छठ पूजा 2025 अर्घ्य शुभ मुहूर्त लाइव अपडेट
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Chhath Puja 2025 Nahay Khay Shubh Muhurat Live Updates: चार दिनों तक चलने वाले आस्था और श्रद्धा के महापर्व छठ पूजा की शुरुआत आज शनिवार, 25 अक्टूबर से हो गई है। इस दिन को नहाय-खाय के रूप में मनाया जाता है, जिससे व्रत की पवित्र शुरुआत होती है। व्रती महिलाएं नदियों या तालाबों में स्नान कर शुद्धता के साथ व्रत आरंभ करती हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं। इसके अगले दिन खरना, तीसरे दिन संध्या अर्घ्य और चौथे दिन उषा अर्घ्य के साथ यह पर्व संपन्न होगा।
छठ पूजा 2025 नहाय खाय: Nahay Khay 2025 Date LIVE
हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को नहाय-खाय से आरंभ होता है। इस दिन व्रती सुबह स्नान करके घर को पवित्र करते हैं और सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। नहाय-खाय के साथ ही छठ पर्व की धार्मिक परंपरा की शुरुआत होती है, जो चार दिनों तक चलती है और उषा अर्घ्य अर्पित करने के साथ समाप्त होती है।
नहाय खाय तिथि: Chhath Puja Nahay Khay Tithi Live
आस्था और श्रद्धा का महापर्व छठ पूजा शनिवार, 25 अक्तूबर से नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। सूर्य उपासना को समर्पित यह चार दिवसीय पर्व 28 अक्तूबर तक चलेगा। नहाय-खाय के दिन व्रती महिलाएं पवित्र स्नान कर सात्विक भोजन ग्रहण करती हैं और शुद्धता के साथ व्रत की शुरुआत करती हैं।
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Chhath Puja Live Updates: छठ पूजा की तैयारियों के बारे में दिल्ली महापौर राजा इकबाल सिंह
छठ पूजा की तैयारियों के बारे में दिल्ली महापौर राजा इकबाल सिंह ने कहा, “दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम मिलकर काम कर रहे हैं। हमारा मानना है कि छठ के पावन पर्व के लिए घाट साफ-सुथरे और व्यवस्थित होने चाहिए। लाखों लोग आएंगे। ताकि किसी भी तरह की गंदगी न हो और किसी को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, दिल्ली सरकार पूरी तरह से तैयार है।”
Chhath Puja Nahay Khay 2025 Importance LIVE: नहाए-खाए का महत्व
नहाए-खाए का दिन छठ पूजा का पहला और सबसे महत्वपूर्ण दिन माना जाता है। यह दिन पवित्रता, अनुशासन और श्रद्धा का प्रतीक है। इस दिन व्रती महिलाएं सुबह सूरज की पहली किरण के साथ स्नान कर शुद्ध मन और शरीर से पूजा करती हैं। सूर्य भगवान की उपासना करने से घर और परिवार में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
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Chhath 2025 Nahay Khay Shubh Muhurat LIVE: नहाए खाए का शुभ मुहूर्त
Chhath Puja Nahay Khay 2025: नहाय-खाय सूर्योदय समय
आज छठ व्रत का पहला दिन यानी नहाय-खाय का दिन है। इस दिन व्रती महिलाएं सूर्योदय के बाद ही सूर्य देव को अर्घ्य देती हैं और उसके बाद प्रसाद ग्रहण करती हैं। इसलिए आज के सूर्योदय का समय बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप सूर्योदय का समय जानना चाहती हैं, तो 25 अक्टूबर 2025 के लिए यह समय है:
- सूर्योदय: प्रातः 6:28
- सूर्यास्त: सायं 5:41
Chhath Puja 2025 Prasad Time: नहाय-खाय का प्रसाद कब खाएं
25 अक्तूबर को नहाय-खाय के दिन का शुभ मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक है। वहीं, गुलिक काल सुबह 6:28 बजे से 7:52 बजे तक रहेगा। इस दिन राहुकाल सुबह 9:16 बजे से 10:40 बजे तक और यमघंटकाल दोपहर 1:29 बजे से 2:53 बजे तक होगा। राहुकाल और यमघंटकाल के समय नहाय-खाय का प्रसाद बनाना या खाना नहीं चाहिए।
Chhath Puja 2025 Nahay Khay Wishes: नहाय-खाय की शुभकामनाएं
नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं
