गोविंदसिंह डोटासरा ने उठाए सवाल, निवेशकों की सुरक्षा पर दिया जोर
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंदसिंह डोटासरा ने सोशल मीडिया पर राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर सरकार पर तीखे सवाल उठाए हैं। उन्होंने समिट में शामिल होने वाले सभी निवेशकों का स्वागत करते हुए राज्य सरकार को शुभकामनाएं दीं।
डोटासरा ने कहा कि सरकार को सिर्फ एमओयू (MoU) साइन करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वास्तविक निवेश धरातल पर उतरे। उन्होंने जनता से पारदर्शिता की अपील करते हुए कहा कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि अब तक कितने निवेश धरातल पर उतरे हैं और इस समिट को आयोजित करने में कितना खर्च हुआ है।
कानून व्यवस्था पर चिंता
डोटासरा ने प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 12 महीनों में राज्य की कानून व्यवस्था पटरी से उतर गई है। यह सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रदेश में भयमुक्त माहौल और निवेशकों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाए। उन्होंने मांग की कि उद्योगपतियों और निवेशकों को अपराधियों से सुरक्षा प्रदान की जाए।
जनता को जानने का अधिकार
डोटासरा ने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि इस निवेश को लाने के लिए कितना खर्च हुआ और इससे प्रदेश को क्या लाभ होगा। उन्होंने यह भी अपेक्षा जताई कि सरकार निवेश की सच्चाई और इसके परिणामों को जनता के सामने रखेगी।
राज्य में 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनेंगे
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य में 9 ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनेंगे। ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों को बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश का अभूतपूर्व माहौल बना है। 35 लाख करोड़ से ज्यादा के MOU किये जा चुके हैं, राज्य की नई विकास यात्रा में सभी अपना साथ दें। इसके पहले प्रधानमंत्री ने रिमोट बटन दबाकर समिट का शुभारंभ किया। आज शाम 4 से 5 बजे समिट में केंद्रीय मंत्री गजेंद्रसिंह शेखावत का सेशन होगा।
प्लग-एंड-प्ले की जगह है राजस्थान, बोले आनंद महिंद्रा
महिंद्रा ग्रुप के आनंद महिंद्रा ने समिट में कहा कि राजस्थान के साथ हमारी कंपनी का इतिहास वास्तव में बहुत लंबा है। हम 2002 से जयपुर के पास ट्रैक्टर का निर्माण कर रहे हैं। महिंद्रा वर्ल्ड सिटी जयपुर विदेशी निवेशकों के लिए एक चुंबक साबित हुआ है। शुरुआत से ही 143 कंपनियों ने 7,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, 63,000 नौकरियां दी हैं और 23,000 करोड़ रुपये का निर्यात किया है। यह समिट उन सभी निवेशकों के लिए है जो राजस्थान आना चाहते हैं, चाहे विनिर्माण हो या सेवाएं, राजस्थान एक प्लग-एंड-प्ले स्थल है, जो आपको अपनी व्यावसायिक रणनीति को तुरंत आगे बढ़ाने की अनुमति देगा।
वायब्रेंट विलेज जैसे कार्यक्रमों से होगा राजस्थान को फायदा - प्रधानमंत्री
राजस्थान की विकास यात्रा में आज एक और अहम दिन है, देश और दुनिया से बडी संख्या में डेलीगेटृस यहां पधारे हैं। मैं राजस्थान की बीजेपी सरकार को इस शानदार आयोजन के लिए बधाई दूंगा, आज दुनिया का हर एक्सपर्ट भारत को लेकर बहुत उत्साहित है। बीते 10 सालों में भारत का एक्सपोर्ट, एडीआई भी दोगुना से ज्यादा हुआ है। डेमोग्राफी और डिजिटल पावर क्या होती है यह भारत को देखकर पता चलता है। डेमोक्रेटिक रहते हुए मानवता का कल्याण भारत का मूल चरित्र है। भारत के इन पुरातन संस्कारों को भारत की युवा शक्ति आगे बढ़ा रही है।
भारत की डेटा पावर के बारे में आप सभी जानते हैं कि सभी सेक्टरों में डेटा का कितना महत्व है। यह टेक और डेटा से चलने वाली सदी है। भारत ने दुनिया को डेमोक्रेसी, डेमोग्राफी और डेटा की ताकत को दिखाया है। उन्होंने कहा कि जब राजस्थान विकास की नई उंचाई पर पहुंचेगा तो देश को भी नई उंचाई मिलेगी।
आजादी के बाद सरकारों की प्राथमिता न देश का विकास था और न ही विरासत। राजस्थान इसका सबसे बड़ा नुकसान उठाना पड़ा लेकिन राजस्थान समय के साथ खुद को रिफाइन करना जानता है।
राजस्थान के लोगों ने यहां भारी बहुमत से बीजेपी की रिस्पॉन्सिव और रिफार्म की सरकार बनाई है। भजनलाल जी जिस उत्साह से राजस्थान के तेज विकास में जुटे हैं, वह प्रशंसनीय है। क्राइम और करप्शन को कंट्रोल करने में यहां की सरकार जो तत्परता दिखा रही है, वह प्रशंसनीय है।
