष्मी चालीसा
॥ दोहा ॥
मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास।
मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
सिंधु सुता विष्णुप्रिये नत शिर बारंबार।
ऋद्धि सिद्धि मंगलप्रदे नत शिर बारंबार॥
श्री लक्ष्मी चालीसा
तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि पुरवहु आस हमारी॥
जय जय जगत जननि जगदंबा सबकी तुम ही हो अवलंबा॥1॥
तुम ही हो सब घट घट वासी। विनती यही हमारी खासी॥
जगजननी जय सिन्धु कुमारी। दीनन की तुम हो हितकारी॥2॥
विनवौं नित्य तुमहिं महारानी। कृपा करौ जग जननि भवानी॥
केहि विधि स्तुति करौं तिहारी। सुधि लीजै अपराध बिसारी॥3॥
कृपा दृष्टि चितववो मम ओरी। जगजननी विनती सुन मोरी॥
ज्ञान बुद्घि जय सुख की दाता। संकट हरो हमारी माता॥4॥
क्षीरसिन्धु जब विष्णु मथायो। चौदह रत्न सिन्धु में पायो॥
चौदह रत्न में तुम सुखरासी। सेवा कियो प्रभु बनि दासी॥5॥
जब जब जन्म जहां प्रभु लीन्हा। रुप बदल तहं सेवा कीन्हा॥
स्वयं विष्णु जब नर तनु धारा। लीन्हेउ अवधपुरी अवतारा॥6॥
तब तुम प्रगट जनकपुर माहीं। सेवा कियो हृदय पुलकाहीं॥
अपनाया तोहि अन्तर्यामी। विश्व विदित त्रिभुवन की स्वामी॥7॥
तुम सम प्रबल शक्ति नहीं आनी। कहं लौ महिमा कहौं बखानी॥
मन क्रम वचन करै सेवकाई। मन इच्छित वांछित फल पाई॥8॥
तजि छल कपट और चतुराई। पूजहिं विविध भांति मनलाई॥
और हाल मैं कहौं बुझाई। जो यह पाठ करै मन लाई॥9॥
ताको कोई कष्ट नोई। मन इच्छित पावै फल सोई॥
त्राहि त्राहि जय दुःख निवारिणि। त्रिविध ताप भव बंधन हारिणी॥10॥
जो चालीसा पढ़ै पढ़ावै। ध्यान लगाकर सुनै सुनावै॥
ताकौ कोई न रोग सतावै। पुत्र आदि धन सम्पत्ति पावै॥11॥
पुत्रहीन अरु संपति हीना। अन्ध बधिर कोढ़ी अति दीना॥
विप्र बोलाय कै पाठ करावै। शंका दिल में कभी न लावै॥12॥
पाठ करावै दिन चालीसा। ता पर कृपा करैं गौरीसा॥
सुख सम्पत्ति बहुत सी पावै। कमी नहीं काहू की आवै॥13॥
बारह मास करै जो पूजा। तेहि सम धन्य और नहिं दूजा॥
प्रतिदिन पाठ करै मन माही। उन सम कोइ जग में कहुं नाहीं॥14॥
बहुविधि क्या मैं करौं बड़ाई। लेय परीक्षा ध्यान लगाई॥
करि विश्वास करै व्रत नेमा। होय सिद्घ उपजै उर प्रेमा॥15॥
जय जय जय लक्ष्मी भवानी। सब में व्यापित हो गुण खानी॥
तुम्हरो तेज प्रबल जग माहीं। तुम सम कोउ दयालु कहुं नाहिं॥16॥
मोहि अनाथ की सुधि अब लीजै। संकट काटि भक्ति मोहि दीजै॥
भूल चूक करि क्षमा हमारी। दर्शन दजै दशा निहारी॥17॥
बिन दर्शन व्याकुल अधिकारी। तुमहि अछत दुःख सहते भारी॥
नहिं मोहिं ज्ञान बुद्घि है तन में। सब जानत हो अपने मन में॥18॥
रुप चतुर्भुज करके धारण। कष्ट मोर अब करहु निवारण॥
केहि प्रकार मैं करौं बड़ाई। ज्ञान बुद्घि मोहि नहिं अधिकाई॥19॥
॥ दोहा॥
त्राहि त्राहि दुख हारिणी, हरो वेगि सब त्रास। जयति जयति जय लक्ष्मी, करो शत्रु को नाश॥
रामदास धरि ध्यान नित, विनय करत कर जोर। मातु लक्ष्मी दास पर, करहु दया की कोर॥
Dhanteras Shopping Shubh Muhurat: आपके शहर में खरीदारी का शुभ मुहूर्त
चंडीगढ़- शाम 5:45 से 7:39 बजे तक
कोलकाता - शाम 5:13 बजे से शाम 7:11 बजे तक
मुंबई- शाम 6:20 से 8:20 बजे तक
बेंगलुरु- शाम 6:10 से 8:13 बजे तक
अहमदाबाद- शाम 6:15 से 8:13 बजे तक
नोएडा- शाम 5:47 से 7:42 तक
Dhanteras 2023 Bahi Khata Chaughadiya Muhurat: चौघड़िया मुहूर्त
(1) दिन में 12:00 से 01:25 बजे तक शुभ
(2) सायं में 04:09 से 05:29 बजे तक चर
(3) रात में 08:45 से 10:23 बजे तक लाभ
(4) रात में 12:00 से 01:40 बजे तक शुभ
(5) रात में 01:40 से 03:18 बजे तक अमृत
(6) भोर में 04:56 से 06:33 बजे तक चर
Dhanteras Upay: कर्ज से मुक्ति पाने के लिए धनतेरस पर इस स्त्रोत का करें पाठ
