जनता में से अंजलि प्रिया ने पूछा कि हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस आएगी, यह कैसे?
पायलट ने कहा कि मैं आशावान हूं कि हरियाणा में ऐतिहासिक बहुमत हमें मिलेगा। जम्मू-कश्मीर में हमारा गठबंधन मजबूत है। वहां दस साल बाद चुनाव हो रहे हैं। मुझे विश्वास है कि मतगणना होगी तो हम ही जीतेंगे?
एक अन्य व्यक्ति ने पूछा- क्या देश में मंदिर बनना गलत है? हिंदुत्व के मुद्दों पर कांग्रेस चुप क्यों रहती है?
सचिन पायलट ने कहा कि हमारे देश के किसी भी नागरिक के साथ अगर गलत होता है तो हम उसके खिलाफ सख्ती के साथ खडे हैं। मंदिर का निर्माण हुआ, सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद। शांतिपूर्वक मंदिर निर्माण हुआ। हम खुश हैं। बिजली, सड़क, शिक्षा जैसे मुद्दों को पीछे छोड़कर कोई अपने मैनेफेस्टो में सिर्फ मंदिर की बात करें तो यह गलत है। मैं उसके खिलाफ हूं।
हरियाणा चुनावों के नतीजे किसकी लोकप्रियता तय करेंगे?
पायलट ने कहा कि जब पहले चुनाव जीतते थे तो श्रेय मोदी जी को जाता था। अब हारेंगे तब किसे श्रेय जाएगा? पहले हम हार जाते थे तब राहुल गांधी को हार का श्रेय देते थे। अब हरियाणा, महाराष्ट्र में हम जीतेंगे तो आप उसका श्रेय किसे देंगे। निश्चित तौर पर आप हार का जिम्मा देते हो तो जीत का श्रेय देना होगा।
क्या हरियाणा में आपकी सरकार बनेगी?
पायलट ने कहा कि पब्लिक के वोट को कभी भी नहीं समझना चाहिए कि वह मेरी जेब में है। जो मैं माहौल देख रहा हूं, ग्रामीण क्षेत्रों का फीडबैक, उस आधार पर कह सकता हूं। राजस्थान और हरियाणा का संबंध रोटी-बेटी का है।
यदि राजनीति में नहीं होते तो क्या होते?
पायलट ने कहा कि 2000 में मेरे पिता का निधन हुआ। मैं 2004 में राजनीति में आया। मैंने पहले नौकरी की। विलायत में पढ़ाई की। चार साल बाद मैंने तय किया कि मैं योगदान दे सकता हूं। मैं 22 साल में पार्टी में आ गया है। जो भी करता लेकिन पत्रकार तो मैं नहीं बनता।
2028 में क्या राजस्थान में सरकार बनाएंगे?
सचिन पायलट ने कहा कि यकीनन। जो मुख्यमंत्री बने हैं, उन्हें लोगों ने घेर रखा है। वह कुछ कर ही नहीं पा रहे हैं। 2028 में राजस्थान के साथ ही मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में कांग्रेस प्रचंड बहुमत से जीतकर आएगी।
क्या मुख्यमंत्री पायलट बनेंगे?
सचिन पायलट ने कहा कि अभी कुछ नहीं कह सकते। मैं इस पर कुछ नहीं कहना चाहता। चार साल है अभी।
क्या केंद्र की सरकार पांच साल पूरा करेगी?
सचिन पायलट ने कहा कि हम नहीं कह सकते। आपने बिहार और आंध्र प्रदेश के लोगों को झूठे वादे कर अपनी ओर खींचा है। मैं नहीं कहूंगा कि सरकार रहेगी या नहीं। अंतर्विरोध जो पार्टी के नेताओं में चल रहा है, वह सामने आएगा। यूपी में मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री में सुगबुगाहट है। नड्डा जी की जगह कोई अध्यक्ष ही नहीं मिल रहा है।
कांग्रेस का जिन राज्यों में भाजपा से सीधा मुकाबला है, वहां कांग्रेस के नतीजे बेहतर नहीं रहे। ऐसा क्यों?
पायलट ने कहा कि आप निराशावादी बात न करें। 2014 और 2019 के हालात सरहद पर थे, उन पर चुनाव हुए थे। लोग समझ गए कि भाषण ही भाषण है। कुछ होने वाला नहीं है। हर सीट पर मार्जिन घटा है। वोट प्रतिशत बढा है। उत्तर प्रदेश में सात सांसद जीतकर आए हैं। उत्तर भारत में हम मजबूत बन रहे हैं। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस सरकार बनाने वाली है। 2024 के चुनावों के बाद लोगों की मानसिकता बदली है। जब से राहुल नेता प्रतिपक्ष बने हैं, उससे सरकार भी हिली हुई है। चेहरे की रौनक अब उतर गई है। यह सशक्त विपक्ष है, उन्हें जवाब देना होगा। तीन-चार विधेयक वापस लेने पड़े। देश ने चुनकर भेजा है। जिन राज्यों में हम कमजोर हैं, वहां ताकतवर बनकर उभरेंगे।
कांग्रेस के युवा नेता आपको छोड़कर एक-एक कर पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। इसकी क्या वजह थी?
