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Basant Panchami 2026: शुभ योग में वसंत पंचमी, जानें देवी सरस्वती को प्रसन्न करने के सरल उपाय

Fri, 23 Jan 2026 03:15 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

Basant Panchami 2026 Puja Vidhi Saraswati Puja Muhurat Live in Hindi: वसंत पंचमी के अवसर पर शुभ मुहूर्त में सरस्वती माता की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस विशेष समय में की गई पूजा से मां सरस्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सरस्वती पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त अब समाप्त होने वाला है और इसमें केवल थोड़ा ही समय शेष रह गया है, ऐसे में श्रद्धालुओं को शीघ्र ही पूजा संपन्न कर लेनी चाहिए।
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Basant Panchami 2026 live - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Basant Panchami 2026 Puja Muhurat Live: हिंदू धर्म में मां सरस्वती को ज्ञान, संगीत, कला और वाणी की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। उनकी आराधना से बुद्धि का विकास होता है, सोच में स्पष्टता आती है और जीवन में सकारात्मक दिशा मिलती है। मान्यता है कि सच्चे मन और श्रद्धा से की गई सरस्वती उपासना व्यक्ति को शिक्षा और करियर में मनचाही सफलता दिलाती है। विशेष रूप से वसंत पंचमी का दिन देवी सरस्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना गया है, क्योंकि पौराणिक कथाओं के अनुसार इसी तिथि पर ब्रह्मा जी ने अपने कमंडल से जल छिड़ककर मां सरस्वती को प्रकट किया था।

आज माघ मास की शुक्ल पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। यह दिन पूरी तरह से विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस अवसर पर घरों, मंदिरों और विद्यालयों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है और देवी को पीले पुष्प, भोग तथा प्रसाद अर्पित किया जाता है। वसंत पंचमी को श्री पंचमी और सरस्वती पूजा के नाम से भी जाना जाता है, और आज के दिन की गई श्रद्धापूर्ण साधना से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और ज्ञान का प्रकाश प्राप्त होता है। आइए वसंत पंचमी का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत कथा के बारे में विस्तार से जानते हैं....।

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Basant Panchami 2026 Live : वसंत पंचमी तिथि

वर्ष 2026 में आज 23 जनवरी, शुक्रवार को बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर विद्या, बुद्धि और वाणी की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान से पूजा की जा रही है। पंचमी तिथि की शुरुआत आज तड़के 02:28 बजे से हुई है और यह कल 24 जनवरी को 01:46 बजे तक रहेगी। इस पूरे समय में मां सरस्वती की उपासना से ज्ञान, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति का योग बन रहा है।

Basant Panchami 2026 Shubh Muhurat: वसंत पंचमी पूजा मुहूर्त

सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त : प्रात: 06:18 से 12:18 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:11 से दोपहर  12:53 

Basant Panchami 2026 Shubh Yog: वसंत पंचमी 2026 शुभ योग   

  • आज वसंत पंचमी पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो दोपहर 2 बजकर 32 मिनट तक रहेगा।
  • इसके बाद उत्तराभाद्रपद नक्षत्र शुरू होगा।
  • इस समय पर परिध और शिव योग भी बन रहे हैं, इसलिए इस अवधि में मां सरस्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
Basant Panchami 2026: शुभ योग में वसंत पंचमी आज, जानें पूजा विधि से लेकर शुभ मुहूर्त तक सबकुछ
 

Basant Panchami 2026 Wishes: वसंत पंचमी शुभकामना संदेश

वसंत पंचमी पर इन संदेशों से दें शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

सरस्वती मां का आशीर्वाद बरसता रहे हर पल,
ज्ञान और खुशियों से रोशन हो आपका हर घर।
बसंत पंचमी की ढेरों शुभकामनाएं।

ज्ञान की ज्योति से जगमगाए हर मन,
सरस्वती मां का आशीर्वाद रहे हर कदम।
खुशियों और सफलता से भर जाए जीवन,
वसंत पंचमी की शुभकामनाएं।