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ठेकुआ लाओ, लड्डू चढ़ाओ
छठी मैया के गुण गाओ
जय छठी मैया
नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं
Chhath Puja 2025 Nahay Khay Wishes: नहाय-खाय की शुभकामनाएं
रथ पर होकर सवार
सूर्य देव आएं आपके द्वार
सुख और संपत्ति और खुशियां
आपको मिलें अपार
नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं
मंदिर की घंटी, आरती की थाली
नदी के किनारे सूरज की लाली
जिंदगी में आए खुशियों की बहार
शुभ हो आपका छठ का त्योहार
नहाय खाय की हार्दिक शुभकामनाएं
Chhath 2025 Nahay Khay LIVE: नहाए-खाए के दिन क्या बनाएं?
नहाए-खाए के दिन व्रती मुख्य रूप से अरवा का चावल, चने की दाल और घीया या कद्दू की सब्जी बनाते हैं। इसके अलावा, बिहार और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस दिन नोनी का साग, पकोड़े और कुट्टू के आटे की पूरी भी तैयार की जाती है। यह भोजन पूजा से पहले शुद्धता और श्रद्धा के साथ बनाया जाता है।
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Nahay Khay Puja Vidhi 2025 LIVE: नहाए-खाए के दिन कैसे करें पूजा?
- नहाए-खाए के दिन सुबह उठकर स्नान करें।
- स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें।
- रसोई और बर्तन अच्छी तरह से साफ करें।
- शुद्ध बर्तनों में भोजन तैयार करें।
- भोजन बनने के बाद पहले भगवान को भोग लगाएं।
- व्रत करने वाला व्यक्ति भोजन ग्रहण करें।
- घर में बना भोजन सभी परिवार के सदस्यों के साथ बांटें।
- यह दिन श्रद्धा और पवित्रता का प्रतीक है।
Do These Things on Nahay Khay Chhath 2025 LIVE: नहाए-खाए के दिन करें ये काम
- नहाए-खाए के दिन गरीब और जरूरतमंदों को दान दें।
- जरूरतमंदों को भोजन कराना मां छठी का आशीर्वाद प्राप्त करने का उपाय है।
- गाय को रोटी या भोजन खिलाना पुण्य का कार्य माना जाता है।
- ये कार्य व्रती के लिए सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद लाते हैं।
Chhath Surya Arghya On Nahay Khay 2025 LIVE: नहाए खाए में सूर्य को जल चढ़ाने की विधि
- नहाए-खाए के दिन सुबह उठकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके पूजा करें।
- तांबे के लोटे में जल डालें और उसमें फूल, अक्षत और गुड़ मिलाएं।
- जल अर्पित करते समय ॐ सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें।
- सूर्य भगवान को प्रणाम करें।
- व्रत का संकल्प लें।
Chhath Puja 2025 Calendar: छठ पूजा 2025 कैलेंडर
Chhath Puja 2025 Calendar
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- छठ पूजा पहला दिन (नहाय खाय)- 25 अक्टूबर 2025
- छठ पूजा दूसरा दिन (खरना)- 26 अक्टूबर 2025
- छठ पूजा तीसरा दिन (संध्या अर्घ्य)- 27 अक्टूबर 2025
- छठ पूजा चौथा दिन (उषा अर्घ्य)- 28 अक्टूबर 2025
Chhathi Maiya Kaun Hai: छठ मैया कौन हैं
पौराणिक कथाओं के अनुसार, छठी मैया ब्रह्मा जी की मानस पुत्री और भगवान सूर्य की बहन मानी जाती हैं। उन्हें षष्ठी देवी के नाम से भी जाना जाता है। छठी मैया विशेष रूप से संतान सुख, परिवार में खुशहाली और समृद्धि प्रदान करने वाली देवी हैं। उनकी पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और व्रती अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आशीर्वाद का अनुभव करते हैं। छठ महापर्व में श्रद्धालु उनकी आराधना करते हैं और विशेष तौर पर सूर्य देव को अर्घ्य देकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हैं। छठ मैया की भक्ति में समर्पण, पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व है।
Chhath Puja Live Updates: आज नहाय-खाय पर करें छठी मैया की आरती
छठ मैया की आरती
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
Chhath Puja 2025 History Live: छठ पूजा की शुरुआत कैसे हुई?