ऋणमोचक मंगल स्तोत्र
मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः।
स्थिरासनो महाकयः सर्वकर्मविरोधकः ॥1॥
लोहितो लोहिताक्षश्च सामगानां कृपाकरः।
धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः॥2॥
अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः।
व्रुष्टेः कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः॥3॥
एतानि कुजनामनि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्।
ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्॥4॥
धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्तिसमप्रभम्।
कुमारं शक्तिहस्तं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥5॥
स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत्पठनीयं सदा नृभिः।
न तेषां भौमजा पीडा स्वल्पाऽपि भवति क्वचित्॥6॥
अङ्गारक महाभाग भगवन्भक्तवत्सल।
त्वां नमामि ममाशेषमृणमाशु विनाशय॥7॥
ऋणरोगादिदारिद्रयं ये चान्ये ह्यपमृत्यवः।
भयक्लेशमनस्तापा नश्यन्तु मम सर्वदा॥ 8 ||
अतिवक्त्र दुरारार्ध्य भोगमुक्त जितात्मनः।
तुष्टो ददासि साम्राज्यं रुश्टो हरसि तत्ख्शणात्॥9॥
विरिंचिशक्रविष्णूनां मनुष्याणां तु का कथा।
तेन त्वं सर्वसत्त्वेन ग्रहराजो महाबलः॥10॥
पुत्रान्देहि धनं देहि त्वामस्मि शरणं गतः।
ऋणदारिद्रयदुःखेन शत्रूणां च भयात्ततः॥11॥
एभिर्द्वादशभिः श्लोकैर्यः स्तौति च धरासुतम्।
महतिं श्रियमाप्नोति ह्यपरो धनदो युवा॥12॥
Dhanteras 2023 Kuber Yantra: धनतेरस के दिन कुबेर यंत्र के साथ जरूर करें ये उपाय
- कुबेर देव की पूजा के लिए उनके यंत्र की स्थापना करना आर्थिक उन्नति के लिए लाभकारी सिद्ध होता है और इसके साथ आज के दिन कुछ अन्य उपाय भी किए जाते हैं। आज धनतेरस के दिन लक्ष्मी-गणेश जी का चित्र बना हुआ सोने या चांदी का सिक्का लाकर, उसे संभालकर अपने पास रखना चाहिए और दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा के समय इसे लकड़ी के पाटे पर स्थापित करके इसकी विधि-पूर्वक पूजा करनी चाहिए और बाद में इसे अपने घर या ऑफिस की तिजोरी या मन्दिर में स्थापित करना चाहिए। आज ऐसा करने से आपके घर और बिजनेस की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी और आपको लाभ ही लाभ मिलेंगे।
- अपने व्यवसाय में बढ़ोत्तरी की कामना रखने वालों को आज शाम को पूजा के समय माता लक्ष्मी को हरे वस्त्र और हरे फल अर्पित करके नमस्कार करना चाहिए और अपने धन संपत्ति में बढ़ोतरी के लिये प्रार्थना करना चाहिए। आज ऐसा करने से आपके धन-संपत्ति में बढ़ोतरी होगी।
Dhanteras 2023 Pujan Muhurat: लखनऊ,कानपुर, आगरा, मथुरा, वाराणसी और प्रयागराज
लखनऊ: शाम 05:35 से 07:32 तक
कानपुर: शाम 05:38 से 07:35 तक
आगरा: शाम 05:46 से 07:43 तक
मथुरा: शाम 05:47 से 07:43 तक
वाराणसी : शाम 05:30 से 07:27 तक
प्रयागराज:शाम 05:34 से 07:31 तक
Dhanteras 2023 Shopping Muhurat in Evening: धनतेरस 2023 शाम में खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदी गई वस्तुओं में वृद्धि होती है। इसलिए शुभ मुहूर्त में धरतेरस की खरीदारी करें।
- आज खरीदारी के लिए दोपहर 12:35 से 02:46 तक का समय शुभ था।
- इसके बाद शाम 04:17 से 05:19 तक का समय शुभ था ।
- इसके बाद रात 09:51 से 12:03 तक खरीदारी के लिए समय शुभ रहेगा
Dhanteras Kuber Aarti: धनतेरस के दिन कुबेर जी की आरती से होता है धन लाभ
कुबेर की आरती
ॐ जय यक्ष कुबेर हरे,
स्वामी जय यक्ष जय यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के,
भण्डार कुबेर भरे।
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े,
स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