सरस्वती मां  के आशीर्वाद से हर दिन हो रोशन,
ज्ञान और खुशियों से महकता रहे आपका जीवन।
वसंत पंचमी का यह शुभ पर्व लाए नई उमंग,
हर पल बने आपके लिए खुशियों का रंग। 
Basant Panchami 2026 Wishes: पीली चादर ओढ़े धरा मुस्काए,...वसंत पंचमी पर अपनों को भेजें ऐसे शुभकामना संदेश
 

Basant Panchami 2026 Live: वसंत पंचमी पर ग्रहों का संयोग

  • वसंत पंचमी के दिन शनि मकर राशि में स्थित रहेगा।
  • इस राशि में सूर्य, बुध, मंगल और शुक्र भी उपस्थित होंगे।
  • सूर्य यहाँ ग्रहों का राजा, बुध राजकुमार, मंगल सेनापति और शुक्र सौभाग्य के कारक हैं।
  • यह संयोग चारों ग्रहों के कल्याणकारी चतुर्ग्रही योग का निर्माण करेगा।
  • इस समय पूजा-अर्चना और शुभ कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

Basant Panchami 2026 Shubh Yog: बसंत पंचमी पर गजकेसरी योग

  • बसंत पंचमी के दिन चंद्रमा मीन राशि में प्रवेश करेंगे।
  • चंद्रमा के चतुर्थ भाव में गुरु के साथ होने से गजकेसरी योग बन रहा है।
  • गजकेसरी योग को ज्योतिष में अत्यंत शुभ और शक्तिशाली माना जाता है।
  • इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी पर गजकेसरी राजयोग, इन राशि के लोगों को मिलेगा अचानक लाभ और बढ़ेगा मान-सम्मान

योगी आदित्यनाथ ने वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी।

योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को वसंत पंचमी की शुभकामनाएं दी।

अयोध्या में बसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं ने सरयू घाट पर पूजा-अर्चना की।

Basant Panchami 2026 Puja Muhurat: बसंत पंचमी पूजा शुभ मुहूर्त

पहला शुभ मुहूर्त: प्रातः 7:13  से दोपहर 12 : 33 तक 
अभिजीत मुहूर्त:  दोपहर 12 :11 से 12 :54  तक  
अमृतकाल मुहूर्त: प्रातः 9: 31 से 11:05 तक 

Basant Panchami 2026 Live: वसंत पंचमी के दिन करें ये कार्य

  • पीले चंदन का टीका माथे पर लगाएं।
  • पीले रंग के वस्त्र धारण करें।
  • पुस्तकों, पेन या ज्ञान से जुड़े आइटम दान करें।
  • मां सरस्वती की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
  • सात्त्विक और हल्का भोजन ग्रहण करें।

Basant Panchami 2026 Live: क्यों मनाया जाता है वसंत पंचमी का पर्व ?

  • माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी को देवी सरस्वती का जन्म हुआ था।
  • इस दिन वसंत पंचमी मनाई जाती है।
  • देवी सरस्वती को विद्या, कला और बुद्धि की देवी के रूप में पूजा जाता है।
  • पूजा-अर्चना से ज्ञान, कला और संगीत का आशीर्वाद मिलता है।
  • यह पर्व नई फसल और प्रकृति के बदलाव का उत्सव भी है।
  • सरसों के पीले फूल, आम के पेड़ों पर नई बौर और गुलाबी ठंड वातावरण को आनंदमय बनाती है।
  • यह समय मनुष्यों और पशु-पक्षियों दोनों में नई ऊर्जा का संचार करता है।

Basant Panchami Puja Labh : मां सरस्वती की पूजा के लाभ

मां सरस्वती की कृपा से ही सभी जीवों को वाणी, ज्ञान और बुद्धि का वरदान प्राप्त हुआ। वाणी की देवी होने के कारण, मां सरस्वती न केवल हमारी समझ और बुद्धि को प्रबल करती हैं बल्कि हमारे बोले हुए शब्दों में भी सच्चाई और प्रभाव डालती हैं। इसलिए हमेशा सोच-समझकर और संयमित तरीके से बोलना चाहिए। साथ ही, विद्या और ज्ञान में प्रगति पाने के लिए माता सरस्वती की भक्ति और वंदना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।