सचिन पायलट ने कहा कि राजनीति में रुठना इश्यू बेस्ड होता है। मैं व्यक्ति विशेष से रुठा था। मेरे नेता ने मेरी बात मानी। इस बार हम 72 जीतकर आए हैं। हमारे कहने पर काम हुआ और पार्टी को लाभ मिला। पेपर लीक, कार्यकर्ताओं को सम्मान न देने की बात करता हूं तो पार्टी को लाभ मिलता है। अन्य लोगों की बात करें तो कोई शुरुआत कहीं करता है और कहीं अंत करता है। मैंने शुरू भी पार्टी में किया है। अंत भी यहीं पर करूंगा। मैं 46 साल का हूं। बहुत कुछ मिला है। पद-पोस्ट वाले बहुत लोग हैं। 70-72 मंत्री हैं, लेकिन आप 25 का नाम बता दीजिए। जो लोग मेहनत करते हैं और मन जीतने का काम करते हैं, उन्हें लोग याद रखते हैं। पब्लिक ताकत होती है। कुर्सी-पद तो आते चले जाते हैं।
किसानों की मांग एमएसपी की गारंटी की है। कांग्रेस ने भी यह गारंटी नहीं दी है। क्या कांग्रेस गारंटी देगी?
सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस पहली पार्टी है, जिसने छत्तीसगढ़ में पहली बार एमएसपी पर कानूनी गारंटी बनाने की बात कही थी। दस साल से जो शासन में हैं, जिन किसानों की आमदनी दोगुनी करनी थी, उन्हें आंदोलन क्यों करना पडता है? जो लोग सत्ता में है, वह तो किसानों को आतंकवादी कहते हैं। हरियाणा किसानों की भूमि है। जो लोग देश का पेट पालते हैं, जब तक उन्हें आर्थिक समृद्धि नहीं देंगे तब तक कोई बात नहीं। आपको दस साल मौका मिला, लेकिन आपने क्या कर लिया?
कांग्रेस ही कांग्रेस को चुनाव हराती है। यहां क्या स्थिति है?
सचिन पायलट ने कहा कि हमारे नेताओं को पूरी आजादी है। हमारे यहां किसी विषय पर मतभेद हो सकते हैं। मनभेद नहीं है। आप जिनका नाम लेंगे, वह कांग्रेस के समर्पित कार्यकर्ता है। जीतेंगे तो मिलकर जीतेंगे। हमारे बहुत सारे नेता काबिल है। दर्जनभर नेता हैं। सबकी महत्वाकांक्षा होती है। सभी नेता, संगठन एकजुट है।
राजस्थान में आप नए चेहरों को आगे बढ़ाना चाहते थे। हरियाणा में क्या होगा?
पायलट ने कहा कि नए लोगों को मौका देंगे तो नई परंपरा कायम करना चाहते हैं। मैं तो हमेशा से युवाओं को मौका देने की बात करता हूं। मैं 26 साल की उम्र में संसद पहुंचा हूं तो मेरा दायित्व बनता है कि युवाओं को आगे बढाना चाहिए। नए काम करने के तरीकों को आगे लाना होगा। नए लोगों को मौका नहीं देंगे तो युवाओं की बात करने का क्या फायदा?
राहुल जी तो जातीय जनगणना की बात कर रहे हैं। यह विरोधाभास नहीं है?
सचिन पायलट ने कहा कि हमारे यहां जब प्रोग्राम बनाते हैं और पता ही नहीं कि किस तबके के कितने लोग हैं तो आप कैसे उनका भला करेंगे। पिछले 12-13 साल में गरीब-अमीर की खाई बढ़ गई है। खाई को दूर करने के लिए पैसा आवंटित करना होगा। नीति बनानी होगी। यदि आंकड़े नहीं होंगे तो नीति कैसे बनेगी। जातीय जनगणना होगी तो आंकडे सामने आएंगे। हम किसी के खिलाफ नहीं है। जो लोग पिछड़े हैं, जब तक वे मुख्य धारा में नहीं आएंगे, हम आगे कैसे बढ़ेंगे।
भाजपा को विपक्ष को दबाने की छूट नहीं है
पायलट ने कहा कि जनादेश स्पष्ट है। राजस्थान की बात करें तो 30 साल से पांच साल सरकार कांग्रेस की रहती है। पांच साल भाजप की रहती है। हम 72 सीटें जीती है। इससे पहले काफी कम सीटें थी। देश में जो वातावरण बना है, वह कांग्रेस के पक्ष में है। भाजपा को विपक्ष को दबाने की छूट नहीं है।
हरियाणा में चुनाव की तारीखें बदल दी हैं।
सचिन पायलट ने कहा कि विपक्ष पत्र लिखता तो तारीख नहीं बदलती। चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठा रहा। पर यह तो पहले से पता था। सरकार का पत्र जाते ही तारीखें बदल गई। यह तो जनता के सामने है।
हरियाणा में कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहेगा?