छठ महापर्व की उत्पत्ति रामायण काल से जुड़ी है। राम वनवास के बाद अयोध्या लौटे और पापों से मुक्ति पाने के लिए ऋषि-मुनियों की सलाह पर यज्ञ करने का संकल्प लिया। मुद्गल ऋषि के निर्देशानुसार माता सीता ने शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को सूर्य देव की पूजा की, और यही परंपरा छठ महापर्व के रूप में विकसित हुई।
महाभारत काल में भी छठ पर्व का महत्व था। पांडवों ने जब अपना सब कुछ जुए में हार दिया, तब द्रौपदी ने छठ व्रत किया और इसके फलस्वरूप उनके सभी संकट दूर हुए। इसके अलावा, सूर्यपुत्र कर्ण भी सूर्य देव के भक्त थे और उन्होंने सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर महान योद्धा बनने का आशीर्वाद पाया।
आज छठ महापर्व मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है, लेकिन इसकी महिमा अब देश-विदेश के अन्य क्षेत्रों में भी श्रद्धा और भक्ति के साथ देखी जाती है।
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Chhath Puja 2025 Date Time Puja Samagri LIVE: छठ पूजा सामग्री
- ठेकुआ – छठ व्रत का प्रमुख प्रसाद।
- फल – केला, नारियल, अमरूद, सेब, गन्ना आदि।
- सूप व दउरा – अर्घ्य देने और पूजा सामग्री रखने के लिए।
- दीपक (दीया) – सूर्य देव की आरती और अर्घ्य के समय जलाया जाता है।
- नारियल और कपूर – पूजन में आवश्यक माने जाते हैं।
- कच्चा चावल, गेहूं, गुड़, दूध व गंगाजल – अर्घ्य और प्रसाद के लिए।
- आम के पत्ते, फूल और लाल कपड़ा – पूजा सजावट और कलश के लिए।
Chhath Puja Niyam: छठ पूजा नियम
- छठ पूजा के दौरान प्याज, लहसुन और मांसाहारी चीजों का सेवन वर्जित है।
- व्रती द्वारा बनाए गए भोजन में गंगाजल का उपयोग किया जाता है और इसे मिट्टी या कांसे के बर्तनों में तैयार किया जाता है।
- छठ पूजा की सामग्री जैसे प्रसाद, फल और अर्घ्य बांस की टोकरी (सूप) में रखी जाती है।
- व्रतधारी को शरीर और मन की शुद्धि के लिए नदी, तालाब या किसी स्वच्छ जलाशय में स्नान करना आवश्यक है।
- सूर्य को अर्घ्य जल में खड़े होकर दिया जाता है।
- पूजा के दौरान चमड़े की वस्तुओं का उपयोग नहीं करना चाहिए।
- छठ का प्रसाद बनाने वाले बर्तन और चूल्हा पूरी तरह शुद्ध होने चाहिए।
- चूल्हा जलाने के लिए लकड़ी या उपले का प्रयोग करें।
- व्रती को पूजा के समय पलंग या चारपाई पर नहीं सोना चाहिए।
Chhath Puja 2025 During Pregnancy: गर्भावस्था में छठ पूजा कैसे करें
गर्भवती महिलाओं के लिए पारंपरिक छठ व्रत रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। लंबा निर्जला उपवास करने से शरीर में पानी और पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जो माँ और बच्चे दोनों की सेहत पर असर डाल सकता है। अगर गर्भवती महिला व्रत करना चाहती हैं, तो इसे डॉक्टर की सलाह के बाद ही हल्के फलाहार के साथ करना चाहिए। इस दौरान नारियल पानी, दूध, फलों का रस, या साबूदाना जैसे हल्के और तरल आहार शामिल किए जा सकते हैं।
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Chhath Puja Samagri List: छठ पूजा सामग्री लिस्ट
- गन्ना
- कपूर