Basant Panchami 2026 Bhog: बसंत पंचमी का भोग

  • उत्तर भारत में मां सरस्वती को केसर वाली खीर अर्पित की जाती है।
  • केसरिया चावल और पीले चावल का भोग भी लगाया जाता है।
  • बूंदी और बेसन के लड्डू माता को प्रसाद में चढ़ाए जाते हैं।
  • मालपुए भी पूजा के दौरान अर्पित किए जाते हैं।
  • बंगाली समुदाय में माछ-भात (मछली और चावल) का भोग रखा जाता है।
  • भोग में पीले रंग के पकवान रखना शुभ माना जाता है, यह ज्ञान, समृद्धि और वसंत के मौसम का प्रतीक है।

Basant Panchami 2026: वसंत पंचमी उपाय

  • वसंत पंचमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि से शरीर और मन को शुद्ध करें।
  • इसके बाद सरस्वती यंत्र या माता सरस्वती की प्रतिमा के सामने धूपबत्ती जलाएं।
  • सरस्वती यंत्र को गंगाजल और दूध से अभिषेक करें, फिर उस पर हल्का सा कुमकुम लगाएं और पीले फूल अर्पित करें।
  • इसके बाद 11 या 21 बार मंत्र “ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्।” का जाप करें।
  • पूजा समाप्त होने के बाद यंत्र या मूर्ति को घर में उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापित करें, ताकि विद्या, बुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे।

वसंत पंचमी के दिन क्या न करें?

  • वसंत पंचमी के दिन काले रंग के वस्त्र धारण न करें। 
  • इस दिन पेड़-पौधों को बिल्कुल भी नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।
  • वसंत पंचमी पर बिना स्नान के पूजा, जप, तप न करें।
  • इस दिन भूलकर भी तामसिक चीजों का सेवन न करें।

वसंत पंचमी पर राशि अनुसार उपाय

  • मेष राशि: मेष राशि के लोग सफेद रंग के वस्त्र धारण करें। 
  • वृषभ राशि: इस राशि के लोग वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को सफेद चंदन लगाएं।
  • मिथुन राशि: इस राशि के लोगों को सरस्वती पूजा में माता को हरे रंग का पेन अर्पित करना चाहिए।
  • कर्क राशि: वसंत पंचमी के दिन कर्क राशि के लोगों को मां सरस्वती को खीर का भोग लगाना चाहिए। 

राशि अनुसार उपाय

  • सिंह राशि: आप वसंत पंचमी की पूजा के दौरान माता को केसरिया रंग की कलम अर्पित करें। 
  • कन्या राशि: वसंत पंचमी के दिन इस राशि के जातकों को किताबों का दान करना चाहिए।
  • तुला राशि: तुला राशि के जातकों को वसंत पंचमी के दिन ब्राह्मण को सफेद कपड़े दान करने चाहिए। 
  • वृश्चिक राशि: वसंत पंचमी पर आप माता सरस्वती को श्वेत रेशमी कपड़ा अर्पित करें। 

Basant Panchami 2026 Live: देवी सरस्वती की कृपा पाने के लिए करें ये काम

  • वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की विधि विधान पूजा करनी चाहिए।
  • माता के मंत्रों का जाप जरूर करना चाहिए।
  • इस दिन मां सरस्वती को हल्दी अवश्य अर्पित करें।
  • वसंत पंचमी पर मां सरस्वती को खीर का भोग अवश्य लगाएं।
  • इस दिन मां सरस्वती को कलम अवश्य अर्पित करते हैं।

Saraswati Puja Shubh Muhurat: शहर के अनुसार सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

  • बेंगलुरु- पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:46 से दोपहर 12:32 तक
  • गुवाहाटी- पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:05 से प्रातः11:35 तक
  • पटना- पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:45 से दोपहर 12:15 बजे तक
  • दिल्ली-पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:13 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक

Saraswati Puja Shubh Muhurat: शहर के अनुसार सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