सचिन पायलट ने कहा कि आप किसी से भी पूछ लीजिए कि हरियाणा में माहौल कैसा है? भाजपा का कार्यकर्ता भी बताएगा कि कांग्रेस का माहौल है। दो-तिहाई बहुमत से कांग्रेस की सरकार बनने वाली है। हिंदू-मुसलमान, अयोध्या जैसे विषयों पर लोग गुमराह नहीं होने वाले। मनोहरलाल खट्टर अच्छा काम कर रहे थे, तो उन्हें क्यों हटाया? यूपी में योगी आदित्यनाथ को तो नहीं हटाया?
लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का आंकड़ा 99 पर अटक गया। क्या यह सफलता थी या कुछ और?
सचिन पायलट ने कहा कि मैं ऐसा मानता हूं कि जनादेश लोकतंत्र के जीवित और मतदाताओं के जागरुक होने का है। हम विपक्ष में थे। चुनाव लड़ रहे थे। नेताओं पर ईडी, इनकम टैक्स के छापे मारे। सबकुछ करने के बाद भी कांग्रेस की संख्या दोगुनी हुई है। एनडीए का आंकड़ा 294 है। विपक्ष 235 तक पहुंचा। प्री-पोल अलायंस ने जनता के बीच उम्मीद जगाने का प्रयास किया है। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस ने उत्तर भारत में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। हरियाणा में आधी सीटें कांग्रेस जीती है। राजस्थान में भाजपा 11 सीटें हारी है। सरकार बनाना न बनाना समीकरण का खेल है। कांग्रेस का प्रचार, लीडरशिप को स्वीकार किया है।
नायब सैनी ने कहा- हमारे कार्यकर्ता अनुशासित
गुरुग्राम में चल रहे संवाद में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि बगावत किस बात की? हमारा केंद्रीय नेतृत्व इसका ध्यान रखता है कि उन्हें किन पहलुओं को लेकर चर्चा करनी है। हमारे सभी कार्यकर्ता अनुशासित हैं जो भी निर्णय आएगा हम उसे स्वीकार करेंगे।
नायब सैनी बता रहे हैं अपनी सरकार की उपलब्धियां
कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी सशक्त हरियाणा पर अपनी सरकार की उपलब्धियों के साथ अपना विजन सामने रख रहे हैं। दूसरे दिन का कार्यक्रम मंगलवार को नई दिल्ली में होगा। इनमें ऑन स्पॉट पंजीकरण भी कराया जा सकता है। दो दिवसीय महामंथन के अलग-अलग सत्रों में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, फिल्म अभिनेत्री कंगना रनौतमोटिवेशनल स्पीकर नित्यानंद चरण दास, शिक्षाविद व सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार और स्टैंडअप कॉमेडियन सुमेध शिंदे विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे।
मुख्यमंत्री पद का दावेदार माना जाता है पायलट को
सचिन पायलट को एक युवा और गतिशील नेता माना जाता है, जिनके पास आधुनिक दृष्टिकोण है। वह किसानों, युवाओं और दलितों के मुद्दों पर मुखर रहे हैं। सचिन पायलट को भारतीय राजनीति के भविष्य के संभावित नेताओं में से एक माना जाता है। उनके समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में देखते हैं। सचिन पायलट का करियर भारतीय राजनीति में युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके राजनीतिक जीवन में आने वाली चुनौतियां उन्हें और भी परिपक्व नेता के रूप में सामने लाती हैं।
2018 में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बने थे पायलट
सचिन पायलट का जन्म 7 सितंबर 1977 को हुआ था। सचिन के पिता राजेश पायलट कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। उनके पिता, राजेश पायलट, कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री थे। उनकी मां का नाम रमा पायलट है। सचिन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में पूरी की और बाद में दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका स्थित पेंसिलवानिया विश्वविद्यालय के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री भी हासिल की। 2004 में अपने पिता को खोने के बाद सचिन ने राजनीति में कदम रखा। दौसा सीट से लोकसभा गए। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में अजमेर से चुनाव जीते और यूपीए सरकार में राज्यमंत्री भी रहे। 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद उन्हें राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। उनके नेतृत्व में पार्टी ने 2018 के विधानसभा चुनाव में वापसी की। वे राजस्थान के उपमुख्यमंत्री बने। कांग्रेस पार्टी के आंतरिक विवादों की वजह से 14 जुलाई 2020 को उन्हें उप मुख्यमंत्री और राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाया गया था। 2020 में पायलट और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच आंतरिक कलह हुई। इससे पार्टी के भीतर कुछ समय के लिए संकट उत्पन्न हो गया था।