- दीपक
- अगरबत्ती
- बाती
- कुमकुम
- चंदन
- धूपबत्ती
- माचिस
- फूल
- हरे पान के पत्ते
- साबुत सुपाड़ी
- शहद
- हल्दी
- मूली
- पानी वाला नारियल
- अक्षत
- अदरक का हरा पौधा
- बड़ा वाला मीठा नींबू
- शरीफा
- केला और नाशपाती
- शकरकंदी
- सुथनी
- मिठाई
- पीला सिंदूर
- दीपक
- घी
- गुड़
- गेंहू
- चावल का आटा
Shivling Puja Rituals On Chhath 2025 Live Update: छठ पूजा में शिवलिंग पर अर्पित करें ये 5 चीजें
- छठ पूजा के पावन पर्व पर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
- शिवलिंग पर कच्चा दूध अर्पित करें। इससे मानसिक शांति मिलती है, तनाव कम होता है और रिश्तों में प्रेम व विश्वास बढ़ता है।
- शमी का फूल शिवलिंग पर चढ़ाएं। यह अत्यंत शुभ माना गया है और इसके प्रभाव से घर में सुख-समृद्धि आती है।
- चंदन और शहद अर्पित करें। ऐसा करने से रुके हुए कार्य पूरे होते हैं और महादेव सभी इच्छाएँ पूरी करते हैं।
- 108 बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है; इसे चढ़ाने से जीवन के बड़े संकट दूर होते हैं और अच्छी सेहत व सुखी जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
Chhath Puja Vrat Niyam During Pregnancy: गर्भावस्था में पूजा और व्रत के नियम
- गर्भावस्था में शरीर को पर्याप्त पोषण और पानी की जरूरत होती है, इसलिए निर्जला व्रत रखना हानिकारक हो सकता है।
- अगर व्रत रखना चाहें तो फलाहार व्रत अपनाएं।
- दिनभर में हल्के फल जैसे केला, सेब, मौसमी आदि खाएं।
- शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए नारियल पानी, नींबू पानी या दूध जैसे पेय पदार्थ लेते रहें।
- इससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और कमजोरी महसूस नहीं होती।
- हालांकि, गर्भवती महिलाओं को छठ व्रत न रखने की सलाह दी जाती है, क्योंकि स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है।
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How to Perform Chhath Nahay-Khay During Periods: पीरियड्स में छठ का नहाय-खाय कैसे करें
अगर छठ व्रत के दौरान नहाय-खाय के दिन पीरियड्स आ जाएं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। सबसे पहले बाल धोकर स्नान करें और स्वयं को स्वच्छ रखें। हालांकि, इस स्थिति में पूजा-पाठ या प्रसाद बनाने का कार्य नहीं करना चाहिए।
आप सूर्य देव को नमस्कार कर सकती हैं और छठी मैया से आशीर्वाद ले सकती हैं, लेकिन जल अर्पित करना वर्जित होता है। नहाय-खाय का प्रसाद जैसे कद्दू-भात घर के किसी अन्य सदस्य से बनवाएं। रसोई में प्रवेश न करें, परंतु प्रसाद को श्रद्धा से ग्रहण कर सकती हैं। अंत में छठ माता से भूल-चूक के लिए क्षमा याचना करें।
Chhati Maiya Geet On Chhath LIve Updates: छठ मईया गीत
ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
Chhath Puja Mein Kya Na Karein: छठ पूजा में क्या करें
- साफ-सफाई का ध्यान रखें
- लहसुन-प्याज का सेवन न करें
- पानी का सेवन न करें
Why There Is No Need for Purohit During Chhath Puja: छठ पूजा में क्यों नहीं होती पुरोहित की जरूरत?