  • मुंबई- पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:15 से दोपहर 12:50 तक
  • चेन्नई- पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:36 से दोपहर 12:21 तक
  • हैदराबाद- पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:50 से दोपहर 12:28 तक
  • अहमदाबाद- पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:22 से दोपहर 12:52 तक

Basant Panchami Choghadia Muhurat: बसंत पंचमी शुभ चौघड़िया मुहूर्त

  • लाभ - उन्नति - प्रातः 08:33 से प्रातः 09:53 तक 
  • अमृत - सर्वोत्तम - प्रातः 09:53 से प्रातः11:13 वार वेला
  • शुभ - उत्तम -दोपहर 12:33 से दोपहर 01:53 तक 

Saraswati Puja Shubh Muhurat: शहर के अनुसार सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

  • जयपुर- पूजा मुहूर्त: प्रातः  07:16 से दोपहर 12:39 तक
  • चंडीगढ़- पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:19  से दोपहर 12:35 तक
  • भोपाल- पूजा मुहूर्त: प्रातः 07:08 से दोपहर 12:36 तक
  • वाराणसी-पूजा मुहूर्त: प्रातः 06:54 से दोपहर 12:16 तक

Saraswati Mata Vandana: मां सरस्वती की वन्दना

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा ॥1॥

शुक्लां ब्रह्मविचार सार परमामाद्यां जगद्व्यापिनीं
वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्।
हस्ते स्फटिकमालिकां विदधतीं पद्मासने संस्थिताम्
वन्दे तां परमेश्वरीं भगवतीं बुद्धिप्रदां शारदाम्॥2॥

Maa Saraswati Puja Vidhi: सरस्वती माता पूजन विधि 

  • बसंत पंचमी के दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें, पीले रंग के कपड़े शुभ माने जाते हैं।
  • पूजा के लिए साफ चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित करें और पास में कलश रखें।
  • प्रतिमा पर तिलक लगाएं और माला अर्पित करें।
  • पूजा की शुरुआत भगवान गणेश की वंदना से करें।
  • मां सरस्वती की प्रतिमा को स्नान कराकर उन्हें वस्त्र अर्पित करें।
  • देवी को कुमकुम, गुलाल, पीले फूल और माला चढ़ाएं।
  • भोग में पीले चावल, बूंदी के लड्डू, केसरिया खीर या हलवा अर्पित करें।
  • श्रद्धा से मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करें।
  • अंत में मां की आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
  • कई श्रद्धालु अगले दिन प्रतिमा का विधिपूर्वक विसर्जन करते हैं।

Basant Panchami 2026 Daan Snan Mahatv: बसंत पंचमी पर स्नान-दान का महत्व

  • बसंत पंचमी को हिंदू धर्म में अत्यंत पावन और शुभ पर्व माना गया है।
  • इस दिन गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान का विशेष धार्मिक महत्व होता है।
  • मान्यता है कि संगम में तीन डुबकी लगाकर स्नान करने से तन और मन की शुद्धि होती है।
  • स्नान के बाद देवी-देवताओं का ध्यान, मंत्र जाप और प्रार्थना करना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
  • ऐसा करने से माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में समृद्धि आती है।
  • बसंत पंचमी के दिन दान-पुण्य करना बहुत शुभ माना गया है।
  • विशेष रूप से शिक्षा से जुड़ी वस्तुओं का दान करने का महत्व बताया गया है।
  • जरूरतमंद विद्यार्थियों को कलम, कॉपी, किताबें या पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देना पुण्यकारी होता है।
  • मान्यता है कि इससे मां सरस्वती प्रसन्न होकर ज्ञान, सुख और सफलता का आशीर्वाद देती हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं।

Saraswati Puja Shubh Muhurat: सरस्वती पूजा मुहूर्त

सरस्वती पूजा के लिए अब केवल थोड़ा ही समय शेष रह गया है। शास्त्रों के अनुसार सरस्वती पूजा का सबसे उत्तम मुहूर्त प्रातः 7 बजकर 15 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक माना गया है। इस अबूझ घड़ी में मां सरस्वती की पूजा करना अत्यंत शुभ और फलदायी होता है, इसलिए श्रद्धालुओं को इस पावन समय में विधिपूर्वक पूजा अवश्य करनी चाहिए।