पीएम मोदी ने कहा कि रोड से लेकर रेल तक राजस्थान के पास बहुत कुछ है। राजस्थान की एक और विशेषता है, यहां सीखने का गुण है। भारत के खनिज भंडार का बहुत बड़ा हिस्सा राजस्थान में है। राजस्थान दिल्ली और मुंबई जैसी दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ता है। राजस्थान निवेश के लिए बेहतरीन सेक्टर है। हम यहां मल्टी मॉडल लाजिस्टिक पार्क का विकास कर रहे हैं। एयर कार्गाो पोर्ट विकसित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने अनेक देशों के पर्यटकों को जो ई वीसा की सुविधा दी है, उससे यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ी है। भारत के वायब्रेंट विलेज जैसे कार्यक्रमों से भी राजस्थान को फायदा होगा। आज दुनिया को ऐसी अर्थव्यवस्था की जरूरत है, जो बडे़ से बडे़ संकट में भी मजबूती से चलता रहे। इसके लिए भारत में व्यापक मैन्यूफैक्चरिंग होना जरूरी है। भारत लो कॉस्ट मैन्यूफैक्चरिंग पर बल दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राजस्थान में भी ऑटोमेटिव और ऑटो कंपोनेंट का अच्छा बेस तैयार हो चुका है। मैं सभी निवेशकों से आग्रह करूंगा कि राजस्थान के मैन्यूपफैक्चरिंग सेक्टर को भी एक्सप्लोर करें। यहां एमएसएमई कॉनक्लेव होने जा रहा है। मुझे खुशी है कि राजस्थान में नई सरकार कुछ ही समय में नई एमएसएमई नीतियां लेकर आई है।
उन्होंने कहा कि हम आत्मनिर्भर भारत के नए सफर पर चल चुके हैं। इसका विजन और इंपेक्ट दोनों ग्लोबल है। केंद्र ने 5 करोड़ एमएसएमई को फार्मल इकोनोमी से जोड़ा है। इस क्षेत्र में राजस्थान टॉप 5 राज्यों में एक है और इन्वेस्टमेंट ग्रोथ के लिए सेक्टर और फेक्टर को एक साथ बढ़ावा दे रहे हैं।
टूरिज्म के क्षेत्र में है बड़ा स्कोप, बोले- पीएम मोदी
समिट के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि राजस्थान पर्यटन का केन्द्र है। ये दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में से एक है, जहां लोग शादी और जीवन के अन्य पलों को यादगार बनाने के लिए आते हैं। राजस्थान सरकार पर्यटन केन्द्रों को बहुत अच्छी कनेक्टिविटी से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत में 2014 से 2024 के बीच 7 करोड़ लोग पर्यटन के लिए आए हैं। भारत ने पर्यटकों को ई वीजा की सुविधा दी है, इससे विदेशी मेहमानों को मदद मिल रही है। समिट में मौजूद निवेशकों को इंगित करते हुए पीएम ने कहा- राजस्थान के पास सभी तरह का टूरिज्म बढ़ाने का स्कोप है। इसमें निवेश आपके बिजनेस को आगे बढ़ाएगा।
पीएम के दौरे के दौरान एनएसयूआई का विरोध, दो दर्जन से अधिक छात्र डिटेन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे से पहले छात्रों के विरोध प्रदर्शन की आशंका के चलते पुलिस ने अलसुबह कई छात्रों को उनके घरों से डिटेन किया। इनमें से अधिकांश छात्र भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं।
एनएसयूआई राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष विकास जाखड़ के घर पर भी पुलिस पहुंची और वहां पुलिस बल तैनात कर दिया। इसके साथ ही कई छात्र नेताओं को अलग-अलग थानों में डिटेन कर रखा गया है।
एनएसयूआई का विरोध और सोशल मीडिया पोस्ट
एनएसयूआई राजस्थान ने इस कार्रवाई की निंदा करते हुए अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक पोस्ट जारी की, जिसमें लिखा गया है कि "जब-जब तानाशाह डरता है, पुलिस को आगे करता है।"
एनएसयूआई ने अपनी पोस्ट में लिखा कि युवाओं को काले झंडे दिखाने के लिए गिरफ्तार करने की बजाय सरकार को रोजगार देने की चर्चा करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
पीएम मोदी का संबोधन
अडाणी ग्रुप ग्रीन एनर्जी में करेगा बड़ा निवेश
अडाणी पोर्ट के डायरेक्टर करन अडाणी ने कहा कि ये राजाओं की धरती है। पिछले एक दशक में पीएम की अगुवाई में भारत की जीडीपी दोगुना बढ़ी है। उन्होंने कहा कि हम राजस्थान में 7.5 लाख करोड़ रुपये निवेश करेंगे। इसमें बड़ा निवेश ग्रीन एनर्जी में होगा। हम यहां 4 नए सीमेंट प्लांट भी लगाएंगे और जयपुर एयरपोर्ट पर भी निवेश करेंगे।
वेदांता और बिड़ला ग्रुप का बड़े निवेश का प्लान
