राजस्थान विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश में नेताओं के दल-बदल का सिलसिला जारी है। अब कोटा से आने वाले बीजेपी नेता अमीन पठान ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। पठान बीजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष रहने के साथ ही दरगाह और हज कमेटी के अध्यक्ष भी रहे हैं। आज पीसीसी में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, प्रभारी रंधावा ने कांग्रेस का दुपट्टा पहनाकर कांग्रेस की दिलाई सदस्यता।
राजस्थान का चुनावी रण भाजपा के लिए मुश्किल होता जा रहा है। इस बार पार्टी ने सत्ता वापसी के लिए कई नेताओं के टिकट काटकर केंद्रीय मंत्री और सांसदों को अपना उम्मीदवार बनाया है।
पार्टी के इस कदम से प्रदेश में बीजेपी खासे नाराज चल रहे हैं। टिकट बदलने की मांग को जयपुर-दिल्ली के चक्कर लगा रहे हैं। इतना ही नहीं जगह-जगह बीजेपी नेता प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बीच कुछ ने बागी होकर निर्दलीय नेता के रूप में चुनावी ताल ठोक दी है। इस बीच खबर मिल रही है कि बीजेपी नेता और हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अमीन पठान आज कांग्रेस ज्वाइन करने जा रहे हैं।
अमीन पठान राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के करीबी माने जाते हैं। वे राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार, कोटा के अमीन पठान कांमा विधानसभा सीट से टिकट की मांग कर रहे थे। मगर पार्टी ने उन्हें मौका नहीं दिया, जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का मन बना लिया है।
राजस्थान विधानसभा चुनाव में होम वोटिंग का पहला दिन
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाता तथा 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले मतदाता भारत निर्वाचन आयोग की पहल पर पहली बार घर से ही उत्साहपूर्वक मतदान कर रहे हैं। प्रदेश के 26 जिलों में मंगलवार से होम वोटिंग की शुरुआत हुई।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी प्रवीण गुप्ता ने बताया कि राजस्थान विधानसभा आम चुनाव 2023 के अंतर्गत प्रदेश में 80 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ मतदाता तथा दिव्यांग मतदाताओं को घर से ही मतदान करने की सुविधा का विकल्प दिया गया है। प्रदेश में मंगलवार को होम वोटिंग के पहले दिन 9,687 बुजुर्ग तथा 2,655 दिव्यांग मतदाताओं ने घर से मतदान करने की सुविधा का लाभ लिया है।
सात विधानसभा सीटों में से छह पर कांग्रेस ने मारी थी बाजी
साल 2018 विधानसभा चुनाव में यहां सात विधानसभा सीटों में से छह पर कांग्रेस ने बाजी मारी थी। जबकि बीजेपी के खाते में सिर्फ एक सीट आई थी। ऐसे में बीजेपी इस पर जोर-शोर से यहां बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए जुटी हुई है।