Saraswati Maa Aarti: सरस्वती माता की आरती

ओम जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासिनी, धृति मंगलकारी।
सोहे शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी॥ जय…

बाएँ कर में वीणा धरे, दाएँ कर माला।
शीश मुकुट मणि सोहे, गले मोतियन माला॥
देवी शरण जो आए, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया॥ जय…

विद्या दायिनी ज्ञान प्रदान कर, ज्ञान का दीप जलाओ।
भ्रम, अज्ञान और अंधकार, जग से दूर भगाओ॥
धूप, दीप, फल-मेवा, मां स्वीकार करो।
ज्ञान चक्षु दे माता, जग का उद्धार करो॥ जय…

मां सरस्वती की आरती, जो कोई जन गावे।
सुख, समृद्धि, विद्या, भक्ति सहज पावे॥ 
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥

जय जय सरस्वती माता।......

Saraswati Mantra Jaap: सरस्वती मंत्र जाप

सरस्वती वंदना
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥

सरस्वती प्रार्थना
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥

सरस्वती अष्टाक्षर मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महासरस्वत्यै नमः।

विद्या मंत्र
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।  
विद्यारूपे विशालाक्षि विद्यां देहि नमोऽस्तुते॥

सरस्वती गायत्री मंत्र
ॐ वाग्देव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि।
तन्नो देवी प्रचोदयात्॥

Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी पर विद्यारंभ

बसंत पंचमी का दिन हिंदू धर्म में कई शुभ अनुष्ठानों के लिए विशेष माना जाता है, जिनमें विद्या आरंभ संस्कार सबसे प्रमुख है। इस दिन छोटे बच्चों को औपचारिक रूप से शिक्षा की शुरुआत कराई जाती है। कला और संस्कृति से जुड़े लोग भी इस अवसर पर अपने गुरु से आशीर्वाद लेते हैं। मान्यता है कि इस दिन बच्चों को अक्षर-अभ्यास कराना मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ तरीका है, जिससे बच्चे तेज बुद्धि और विद्या में निपुण बनते हैं।

Basant Panchami 2026 Shloka: वसंत पंचमी पर विद्या प्राप्ति श्लोक

सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा॥

Basant Panchami 2026 Katha: बसंत पंचमी कथा

सृष्टि की शुरुआत में भगवान ब्रह्मा ने भगवान विष्णु की आज्ञा से मनुष्य की रचना की, लेकिन ब्रह्मा अपनी सृष्टि से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्हें ऐसा लगता था कि कहीं न कहीं कमी रह गई है, क्योंकि चारों ओर मौन और शून्यता का माहौल था। इस पर ब्रह्मा ने विष्णु से सलाह ली और अपने कमण्डल से जल छिड़का। जैसे ही जल पृथ्वी पर बिखरा, उसमें कंपन होने लगा और एक अद्भुत शक्ति का प्रकट होना शुरू हुआ। यह शक्ति एक सुंदर चतुर्भुजी देवी के रूप में प्रकट हुई। देवी के एक हाथ में वीणा थी, दूसरे हाथ में वर मुद्रा, जबकि शेष दो हाथों में पुस्तक और माला थीं। ब्राह्मण ने देवी से वीणा बजाने का अनुरोध किया। जैसे ही देवी ने वीणा बजाई, पूरी सृष्टि में मधुर ध्वनि फैल गई और जीव-जंतुओं को वाणी प्राप्त हुई। इसके बाद ब्रह्मा जी ने देवी का नाम सरस्वती, यानी वाणी की देवी, रखा। चूंकि मां सरस्वती की उत्पत्ति बसंत पंचमी के दिन हुई थी, इसलिए इस दिन को उनका जन्मदिन मानकर पूरे देश में बसंत पंचमी के रूप में मनाया जाता है।