वेदांता समूह से चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि राजस्थान में खनिज सेक्टर में जबरदस्त संभावनाएं हैं। हमने एक लाख करोड़ रुपये का निवेश राजस्थान में किया है और हम प्रत्येक वर्ष दस हजार करोड़ रुपये राजस्थान सरकार को टैक्स दे रहे हैं। राजस्थान को लेकर हमारा CSR योजना प्लान भी है। नंदघर के जरिए हम बच्चों और महिलाओं के विकास के लिए काम कर रहे हैं। हमने राजस्थान से हार नहीं मानना सीखा है।
आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस मौके पर कहा कि मैं यहां मेहमान नहीं मेजबान के रूप में हूं। मेरे परिवार की शुरू की गई छोटी सी पाठशाला आज भारत का प्रमुख शिक्षण संस्थान है। हमारी जड़ यहां के पिलानी में है, यहां से शुरुआत करके हम 65 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था हो गए हैं। हम यहां 56 हजार करोड़ रुपये का निवेश सीमेंट व अन्य क्षेत्रों में करेंगे।
पिछले बजट के मुकाबले पूंजीगत व्यय 65% बढ़ाया है
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समिट के उद्धाटन सत्र में कहा कि हम 5 सालों में राज्य की अर्थव्यवस्था को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। ये समिट इस क्रम में एक महत्वपूर्ण कदम है। हमें आशा नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि ये समिट विकसित भारत और विकसित राजस्थान के सपने को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी। हमने राज्य बजट में पूंजीगत व्यय को पिछले बजट के मुकाबले 65% बढ़ाया है।
उन्होंने राजस्थान की आठ करोड़ जनता की तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद देते हुए कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में राजस्थान नए आयाम लिख रहा है।
पीएम ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर कलाकारों से बातचीत की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट, 2024 में लगाई गई विभिन्न प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और प्रदर्शनी में कलाकारों और शिल्पकारों से बातचीत की। एक्स पर अपनी पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा- 'राजस्थान अपने गतिशील लोगों के लिए जाना जाता है, जो अपार उद्यमशीलता की भावना से संपन्न हैं। राज्य में निवेश के कई अवसर हैं। मैं आज राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में भाग लेने के लिए उत्सुक हूं।'
राइजिंग राजस्थान समिट से राजस्थान को सुनहरे भविष्य की उम्मीद
राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान राज्य की विकास योजनाओं और निवेश संभावनाओं पर जोर दिया गया। इस समिट में उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा और मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने राजस्थान के विकास और निवेश के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि यह राजस्थान के लिए एक सुनहरा पल है। यहां निवेश की अपार संभावनाएं हैं और हर निवेशक में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। खासकर पर्यटन क्षेत्र में बड़ा निवेश आने वाला है, जिससे हर प्रकार का पर्यटन राजस्थान में तेजी से बढ़ेगा।
डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने राज्य की योजनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाने की बात करते हुए कहा, "राजस्थान सरकार ने पहले ही साल में निवेश के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए हैं। अपार संभावनाओं के कारण यहां निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इन योजनाओं को धरातल पर उतारकर राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया जाए।"
मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने समिट को राज्य के लिए "बड़े बदलाव की शुरुआत" बताते हुए कहा, "प्रधानमंत्री मोदी के आशीर्वाद और राजस्थान सरकार की ठोस योजनाओं के साथ हम लालफीताशाही को खत्म कर रेड कार्पेट बिछा चुके हैं। हमारा संकल्प है कि अगले चार साल में राजस्थान की अर्थव्यवस्था को 15 लाख करोड़ से बढ़ाकर 30 लाख करोड़ के पार ले जाया जाएगा। इस समिट में चर्चाओं और विशेषज्ञों की मदद से नई योजनाओं को अपनाया जाएगा ताकि राजस्थान तेज गति से विकास करे।"
देरी से पहुंचने पर 10 विधायकों को उद्घाटन सत्र में नहीं मिली एंट्री