दैत्य दानव मानव से,
कई-कई युद्ध लड़े ॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
स्वर्ण सिंहासन बैठे,
सिर पर छत्र फिरे,
स्वामी सिर पर छत्र फिरे।
योगिनी मंगल गावैं,
सब जय जय कार करैं॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
गदा त्रिशूल हाथ में,
शस्त्र बहुत धरे,
स्वामी शस्त्र बहुत धरे।
दुख भय संकट मोचन,
धनुष टंकार करे॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
भांति भांति के व्यंजन बहुत बने,
स्वामी व्यंजन बहुत बने।
मोहन भोग लगावैं,
साथ में उड़द चने॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
बल बुद्धि विद्या दाता,
हम तेरी शरण पड़े,
स्वामी हम तेरी शरण पड़े,
अपने भक्त जनों के,
सारे काम संवारे॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
मुकुट मणी की शोभा,
मोतियन हार गले,
स्वामी मोतियन हार गले।
अगर कपूर की बाती,
घी की जोत जले॥
॥ ॐ जय यक्ष कुबेर हरे...॥
यक्ष कुबेर जी की आरती,
जो कोई नर गावे,
स्वामी जो कोई नर गावे ।
कहत प्रेमपाल स्वामी,
मनवांछित फल पावे।
॥ इति श्री कुबेर आरती ॥
Dhanteras Maa Lakshmi Aarti Lyrics: धनलाभ के लिए करें मां लक्ष्मी की ये आरती
लक्ष्मी जी की आरती
ॐ जय लक्ष्मी माता मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
मैया जी को निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
उमा रमा ब्रह्माणी तुम ही जगमाता
मैया तुम ही जगमाता
सूर्य चन्द्रमा ध्यावत
नारद ऋषि गाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
दुर्गा रूप निरंजनी सुख सम्पत्ति दाता
मैया सुख सम्पत्ति दाता
जो कोई तुमको ध्यावत
ऋद्धि-सिद्धि धन पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम पाताल निवासिनि तुम ही शुभदाता
मैया तुम ही शुभदाता
कर्मप्रभावप्रकाशिनी
भवनिधि की त्राता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
जिस घर में तुम रहती सब सद्गुण आता
मैया सब सद्गुण आता
सब सम्भव हो जाता
मन नहीं घबराता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
तुम बिन यज्ञ न होते वस्त्र न कोई पाता
मैया वस्त्र न कोई पाता
खान पान का वैभव
सब तुमसे आता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
शुभ गुण मन्दिर सुन्दर क्षीरोदधि जाता
मैया सुन्दर क्षीरोदधि जाता
रत्न चतुर्दश तुम बिन कोई नहीं पाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
महालक्ष्मीजी की आरती जो कोई नर गाता
मैया जो कोई नर गाता
उर आनन्द समाता पाप उतर जाता
ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता
तुमको निशदिन सेवत
हरि विष्णु विधाता
।।ॐ जय लक्ष्मी माता।।
।। मैया जय लक्ष्मी माता।।
मां महालक्ष्मी की जय
तमिलनाडु के खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने दिवाली के अवसर पर अपने ट्रिप्लिकेन निर्वाचन क्षेत्र में लोगों को कपड़े वितरित किए।
गुजरात मे धनतेरस के मौके पर लोग सोने और चांदी के आभूषण खरीद रहे हैं। राजकोट में एक आभूषणों की दुकान में लोग खरीददारी करते दिखे।
धनत्रयोदशी पर बन रहे हैं महासंयोग
धनत्रयोदशी के साथ शुक्र प्रदोष और विष कुंभ योग का महासंयोग एक साथ हो रहा है। ऐसे में यदि वृषभ लग्न के दौरान कोई काम किया जाए तो उसमें ठहराव आता है। ऐसे में इस समय में सोना, चांदी या किसी भी चीज की खरीदारी करना इस दिन बेहद शुभ और फलदायी साबित होगा। इसके अलावा इस समय में माता लक्ष्मी की पूजा से माता लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी। धनतेरस के दिन देवताओं के वैद्य धन्वंतरि के अलावा माता लक्ष्मी के पूजन का भी विधान है। इसके अलावा इस दिन खरीदारी का भी विशेष महत्व है।