Basant Panchami 2026 Puja Samagri: बसंत पंचमी पूजा सामग्री

  • मां सरस्वती की मूर्ति या तस्वीर आवश्यक है।
  • मूर्ति में मां वीणा धारण किए हुए और हंस पर विराजमान होनी चाहिए।
  • मूर्ति को सीधे जमीन पर न रखें, ऊंचे स्थान के लिए चौकी का उपयोग करें।
  • चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • मिट्टी का कलश (ब्रह्मांड का प्रतीक)
  • कलश में जल भरें और पूजा स्थल पर रखें।
  • कलश के मुख को आम के पत्तों से सजाएं।
  • कलश के ऊपर नारियल रखें (सुख-समृद्धि का प्रतीक)
  • कलश और नारियल को बांधने के लिए मौली का उपयोग करें।
  • पीला चंदन और केसर (मां को तिलक लगाने के लिए)
  • साबुत चावल, हल्दी में रंगकर अक्षत तैयार करें
  • हल्दी का उपयोग पवित्रता और ज्ञान के लिए
  • पीले गेंदे या सरसों के फूल (मां को प्रिय)
  • धूप और अगरबत्ती पूजा में जरूरी
  • घी का दीपक मां के सामने जलाएं
  • ली बूंदी या बेसन के लड्डू
  • केसर और मेवे डालकर बने मीठे चावल
  • बसंत पंचमी पर बेर का भी विशेष महत्व, इसे भोग में रखें

Basant Panchami 2026 Puja Vidhi: वसंत पंचमी 2026 पूजा विधि

  • मां सरस्वती को पुष्प, रोली, चंदन, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें।
  • माता के श्री चरणों में पुस्तक, कलम और वाद्य यंत्र रखकर प्रणाम करें।
  • मां सरस्वती को फल और नैवेद्य अर्पित करें।
  • इसके बाद स्तोत्र का पाठ करें या मंत्रों का जप करें:
  • "ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः" या "ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सरस्वत्यै नमः"
  • पूजा के अंत में मां सरस्वती की आरती अवश्य करें, क्योंकि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है।

सरस्वती पूजा के दौरान इन वस्तुओं का पूजन

  • पूजा के समय किताबें, कॉपी, पेन और वाद्य यंत्र माता के पास रखें।
  • इन वस्तुओं पर फूल और अक्षत अर्पित करें।
  • ऐसा करने से पढ़ाई और कला में सफलता मिलने की मान्यता है।
  • पूजा के बाद इन्हीं वस्तुओं से पढ़ाई या अभ्यास शुरू करना शुभ माना जाता है।

Saraswati Murti Ki Disha: मां सरस्वती की मूर्ति किस दिशा में रखें

  • मां सरस्वती की मूर्ति पूर्व दिशा में रखें। 
  • घर और मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
  • उत्तर-पूर्व दिशा में स्थापना करने से धन-संपत्ति और करियर में अवसर बढ़ते हैं।
  • उत्तर दिशा में मूर्ति रखने से सुख-समृद्धि बढ़ती है और घर का वातावरण सकारात्मक रहता है।
  • मूर्ति कमल के फूल पर बैठी हुई होनी चाहिए, यह एकाग्रता और ज्ञान का प्रतीक है।
  • चेहरे पर प्रसन्नता का भाव होना आवश्यक है।
  • दो हाथों में वीणा होनी चाहिए, जो संगीत, कला और बौद्धिक कौशल का प्रतीक है।
  • अन्य हाथों में पुस्तकें या शास्त्र होने चाहिए, जो शिक्षा और ज्ञान का महत्व दर्शाते हैं।

Basant Panchami 2026 Live: मां सरस्वती को प्रिय फूल

मां सरस्वती को सफेद और पीले रंग के फूल सबसे ज्यादा पसंद हैं, क्योंकि ये रंग ज्ञान, शुद्धता और सात्विकता का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए पूजा के दौरान आप उन्हें मोगरा, गंधराज, चांदनी, सदाबहार, अमरलीली, चंपा, लिली, रातरानी, या डेज़ी जैसे फूल अर्पित कर सकते हैं।

Basant Panchami 2026 Live: मां सरस्वती को चढ़ाए जाने वाले फल और प्रसाद

बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को प्रसाद के रूप में विभिन्न खाद्य पदार्थ और फल अर्पित किए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से बेर, गाजर, खिचड़ी, बूंदी, गुड़ वाले चावल और पंचामृत शामिल होते हैं। ये सभी पदार्थ मौसमी और सात्विक माने जाते हैं और माता को अर्पित करने से ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

Basant Panchami 2026 Live: सरस्वती पूजा पर पुस्तक पढना शुभ या अशुभ?