'राइजिंग राजस्थान' के उद्घाटन सत्र में समय सीमा का पालन न करने के कारण 10 विधायकों को कार्यक्रम में एंट्री नहीं मिल पाई। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए समय पर पहुंचना अनिवार्य था।
सुरक्षा व्यवस्था के कड़े प्रोटोकॉल के चलते प्रधानमंत्री की स्पेशल सिक्योरिटी गार्ड यूनिट (एसएसजी) ने समय सीमा के बाद किसी भी व्यक्ति को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी। इस वजह से अलवर के विधायक बाबा बालक नाथ, जीवनराम चौधरी सहित अन्य कई विधायक सत्र में हिस्सा नहीं ले सके।
कार्यक्रम में सुरक्षा के साथ-साथ अनुशासन बनाए रखने के लिए इस तरह के प्रोटोकॉल लागू किए गए थे। आयोजन में समय की पाबंदी और सुरक्षा की सख्ती को लेकर यह घटना चर्चा का विषय बन गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी समिट स्थल पर पहुंचे। दस विधायकों को नहीं मिली एंट्री।
इसी बीच खबर है कि समिट स्थल जेईसीसी में एंट्री के लिए पहुंचे कई सांसदों, विधायकों और यहां तक की मीडिया को भी एसपीजी का हवाला देते हुए अंदर आने से मना कर दिया गया। अलवर से पहुंचे बाबा बालकनाथ और विधायक जीवाराम चौधरी को भी बाहर से ही वापस लौटना पड़ा।
समिट में 12 थीम आधारित सत्रों में महिला उद्यमिता, विनिर्माण, जल प्रबंधन और स्थिरता, सस्टेनेबल ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा, सस्टेनेबल माइनिंग, स्टार्टअप, शिक्षा, सस्टेनेबल वित्त, कृषि-व्यवसाय, पर्यटन और इन्फ्रास्ट्रक्चर और सप्लाई चेन के नाम शामिल हैं। ये सत्र आर्थिक विकास और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए नवाचार, स्थिरता और समावेशिता का लाभ उठाने हेतु राजस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा करेंगे।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर कहा कि राजस्थान में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट को लेकर सभी निवेशक उत्साहित हैं। ये राजस्थान के लिए सुनहरा पल है। उम्मीद है पर्यटन में खूब निवेश आएगा। राजस्थान में हर तरह का पर्यटन बढ़ता जा रहा है।
तीन दिवसीय इस इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान प्रतिभागी देशों और राजस्थान के बीच सहयोग और साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए कुल 8 देशों के लिए कंट्री सेशन्स और राउंड टेबल का आयोजन भी किया जाएगा। भाग लेने वाले 34 देशों में, 17 देश इन्वेस्टमेंट समिट के ‘पार्टनर कंट्री’ हैं, जिनमें डेनमार्क, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, मलेशिया, स्पेन, क्यूबा, वेनेजुएला, मोरक्को, अर्जेंटीना, ब्राजील, कोस्टा रिका, नेपाल, ओमान, पोलैंड और थाईलैंड शामिल हैं। बांकी देश, जो विभिन्न क्षमताओं में इस इन्वेस्टमेंट समिट में भाग ले रहे हैं, उनमें अमेरिका, यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मिस्र, फिनलैंड, रूस, सेशेल्स, चाड, इक्वाडोर, घाना, इराक, मेडागास्कर, पैराग्वे और जिम्बाब्वे शामिल हैं।
प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सहित अन्य गणमान्य नेता एयरपोर्ट पहुंच चुके हैं।
3 दिवसीय इस इन्वेस्टमेंट समिट में 32 देश भाग लेंगे, जिसमें 17 देश ‘पार्टनर कंट्री’ होंगे।
• इन्वेस्टमेंट समिट में भाग लेने वाले शीर्ष उद्योगपतियों श्री कुमार मंगलम बिड़ला, श्री अनिल अग्रवाल, श्री गौतम अडानी, श्री आनंद महिंद्रा, श्री संजीव पुरी, श्री अजय एस. श्रीराम, और राजनयिको में जापान के राजदूत श्री केइची ओएनओ शामिल हैं।
• जेईसीसी में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक गणमान्य व्यक्ति, कारोबार और व्यापार जगत के दिग्गज, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं, निवेशक, प्रतिनिधि और अन्य प्रतिभागी भाग लेंगे।
• ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट 2024 से पहले 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों के लिए एमओयू किये जा चुके हैं।
सीएम भजनलाल ने किया पोस्ट
ब्राजील के साथ कंट्री सेशन का होगा आयोजन
शाम 4 बजे से 5:30 बजे तक अलग-अलग विषयों और कंट्री सेशन का आयोजन होगा। हॉल C में एक स्थायी ऊर्जा अर्थव्यवस्था की ओर विशेष पर चर्चा, हॉल D में समावेशी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विविधताओं को अपनाने पर चर्चा, हॉल E में भविष्य के लिए टिकाऊ खनन पर चर्चा, हॉल F में डेनमार्क के साथ कंट्री सेशन, हॉल G में ब्राजील के साथ कंट्री सेशन का आयोजन होगा।