शाम 6 बजे तक 80.32 फीसदी मतदान
अंता में शाम 6 बजे तक 80.32 फीसदी मतदान हुआ है, कुल 227264 में से 183171 वोट पड़े।
शाम 5 बजे तक 77.17 फीसदी मतदान
अंता में शाम 5 बजे तक 77.17 फीसदी मतदान हुआ है। 2023 के विधानसभा चुनाव में वोटिंग का प्रतिशत 80.3 था।
दोपहर 3 बजे तक 64.68 फीसदी मतदान
अंता में मतदान का प्रतिशत लगातार बढ़ता जा रहा है। दोपहर तीन बजे तक 64.68 फीसदी मतदान हो चुका है। मतदान केन्द्रों के बाहर लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि इस बार अंता उपचुनाव में रिकार्ड मतदान होगा
बैरवा को अंता उपचुनाव में भाजपा की जीत पर भरोसा
राजस्थान के उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि जनता में भारतीय जनता पार्टी के प्रति गहरा विश्वास कायम है। भाजपा ही विकास की राह दिखाती है। बैरवा ने कहा कि अंता उपचुनाव में भाजपा का प्रत्याशी निश्चित रूप से विजयी होगा, वहीं बिहार में भी एनडीए सरकार दोबारा बनने जा रही है।
दोपहर एक बजे तक 47.77 फीसदी मतदान
अंता विधानसभा उपचुनाव में दोपहर एक बजे तक 47.77 प्रतिशत मतदान हो चुका है। अभी मतदान में चार घंटे से ज्यादा का समय बाकी है। ऐसी स्थिति में मतदान का प्रतिशत पिछले चुनाव से ज्यादा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
बुजुर्ग और दिव्यांग भी पहुंच रहे मतदान करने
अंता उपचुनाव में एक तरफ महिलाएं बड़ी संख्या में मतदान करने के लिए मतदान केन्द्रों पर पहुंची हैं। वहीं दूसरी तरफ बुजुर्गों की रुचि देखी जा रही है। बुजुर्गों के लिए केन्द्रों पर खास इंतजाम किए गए हैं ।
इस बार भी बन सकता है रिकार्ड
अंता उपचुनाव में मतदाताओं की लंबी लाइनें मतदान केन्द्रों पर देखी जा रही है। यहां पर 2023 में कुल वोटिंग 80.3 प्रतिशत हुई थी। यहां 11 बजे तक 28.74 प्रतिशत वोटिंग हो चुकी थी। इस हिसाब से अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार भी मतदान का रिकार्ड अंता में बन सकता है।
बूथ संख्या 209 पर वीवीपैट मशीन खराब
अंता के गांव साकली में मतदाताओं ने मतदान करने से मना कर दिया। इसके बाद आधिकारी उनको समझा रहे हैं । इसके अलावा बूथ संख्या 209 पर वीवीपैट मशीन खराब होने की बात सामने आई है। इसकी वजह से मतदान करीब 20 मिनट तक रूका रहा।
बलूंदा गांव के मतदान केंद्र 84 पर वोटिंग मशीन खराब
अंता विधानसभा क्षेत्र के मांगरोल एरिया के बलूंदा गांव में मतदान केंद्र 84 पर 184 वोट डालने के बाद मशीन में तकनीकी खराबी आ गई। इसकी वजह से मतदान रुका रहा। लोग वोट डालने के लिए कतार में लगे रहे। वहीं कर्मचारी पहले मशीन को सही करवाने में जुटे हुए थे लेकिन बाद में नई मशीन मंगवाई गई। इसके बाद मतदान फिर से शुरू हुआ।
पिछले विधानसभा चुनाव में अंता में कुल 176064 वोट डाले गए थे। इस दौरान कुल वोटिंग प्रतिशत 80.3 प्रतिशत रहा था। यह सीट पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को कोर्ट से सजा सुनाए जाने के बाद खाली हुई थी। कंवरलाल को 20 साल पुराने एक मामले में राजस्थान हाईकोर्ट से सजा मिलने के बाद विधानसभा ने मई 2025 में उनकी सदस्यता रद्द कर दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला
2013 में ‘लिली थॉमस बनाम भारत संघ’ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो वह स्वत: अयोग्य हो जाएगा। इससे पहले दोषसिद्ध जनप्रतिनिधियों को अपील के लिए तीन महीने का समय मिलता था और वे तब तक पद पर बने रह सकते थे।
अंता विधानसभा उपचुनाव में 736 मतदाता वाले साकली गांव से चुनाव बहिष्कार की खबर सामने आ रही है। यहां लोगों ने उपचुनाव का बहिष्कार कर दिया है। लोगों को समझाने के लिए प्रशासन की एक टीम साकली गांव पहुंची हुई है।
अंता विधानसभा उपचुनाव में मतदान से पहले भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुमन ने अपने गांव तिसाया पहुंचे और मंदिर में पूजा-अर्चना की। इस बार अंता में चुनावी नतीजों को लेकर बहुत कंफ्यूजन है। जिस तहर प्रत्याशी प्रचार में भीड़ जुटा रहे हैं, उसे देखते हुए यह दावा नहीं किया जा सकता कि किसका पलड़ा भारी रहेगा। बीजेपी ने प्रचार के दौरान अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, सांसद दुष्यंत सिंह और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ समेत कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय नेता मैदान में उतरे। दूसरी ओर, कांग्रेस ने गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली, सचिन पायलट और अशोक गहलोत जैसे नेताओं को प्रचार में लगाया।
अंता उपचुनाव में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है। बीजेपी ने मोरपाल सुमन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रमोद जैन भाया मैदान में हैं। वहीं निर्दलीय नरेश मीणा को आरएलपी और आम आदमी पार्टी का समर्थन प्राप्त है। तीनों उम्मीदवारों ने शनिवार को अंतिम दिन तक रोड शो और जनसंपर्क किया।
भाजपा प्रत्याशी मोरपाल सुबह-सुबह ही अपना वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचे। प्रत्येक मतदान केन्द्र पर मोबाइल फोन जमा करने के लिए जूट बैग उपलब्ध कराए गए हैं और प्रत्येक केंद्र पर दो वॉलंटियर तैनात किए गए हैं।
ईवीएम बैलेट पेपर पर अभ्यर्थियों की रंगीन फोटो अंकित की गई है, ताकि मतदाताओं को पहचान में आसानी हो। मतदान केन्द्र से 100 मीटर की दूरी तक राजनीतिक प्रचार पर रोक रहेगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सभी दलों, प्रत्याशियों व एजेंटों को इसकी सूचना दे दी गई है।