सरस्वती पूजा के दिन किताबें पढ़ना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन विद्या, ज्ञान और बुद्धि की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। लेकिन पूजा के समय किताबों को पढ़ने के बजाय माता के चरणों में रखकर पूजन करना अधिक उचित होता है। पूजा संपन्न होने के बाद इन किताबों से पढ़ाई, लेखन या अध्ययन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है और मां सरस्वती की कृपा बनी रहती है।

Basant Panchami 2026 Live: बसंत पंचमी पर दान करें ये वस्तुएं

  • पीले वस्त्र दान करना शुभ माना जाता है।
  • पीला चावल या पीली दाल दान करना उत्तम फल देता है।
  • गरीब बच्चों को किताबें, कॉपी और पेन देना मां सरस्वती को प्रसन्न करता है।
  • दूध, दही, घी और केसर वाली मिठाइयाँ दान करना भी शुभ माना जाता है।
  • ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराना विशेष पुण्यदायी होता है।

Basant Panchami 2026 Live: घर पर कैसे करें सरस्वती पूजा

  • पूजा स्थल पर चौकी रखें और उस पर पीला कपड़ा बिछाएं।
  • चौकी पर मां सरस्वती की मूर्ति या फोटो स्थापित करें।
  • चारों ओर गंगाजल छिड़कें और माता का स्नान कराएं।
  • संकल्प लें और संकल्प मंत्र पढ़ें:"मम सर्वविद्या-बुद्धि-विवेक-वाक्शुद्धि-सिद्ध्यर्थं श्रीसरस्वतीदेव्याः पूजनं करिष्ये"
  • सरस्वती मंत्र का जप करें और देवी का आवाहन करें।
  • माता को फूलों की माला, सिंदूर, अक्षत और श्रृंगार का सामान अर्पित करें।
  • माता के चरणों में गुलाल चढ़ाएं।
  • मां को वस्त्र पहनाकर विधिपूर्वक पूजा करें।
  • भोग (मिठाई, पकवान, फल) अर्पित करें।
  • कथा पढ़ें और आरती गाएं।

Basant Panchami Chalisa Path: बसंत पंचमी पर करें सरस्वती चालीसा का पाठ

॥ दोहा ॥

जनक जननि पद कमल रज,निज मस्तक पर धारि।बन्दौं मातु सरस्वती,बुद्धि बल दे दातारि॥
पूर्ण जगत में व्याप्त तव,महिमा अमित अनंतु।रामसागर के पाप को,मातु तुही अब हन्तु॥

॥ चौपाई ॥

जय श्री सकल बुद्धि बलरासी। जय सर्वज्ञ अमर अविनासी॥
जय जय जय वीणाकर धारी। करती सदा सुहंस सवारी॥
रूप चतुर्भुजधारी माता। सकल विश्व अन्दर विख्याता॥
जग में पाप बुद्धि जब होती। जबहि धर्म की फीकी ज्योती॥

तबहि मातु ले निज अवतारा। पाप हीन करती महि तारा॥
बाल्मीकि जी थे बहम ज्ञानी। तव प्रसाद जानै संसारा॥
रामायण जो रचे बनाई। आदि कवी की पदवी पाई॥
कालिदास जो भये विख्याता। तेरी कृपा दृष्टि से माता॥

तुलसी सूर आदि विद्धाना। भये और जो ज्ञानी नाना॥
तिन्हहिं न और रहेउ अवलम्बा। केवल कृपा आपकी अम्बा॥
करहु कृपा सोइ मातु भवानी। दुखित दीन निज दासहि जानी॥
पुत्र करै अपराध बहूता। तेहि न धरइ चित सुन्दर माता॥