अधिकांश त्योहारों में पूजा करवाने के लिए पंडित या पुरोहित की आवश्यकता होती है, लेकिन छठ पूजा इससे अलग है। इस पर्व में किसी विशेष मंत्र या विधि-विधान की जरूरत नहीं होती। छठ पूजा पूरी तरह श्रद्धा, आस्था और पवित्रता पर आधारित है। इसमें व्रती स्वयं ही पुरोहित और यजमान बनकर पूजा करते हैं। नहाय-खाय से लेकर खरना, संध्या अर्घ्य और प्रातःकालीन अर्घ्य तक हर चरण में केवल लोक आस्था और भक्ति की भावना प्रमुख रहती है। यही सरलता और आत्मसमर्पण छठ पूजा को सबसे विशेष और पवित्र बनाते हैं।
Chhath Puja Par KIs Devta Ki Puja hoti hai : छठ पूजा किस देवता की उपासना के लिए की जाती है?
छठ पूजा सूर्य देव (भगवान भास्कर) और उनकी बहन छठी मइया (ऊषा देवी) की उपासना के लिए की जाती है। सूर्य जीवन, ऊर्जा और स्वास्थ्य के प्रतीक हैं, जबकि छठी मइया संतान, समृद्धि और कल्याण की देवी मानी जाती हैं।
Chhath Puja Mein Soop Ka Istemal छठ पूजा में सूप का इस्तेमाल क्यों होता है?
छठ पूजा में बांस से बनी कई वस्तुओं का उपयोग किया जाता है, जिनमें सूप सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सूप को सूर्य पूजा का अनिवार्य हिस्सा कहा गया है, क्योंकि इसके बिना यह अनुष्ठान अधूरा माना जाता है। सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करते समय सूप का प्रयोग किया जाता है। इसमें फल, ठेकुआ और अन्य प्रसाद रखकर श्रद्धा के साथ सूर्य भगवान को समर्पित किया जाता है। यह सूप न केवल पूजा का साधन है, बल्कि भक्ति और परंपरा का प्रतीक भी है।
Chhath Puja 2025 Live Updates: छठ पूजा में 5 फलों को जरूर करें शामिल
डाभ नींबू
अनानास
केला
गन्ना
सिंघाड़ा
Kharna Pujan 2025 Live Update : खरना पूजन (26 अक्तूबर, रविवार)
कल यानी 26 अक्तूबर को खरना पूजन होगा। इस दिन व्रती पूरा दिन उपवास रखते हैं और सूर्यास्त के बाद छठी मैया को प्रसाद चढ़ाकर अपना उपवास तोड़ते हैं। प्रसाद परिवार और मित्रों में बांटा जाता है।
खरना पूजन की सही विधि
- खरना के दिन सुबह जल्दी उठें और घर की अच्छी तरह सफाई करें।
- सफाई के बाद नहा-धोकर साफ और आरामदायक वस्त्र पहनें।
- पूजा-पाठ संपन्न करें और शाम को दोबारा स्नान कर नए या साफ कपड़े पहनें।
- कुछ घरों में महिलाएं धोती को साड़ी की तरह पहनती हैं; यह घर की परंपरा पर निर्भर करता है।
- आम की लकड़ियों से आग जलाकर प्रसाद (भोजन) तैयार करें।
- प्रसाद तैयार होने के बाद सबसे पहले छठी मैया को भोग लगाएं।
- पूजा संपन्न होने के बाद व्रती कुछ समय वहीं बैठकर माता का ध्यान करें।