राखु लाज जननी अब मेरी। विनय करूं बहु भाँति घनेरी॥
मैं अनाथ तेरी अवलंबा। कृपा करउ जय जय जगदंबा॥
मधु कैटभ जो अति बलवाना। बाहुयुद्ध विष्णू ते ठाना॥
समर हजार पांच में घोरा।फिर भी मुख उनसे नहिं मोरा॥

मातु सहाय भई तेहि काला। बुद्धि विपरीत करी खलहाला॥
तेहि ते मृत्यु भई खल केरी।पुरवहु मातु मनोरथ मेरी॥
चंड मुण्ड जो थे विख्याता।छण महुं संहारेउ तेहि माता॥
क्तबीज से समरथ पापी। सुर-मुनि हृदय धरा सब कांपी॥

काटेउ सिर जिम कदली खम्बा। बार बार बिनवउं जगदंबा॥
जग प्रसिद्ध जो शुंभ निशुंभा।छिन में बधे ताहि तू अम्बा॥
भरत-मातु बुधि फेरेउ जाई। रामचन्द्र बनवास कराई॥
एहि विधि रावन वध तुम कीन्हा। सुर नर मुनि सब कहुं सुख दीन्हा॥

को समरथ तव यश गुन गाना। निगम अनादि अनंत बखाना॥
विष्णु रूद्र अज सकहिं न मारी। जिनकी हो तुम रक्षाकारी॥
रक्त दन्तिका और शताक्षी। नाम अपार है दानव भक्षी॥
दुर्गम काज धरा पर कीन्हा। दुर्गा नाम सकल जग लीन्हा॥

दुर्ग आदि हरनी तू माता। कृपा करहु जब जब सुखदाता॥
नृप कोपित जो मारन चाहै। कानन में घेरे मृग नाहै॥
सागर मध्य पोत के भंगे। अति तूफान नहिं कोऊ संगे॥
भूत प्रेत बाधा या दुःख में।हो दरिद्र अथवा संकट में॥

नाम जपे मंगल सब होई। संशय इसमें करइ न कोई॥
पुत्रहीन जो आतुर भाई। सबै छांड़ि पूजें एहि माई॥
करै पाठ नित यह चालीसा। होय पुत्र सुन्दर गुण ईसा॥
धूपादिक नैवेद्य चढावै। संकट रहित अवश्य हो जावै॥

भक्ति मातु की करै हमेशा। निकट न आवै ताहि कलेशा॥
बंदी पाठ करें शत बारा। बंदी पाश दूर हो सारा॥
करहु कृपा भवमुक्ति भवानी। मो कहं दास सदा निज जानी॥

॥ दोहा ॥

माता सूरज कान्ति तव,अंधकार मम रूप। डूबन ते रक्षा करहु,परूं न मैं भव-कूप॥

बल बुद्धि विद्या देहुं मोहि,सुनहु सरस्वति मातु। अधम रामसागरहिं तुम,आश्रय देउ पुनातु॥

वसंत पंचमी पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम स्नान किया

प्रयागराज में माघ मेले के दौरान बसंत पंचमी स्नान पर्व पर शुक्रवार को दोपहर 12 बजे तक 2.10 करोड़ श्रद्धालुओं ने गंगा और संगम में डुबकी लगाई। मेला प्राधिकरण के अधिकारी के अनुसार, रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं का आगमन और स्नान जारी था, और बसंत पंचमी तक भारी संख्या में लोगों ने आस्था का प्रदर्शन किया।

 

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Basant Panchami 2026 Upay: वसंत पंचमी उपाय

  • प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें, मां सरस्वती के सामने दीपक जलाएं और मंत्र 21/51/108 बार जाप करें।  
  • नारियल, पीली चुनरी और कलावा अर्पित करें, इससे पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है।
  • मां सरस्वती को हल्दी का तिलक लगाकर पीले फूल, फल, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें।  
  • देवी के वैदिक मंत्रों का श्रद्धा से जाप करें, यह विद्या, बुद्धि और संपूर्ण सफलता दिलाता है।
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